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आर्थराइटिस या गठिया जिसे संधिशोथ भी कहा जाता है एक प्रकार की जोड़ों की सूजन होती है। यह एक या एक से अधिक जोड़ो को प्रभावित कर सकती है। गठिया के लक्षण आमतौर पर समय के साथ विकसित होते रहते हैं, लेकिन ये अचानक भी दिखाई दे सकते हैं। संधिशोथ यानि गठिया 65 वर्ष से अधिक उम्र वालों में देखा जाता है, हालांकि यह बच्चों, टीनएजर्स और युवाओं में भी विकसित हो सकता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में गठिया अधिक होता है खासतौर से उनमें जिनका वजन ज्यादा हो।

  1. गठिया (आर्थराइटिस) के प्रकार - Types of Arthritis in Hindi
  2. गठिया (आर्थराइटिस) के लक्षण - Arthritis Symptoms in Hindi
  3. गठिया (आर्थराइटिस) के कारण - Arthritis Causes in Hindi
  4. गठिया (आर्थराइटिस) से बचाव - Prevention of Arthritis in Hindi
  5. गठिया (संधि शोथ) का परीक्षण - Diagnosis of Arthritis in Hindi
  6. गठिया (आर्थराइटिस) का इलाज - Arthritis Treatment in Hindi
  7. गठिया का दर्द
  8. करें ये थेरपी, जरूर खत्म होगा आर्थराइटिस का दर्द
  9. गठिया (आर्थराइटिस) की आयुर्वेदिक दवा और इलाज
  10. सर्दियों के मौसम में जोड़ों के दर्द से हैं परेशान तो ये आयुर्वेदिक तेल करेंगे इसका समाधान
  11. गठिया में एक्टिव रहने के आसान तरीके
  12. गठिया रोग में क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खाए और परहेज
  13. गठिया (आर्थराइटिस) के घरेलू उपाय
  14. गठिया या संधि शोध की होम्योपैथिक दवा और इलाज
  15. युवाओं को तेजी से अपना शिकार बना रहा है गठिया
  16. क्या आप भी हैं बदलते मौसम में जोड़ों में दर्द के शिकार तो अपनाएँ ये आसान से कुछ सुझाव
  17. महिलाओं में पुरुषों से अधिक गठिया के खतरों के पीछे छिपे हैं ये कारण
  18. गठिया (आर्थराइटिस) के लिए योग
  19. गठिया (आर्थराइटिस) की दवा - Medicines for Arthritis in Hindi
  20. गठिया (आर्थराइटिस) की दवा - OTC Medicines for Arthritis in Hindi
  21. गठिया (आर्थराइटिस) के डॉक्टर

गठिया (आर्थराइटिस) के प्रकार - Types of Arthritis in Hindi

आर्थराइटिस मुख्य तौर पर दो प्रकार के होते है -

  1. ऑस्टियोआर्थराइटिस (अस्थिसंधिशोथ)
  2. रूमेटाइड आर्थराइटिस (रुमेटी संधिशोथ)

गठिया (आर्थराइटिस) के लक्षण - Arthritis Symptoms in Hindi

यह कैसे पता लगाया जा सकता है (लक्ष्णों के आधार पर) कि हम किस तरह के आर्थराइटिस से प्रभावित हो रहे है? हालांकि इसकी पुष्टि के लिए चिकित्सीय परामर्श की जरुरत होती है, क्योंकि इसमें कई प्रकार की विविधता देखी गई हैं।

जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन गठिया के सबसे प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं, साथ ही संधिशोथ के दौरान आ्रपके प्रभावित अंग लाल पड़ सकते हैं। इससे आपकी चलने की गति भी कम हो सकती है। कुछ लोगों में गठिया के लक्षण सुबह के समय ज्यादा प्रभावी होते हैं।

आप घुटने, कूल्हे, कंधे, हाथ या पूरे शरीर के किसी भी जोड़ में गठिये के दर्द का अनुभव कर सकते हैं। रुमेटी गठिया में आपको थकान हो सकती है या प्रतिरक्षा प्रणाली की गतिविधि धीमी पड़ने के कारण सूजन हो जाने की वजह से आप भूख में कमी महसूस कर सकते हैं।

