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दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नया आउटपेशंट विभाग यानी ओपीडी मिल गया। इसके बाद एम्स आने वाले मरीजों को इस सुविधा से काफी फायदा होगा। खबरों के मुताबिक, नए ओपीडी से मरीजों को जल्दी से जल्दी और बेहतर इलाज मिल सकेगा। बताया जा रहा है कि ओपीडी का पहला फेज सोमवार से शुरू हो चुका है।

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नया ओपीडी सेंटर एम्स के मुख्य परिसर से थोड़ी सी दूरी पर स्थापित किया गया है। जानकारी के मुताबिक नए ओपीडी मस्जिद मोठ इलाके में बनाया गया है, जो कि अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग यानी राजकुमारी अमृत कौर ओपीडी से महज आधा किलोमीटर के फांसले पर है। 

एम्स से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि देशभर से 8,000 से अधिक मरीज रोजाना एम्स की ओपीडी में पहुंचते हैं। मौजूदा समय में ओपीडी सेवाएं राजकुमारी अमृत कौर ओपीडी ब्लॉक से संचालित की जाती हैं, जो 1950 के दशक में शुरू की गई थी। इस ब्लॉक में अक्सर ज्यादा भीड़ रहती है। यहां अधिकतर मरीज फर्श पर बैठे दिखते हैं। इन्हीं सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बेहतर सेवा देने के लिए नए ब्लॉक को बनाया गया है।

ओपीडी क्या है?
एक आउटपेशेंट डिपार्टमेंट या आउट पेशेंट क्लीनिक अस्पताल का वह हिस्सा होता है, जहां मरीजों का इलाज और बीमारियों का टेस्ट कर उनकी पहचान की जाती है। यह जरूरी नहीं है कि ओपीडी आने वाले मरीज को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़े।

एम्स के नए ओपीडी की खास बातें

  • नया ओपीडी सेंटर 8 मंजिला इमारत में बना है
  • इसमें 3 बेसमेंट होंगे, जिनमें सबसे निचले बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा दी गई है
  • बाकी के 2 बेसमेंट में जांच या टेस्टिंग की सुविधा दी गई है
  • नए ओपीडी में आठ से दस हजार मरीजों को देखने की व्यवस्था होगी
  • इसके 270 कमरों में डॉक्टर मरीजों को देख सकेंगे
  • नए ओपीडी ब्लॉक के हर फ्लोर पर करीब 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है

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नए ओपीडी में कैसी होगी व्यवस्था?
इस बारे में एम्स प्रशासन ने बताया कि नए ब्लॉक को दो फेज में तैयार किया गया है। इसका पहला फेज (10 फरवरी, 2020) शुरू हो चुका है। इसमें सामान्य दवाओं, एंडोक्रिनोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स के लिए ओपीडी की शिफ्टिंग की गई है। वहीं, दूसरे फेज में दो लाख से ज्यादा टेस्ट को हेंडल करने की क्षमता वाली एक पूरी तरह से स्वचालित कौर लैब को शुरू किया जाएगा।

प्रशासन के मुताबिक, नए ओपीडी की इमारत में मरीजों को नौ लिफ्टों की सुविधा दी गई है। इनमें से तीन लिफ्ट कर्मचारियों के लिए होंगी, जबकि एक लिफ्ट को उपकरण या सामान को लाने-ले-जाने के लिए रखा गया है। हालांकि अभी प्रबंधन का कुछ काम अभी बाकी है, जिससे दूसरे चरण में पूरा कर लिया जाएगा।

एंडोक्रिनोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स क्या है?
शरीर में हार्मोन से जुड़ी सभी तरह की समस्याएं एंडोक्रिनोलॉजी विभाग में आती हैं। वहीं, हड्डियों और जोड़ों में होने वाली सभी तरह की समस्याओं को ऑर्थोपेडिक्स विभाग में देखा जाता है। इसे नए ओपीडी में पहले चरण के तहत शुरू किया गया है।

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