पेय पदार्थ के फायदे और नुकसान - Beverages Benefits in Hindi


जब हम अपने खाने का मेन्यू देखते हैं या फ्रिज़ खोलते हैं तो हमें कई प्रकार के एल्कोहलिक और ग़ैर-एल्कोहलिक पेय पदार्थ देखने को मिल जाते हैं। इसलिए यह जानना बहुत आवश्यक है कि हमारे दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले पेय पदार्थों का हमारे स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है? और कितना प्रभाव पड़ता है?

मुख्य रूप से पेय पदार्थ पानी का ही रूप हैं, जिसका इस्तेमाल इंसान शरीर में उर्जा का स्तर तथा पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए करता है। सैकड़ो साल पहले पेय पदार्थ दूध और पानी तक ही सीमित थे और फल को निचोड़ कर उसके रस का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन आधुनिक जीवन में शराब, चाय, कॉफी, सोडा, कोको और कई तरह के पेय पदार्थ उपलब्ध हैं, जिससे हम अपनी प्यास और भूख की संतुष्ट कर सकते हैं।

आधुनिक जीवन में पेय पदार्थ बहुत ज़्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं। जिसका प्रभाव सीधे तौर पर हमारे स्वास्थ्य और जीवन शैली पर पड़ता है, इसलिए यह बेहद ज़रूरी है कि हमे इनके फ़ायदे और नुकसान के बारे में पता होना चाहिए। तो आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से

  1. ग़ैर-एल्कोहलिक पेय पदार्थ के फायदे और नुकसान - Non alcoholic beverages benefits and side effects in Hindi
  2. एल्कोहलिक पेय पदार्थ के फायदे और नुकसान - Alcoholic beverages benefits and side effects in Hindi

ग़ैर-एल्कोहलिक पेय पदार्थ के फायदे और नुकसान - Non alcoholic beverages benefits and side effects in Hindi

जूस
जूस हम फल और सब्ज़ी दोनों से प्राप्त कर सकते हैं। संतरे का जूस और चुकंदर का जूस हमारे एकाग्रता के लिए फ़यदेमंद होता है। जूस का हमारे स्वस्थ जीवन में बहुत बड़ा योगदान है। फलों और सब्ज़ियों का जूस हमें ताज़ा तथा सक्रिय रखने के साथ-साथ हमारे शरीर में विटामिन पोषक तत्वों की भी पूर्ती करते हैं। कुछ फलों के जूस तो इतने फ़ायदेमंद होते हैं की मात्र एक कप से आप अपने शरीर में विटामिन और खनिज पदार्थों कि भरपूर मात्रा पा सकते हैं।

औसतन सभी जूस में बहुत अधिक मात्रा में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन डी और साथ ही मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम एवं फास्फोरस भी शामिल होते हैं। बाजार से खरीदे गए फलों के जूस कि तुलना में घर पर बनाए गये फलों के जूस ज़्यादा लाभकारी होते हैं क्योंकि बाज़ार के जूस में अतरिक्त मात्रा में चीनी तथा अन्य नुकसानदाई पदार्थ जैसे की कृत्रिम जायका, परिरक्षक आदि उपस्थित होते हैं। हालांकि अगर हम जूस की जगह फल खाते हैं तो ये हमारे लिए ज्यादा लाभदायक होता है क्योंकि फलों में जो फाइबर होता है, वह जूस में नहीं आता है और हम जानते ही हैं की फाइबर हमारे लिए कितने आवश्यक होते हैं।

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चाय
गर्म पानी में हम कुछ पत्तियों, जड़ी-बूटियों को तथा कुछ अन्य पदार्थों को डाल कर चाय तैयार कर सकते हैं। चाय मुख्य रूप से पानी से बनी होती हैं लेकिन इसमें कई तरह के पोषक तत्व, विटामिन, खनिज पदार्थ तथा एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। चायपत्ती वाली चाय कई प्रकार कि होती हैं जैसे ग्रीन टी, ब्लैक टी, व्हाइट टी आदि। चाय को हम और कई तरीक़े जैसे, दालचीनी, शहद, कैमोमाइल का उपयोग करके बना सकते हैं। सभी प्रकार के चाय में एंटीऑक्सीडेंट और कार्बिनिक यौगिक पाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। चाय हमारे शरीर में कई प्रकार के बिमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करती है जैसे, सूजन को कम करने में, चिंता को कम करने में, तनाव मुक्त रखने में, भरपूर नींद, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत करने में, ताज़गी बनाए रखने में और लंबे समय से ग्रसित बीमारी से भी छुटकारा दिलाने में मदद करती है।