आपको एनीमिया भी हो सकता है - जिससे आपके शरीर में खून की मात्रा कम हो जाती है और साथ ही कभी-कभी गठिया के तीव्र आक्रमण से रोगी को बुखार भी हो सकता है।

गंभीर रुमेटी गठिये का अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो यह जोड़ों को खराब करने का कारण बन सकता है।

गठिया रोग में हाथों-पैरो में गांठे बन जाती है और इलाज में देर होने से यह गंभीर रूप ले सकती है जिससे बालों में कंघी करना, सीढियों पर चढ़ना यहां तक की चलना भी मुश्किल हो जाता है।

गठिया (आर्थराइटिस) के कारण - Arthritis Causes in Hindi

कार्टिलेज आपके जोड़ो का एक नर्म और लचीला ऊतक (टिशु; tissue) है। जब आप चलते हैं और जोड़ों पर दबाव डालते हैं तो यह प्रेशर और शॉक को अवशोषित (absorption) करके जोड़ों को बचाता है। कार्टिलेज ऊतकों की मात्रा में कमी से कई प्रकार के गठिये होते है।

सामान्य चोटें ऑस्टियो आर्थराइटिस का कारण बनती हैं, यह गठिया के सबसे सामान्य रूपों में से एक है। जोड़ों में संक्रमण (infection) या चोट कार्टिलेज ऊतकों की प्राकृतिक मात्रा को कम कर सकता है। यदि परिवार के लोगों में यह बीमारी पहले से चली आ रही है तो इस बीमारी के आगे भी बने रहने की संभावना बढ़ जाती है।

गठिया का एक और आम रूप है रुमेटी आर्थराइटिस, यह एक प्रकार का ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है। इसकी शुरुआत तब होती है जब आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर के ऊतकों पर हमला करती है। इन हमलों से सिनोवियम पर प्रभाव पड़ता है। सिनोवियम आपके जोड़ो में पाया जाने वाला एक नर्म टिशु होता है जो ऐसे लिक्विड को बनाता है जिससे कार्टिलेज को पोषण और जोड़ो को चिकनाई मिलती है। रुमेटी गठिया सिनोवियम की एक बीमारी है जो जोड़ों पर हमला करके उन्हें नष्ट करती है। यह जोड़ो के अंदर हड्डी और कार्टिलेज को नष्ट करने का कारण बन सकती है।

वैसे तो इम्यून सिस्टम के हमलों का सही कारण पता नही है, लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक जीन (genes), हार्मोन और पर्यावरणीय कारण रुमेटी गठिये के जोखिम को दस गुना बढ़ा सकते है। 

गठिया (आर्थराइटिस) से बचाव - Prevention of Arthritis in Hindi

अर्थराइटस एक गंभीर बीमारी है जिसका उपचार समय रहते करना बेहद जरुरी है। संतुलित आहार और सरल जीवन शैली से आप खुद को इस रोग से दूर रख सकते है। संतुलित आहार ना केवल बीमारियों को रोकने में मदद करता है, बल्कि इसमें कई रोगों को स्वाभाविक रूप से ठीक करने की पर्याप्त क्षमता भी होती है। गठिया शरीर में जरूरत से ज्यादा यूरिक एसिड होने का कारण होता है। आमतौर पर गठिये के रोगी सूजन को कम करने वाली दवाओं पर निर्भर रहते है जो इस बीमारी का स्थाई समाधान नहीं है, क्योंकि इन दवाओं के कई साइड इफेक्ट हो सकते है। ऐसे में इस बीमारी से दूरी बनाए रखने और राहत पाने के लिए यह जरुरी है कि आप उचित आहार और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाएं। एक ओर जहां गलत आहार कई तरह की बीमारियों को जन्म दे सकता है तो वहीं उचित आहार और नियमित खान पान से आप कई बीमारियों से निजात पा सकते है। अपने आहार में कुछ उचित खाद्य पदार्थों को शामिल करके और कुछ अनुचित खाद्य पदार्थों को छोड़कर, गठिया और उसके असहनीय दर्द से आराम पाया जा सकता है। याद रखें इस बीमारी को लाइलाज न होने दें। 

