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बाइसेप हमारे शरीर का एक ऐसा भाग है, जिसे पुरुष-महिला सभी ट्रेन करना चाहते हैं। बड़ी और मजबूत बांह बहुत आकर्षक लगती है, जिसके कारण सभी इनका सपना देखते हैं। हर कोई इस बात को अच्छी तरह से जानता है कि बाइसेप्स बनाना कोई आसान बात नहीं है। हालांकि, कुछ सही व्यायामों की मदद से बाइसेप्स को जल्दी और अच्छा शेप दिया जा सकता है।

पारंपरिक बाइसेप्स कर्ल बांह को मजबूत व बड़ा बनाने की एक बेहतरीन कसरत है। बाइसेप्स कर्ल के कई अन्य तरीकों की मदद से बांह की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के परिणामों में तेजी लाई जा सकती है। जैसे कि हैमर कर्ल, यह संपूर्ण बांह को ट्रेन व मजबूत बनाने का एक अच्छा विकल्प है। यह कसरत बाइसेप्स कर्ल की तरह केवल डोलो की बजाए फोरआर्म (हाथ का निचला भाग) को भी सक्रिय बनाती है।

  1. हैमर कर्ल के प्रकार - Types of Hammer Curl in Hindi
  2. हैमर कर्ल व्यायाम के फायदे - Benefits of Hammer Curl Exercise in Hindi
  3. हैमर कर्ल करने का तरीका - How to Perform Hammer Curls in Hindi
  4. हैमर कर्ल की सामान्य गलतियां - Common Hammer Curl Errors in Hindi
  5. हैमर कर्ल सही तरीके से करने के सुझाव - Tips for Hammer Curl in Hindi
  6. हैमर कर्ल से जुड़ी सावधानियां - Hammer Curl Precautions in Hindi
  7. हैमर कर्ल के वैकल्पिक व्यायाम - Alternate Hammer Curl Exercises in Hindi

विभिन प्रकार के व्यायामों की अलग-अलग गतिविधियों से हमारी बॉडी की मांसपेशियों की वृद्धि में मदद मिलती है।

  • इंक्लाइन सीटिड हैमर कर्ल
  • प्रीचर हैमर कर्ल
  • क्रॉस-बॉडी हैमर कर्ल
  • स्विंगिंग हैमर कर्ल
  • स्विस बार हैमर कर्ल
  • केबल रोप हैमर कर्ल
  • केटलबेल हैमर कर्ल

इस कसरत को सही ढंग से करने पर बाइसेप्स के साइज में वृद्धि और मजबूती आती है। इसके साथ ही यह कलाइयों में स्थिरता और मसल एंड्यूरेंस को बढ़ाती है। इस गतिविधि की मदद से हाथ की पकड़ में भी मजबूती आती है, जिससे अन्य व्यायामों जैसे डेडलिफ्ट में अधिक भार उठाने की क्षमता मिलती है।

सक्रिय मांसपेशियां
  • बाइसेप्स
  • फोरआर्म

कोई भी व्यायाम शुरू करने से पहले शरीर को वॉर्म-अप जरूर कर लें। ऐसा करने के लिए हल्के व्यायाम जैसे दौड़, साइकलिंग या क्रॉस ट्रेनर का इस्तेमाल करें। इसके अलावा मांसपेशियों को क्षति न पहुंचे इसके लिए स्ट्रेंचिंग अवश्य करें।

आवश्यक उपकरण

  • 2 डंबल

आनुभविक स्तर

  • कोई भी व्यक्ति कर सकता है

रैप और सेट

  • 15 रैप के 3 सेट

कैसे करें

  1. हाथों को खड़ा रखें और दोनों में एक-एक डंबल उठा लें
  2. कोहनियां कमर के बाजू में होनी चाहिए, लेकिन शरीर का सहारा न लें
  3. अब दोनों हाथों से डंबल को ऊपर की ओर उठाते समय अपनी कोहनी को लॉक कर लें ताकि आपके फोरआर्म न हिलें, ऐसा करने से कसरत का मुख्य प्रभाव बाइसेप्स पर ही पड़ेगा
  4. अब वजन को तब तक कर्ल करें जब तक अंगूठा आपके कंधों के पास न आ जाए, यह एक रैप है

