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एक्सरसाइज या व्यायाम करना एक स्वस्थ शरीर की पहली सीढ़ी है और सुखी जीवन का दूसरा मंत्र। यही वजह है कि आयुर्वेद में इसे योग और विज्ञान में शारीरिक परिश्रम से जोड़ा गया है। इसके बिना स्वस्थ जिंदगी की कल्पना करना थोड़ा कठिन हो सकता है। शायद इसीलिए, डॉक्टर से लेकर बड़े-बड़े डायटिशियन तक व्यायाम की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे हमें फिट रहने में मदद तो मिलती है। साथ ही बीमारियों से भी बचाव होता है।

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व्यायाम कई तरह का हो सकता है, मगर उसकी शुरुआत वर्कआउट से होती है, यानी शरीर को व्यायाम के लिए तैयार करना। इसके तहत लोग जिम में ट्रेडमिल (पैदल चलने या दौड़ने की मशीन) का इस्तेमाल करते हैं, जो कि हमारे फिटनेस के लिए बेहद जरूरी है। एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि हफ्ते में 15 घंटे की एक्सरसाइज और जिम में ट्रेडमिल के इस्तेमाल से पुरुषों में कॉलन (आंत) कैंसर का जोखिम कम होता है।

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क्या कहती है रिपोर्ट?
जरनल ऑफ क्लीनिकल ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक वैज्ञानिकों ने 9 अलग-अलग तरह की रिसर्च से एक डाटा इकट्ठा किया है। अध्ययन में कुल 7,50,000 लोग (वयस्क) शामिल थे। रिसर्च के दौरान इन लोगों ने समय-समय पर अपनी शारीरिक गतिविधियों से जुड़ी रिपोर्ट दी और कैंसर से जुड़े लक्षणों की जांच कराई थी।

  • अध्ययनकर्ताओं ने अपनी इस रिसर्च के दौरान 15 तरह के कैंसर और शारीरिक गतिविधियों के बीच एक संबंध जोड़ने की कोशिश की। बाद में शोधकर्ताओं ने हफ्ते में 2.5 से 5 घंटे तक सामान्य शारीरिक गतिविधियां या 1.25 से 2.5 घंटे तेज या कड़ी शारीरिक गतिविधियों (विगोरस इंटेसिंटी एक्टीविटीज) में शामिल होने की सलाह दी।
  • सामान्य शारीरिक गतिविधियों को लेकर शोधकर्ताओं ने बताया कि जो व्यक्ति इतना तेज दौड़ या शारीरिक गतिविधि कर सके कि सामान्य रूप से बैठे व्यक्ति के मुकाबले 3 से 6 गुना अधिक ऊर्जा की खपत हो। जबकि विगोरस इंटेसिंटी एक्टीविटीज में व्यक्ति सामान्य रूप से बैठे आदमी के मुकाबले 6 या उससे अधिक गुना ज्यादा ऊर्जा का इस्तेमाल करता हो।
  • आंकड़ों का विशलेषण कर शोधकर्ताओं ने पाया कि एक बराबर मात्रा में यानि हफ्ते में 7.5 से 15 घंटे (एमईटी/ मेटाबॉलिक इक्विटी ऑफ टास्क, मतलब ऊर्जा खपत करने की दर) गतिविधियां करना 7 प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करता है। इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने बताया कि घंटों के हिसाब से ऊर्जा खपत करने की दर (एमईटी) में बढोतरी से कैंसर का खतरा और कम हो जाता है।
  • रिसर्च बताती है कि शारीरिक गतिविधियों से जुड़े रहने पर पुरुषों में आंत के कैंसर का जोखिम कम होता है। स्टडी के मुताबिक 7.5 घंटे तक शारीरिक गतिविधियां करने वालों में 8 प्रतिशत और 15 घंटे (एमईटी) शारीरिक गतिविधियों से जुड़े रहने पर कैंसर (पुरुषों में कॉलन कैंसर) का खतरा 14 प्रतिशत तक कम होता है।

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महिलाओं में कैंसर का जोखिम होता है कम
अध्ययन में यह भी बताया गया है कि शारीरिक गतिविधियां महिलाओं में स्तन कैंसर (6 से 10 प्रतिशत) के जोखिम को भी कम करने में सहायक है। इसके अलावा महिलाओं में होने वाला गर्भाशय कैंसर (10 से 18 प्रतिशत) किडनी कैंसर (11 से 17 प्रतिशत) और लीवर कैंसर (18-27 प्रतिशत) का खतरा भी कम हो जाता है।

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विशेषज्ञों की राय
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी की इस रिसर्च में सह-लेखक अल्पा पटेल का कहना है कि शारीरिक गतिविधियों में शामिल होने से हमारी पुरानी बीमारियों को ठीक होने में मदद मिलती है। जैसे- हृदय रोग और डायबिटीज। लिहाजा इस रिसर्च के बाद मिले आंकड़ों से अब कैंसर के बढ़ते स्तर और उसके रोकथाम में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि व्यायाम ना सिर्फ आपको स्वस्थ रखता है, बल्कि एक्सरसाइज करना कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को कम करने में भी सहायक है।

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