खून में यूरिक एसिड की अधिक मात्रा होने से गठिया रोग होता है। भोजन में शामिल खाद्य पदार्थों के कारण जब शरीर में यूरिक एसिड अधिक मात्रा में बनता है, तब गुर्दे उन्हें खत्म नही कर पाते और शरीर के अलग-अलग जोड़ों में यूरेट क्रिस्टल जमा हो जाता है। और इसी वजह से जोड़ों में सूजन आने लगती है तथा उस सूजन में दर्द होता है। आज के समय में गठिया के मरीजो की संख्या तेज़ी से बढ़ती जा रही है। गठिया 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों में आम है। लेकिन आज के समय में यह सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है। गठिया एक ऐसा रोग है जिसके दर्द के कारण हम रातों को अच्छी तरह सो नहीं पाते, हमे काम करने में भी परेशानी होती है। आज हम आप को गठिया से आराम दिलाने के लिए कुछ जूस रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं।
- गठिया के लिए तुलसी जूस के फायदे - Basil juice in Hindi
- गठिया के लिए पालक और संतरे का जूस के फायदे - Spinach and orange juice in Hindi
- गठिया के लिए ब्लूबेरी, किवी फल और स्ट्राबेरी का जूस के फायदे - Blueberry, kiwi fruit and strawberry juice in Hindi
- गठिया के लिए लाल पत्ता गोभी, पालक और सेब का जूस के फायदे - Red Leaf cabbage, spinach and apple juice in Hindi
- गठिया के लिए कच्ची हल्दी का जूस के फायदे - Raw turmeric juice in Hindi
- सारांश
गठिया के लिए तुलसी जूस के फायदे - Basil juice in Hindi
तुलसी, ब्लूबेरी और तरबूज मिश्रित जूस गठिया में बहुत ही लाभदायक हैं।
तुलसी का जूस बनाने की सामग्री -
- बीस तुलसी के पत्ते
- डेढ़ कप ब्लूबेरी
- आधा नींबू
- एक चुटकी लाल मिर्च
- पांच कप तरबूज
तुलसी का जूस बनाने की विधि -
- सबसे पहले आप तुलसी के पत्तों को धो लें। अब तुलसी के पत्ते, ब्लूबेरी, तरबूज और लाल मिर्च को मिक्सर में डाल कर जूस बना लें।
- अब जूस को किसी साफ गिलाश में निकल कर नीबू डाले और मिला लें।
- अब आप तुलसी मिश्रित जूस का मज़ा लें।
गठिया के लिए पालक और संतरे का जूस के फायदे - Spinach and orange juice in Hindi
पालक और संतरे का जूस शरीर के किसी भी प्रकार के दर्द को जल्दी ही गायब कर देता है। गठिया के रोगी के लिए पालक और संतरे का जूस बहुत ही लाभकारी है। पालक और संतरे दोनों में विटामिन C पाया जाता है। इसके उपयोग से गठिया के सूजन में कमी और दर्द से निजात मिलता है।
पालक और संतरे का जूस बनाने की सामग्री -
- तीन सेब
- चार अजवाइन के डंठल
- एक चौथाई इंच अदरक
- एक नींबू
- एक संतरा
- पांच मुट्ठी पालक
पालक और संतरे का जूस बनाने की विधि -
- सब से पहले आप पालक को अच्छी तरह दो से तीन बार साफ पानी में धो लें। अब सेब, अजवाइन के डंठल, अदरक, संतरा, पालक सब का जूसर में जूस निकल लें।
- अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल कर नींबू का रास डालें और मिला लें।
- अगर आप चाहें हो जूस में काला नमक अपने स्वाद अनुसार मिला सकते हैं।
- अब आप पालक और संतरा मिश्रित जूस का मज़ा लें। यह आप को गठिया के दर्द से फायदा दिलाएगा।
गठिया के लिए ब्लूबेरी, किवी फल और स्ट्राबेरी का जूस के फायदे - Blueberry, kiwi fruit and strawberry juice in Hindi
ब्लूबेरी, किवी फल और स्ट्राबेरी का जूस गठिया के रोगियों के लिए बहुत ही लाभदायक है। किवी फल में विटामिन C की मात्रा होती है। ब्लूबेरी और किवी फल में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। स्ट्राबेरी में फ्लैवोनॉइड्स पाया जाता है जो सूजन को दूर करता है और गठिया के दर्द से निजात दिलाता है। इस जूस का उपयोग गठिया रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है।