इस गतिविधि के दौरान लोग वजन को ऊपर लाने के लिए सबसे अधिक गलती अपने धड़ को आगे व पीछे की ओर हिलाने की करते हैं। इसके अलावा कई बार वह गतिविधि को बेहद तेजी या खराब पकड़ के साथ करते हैं, जिसके कारण व्यायाम का सही परिणाम नहीं मिल पाता है।

  • रैप को पूरा करने के लिए अपने धड़ को एक तरफ से दूसरी तरफ हिलाना या झुकाना चीटिंग कहलाता है। ऐसा करने से व्यक्ति वजन के तनाव को अपनी पीठ और कोर मसल पर डाल देता है। यदि आप इस प्रकार की गलती करते हैं तो वजन को कम कर लें।
  • व्यायाम की गतिविधि को तेजी से करने पर बाइसेप्स पर तनाव पैदा नहीं हो पाएगा, जिसके कारण मांसपेशियां सही ढंग से ट्रेन नहीं हो पाएंगी। इस कसरत को करने की कई गति हैं। आप चाहें तो गति को धीरे और संतुलित गति में डंबल को ऊपर उठा सकते हैं या सामान्य गति के साथ ऊपर ले जाने के बाद डंबल को कुछ सेकंड के लिए ऊपर रोक सकते हैं।
  • पकड़ की बात करें तो लोग अक्सर डंबल को ढीला पकड़ लेते हैं, जिसकी वजह से चोट लगने का खतरा रहता है। डंबल के हैंडल को जितना हो सके उतना कसकर पकड़ें और संपूर्ण रैप के दौरान तनाव को बनाए रखें।
  • वजन को ऊपर लाते समय बॉडी को पीछे की ओर न झुकाएं।
  • पूरे सेट के दौरान कोहनियों को छाती के समानांतर रखें। डंबल को ऊपर लाते समय उन्हें आगे व बाहर की ओर न निकालें। केवल अपने फोरआर्म की मदद से गतिविधि पूरी करने पर ध्यान दें।
  • बेहतर परिणाम के लिए डंबल को कंधों के समानांतर आने पर कुछ देर के लिए रुकें और अधिक से अधिक कर्ल करने की कोशिश करें।
  • रैप की गतिविधि को धीमा रखें और संपूर्ण सेट के दौरान वजन को नियंत्रित रखें।
  • सभी कसरतों को अपनाने से पहले वार्म-अप, जैसे- स्ट्रेचिंग, दौड़ या साइकिलिंग कर लें। इसके अलावा यह सभी एक्सरसाइज किसी अनुभवी व्यक्ति या जिम ट्रेनर के सामने करें, ताकि वह आपको सही पोजिशन और वेट बता सके।
  • चोट से बचने के लिए अपनी क्षमता अनुसार वजन उठाएं और रैप्स को पूरा करें।
  • इस व्यायाम की नेगेटिव गतिविधि व अत्यधिक तनाव वाले रैप निकालने के लिए किसी की मदद लें।
  • अल्टेरनेटिंग डंबल बाइसेप कर्ल
  • डंबल कंसंट्रेशन कर्ल
  • मशीन प्रीचर कर्ल
  • स्टैंडिंग बारबेल कर्ल
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References

  1. Hiscock D. et al. Muscle activation, blood lactate, and perceived exertion responses to changing resistance training programming variables. European journal of sport science. 2015 Aug; 16:1-9.
  2. Fink J. et al. Effects of rest intervals and training loads on metabolic stress and muscle hypertrophy. Clinical Physiology and Functional Imaging. 2018 Mar;38(2):261-268.
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