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इसमें कोई शक नहीं कि दुनिया में अब तक जो भी चीज बनी है उसका फायदा और नुकसान दोनों पहलू होता है। यही वजह है कि अगर किसी चीज का सीमित मात्रा में सेवन किया जाए तो यह फायदेमंद होती है और अगर उसकी अति कर दी जाए तो उससे आपको कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। कुछ ऐसा ही वाइन के साथ भी है। इन दिनों रेड वाइन के सेहत से जुड़े फायदों पर दुनियाभर में काफी चर्चा हो रही है। बहुत से लोगों का मानना है कि थकान भरे दिन के बाद अगर एक गिलास रेड वाइन का सेवन किया जाए तो यह हेल्दी डाइट का हिस्सा हो सकता है, तो वहीं बाकी लोग रेड वाइन को ओवररेटेड यानी वास्तविकता से अधिक महत्व दिया जाने वाला मानते हैं।

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रेड वाइन में महत्वपूर्ण और शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं जो फ्री रैडिकल्स से लड़कर शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं। साथ ही यह ब्लड के प्लेटलेट्स को खून का थक्का जमने से भी रोकते हैं। ऐसे में अधिकतर सूत्रों का यही मानना है कि रेड वाइन पीना सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। रेड वाइन को लेकर अब तक जितने भी अध्ययन हुए हैं उन सभी में यही बात सामने आयी है कि सीमित मात्रा में रेड वाइन का सेवन हृदय रोग सहित कई बीमारियों के खतरे को कम करता है। हालांकि, सीमित मात्रा में सेवन और अत्यधिक सेवन के बीच एक बेहद बारीक रेखा होती है जिसे अक्सर लोग पार कर देते हैं। 

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तो आखिर रेड वाइन क्या है, कैसे बनती है, यह सेहत के लिए किस तरह से फायदेमंद है और बीमारियों से बचाने में किस तरह से मददगार हो सकती है और अगर इसका बहुत अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो यह किस तरह से शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है, इन सभी के बारे में हम आपको इस आर्टिकल में बता रहे हैं।

  1. रेड वाइन क्या है और कैसे बनती है? - How red wine made in hindi?
  2. रेड वाइन सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है? - How is red wine beneficial in hindi?
  3. रेड वाइन पीने के फायदे - Benefits of red wine in hindi
  4. रेड वाइन पीने के नुकसान - Side effects of red wine in hindi
  5. रेड वाइन पीने का तरीका और मात्रा - How to drink red wine in hindi
  6. रेड वाइन पीने के फायदे और नुकसान के डॉक्टर

काले, बैंगनी या गहरे रंग के साबुत अंगूरों को कुचलकर (क्रश करके) और किण्वित कर (फर्मेंट) रेड वाइन को तैयार किया जाता है। हालांकि, किण्वन यानी फर्मेंटेशन की प्रक्रिया के दौरान अंगूर की स्किन को हटाया नहीं जाता क्यों कि अंगूर की स्किन ही वाइन को उसका असली रंग देती है। किण्वन की प्रक्रिया के दौरान उसमें अल्कोहोल, चीनी और खमीर डाला जाता है। वाइन को बनाने की प्रक्रिया के आधार पर इसकी गुणवत्ता, स्वाद, रंग, सुगंध और अल्कोहल की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। 

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रेड वाइन में आमतौर पर अल्कोहल की मात्रा 12 से 15 प्रतिशत के आसपास होती है। रेड वाइन वैसे तो कई प्रकार की होती है लेकिन इसकी सबसे कॉमन वरायटी में शिराज, मर्लो, कैबर्ने सौविन्यॉन, पीनो नोया, जिन्फेन्डेल आदि शामिल हैं।

रेड वाइन में एंटीऑक्सिडेंट्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी और लिपिड-रेग्युलेटिंग इफेक्ट्स पाए जाते हैं जिस कारण यह सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है। अंगूर के छिलके में नैचरल एंटीऑक्सिडेंट होता है जो रेजवेराट्रोल का बेहतरीन सोर्स है। एंटीऑक्सिडेंट्स, शरीर में मौजूद ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है, क्योंकि यही स्ट्रेस कई तरह के कैंसर और हृदय रोग के लिए जिम्मेदार होता है।

इसके अलावा अंगूर की स्किन में पाया जाने वाला रेजवेराट्रॉल, इन्फ्लेमेशन (सूजन और जलन) और ब्लड क्लॉटिंग की समस्या को दूर करने में मदद करता है। साथ ही इसमें फ्लैवनॉयड्स, फ्लोराइड, मैंग्नीज, पोटैशियम, आयरन, विटामिन बी6 और बी12 भी पाया जाता है। 100 मिलिलीटर रेड वाइन में सिर्फ 50 से 80 कैलोरी होती है।