गठिया (संधि शोथ) का परीक्षण - Diagnosis of Arthritis in Hindi

डॉक्टर से परामर्श के दौरान आपके डॉक्टर आपके गठिया के इलाज के लिए पहले ये देखते हैं कि क्या आप में गठिया से सम्बंधित लक्षण दिख रहे हैं। अगर हां, तो वह कैसे विकसित हुए है, फिर वह आप की जांच कर आपको कुछ टेस्ट करवाने के लिए कहते हैं।

डॉक्टर गठिया की जांच कैसे करते हैं - How do doctors check for arthritis in Hindi

इलाज के दौरान डॉक्टर आपसे इस तरह के सवाल पूछ सकते हैं

  1. आपको किस जगह दर्द हो रहा है (जोड़ों में या जोड़ों के बीच में) और कौनसा जोड़ दर्द से ग्रस्त है।
  2. आपके जोड़ों में या जोड़ों के आस-पास सूजन, गर्मी, लालपन और छूने पर दर्द तो नहीं है। यह सूजन-संबंधी गठिया के संकेत हो सकते हैं।
  3. डॉक्टर आपके स्वास्थ्य के अन्य पहलुओं के बारे में पूछ सकते हैं क्योंकि गठिया आपके शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है।
  4. इसके बाद आपके डॉक्टर आप की जांच कर इन संकेतों को ढूंढेंगे - 
    1. जोड़ों में सूजन इनफ्लेमेटरी आर्थराइटिस का कारण हो सकता है।
    2. दर्द और सीमित मूवमेंट, साथ में एक झनझनाहट महसूस करना (crepitus), जो अपक्षयी (degenerative) गठिया जैसे कि ऑस्टियो आर्थराइटिस का संकेत हो सकता है ।
    3. नरम ऊतकों (Tissues) को छूने पर पीड़ा होना और दर्द महसूस करना।
    4. मुंह में दाने या अल्सर होना भी गठिये के होने का संकेत है। 

गठिया निदान के लिए टेस्ट - Tests for arthritis diagnosis in Hindi

  1. गठिया के लिए प्रयोगशाला परीक्षण - Lab tests for arthritis in hindi
  2. गठिया के लिए इमेजिंग टेस्ट - Imaging tests for arthritis in hindi

(1) गठिया के लिए प्रयोगशाला परीक्षण - Lab tests for arthritis in hindi

कई प्रकार के शारीरिक तरल पदार्थों की जांच से गठिया के बारे में बताया जा सकता है।

आम तौर पर ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और जोड़ों के तरल पदार्थ की जांच होती है।

आपके जोड़ों से तरल पदार्थ का एक सैंपल लेने के लिए चिकित्सक सबसे पहले आपके जोड़ों को साफ करेंगे, फिर उस जगह को सुन्न कर देंगे। उसके बाद एक सुई डाल कर जांच के लिए तरल पदार्थ निकालेंगे।

(2) गठिया के लिए इमेजिंग टेस्ट - Imaging tests for arthritis in hindi

कुछ ऐसे परीक्षण हैं जिनसे आपके जोड़ों के अंदर की समस्याओं का पता लगाया जा सकता है, जिनके कारण आपके लक्षण दिख रहे हैं। जैसे –

  1. गठिया के लिए एक्स रे - X ray for arthritis in hindi
  2. गठिया के लिए चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई) - CT scan for arthritis in hindi
  3. आर्थराइटिस के लिए एमआरआई - MRI for arthritis in hindi
  4. आर्थराइटिस के लिए अल्ट्रासाउंड - Ultrasound for arthritis in hindi

1. गठिया के लिए एक्स रे - X ray for arthritis in hindi

इसमें हड्डी को देखने के लिए रेडिएशन (विकिरण) के कई स्तर का प्रयोग किया जाता है। एक्स-रे से कार्टिलेज को हुए नुकसान, हड्डी की क्षति और हड्डी का प्रवाह देखा जा सकता है। एक्स-रे से शुरुआती गठिया के नुकसान को नहीं देखा जा सकता है, हालांकि यह रोग की गति को जानने में मदद करता है।

2. गठिया के लिए सीटी स्कैन - CT scan for arthritis in hindi

सीटी स्कैनर कई अलग अलग कोनों से एक्स-रे लेते हैं जिससे आंतरिक संरचनाओं की पूरी जानकारी मिलती है। सीटी स्कैनर दोनों हड्डियों और आसपास के नरम ऊतकों को ज्यादा अच्छी तरह दिखा पाते हैं। (और पढ़ें - सीटी स्कैन क्या है)

