मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया (एमईडी) - Multiple Epiphyseal Dysplasia in Hindi

Dr. Nadheer K M (AIIMS)MBBS

November 07, 2020

November 07, 2020

मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया
मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया

मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया (एमईडी) एक ऐसी स्थिति है जो लंबी हड्डियों के छोर को प्रभावित करती है। इस स्थिति को एपिफ़िसिस के नाम से भी जाना जाता है। सामान्य रूप से कार्टिलेज ऑलिगोमेरिक मैट्रिक्स प्रोटीन में किसी प्रकार के दोष के कारण यह समस्या होती है। यह प्रोटीन कार्टिलेज में जमा होने लगता है और समय से पहले हड्डियों की क्षति का कारण बन सकता है। मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया की समस्या आनुवंशिक होती है और यह बच्चों को उनके माता-पिता में से किसी एक से मिल सकती है।

मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है और दोनों की पहचान उनके वंशानुक्रम पैटर्न के आधार पर की जाती है। इनके लक्षण हल्के से लेकर गंभीर हो सकते हैं। एमईडी की समस्या वाले लोगों को जोड़ों के दर्द की शिकायत होती है जो आमतौर पर कूल्हों और घुटनों को प्रभावित कर सकती है। एमईडी वाले लोग सामान्य तौर पर छोटे कद यानी औसतन 57 से 67 इंच लंबे होते हैं। ऐसे लोगों को अंदर की ओर घूमे टखनों और जोड़ों में रक्त प्रवाह की (एवस्कुलर नेक्रोसिस) की भी समस्या हो सकती है।

मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया एक दुर्लभ लेकिन गंभीर समस्या है। विशेषज्ञों के मुताबिक 10,000 में से एक नवजात में इस समस्या का निदान होता है। इस लेख में हम मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया के लक्षण, कारण और इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया के लक्षण - Multiple Epiphyseal Dysplasia symptoms in hindi

मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे में भिन्न हो सकते हैं। इस बीमारी में सामान्य रूप से जो लक्षण नजर आते हैं वह निम्नलिखित हैं।

  • हड्डियों की बनावट और उनकी स्थिति के कारण कूल्हे से जुड़ी समस्याएं
  • ​हड्डियों की स्थिति के कारण घुटने और टखने की समस्याएं
  • एड़ियों से जुड़ी समस्या
  • डबल-लेयर नीकैप (पटेला)
  • समय से पहले गठिया की समस्या। सामान्य रूप से 20 से 30 वर्ष की आयु वाले लोगों को कूल्हे, घुटने और कंधों में यह समस्या हो सकती है

मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया का कारण - Multiple Epiphyseal Dysplasia causes in hindi

विशेषज्ञों के मुताबिक COMP, COL9A1, COL9A2, COL9A3, या MATN3 जीन में उत्परिवर्तन के कारण मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया की समस्या होती है। ये जीन कार्टिलेज बनाने वाली कोशिकाओं (कॉड्रोसाइट्स) के रिक्त स्थान में पाए जाने वाले प्रोटीन को बनाने के लिए निर्देश देते हैं। ये प्रोटीन कार्टिलेज और हड्डियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्टिलेज एक प्रकार का सख्त और लचीला ऊतक है जो प्रारंभिक विकास के दौरान कंकाल के ज्यादातर हिस्सों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हड्डियों के छोर को ढकने और उनकी सुरक्षा करने के अलावा नाक और बाहरी कान में मौजूद कार्टिलेज के अलावा बाकी सभी एक समय के बाद ​हड्डियों में परिवर्तित हो जाते हैं।

ज्यादातर लोगों में मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया की समस्या COMP जीन में उत्परिवर्तन के कारण होती है। MATN3 जीन में उत्परिवर्तन के कारण करीबन 10 प्रतिशत लोग प्रभावित होते हैं। COMP या MATN3 जीन में होने वाला उत्परिवर्तन कॉड्रोसाइट्स के रिक्त स्थानों में पाए जाने वाले प्रोटीन को रिलीज होने से रोकता है। इन प्रोटीनों की अनुपस्थिति के कारण कार्टिलेज का असामान्य रूप से निर्माण होने लगता है। इस वजह से कंकाल से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया का निदान - Diagnose of Multiple Epiphyseal Dysplasia in hindi

मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया के निदान के लिए डॉक्टर सबसे पहले रोगी की मेडिकल हिस्ट्री जानने के साथ आवश्यकतानुसार शारीरिक परीक्षण करते हैं। कुछ लोगों को पेल्विक हिस्से, शरीर के निचले हिस्सों और दर्द होने पर कंधों के एक्स-रे कराने की सलाह दी जा सकती है। इन परीक्षणों के आधार पर एमईडी के कारणों का पता लगाया जा सकता है। परीक्षण के परिणामों के आधार पर रोगी का इलाज किया जाता है।

मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया का इलाज - Multiple Epiphyseal Dysplasia treatment in hindi

मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया का इलाज संबंधित ऑर्थोपेडिक स्थितियों के आधार पर लोगों में भिन्न हो सकता है। सामान्य तौर पर उपचार के जिन माध्यमों को प्रयोग में लाया जाता है वह निम्नलिखित हैं।

  • कूल्हे की सर्जरी
  • निचले छोरों (हेमीपाइफिसोडिस) की विकृतियों को ठीक करने के उपाय
  • पटेला में यदि दोहरी परत है और यह दर्द का कारण बन रही है तो इसका इलाज
  • कूल्हे, घुटनों और कंधे का प्रत्यारोपण


मल्टीपल एपीफिसियल डिस्प्लेसिया (एमईडी) के डॉक्टर

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