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जब बात अल्कोहल वाले पेय पदार्थ की आती है तो उसमें बाकी पेय की तुलना में रेड वाइन ज्यादा हेल्दी ऑप्शन हो सकता है।

हृदय रोग से बचाती है रेड वाइन - Red Wine Keeps heart healthy in hindi

इतने सालों में रेड वाइन को लेकर कई अध्ययन हुए हैं, जिनमें सीमित मात्रा में रेड वाइन पीना और हृदय की अच्छी सेहत के बीच अहम लिंक पाया गया है। हाल ही में, 2019 की समीक्षा रिपोर्ट में यह बताया गया है कि रेड वाइन पीने से कोरोनरी हृदय रोग का खतरा कम होता है, जो दुनियाभर में बीमारी और मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। स्टडी के ऑथर ने बताया कि हो सकता है कि रेड वाइन में कार्डियोप्रोटेक्टिव यानी हृदय को बीमारी से बचाने वाले असर पाए जाते हों।

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हालांकि, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि इसमें कई और फैक्टर्स भी अहम रोल निभाते हैं। जैसे - सीमित मात्रा में रेड वाइन पीने के साथ ही स्वस्थ और संतुलित आहार का भी सेवन करना और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना। बहुत ज्यादा अल्कोहल का सेवन हृदय को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करती है रेड वाइन - Red Wine Reduces cholesterol in hindi

कम या सीमित मात्रा में रेड वाइन का सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल का ऑक्सीकरण 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है और खून में गुड कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल का लेवल कायम रहता है। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होने से भी हृदय रोग का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसके अलावा एक और स्टडी की मानें तो हफ्ते के 3-4 दिन रोजाना 1 से 3 गिलास रेड वाइन का सेवन करने से मध्य उम्र (मिडिल एज) के पुरुषों में स्ट्रोक होने का खतरा भी काफी कम हो जाता है।

आंत को सेहतमंद बनाती है रेड वाइन - Red Wine Good for gut in Hindi

साल 2018 की एक स्टडी के मुताबिक अंगूर और रेड वाइन में पाया जाने वाला पोलिफेनॉल आंत में मौजूद सूक्ष्मजीवों (गट माइक्रोबायोटा) को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे गट यानी आंत की सेहत बनी रहती है। इसके अलावा 2012 की एक रिसर्च के मुताबिक रेड वाइन में मौजूद कम्पाउंड्स प्रीबायोटिक्स की तरह से काम करते हैं जो हेल्दी गट बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं।

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टाइप 2 डायबिटीज के खतरे से बचाती है रेड वाइन - Red Wine Reduces type 2 diabetes risk in hindi

साल 2015 की एक स्टडी की मानें तों टाइप 2 डायबिटीज के मरीज अगर रात के खाने के साथ एक गिलास रेड वाइन पिएं तो उनमें "कार्डियोमेटाबोलिक का खतरा कम हो जाता है" और यह भी कि रेड वाइन का सीमित मात्रा में सेवन आमतौर पर सुरक्षित होता है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि रेड वाइन में मौजूद अल्कोहल जिसमें एथेनॉल होता है वह ग्लूकोज के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही रेड वाइन का सेवन करना चाहिए।

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ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है रेड वाइन - Red Wine Controls blood pressure in hindi

साल 2006 में वैज्ञानिकों ने यह रिपोर्ट दी थी कि रेड वाइन में मौजूद कम्पाउंड्स प्रोसाइनिडिन्स रक्त धमनियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा साल 2012 की एक स्टडी में यह बात भी सामने आयी थी कि बिना अल्कोहल वाली रेड वाइन भी ब्लड प्रेशर को कम करने और कंट्रोल करने में मदद करती है और यह एक हेल्दी विकल्प हो सकता है।

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कैंसर के खतरे से बचाती है रेड वाइन - Red Wine Reduces cancer risk in hindi

अब तक हो चुके कई अध्ययनों में यह बात सामने आयी है कि सीमित मात्रा में रेड वाइन का सेवन करने से कई तरह के कैंसर जैसे- कोलोन कैंसर, ओवरी कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है। हालांकि, यहां पर मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर आप सीमित मात्रा में रेड वाइन का सेवन करें तो यह कैंसर के खतरे को कम कर सकती है या कैंसर से बचा सकती है। लेकिन बहुत अधिक अल्कोहल का सेवन कई तरह के कैंसर का कारण भी बन सकता है।

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डिमेंशिया और अल्जाइमर से बचाती है रेड वाइन - Red Wine Reduces dementia risk in hindi

2018 की एक रिपोर्ट के मुताबिक अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि रेड वाइन में पाया जाने वाला पॉलिफेनॉल्स और कई दूसरे कम्पाउंड्स न सिर्फ इन्फ्लेमेशन को कम करते हैं बल्कि इसमें न्यूरोप्रोटेक्टिव यानी नसों को सुरक्षित रखने वाला असर भी पाया जाता है। इस कारण रोजाना 1 या 2 गिलास रेड वाइन का सेवन करने वालों में डिमेंशिया और अल्जाइमर रोग का खतरा कम होता है।

