सेक्स ज़्यादातर लोगों की ज़िंदगी का एक सामान्य और ज़रूरी हिस्सा है। लेकिन क्या हम सच में जानते हैं कि ये हमारी सेहत पर कैसा असर डालता है? ज़्यादातर लोग इसे सिर्फ़ दो लोगों के बीच की एक एक्टिविटी मानते हैं, लेकिन इसकी अहमियत इससे कहीं ज़्यादा है। ये हमारे शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और लंबी उम्र से भी जुड़ा हुआ है। हाँ, अगर इसे समझदारी और ज़िम्मेदारी से न किया जाए तो कुछ नुकसान भी हो सकते हैं।
इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे कि सेक्स शरीर और दिमाग़ के लिए कैसे फायदेमंद है, इसमें कौन से जोखिम हो सकते हैं, कितनी बार सेक्स करना सही माना जाता है और इसे सुरक्षित रखने के कौन से तरीके हैं।
- सेक्स क्या है?
- सेक्स के फायदे
- रिसर्च क्या कहती हैं?
- सेक्स के जोखिम
- सुरक्षित और स्वस्थ सेक्स के टिप्स
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सारांश
सेक्स क्या है?
सेक्स सिर्फ़ एक शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह दो लोगों के बीच प्यार, भावनात्मक जुड़ाव और सुख का खास अनुभव होता है। कभी-कभी यह प्रजनन यानी बच्चा पैदा करने की प्रक्रिया से भी जुड़ा होता है। सेक्स वह एक्टिविटी है जिसमें पुरुष का स्पर्म महिला के डिंब तक पहुँचता है और गर्भधारण हो सकता है। लेकिन असल मायने में सेक्स केवल यही नहीं, बल्कि इसमें छूना, चूमना, ओरल सेक्स और दूसरी सहमति से की गई अंतरंग गतिविधियाँ भी शामिल होती हैं।
रिश्तों में सेक्स की बहुत अहमियत होती है। यह दो लोगों के बीच प्यार और विश्वास को गहरा करता है, साथ ही मानसिक सुकून भी देता है। सेक्स के दौरान शरीर में कई नेचुरल बदलाव आते हैं दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है, खुशी देने वाले हार्मोन निकलते हैं और दिमाग़ को भी आनंद का एहसास होता है। इससे शारीरिक और मानसिक सेहत दोनों पर अच्छा असर पड़ता है।
एक स्वस्थ सेक्स संबंध हमेशा आपसी सहमति, सम्मान और सुरक्षा पर आधारित होना चाहिए। हर इंसान की पसंद और सहजता अलग होती है, इसलिए पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करना बेहद ज़रूरी है।
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सेक्स के फायदे
सेक्स के निम्न फायदे हैं -
सेक्स के शारीरिक फायदे
दिल की सेहत को सपोर्ट करता है
नियमित सेक्स का सबसे बड़ा फायदा है दिल की सेहत पर पॉजिटिव असर होता है। यह हल्की कसरत जैसा असर डालता है, जिससे रक्त प्रवाह सुधरता है और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम मज़बूत होता है। कुछ शोध बताते हैं कि यह ब्लड प्रेशर को भी संतुलित रखने में मदद करता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
शरीर की इम्यूनिटी जितनी मज़बूत होगी, बीमारियों से बचाव उतना ही अच्छा होगा। रिसर्च से पता चला है कि जो लोग हफ़्ते में एक-दो बार सेक्स करते हैं, उनके शरीर में संक्रमण से लड़ने वाले एंटीबॉडीज़ का स्तर ज़्यादा होता है।
नींद में सुधार करता है
ऑर्गेज़्म के बाद शरीर में ऑक्सीटोसिन और प्रोलैक्टिन जैसे हार्मोन निकलते हैं, जो रिलैक्सेशन और नींद को बढ़ावा देते हैं। इस वजह से लोग जल्दी और गहरी नींद ले पाते हैं।
दर्द से राहत देता है
सेक्स के दौरान निकलने वाले एंडॉर्फिन्स शरीर को नेचुरल पेनकिलर की तरह आराम देते हैं। सिरदर्द, पीरियड क्रैम्प्स या मांसपेशियों के तनाव में इससे राहत मिल सकती है।
प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम कर सकता है
शोध से पता चला है कि जो पुरुष बार-बार इजेकुलेशन करते हैं वो भी सेक्स या हस्तमैथुन, उनमें आगे चलकर प्रोस्टेट कैंसर का ख़तरा कम हो सकता है।
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सेक्स के मानसिक और भावनात्मक फायदे
तनाव कम करता है
सेक्स के दौरान शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर घटता है और एंडॉर्फिन्स निकलते हैं, जिससे मूड बेहतर होता है और मन शांत होता है।
मूड सुधारता है
सेक्स डोपामाइन को रिलीज़ करता है, जो “प्लेज़र हार्मोन” कहलाता है। यह संतुष्टि, मोटिवेशन और खुशी की भावना लाता है।
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रिश्तों में सेक्स के फायदे
भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाता है
सेक्स के दौरान ऑक्सीटोसिन निकलता है, जिसे “लव हार्मोन” भी कहा जाता है। यह आपसी विश्वास और नज़दीकी को मजबूत करता है।
बातचीत बेहतर करता है
स्वस्थ यौन जीवन वाले जोड़े अक्सर अपनी ज़रूरतों और भावनाओं पर खुलकर बातचीत कर पाते हैं। यह रिश्ते की बाकी समस्याओं को भी हल करने में मदद करता है।
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रिसर्च क्या कहती हैं?