3. आर्थराइटिस के लिए एमआरआई - MRI for arthritis in hindi

एक मजबूत चुंबकीय क्षेत्र के साथ रेडियो तरंगों के संयोजन को मेग्नेटिक रेज़नन्स इमेजिंग (एमआरआई; MRI) नरम हड्डी, पट्टा और स्नायुबंधन जैसे नरम ऊतकों (tissue) का बेहतर क्रॉस-सेक्शनल चित्र लेता है। एमआरआई स्कैन से शरीर के आंतरिक संरचनाओं की बेहतर तस्वीर मिलती है, जिनसे नरम ऊतकों के रोगों का पता आसानी से लगाया जा सकता है।

4. आर्थराइटिस के लिए अल्ट्रासाउंड - Ultrasound for arthritis in hindi

एमआरआई और अल्ट्रासाउंड दोनों एक्स-रे के मुकाबले हड्डियों में आए कटाव या घिसाव को पता लगाने में ज्यादा कारगर साबित होते है । साथ ही इससे हड्डी में आई सूजन को भी साफ देखा जा सकता जिसके लिए आमतौर पर हमें खून की जांच (blood test) या जोड़ों को महसूस करने के लिए उंगलियों का उपयोग करना पड़ता है । अल्ट्रासाउंड का उपयोग जोड़ों में से तरल को निकालने और इंजेक्शन के लिए सुई को लगाने के लिए भी किया जाता है। 

गठिया (आर्थराइटिस) का इलाज - Arthritis Treatment in Hindi

गठिया का इलाज कैसे किया जाता है?

गठिया का इलाज आपके लक्षणों में सुधार और जोड़ों के कार्य को बेहतर करने के लिए किया जाता है। इसका इलाज करने से पहले यह सुनिश्चित कर ले कि आपके लिए सबसे बेहतर इलाज कौन सा होगा।

दवाइयां

गठिया का इलाज करने वाली दवाइयां उसके प्रकार पर निर्भर करती हैं। अक्सर गठिया के इलाज में निम्नलिखित दवाइयों का इस्तेमाल होता हैं -

  1. दर्द कम करने वाली दवाएं (analgesics) - इन दवाओं से दर्द कम होता हैं, लेकिन सूजन पर कोई असर नहीं होता। उदहारण के लिए - एसिटामिनोफेन (acetaminophen)
  2. नॉन स्टीरॉयडल एंटी-इन्फ़्लमेट्री दवाई (non-steroidal anti-inflammatory drugs) (NSAIDs) - यह दवाइयां दर्द और सूजन दोनों को कम करती हैं, उदहारण के लिए - आइबूप्रोफेन (ibuprofen)। कुछ दवाइयां क्रीम या जेल (gel) के रूप में उपलब्ध है। इन्हे जोड़ों के दर्द की जगह पर लगाया जाता हैं।  
  3. कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स (corticosteroids) - यह सूजन को कम करता है और प्रतिरक्षा प्रणाली पर दबाव डालता है। इसे मौखिक रूप से लिया जाता है या इंजेक्शन को दर्द वाले जोड़े में लगाया जाता है।
  4. काउंटर इर्रिटेन्ट्स (counter-irritants) - दर्द रोकने के लिए, इसे दर्द वाले जोड़े की त्वचा पर लगाया जाता है।
  5. डिजीज-मॉडिफाइंग एंटी-रूमैटिक दवाएं (disease-modifying anti-rheumatic drugs) (DMARDs) - इनका इस्तेमाल रूमेटाइड गठिया (rheumatoid arthiritis) को ठीक करने के लिए किया जाता हैं।  

कुछ तरह की गठियों का इलाज शारीरिक चिकित्सा द्वारा भी किया जा सकता हैं। व्यायाम करने से गति की सीमा में सुधार हो सकता है, और इससे जोड़ों के आस पास की मांसपेशियां भी मजबूत होंगी।

सर्जरी

अगर इन सब इलाजों से आपको फर्क नहीं पड़ता तो, डॉक्टर आपको सर्जरी कराने की सलाह दें सकते हैं। जैसे कि -

