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ब्रिटिश काल से ही भारत में चाय, लोगों के पसंदीदा पेय पदार्थों में से एक है। चाय त्वरित ऊर्जा और स्फूर्ति भरने वाला पेय है। वैसे तो देश में चाय की पत्तियों से बनने वाली चाय को सबसे ज्यादा प्रयोग में लाया जाता है, लेकिन इसके अलावा भी स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए कई अन्य तरीकों से चाय बनाई और सेवन की जा रही है। ऐसी ही एक कई गुणों से युक्त चाय का रूप है- जैस्मीन टी। जैस्मीन टी को चमेली के फूलों से सुगंधित किया जाता है। चाय का यह रूप आम तौर पर ग्री टी पर आधारित है। हालांकि, कभी-कभी ब्लैक टी और व्हाइट टी में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

ग्रीन टी में जैस्मीन को मिलाकर तैयार किए जाने वाली इस चाय को चीन में काफी पसंद किया जाता है। चूंकि, जैस्मीन टी आमतौर पर ग्रीन टी की पत्तियों के साथ बनाई जाती है, ऐसे में ग्रीन टी की ही तरह इसके कई सारे स्वास्थ्य लाभ होते हैं। जैस्मीन टी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जिससे शरीर को शक्ति मिलने के साथ यह त्वचा कोशिकाओं के लिए भी काफी फायदेमंद है। ऐसे में सुंदर दिखने और जवान बने रहने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए चाय का यह रूप काफी लाभदायक हो सकता है।

इस लेख में हम आपको जैस्मीन टी बनाने के तरीके और उसके स्वास्थ्य लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

  1. जैस्मीन टी पीने के फायदे - Jasmine tea peene ke kya labh hain?
  2. जैस्मीन टी बनाने की विधि - Jasmine tea kaise bnaye?

चीन में सबसे ज्यादा प्रयोग में लाए जाने वाला जैस्मीन टी स्वयं में कई सारे स्वास्थ्य लाभों को समेटे हुए है। ताजगी देने के साथ यह त्वचा को जवान रखने और शरीर को कई सारी बीमारियों से दूर रखने में भी सहायक है।

  1. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है जैस्मीन टी - Antioxidant Guno se bharpoor hai jasmine tea
  2. वजन कम करने में सहायक है जैस्मीन टी - Jasmine tea wajan kam krne me sahayak hai
  3. हृदय के लिए फायदेमंद है जैस्मीन टी - Heart disease me faydemand hai Jasmine tea
  4. अल्जाइमर जैसे रोगों में भी लाभकारी है जैस्मीन टी - Alzheimer disease me bhi laabhkari hai Jasmine tea
  5. जैस्मीन टी का सेवन कर दूर करें टाइप2 मधुमेह का खतरा - Jasmine tea se door krein Type 2 diabetes ka khatra

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है जैस्मीन टी - Antioxidant Guno se bharpoor hai jasmine tea

जैस्मीन टी में पॉलीफेनोल्स यौगिक मौजूद होते हैं, जोकि शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं। त्वचा की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल डैमेज से बचाते हुए यह उन्हें स्वस्थ्य बनाए रखने में मदद करता है। अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि फ्री रेडिकल डैमेज, दिल की बीमारी और कई प्रकार के कैंसरों को जन्म दे सकते हैं।

ग्रीन टी से बनी जैस्मीन टी में कैटेचिन नामक पॉलीफेनोल की मात्रा अधिक होती है। जोकि हृदय के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।

वजन कम करने में सहायक है जैस्मीन टी - Jasmine tea wajan kam krne me sahayak hai

जैस्मीन टी मेटाबॉलिज्म को स्पीडअप करके वजन को कम करने में सहायक है। कई अध्ययनों की समीक्षा से पता चलता है कि ग्रीन टी या ग्रीन जैस्मीन टी मेटाबॉलिज्म को 4-5 फीसद तक बढ़ाकर फैट बर्न की गति भी 10-16 फीसद तक बढ़ा देती है। जैस्मीन टी में मौजूद कैफीन और पॉलीफेनोल ईजीसीजी फैट बर्न करने में सहायक होते हैं। ये दोनों योगिक एक-दूसरे को फैट बर्न करने के लिए प्रेरित करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जैस्मीन टी के दैनिक सेवन से वजन कम होने के लाभ कुछ दिनों में ही दिखाई देने लगते हैं।

हृदय के लिए फायदेमंद है जैस्मीन टी - Heart disease me faydemand hai Jasmine tea

जैस्मीन टी में पॉलीफेनोल की उच्च मात्रा होती है जो हृदय रोग से आपकी रक्षा कर सकती है। एक अध्ययन के अनुसार सप्लीमेंट के साथ ग्रीन टी पॉलीफेनोल्स के सेवन हैम्स्टर्स में प्लाक बनने की गति को 68 फीसद तक कम कर देती है। बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को भी कम करते हुए यह आपको हृदय रोग के जोखिमों से दूर रखने में सहाय​क है।

अल्जाइमर जैसे रोगों में भी लाभकारी है जैस्मीन टी - Alzheimer disease me bhi laabhkari hai Jasmine tea

जैस्मीन टी में पाया जाने वाला शक्तिशाली पॉलीफेनोल्स अल्जाइमर और पार्किंसंस रोगों के जोखिमों को भी कम कर देता है। 5,600 से अधिक लोगों पर किए गए 8 अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से ग्रीन टी यानी जैस्मीन बेस्ड ग्रीन टी का सेवन करते हैं उनमें अन्य दूसरे लोगों की अपेक्षा पार्किंसंस रोग होने का खतरा 15 फीसद कम होता है।

इसी तरह से 52500 से अधिक लोगों पर किए गए 26 से अधिक अध्ययनों के विश्लेषण से पता चला कि जैस्मीन टी जैसे पेय जिसमें ईजीसीजी की उच्च मात्रा होती है, उसके सेवन से अल्जाइमर रोग सहित मस्तिष्क के विकारों का खतरा 35 फीसदी तक कम हो सकता है।

जैस्मीन टी का सेवन कर दूर करें टाइप2 मधुमेह का खतरा - Jasmine tea se door krein Type 2 diabetes ka khatra

टाइप2 मधुमेह रोगियों की संख्या दुनियाभर में 422 मिलियन यानी करीब 42.2 करोड़ से अधिक है। 760,000 से अधिक लोगों पर किए गए 12 अध्ययनों के विश्लेषण में पाया गया कि रोजाना 3 कप (710 मिली) जैस्मीन टी पीने वाले लोगों में टाइप 2 मधुमेह का जोखिम 16 फीसद तक कम पाया गया। जैस्मीन टी का मुख्य यौगिक ईजीसीजी आपके शरीर को अधिक प्रभावी ढंग से इंसुलिन का उपयोग करने और ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद करता है।

ग्रीन टी की तरह ही जैस्मीन टी बनाना काफी आसाना है। बाजार में जैस्मीन ग्रीन टी आसानी से उपलब्ध होती है। जैस्मीन टी बनाने के​ लिए आपको आवश्यकता है।

  • डेढ़ कप पानी
  • जैस्मीन ग्रीन टी या पाउच

बनाने की विधि

  • सबसे पहले पानी को हल्की आंच पर गरम कर लें।
  • उसमें जैस्मीन ग्रीन टी की कुछ पत्तियां डालकर उसे उबालें।
  • यदि आप पाउच का प्रयोग कर रहे हैं तो गरम पानी में एक पाउच डालें।
  • इसे एक से दो मिनट के लिए छोड़ दें, फिर इसका सेवन करें।
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