ब्लूबेरी, किवी फल और स्ट्राबेरी का जूस बनाने की सामग्री -
- एक कप ब्लूबेरी
- दो कप किवी फल
- तीस पुदीना के पत्ते
- एक कप स्ट्राबेरी
ब्लूबेरी, किवी फल और स्ट्राबेरी का जूस बनाने की विधि -
- ब्लूबेरी, किवी फल, पुदीना के पत्ते और स्ट्राबेरी को मिक्सर में डाल कर अच्छी तरह जूस बना लें।
- अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल लें।
- अब आप ब्लूबेरी, किवी फल और स्ट्राबेरी मिश्रित जूस का मज़ा लें। यह आप को गठिया के सूजन और दर्द से फायदा दिलाएगा।
- इस जूस का उपयोग आप कभी भी कर सकतें हैं।
गठिया के लिए लाल पत्ता गोभी, पालक और सेब का जूस के फायदे - Red Leaf cabbage, spinach and apple juice in Hindi
लाल पत्ता गोभी मिश्रित जूस गठिया रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। यह गठिया रोग के सूजन और दर्द से बहुत जल्दी निजात दिलाता है। इस जूस में वो सरे तत्व मौजूद है जो गठिया से होने वाली सारी तकलीफ को दूर करते हैं। और आप को चुस्त और तंदरुस्त बनाता हैं।
लाल पत्ता गोभी, पालक और सेब का जूस बनाने की सामग्री -
- दो सेब
- दो लाल गोभी
- चार गाजर
- आधा इंच अदरक
- एक नींबू
- चार मुट्ठी पालक
लाल पत्ता गोभी, पालक और सेब का जूस बनाने की विधि -
- सब से पहले आप पालक को अच्छी तरह दो से तीन बार साफ पानी मे धो लें। अब सेब, लाल पत्ता गोभी, अदरक, गाजर, पालक सब का जूसर में जूस निकल लें।
- अब जूस को किसी साफ गिलास में निकल कर नींबू का रास डालें और मिला लें।
- अगर आप चाहें हो जूस में काला नमक अपने स्वाद के लिए मिला सकते हैं।
- अब आप लाल गोभी और पालक मिश्रित जूस का मज़ा लें। यह गठिया रोग से निजात दिलानें में बहुत फायदा करता है।
गठिया के लिए कच्ची हल्दी का जूस के फायदे - Raw turmeric juice in Hindi
कच्ची हल्दी के बहुत फायदे हैं। कच्ची हल्दी सूजन को कम करता है। खास कर यह गठिया रोगियों के लिए अत्यधिक लाभदयाक हैं। यह शरीर के प्राकृतिक सेल्स को खत्म करने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करता है। और गठिया रोग में होने वाले जोडों के दर्द से छुटकारा दिलाती है।
कच्ची हल्दी का जूस बनाने की सामग्री -
- दो सेब
- तीन अजवाइन के डंठल
- तीन गाजर
- दो नींबू
- एक इंच अदरक की जड़
- दो नाशपाती
- चार इंच ताजी कच्ची हल्दी
कच्ची हल्दी का जूस बनाने की विधि -
- सब से पहले आप सब को अच्छी तरह धो लें। अब सेब, अजवाइन के डंठल, गाजर, अदरक, नाशपाती, कच्ची हल्दी सब का जूसर में जूस निकल लें।
- अब जूस को किसी साफ गिलास में निकल कर नींबू का रास डालें और मिला लें।
- अब आप कच्ची हल्दी मिश्रित जूस का मज़ालें। यह आप को गठिया में बहुत फायदा दिलाएगा।
सारांश
गठिया रोग (Arthritis) में सही आहार और पेय का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सूजन और दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। गठिया के मरीजों को कुछ खास जूस पीने से लाभ हो सकता है। जैसे कि, अनार का जूस, जो एंटीऑक्सिडेंट्स और सूजन-रोधी गुणों से भरपूर होता है और जोड़ों की सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, अदरक और हल्दी का जूस भी फायदेमंद होता है, क्योंकि ये प्राकृतिक सूजन-रोधी तत्व होते हैं। एलोवेरा जूस, विटामिन्स और मिनरल्स से युक्त होने के कारण, जोड़ों की सेहत में सुधार करता है। साथ ही, गाजर और चुकंदर का जूस भी पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो शरीर में सूजन और दर्द को कम करने में सहायक हो सकता है। इन जूसों को नियमित रूप से पीने से गठिया के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन किसी भी नए आहार या जूस को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।