  1. जोड़ों को ठीक करना - कुछ मामलों में, जोड़े की सतह को चिकना और पुन - संगठित कर दिया जाता है। जिससे जोड़े का दर्द कम हो जाता है और उनका कार्य पहले से बेहतर जो जाता है।
  2. घुटनों के जोड़ बदलने की सर्जरी - इस प्रक्रिया में, खराब जोड़े को कृत्रिम जोड़े से प्रतिस्थापित किया जाता है। जैसे कि - कूल्हे और घुटनों के जोड़े।
  3. जॉइंट फ्यूज़न (joint fusion) (दो हड्डियों को आपस में जोड़ा जाता है) - इसका इस्तेमाल अक्सर छोटे जोड़ों में किया जाता है, जैसे कि - कलाई, टखना और उंगलिया।

अन्य उपचार

बहुत सारे लोग गठिया के इलाज के लिए अन्य उपचारों का सहारा लेते हैं। जैसे कि -

  1. एक्यूपंचर - इस चिकित्सा में कई प्रकार के दर्द को कम करने के लिए त्वचा के विशिष्ट बिंदुओं पर सुई डाली जाती हैं।
  2. ग्लूकोसेमिन - जिन लोगों को मध्य से तीव्र दर्द होता है, उन्हें यह दवा लेने से आराम मिलता है।
  3. योग - योग करने से जोड़ों का लचीलापन और गति की सीमा बेहतर होती है।
  4. मालिश -  मालिश (यह खून के बहाव को बढ़ा देती है) लेने से कुछ समय के लिए जोड़ों के दर्द में आराम और गर्माहट मिलती है।
Dr. Vivek Dahiya

Dr. Vivek Dahiya

ओर्थोपेडिक्स

Dr. Vipin Chand Tyagi

Dr. Vipin Chand Tyagi

ओर्थोपेडिक्स

Dr. Vineesh Mathur

Dr. Vineesh Mathur

ओर्थोपेडिक्स

गठिया (आर्थराइटिस) की दवा - Medicines for Arthritis in Hindi

गठिया (आर्थराइटिस) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
WysoloneWysolone 10 Tablet DT14
ADEL 28 Plevent DropADEL 28 Plevent Drop200
ADEL 29 Akutur DropADEL 29 Akutur Drop200
Low DexLow Dex Eye/Ear Drops8
Bjain Withania somnifera Mother Tincture QBjain Withania somnifera Mother Tincture Q 143
Bjain Saxifraga DilutionBjain Saxifraga Dilution 1000 CH63
DexacortDexacort Eye Drop13
Dexacort (Klar Sheen)Dexacort (Klar Sheen) 0.1% Eye Drop14
4 Quin Dx4 Quin Dx Eye Drop13
SolodexSolodex 0.1% Eye/Ear Drops4
Apdrops DmApdrops Dm 0.5% W/V/1% W/V Eye Drop103
Lupidexa CLupidexa C Eye Drop7
Dexcin MDexcin M Eye Drop59
Ocugate DxOcugate Dx Eye Drop8
Mfc DMfc D Eye Drop84
Bjain Thyroidinum LMBjain Thyroidinum 0/1 LM39
SBL Solanum tuberosum aegrotans DilutionSBL Solanum tuberosum aegrotans Dilution 1000 CH86
Mflotas DxMflotas Dx 0.5%W/V/0.1%W/V Eye Drop78
Mo 4 DxMo 4 Dx Eye Drop64
Moxifax DxMoxifax Dx Eye Drop52