रेड वाइन पीने से कम होता है डिप्रेशन का खतरा - Red Wine Keeps away depression in hindi

5 हजार 505 लोगों पर लगातार 7 सालों तक की गई साल 2013 की एक स्टडी के मुताबिक जो लोग हर सप्ताह 2 से 7 गिलास तक रेड वाइन का सेवन करते हैं उनमें डिप्रेशन यानी अवसाद का लेवल कम होता है।

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स्किन के लिए भी फायदेमंद है रेड वाइन - Red Wine Good for skin in hindi

एंटीऑक्सिडेंट्स, फ्लैवनॉयड्स, रेजवेराट्रॉल से भरपूर रेड वाइन त्वचा पर बढ़ती उम्र के निशान को कम करने में मदद करती है और स्किन को लंबे समय तक जवां बनाए रखती है। रेड वाइन का सेवन करने से चेहरे पर दिखने वाली झुर्रियां और बारीक रेखाओं को भी दूर करने में मदद मिलती है। आप चाहें तो रेड वाइन से चेहरे का मसाज भी कर सकते हैं।

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सीमित मात्रा में रेड वाइन पीना जहां सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है वहीं, बहुत अधिक मात्रा में इसका सेवन करना आपकी सेहत पर नकारात्मक असर डालकर आपको बीमार भी बना सकता है। और इसकी वजह ये है कि आखिर रेड वाइन में भी अल्कोहाल ही होता है, भले ही कम मात्रा में होता हो। ऐसे में बहुत अधिक रेड वाइन पीना सेहत के लिए किस तरह से नुकसानदेह हो सकता है, जानें:

अल्कोहल पर निर्भरता - नियमित रूप से अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा मात्रा में अल्कोहल या रेड वाइन का सेवन करे तो इससे उस व्यक्ति की अल्कोहल पर निर्भरता बढ़ जाती है और वह उसका आदी हो जाता है। यानी अल्कोहल की लत

लिवर सिरोसिस का खतरा - अगर रोजाना 2 से 3 गिलास से ज्यादा रेड वाइन का सेवन किया जाए तो इससे लिवर को नुकसान हो सकता है और लिवर संबंधित बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। लिवर की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक लिवर सिरोसिस जानलेवा साबित हो सकती है।

डिप्रेशन का खतरा अधिक - एक तरफ जहां सीमित मात्रा में रेड वाइन का सेवन करने से डिप्रेशन होने का खतरा कम होता है, वहीं अगर बहुत ज्यादा अल्कोहल का सेवन किया जाए तो इस कारण डिप्रेशन होने का खतरा बहुत अधिक भी हो जाता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदेह - गर्भवती महिलाएं या बच्चे को अपना दूध पिलाने वाली महिलाओं को भी रेड वाइन के सेवन से बचना चाहिए। ऐसा करने से गर्भ में पल रहे शिशु को कई तरह की सेहत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, साथ ही शिशु का मानसिक विकास भी प्रभावित हो सकता है।

इसके अलावा बहुत ज्यादा अल्कोहल का सेवन करने वालों को ये बीमारियां भी हो सकती हैं :

अगर आप कोई ऐसी अल्कोहल वाली ड्रिंक का सेवन करना चाहते हैं जो सेहत को ज्यादा नुकसान न पहुंचाए तो आप रेड वाइन के विकल्प को चुन सकते हैं। लेकिन जैसा कि हमने पूरे आर्टिकल में आपको बताया कि रेड वाइन का सीमित मात्रा में सेवन करना बेहद जरूरी है। तो अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये सीमित मात्रा कितनी होती है और कितनी मात्रा को सेफ माना जाता है।

यूरोप और अमेरिका में रेड वाइन की सीमित मात्रा है-

  • 1 गिलास रेड वाइन रोजाना महिलाओं के लिए
  • 1-2 गिलास रेड वाइन रोजाना पुरुषों के लिए

ध्यान रखें कि यह अल्कोहल की कुल मात्रा है। अगर रेड वाइन के साथ ही आप कई और अल्कोहल वाली ड्रिंक्स का भी सेवन कर लें तो निश्चित रूप से इसे बहुत अधिक सेवन की कैटिगरी में रखा जाएगा।

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डिस्क्लेमर : रेड वाइन पीने की यह सीमित मात्रा व्यक्ति के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। अगर कोई व्यक्ति डायबिटीज, हाई बीपी या किसी और बीमारी से पीड़ित है तो उसे डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही रेड वाइन का सेवन करना चाहिए।

Dt. Akanksha Mishra

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पोषणविद्‍
7 वर्षों का अनुभव

Surbhi Singh

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