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कॉफी
कॉफी को भी हम चाय की तरह ही तैयार करते हैं। कॉफी बनाने में हम कॉफी के बीज का इस्तेमाल करते हैं। यह एक बेहद सरल पेय पदार्थ है, जो कि दुनिया भर में पाया जाता है। इसका इस्तेमाल उत्तेजक पदार्थ के रूप में किया जाता है। कॉफी मे कैफीन पाया जाता हैं, जो कि हमारे तंत्रिकाओं को उत्तेजित करता है, जिस वजह से अरबो लोग कॉफी का इस्तेमाल दैनिक जीवन में करते हैं। कॉफी में सामान्य मात्रा में विटामिन बी तथा बहुत थोड़ी मात्रा में पोटैशियम और मैंगनीज भी पाए जाते हैं। आप कैफीन के आदी हो सकते हैं, इसलिए इसके सेवन पर नियत्रंण रखें। अधिक मात्रा में कॉफी का सेवन हमारे तंत्रिका तंत्र तथा पेट में दिक्कत पैदा कर सकता है।

कोको
कोको एक बेहद सरल पेय पदार्थ है जो कि गर्म पानी या दूध को उबालकर उसमें कोको पाउडर और पिघली हुई चॉकलेट को मिलाकर बनाया जाता है। कुछ प्रकार के कोको में शुगर मिलाया जाता है उसे मीठा बनाने के लिए। कोको एक मीठे पेय पदार्थ के रूप मे इस्तेमाल होता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नहीं होता है। फिर भी इसके कुछ लाभ हैं जैसे, जिस पौधे से कोको बनता है उसमें एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) और ऑर्गेनिक एसिड पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं जो रक्त प्रवाह को प्रबल बनाते हैं तथा कोलेस्ट्रोल कि मात्रा को कम करने में सहायक होते हैं। साथ ही ये दोनो लंबे समय से ग्रस्त बीमारी व दिमाग को सक्रिय बनाने में भी सहायक होते हैं।

पानी
पानी दुनिया का सबसे बुनियादी पेय पदार्थ है। यह हमारे लिए सबसे आवश्यक भी है। बिना पानी के दुनिया का कोई भी जीव जीवित नहीं रह सकता है। पानी का सेवन हमारे लिए बेहद जरूरी है ताकि हमारा शरीर ठीक तरीके से काम कर सके। हमारे शरीर में 60% भाग पानी का होता है, जो यह बताता है कि जलयोजन हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है। ये हमारे जीवन में स्नेहक (लुब्रिकेंट) की तरह काम करता है। आपके शरीर में पानी कि मात्रा कम है तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए सही संकेत नही है।

एनर्जी ड्रिंक्स
आधुनिक युग के इस भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में एनर्जी ड्रिंक्स का चलन ख़ूब तेज़ी पकड़ रहा है। लेकिन कई अत्याधिक प्रभावकारी पेय पदार्थ हमारे स्वास्थय के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं यदि इनका अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जाए तो। एनर्जी ड्रिंक में एक कप कॉफ़ी के मात्रा के बराबर कैफीन मिलाया जाता है, जिसके कारण हम अपने आप को एनर्जी ड्रिंक के पीने के बाद अधिक समय तक उर्जावान महसूस करते हैं।

लेकिन हमें पता होना चाहिए एनर्जी ड्रिंक्स से मिलने वाली ऊर्जा सिर्फ़ कैफीन से नहीं मिलती है, इनमें काफ़ी मात्रा में चीनी भी मिलाई होती है, जिसकी वजह से भी हमें यह ड्रिंक पीने के बाद ऊर्जा मिलती है। लेकिन जब सुगर कि मात्रा हमारे रक्त में ख़त्म होती है तो उसके बाद तुरंत ऊर्जा में गिरावट आती है और ऐसा भी हो सकता है की हम पहले से भी कम ऊर्जावान महसूस करें।

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दूध
दूध दुनिया में सबसे अधिक प्राकृतिक पेय पदार्थों में से एक है। जानवरों के स्तन ग्रथियों से दूध का उत्पादन होता है जैसे गाय, भैंस, बकरी, भेंड़ और ऊंट आदि। अलग-अलग जानवरों के दूध का सेवन हमारे लिए कई तरह से लाभदायक होते हैं। दूध में उपस्थित खनिज और खास यौगिक हमारे हड्डियों को मज़बूत बनाने में तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते हैं। अलग-अलग जानवरों के दूध में अलग-अलग पोषक तत्व पाए जाते हैं।

