प्रभावी ढंग से फैट बर्न करने और पोजीशन में सुधार करने के लिए यह व्यायाम बहुत ही फायदेमंद है। इसलिए आज हम आपको "रिवर्स प्लैंक" व्यायाम के बारे में बताने जा रहे हैं जो अभी तक रेगुलर प्लैंक के जितना लोकप्रिय नहीं है लेकिन फैट बर्न करने में बहुत ही उपयोगी है।
रिवर्स प्लैंक करने की विधि
- फर्श पर बैठें और अपने पैरों को अपने सामने की ओर खीचें। अपने हाथों को फर्श पर रख दीजिए, और अपनी अँगुलियों को अधिकतम समर्थन के लिए फैलाएं।
- फर्श पर 45 डिग्री से आगे की ओर झुकें। अपने हाथों को अपने नितम्बों के पीछे रखें ताकि आपकी बाजू आपके कंधे से सीधी रेखा बना सके।
- अपना वजन अपने हाथों और एड़ी पर लाएँ और अपने नितंबों को ऊपर की ओर पुश करें।
- अपने धड़, पैर और नितंबों को लिफ्ट करें जब तक वे एक सीधी रेखा नहीं बनाते हैं।
- अपने पेट की मांसपेशियों में खिंचाव लाएँ और अपने पेट को खींचें जब आपका धड़ ऊपर की ओर जा रहा हो।
- इस स्थिति में 15-60 सेकंड तक रहें।
- धीरे-धीरे फर्श पर वापिस आ जाएँ।
रिवर्स प्लैंक करने के फायदे
- नियमित प्लैंक की तुलना में रिवर्स प्लैंक आपकी टांगों और हिप्स को फिट करने में ज़्यादा असरदार है।
- जब आप प्लैंक करते हैं तो कैलोरी गतिशील व्यायाम से अधिक तेज़ी से बर्न होती है। यह देखा गया है कि इस प्लैंक के अभ्यास करने वाले अधिकांश लोगों को मेटाबोलिज्म की कोई समस्या नहीं है।
- रिवर्स प्लैंक आपकी पोजीशन में सुधार की गारंटी देता है क्योंकि इनमें आप उन मांसपेशियों का उपयोग करते हैं जो आपकी पीठ सीधी रखने में मदद करते हैं। ऑफिस में काम करने वालो के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
- हफ्ते में कम से कम 3-4 बार रिवर्स प्लैंक करें, इससे आप पीठ दर्द और ऐंठन से छुटकारा पायेंगे। दोनों रिवर्स और रेगुलर प्लैंक मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए प्रभावी ढंग से काम करते हैं।
- यह ज़रूरी है कि आप अपना पेल्विस (श्रोणि) नीचे न करें और अपने सिर को पीछे की ओर न ले जाएँ। रिवर्स प्लैन्क आपकी बाहों, पेट और पैरों को मजबूत करता है और आपके कंधे की मांसपेशियों को भी स्ट्रेच करता है।