गठिया (आर्थराइटिस) की दवा - OTC medicines for Arthritis in Hindi

गठिया (आर्थराइटिस) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Baidyanath Vatrina TabletBaidyanath Vatreena Tablets101
Dabur Shilajit GoldDabur Shilajit Gold Capsule172
Dabur Simhanad GugguluDabur Simhanad Guggulu55
Baidyanath Vata Chintamani RasBaidyanath Vatachintamani Ras Vrihat With Gold and Pearl Tablet 25s1880
Patanjali Shilajit CapsulePatanjali Shilajeet Capsule68
Baidyanath Maharasnadi KadhaBaidyanath Maharasnadi Kadha Syrup109
Baidyanath Muktadi BatiBaidyanath Muktadi Bati With Gold and Pearl221
Divya Mahayograj GuggulDivya Mahayograj Guggul88
Dabur Maha NarayanDabur Maha Narayan Tail73
Baidyanath Giloy SatvaBaidyanath Giloya Satwa102
Divya Ksirabala TailaDivya Ksirabala Taila104
Himalaya Pain Relief OilHimalaya Pain Relief Oil90
Arya Vaidya Sala Kottakkal Sahacharadi Tailam 7Sahacharadi Tailam (7) By Arya Vaidya Sala303
Baidyanath Muktashukti PishtiBaidyanath Mukthashukti Pishti Combo Pack Of 3110
Divya Prasarini TailaDivya Prasarini Taila120
Zandu Maha Yograj GuggulZandu Maha Yograj Guggul Tablet99
Himalaya Rumalaya TabletsHimalaya Rumalaya Tablets96
Baidyanath Rheumartho Gold PlusBaidyanath Rheumartho Gold Plus Cap448
Divya Saindhavadi TailaDivya Saindhavadi Taila60
Patanjali Peedantak OintmentPatanjali Peedantak Oil54
Himalaya Brahmi TabletsHimalaya Brahmi Capsules108
Dabur Rheumatil GelDABUR RHEUMATIL GEL 30GM PACK OF 2113

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गठिया (आर्थराइटिस) से जुड़े सवाल और जवाब

सवाल 12 दिन पहले

मेरी दादी मां को जोड़ों और पैरों में दर्द रहता है, हमने डॉक्टर को दिखाया था उन्होंने बताया कि यह गठिया का दर्द है और दर्द के लिए उन्हें कुछ दवाईयां भी दी लेकिन उन्हें अब भी दर्द महसूस होता है। मेरी दादी मां अस्पताल जाने से बहुत डरती हैं, कृपया मुझे बताएं कि उन्हें अस्पताल में भर्ती हुए बिना किस तरह से गठिया के दर्द से राहत मिल सकती है?

Dr. Haleema Yezdani MBBS, सामान्य चिकित्सा

आप अपनी दादी जी को रोजाना सुबह खाली पेट 2 चम्मच लकड़ी की मशीन से निकला हुआ तिल का तेल दें।

 

सवाल 8 दिन पहले

मेरा बायां पैर पूरी तरह से सूजा हुआ है और दर्द भी होता है। मेरा दायां घुटना भी सूजा हुआ है और इसमें भी मुझे तेज दर्द होता है इसी के साथ मेरी कमर के निचले हिस्से में भी तेज दर्द होता है। डॉक्टर ने गठिया के लिए इलाज शुरू किया था और दवाई भी दी थी लेकिन उस दवा से कोई फर्क नहीं पड़ा है। मैं इस दर्द को कैसे ठीक कर सकता हूं? कृपया मेरी मदद करें?

Dr. Gangaram Saini MD, MBBS, सामान्य चिकित्सा

इसके लिए आप फिजियोथेरेपिस्ट से बात करें। वह आपको दर्द को कम करने के लिए उपचार देंगे और एक्सरसाइज के बारे में भी बताएंगे। अपनी टेस्ट रिपोर्ट के साथ फिजियोथेरेपिस्ट से मिलें।

सवाल एक दिन पहले

मेरी उम्र 17 साल है। मुझे दौड़ने में दिक्कत होती है, मुझे पिछले एक साल से गठिया रोग है। मैं अस्पताल से अपना इलाज करवा रहा हूं, गठिया रोग के लिए कोई दवा बताएं?

Dr. Vedprakash Verma MBBS, सामान्य चिकित्सा

इस उम्र में गठिया की बीमारी कम ही देखी जाती है। इस उम्र गठिया का संबंध ज्यादातर सूजन से होता है। रूमेटिक गठिया, गाउट आदि की जांच के लिए अपनी एक्स-रे रिपोर्ट और ब्लड प्रोफाइल रिपोर्ट दिखाएं। स्टैटिक क्वाड्रिसेप्स एक्सरसाइज और नी बैंडिंग एक्सरसाइज की मदद से घुटनों की क्रियाशीलता में सुधार लाया जा सकता है। घटनों का एमआरआई स्कैन करवा लें, इससे घुटनों की स्थिति को समझने में मदद मिल सकती है।

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