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सोडा युक्त पेय
सोडा युक्त पेय को बच्चे तथा बड़े सभी पसंद करते हैं। हालांकि बाज़ार में मिलने वाले सोडा जैसे कोका कोला, रूट बियर, पेप्सी, स्प्राइट, को लेकर अधिकतर माता-पिता अपने बच्चों के लिए सचेत रहते हैं। इन सभी पेय पदार्थों में चीनी कि मात्रा होती है। इसके अलावा इनमें कभी-कभी कैफ़ीन मिलाया जाता है। इसके अलावा सोडा किसी भी तरह से हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नही होता है। सोडा में किसी भी प्रकार के खनिज और विटामिन नही होते हैं, सिर्फ़ चीनी के रूप में कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं।

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एल्कोहलिक पेय पदार्थ के फायदे और नुकसान - Alcoholic beverages benefits and side effects in Hindi

चेतावनी: किसी भी प्रकार के एल्कोहॉलिक पेय पदार्थ का सेवन सेहत को हानि पहुंचा सकता है। इनकी लत पड़ सकती है और यह आपके स्वास्थ्य को गंभीर क्षति पहुंचा सकते हैं।

बियर
ऐसा माना जाता है कि बियर दुनिया का सबसे पुराना पेय पदार्थ है तथा शराब का सबसे पहला रूप है। बियर को चावल, अनाज, मक्का को उबाल कर बनाया जाता है। बियर आज दुनिया में मादक पेय पदार्थों में सबसे अधिक प्रचलित है। कई देशो में काम के बाद थकान मिटाने का सबसे बेहतर तरीका माना जाता है। बियर को स्वस्थ पेय पादर्थ के रूप में नहीं माना जाता है क्योंकि इसमें शराब की मात्रा होती है, जिसका हमारे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही इसमें अत्यधिक मात्रा में कैलोरी पाई जाती है। मुख्य रूप से बियर में कार्बोहाइड्रेट तथा हल्की मात्रा में प्रोटीन और कुछ अन्य खनिज भी होते हैं।

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वाइन
बियर की तरह वाइन भी एक प्राचीन पेय पदार्थ है। अंगूर को उबाल कर वाइन तैयार की जाती है। वाइन मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है - रेड वाइन और व्हाइट वाइन। हर वाइन में अलग-अलग जायका और पोषक तत्व पाए जाते हैं जो की इस बात पर निर्भर होता है कि उसका उत्पादन कहां हुआ है, उसकी जलवायु वातावरण कैसा है और मिट्टी कैसी है। अधिकतर वाइन में टैनिन (Tannins) एंटीऑक्सिडेंट्स (Antioxidants) और फाइटोकेमिकल्स (Phytochemicals) मौजूद होते हैं जो अंगूर के बाहरी हिस्से में पाए जाते हैं। कुछ ऐसे शोध सामने आए हैं कि बहुत कम मात्रा में वाइन पीने से हमें कुछ लंबे समय से ग्रस्त बीमारियों, कैंसर से तथा तनाव आदि से थोड़ी राहत मिलती है लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है और ना ही रोजाना वाइन पीने का कारण क्योंकि इसकी लत पड़ सकती है जो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकाराक हो सकता है।

साइडर
साइडर मादक पेय पदार्थ के रूप में काफ़ी मशहूर है। अनाज और अंगूर को उबाल कर बियर और वाइन बनाई जाती है लेकिन साइडर को उसी विधि से सेब के इस्तेमाल से बनाया जाता है। इसे हार्ड साइडर के नाम से भी जाना जाता है। साइडर हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है क्योकि सेब में खनिज और कुछ मात्रा में विटामिन्स होते हैं। सेब में एंटीऑक्सिडेंटस (Antioxidants) की सघनता अधिक होती है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। याद रहे इसका इस्तेमाल नियंत्रित रूप में होना चाहिए।

शराब (विस्की, ब्रान्ड़ी, रम इत्यादी)
एल्कोहलिक पेय पदार्थ में यह सबसे नशीले पेय पदार्थ हैं। विस्की, ब्रांडी, वोडका, टकीला, रम का 40% से अधिक भाग मादक पेय पदार्थ होता है। डिस्टेलेशन प्रक्रिया (Distillation; एक तरह की शराब बनाने कि प्रक्रिया) जिससे से शराब बनाई जाती है, जिसमें हर प्रकार के विटामिन और अन्य खनिज खत्म हो जाते हैं और इस लिए शराब का कोई भी स्वास्थ्य लाभ नहीं होता है।

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