रिसर्च के मुताबिक़ एक्टिव यौन जीवन वाले लोगों की दिल की सेहत बेहतर होती है और हार्ट डिज़ीज़ का ख़तरा कम होता है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि सप्ताह में एक-दो बार सेक्स करने वाले लोगों की इम्यूनिटी ज़्यादा मज़बूत होती है और उनकी उम्र लंबी हो सकती है।
पुरुषों में बार-बार स्खलन प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम घटा सकता है। वहीं, महिलाओं में नियमित सेक्स कम मृत्यु दर से जुड़ा पाया गया है। ऑर्गेज़्म नेचुरल पेन रिलीवर की तरह काम करता है और बेहतर नींद में मदद करता है।
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सेक्स के जोखिम
यौन संचारित रोग (STIs)
अनप्रोटेक्टेड सेक्स से HIV, क्लैमाइडिया, गोनोरिया, हर्पीस और HPV जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं। बचाव के लिए कंडोम का इस्तेमाल और नियमित जांच बहुत ज़रूरी है।
जोखिम भरे यौन व्यवहार
बहुत कम उम्र में सेक्स शुरू करना, बिना सुरक्षा कई पार्टनर्स रखना, नशे में या अनप्रोटेक्टेड एनल सेक्स करना संक्रमण और चोट का खतरा बढ़ाता है।
दिल के मरीजों में खतरा
दिल की बीमारियों वाले लोगों को हाई-इंटेंसिटी सेक्स करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
कितनी बार सेक्स करना स्वस्थ है?
इसका कोई तय नियम नहीं है। यह उम्र, स्वास्थ्य, रिश्ते की संतुष्टि और व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। फिर भी, शोध बताते हैं कि हफ़्ते में एक बार सेक्स करना दिल की सेहत, तनाव और इमोशनल संतुलन के लिए बेहतर हो सकता है।
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सुरक्षित और स्वस्थ सेक्स के टिप्स
- हमेशा प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करें।
- पार्टनर से खुलकर बातचीत करें।
- नियमित हेल्थ चेकअप और यौन स्वास्थ्य जांच कराएँ।
- संतुलित आहार, व्यायाम और नींद पर ध्यान दें।
- किसी भी मेडिकल समस्या पर डॉक्टर की सलाह लें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आपके सवालों के जवाब यहाँ पाएं।
1. क्या सेक्स सच में मेरी सेहत सुधार सकता है?
हाँ, नियमित और सुरक्षित सेक्स शारीरिक व मानसिक सेहत को सपोर्ट करता है, लेकिन यह स्वस्थ जीवनशैली का विकल्प नहीं है।
2. सेक्स के दौरान संक्रमण का खतरा कैसे कम करें?
कंडोम का इस्तेमाल करें, पार्टनर्स की संख्या सीमित रखें और नियमित जांच कराएँ।
3. क्या दिल के मरीजों के लिए सेक्स सुरक्षित है?
अधिकतर मामलों में हाँ, लेकिन गंभीर हार्ट कंडीशन वाले लोगों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
सारांश
सेक्स ज़िंदगी का एक सुंदर हिस्सा है, जो सिर्फ़ सुख नहीं देता बल्कि दिल की सेहत, इम्यूनिटी, नींद, तनाव और भावनात्मक जुड़ाव में भी मदद करता है। लेकिन इसके साथ ही जोखिम जैसे संक्रमण और शारीरिक दबाव को समझना भी ज़रूरी है।
सबसे अच्छा यौन जीवन वही है जिसमें आनंद, सुरक्षा, आपसी सम्मान और खुला संवाद संतुलित हों। सही जानकारी और समझदारी से लिए गए निर्णय आपको सेक्स के फ़ायदे उठाने और अपनी सेहत को सुरक्षित रखने में मदद करेंगे।
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यौन रोग के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Zeeshan Khan
सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव
Dr. Nizamuddin
सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव
Dr. Tahir
सेक्सोलोजी
20 वर्षों का अनुभव
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