कई बार बॉडीबिल्डिंग चैंपियन रह चुके अर्नोल्ड श्वार्जनेगर ने अपनी परफेक्ट बॉडी से काफी प्रसिद्धि हासिल की और फिर इसके बाद हॉलीवुड में भी नाम कमाया। फिल्मों में उलकी सफलता को देखकर कई लोगों को प्रेरणा और उन्होंने अर्नोल्ड के नक्शे कदम पर चलने का फैसला किया।
उनके अनोखे वर्कआउट के साथ-याथ जिमनासियम ने उनका ही नाम ले लिया। हर कोई अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार उनकी तरह प्रशिक्षण लेना चाहता है। अर्नोल्ड ने खुद कुछ वर्कआउट शुरू किए थे जिसमें अर्नोल्ड प्रेस शामिल था।
यह बेसिक ओवरहेड प्रेस का एक रूप है जिसमें हल्का-सा बदलाव किया गया है। बॉडी बिल्डिंग के लिए बहुत ज्यादा मेहनत और धैर्य की जरूरत होती है।
अर्नाल्ड प्रेस जैसी कुछ एक्सरसाइ के साथ आपको भी कम समय में बेहतर परिणाम मिल सकता है। ओवरहेड प्रेस को कभी-कभी मिलिटरी प्रेस भी कहा जाता है। यह कंधों और छाती की मांसपेशियों पर प्रभाव डालता है।
- अर्नाल्ड प्रेस के प्रकार - Arnold press kitne tarah ki hoti hai
- अर्नाल्ड प्रेस के फायदे - Benefits of Arnold press in hindi
- अर्नाल्ड प्रेस करने का सही तरीका - Arnold press steps correctly in hindi
- अर्नाल्ड प्रेस से पहले की सावधानी - Precautions before doing Arnold press in hindi
- सारांश - Takeaways
अर्नाल्ड प्रेस के प्रकार - Arnold press kitne tarah ki hoti hai
शोल्डर प्रेस के किसी भी रूप को आप बैठकर या खड़े होकर कर सकते हैं और यह बात अर्नाल्ड प्रेस पर भी लागू होती है। यह दो तरह की एक्सरसाइज होती है :
- स्टैंडिंग अर्नाल्ड प्रेस
- सीटिड अर्नाल्ड प्रेस
अर्नाल्ड प्रेस के फायदे - Benefits of Arnold press in hindi
यह एक्सरसाइज कंधों, बाइसेप्स और छाती को उत्तेजित करती है। यह कई तरह से कंधों को शेप में रखती है खासतौर पर चीजों को उठाते समय और घर के काम करते समय।
अर्नाल्ड प्रेस डेल्टोइड्स और ट्रेपजोइड मांसपेशियों को मजबूती देकर लाभ पहुंचा सकता है। अन्य शोल्डर प्रेस एक्सरसाइज की तुलना में अर्नाल्ड प्रेस सामने के डेल्टोइड्स को फायदा पहुंचाता है। शोल्डर प्रेस की रोज ट्रेनिंग करने से आप अन्य एक्सरसाइज जैसे कि बेंच प्रेस और बाइसेप कर्ल में भारी सामान उठा पाते हैं।
अर्नाल्ड प्रेस करने का सही तरीका - Arnold press steps correctly in hindi
यह एक इंटेंस एक्सरसाइज है जो बेसिक शोल्डश्र या ओवरहेड प्रेस मूवमेंट में महारत हासिल व्यक्ति की देखरेख में ही करनी चाहिए। इसमें आपको वजन ध्यान से उठाना चाहिए वरना मांसपेशी में चोट या वर्कआउट इंजरी हो सकती है।
किसी भी तरह की चोट से बचने के लिए हल्के वेट वाली एक्सरसाइज जैसे कि लेटरल रेज, फ्रंट रेज और ओवरहेड प्रेस से शरीर को वार्म-अप करें।
किन मांसपेशियों पर काम करता है
- प्रमुख : कंधों
- अन्य : बाइसेप्स, ट्राइसेप्स और छाती
क्या चाहिए
- डंबल और बेंच
इंटेंसिटी
- इंटरमीडिएट (ट्रेनी)
सेट और रेप्स
- प्रत्येक 15 रेप्स के 3 सेट
अर्नाल्ड प्रेस कैसे करें
- कंधों को चौड़ा कर के सीधे खड़े हो जाएं या बैकरेस्ट की मदद से बेंच पर बैठ जाएं, आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए।
- अब डंबल पकड़ें और कोहनी शरीर और हाथों को छूते हुए हथेलियों के सामने रखें।
- कोहनी को मोड़ना चाहिए और डंबल बिलकुल आपके कंधों के सामने होने चाहिए।
- कलाई को बाहर की ओर मोड़ें और हथेलियों की ओर मोड़ें और डंबल को कंधों से ऊपर उठाएं, कोहनियां सीधी होनी चाहिए।
- एक या दो सेकंड के लिए इस पोजीशन में रहें।
- अब डंबल को धीरे-धीरे नीचे लाएं और कलाई को वापिस शुरुआती पोजीशन में लाएं। यह एक रेप हुआ।
टिप : बैठने की तुलना में खड़े होकर यह एक्सरसाइज करना ज्यादा मुश्किल हो सकता है इसलिए जब तक आपको इसकी आदत नहीं होती, तब तक हल्का वजन उठाने की कोशिश करें।
अर्नाल्ड प्रेस से पहले की सावधानी - Precautions before doing Arnold press in hindi
अगर आपने अभी-अभी जिम करना शुरू किया है तो आपको यह एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। यह ओवरहेड प्रेस का एडवांस वर्जन है जो कंधों की मांसपेशियों पर ज्यादा इंटेंसिटी से काम करता है। कम अनुभव होने पर चोट लग सकती है।
इससे बचने के लिए अपनी ताकत के हिसाब से ही वजन उठाएं और फिटनेस ट्रेनर की देखरेख में ही इस एक्सरसाइज को करें और पहले बिना वेट के यह एक्सरसाइज करें।



