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Patanjali Pachak Hing Goli

उत्पादक: Patanjali Ayurved Limited

197 लोगों ने इसको हाल ही में खरीदा

Patanjali Pachak Hing Goli

उत्पादक: Patanjali Ayurved Limited

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₹49.5 ₹55.0
10% छूट

लोजेंजिस Pack Size: 100 GM

दवा उपलब्ध नहीं है

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Patanjali Pachak Hing Goli की जानकारी

Patanjali Pachak Hing Goli बिना डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली आयुर्वेदिक दवा है, जो मुख्यतः बदहजमी के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। Patanjali Pachak Hing Goli के मुख्य घटक हैं आंवला, आम, ज़ीरा, काली मिर्च, पिप्पली, अदरक, समुद्री नमक, हींग जिनकी प्रकृति और गुणों के बारे में नीचे बताया गया है। Patanjali Pachak Hing Goli की उचित खुराक मरीज की उम्र, लिंग और उसके स्वास्थ्य संबंधी पिछली समस्याओं पर निर्भर करती है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है।

  1. Patanjali Pachak Hing Goli की सामग्री - Patanjali Pachak Hing Goli Active Ingredients in Hindi
  2. Patanjali Pachak Hing Goli के लाभ - Patanjali Pachak Hing Goli Benefits Hindi
  3. Patanjali Pachak Hing Goli की खुराक - Patanjali Pachak Hing Goli Dosage in Hindi
  4. Patanjali Pachak Hing Goli से सम्बंधित चेतावनी - Patanjali Pachak Hing Goli Related Warnings in Hindi
  5. Patanjali Pachak Hing Goli कैसे खाएं - Patanjali Pachak Hing Goli How to take in Hindi

Patanjali Pachak Hing Goli की सामग्री - Patanjali Pachak Hing Goli Active Ingredients in Hindi

आंवला
  • वो दवा जो पेट और आंत के काम को आसान कर पाचन तंत्र को बेहतर करती है।

आम
  • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।

ज़ीरा
  • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।

काली मिर्च
  • शरीर में मौजूद ऑक्सीजन के मुक्त कणों को निकालने के लिए उपयोग होने वाले पदार्थ।

  • वो दवा जो पेट और आंत के काम को आसान कर पाचन तंत्र को बेहतर करती है।

पिप्पली
  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्री रेडिकल्स के बीच असंतुलन पैदा होना) को कम करने वाली दवाएं।

  • पाचन क्रिया और पेट को आराम देने वाले घटक।

  • ये एजेंट गैस्ट्रिक जूस (जठर रस/पाचन रस) के स्राव को उत्तेजित करते हैं।

अदरक
  • एक दवा या एक एजेंट जो बेहोश किए बिना दर्द को कम करती है।

  • चोट या संक्रमण के कारण होने वाली सूजन को कम करने वाली दवाएं।

  • गैस्‍ट्रिक गतिशीलता को कम कर दस्‍त के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करने वाली दवाएं।

  • ये एजेंट पाचन में सुधार करते हैं और भोजन के अवशोषण में सहायता करते हैं।

  • ये एजेंट प्रतिरक्षा प्रणाली पर प्रभाव डालते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्यों को बदलने में मदद करते हैं।

समुद्री नमक
  • पाचन क्रिया को बेहतर करने वाले तत्‍व।

हींग
  • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।

  • ये दवाएं जठरांत्र से अनावश्यक गैस को हटाने में मदद करती हैं।

  • वे एजेंट्स जो मल त्‍याग की क्रिया को बेहतर करते हैं और मल को मुलायम कर शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं।

Patanjali Pachak Hing Goli के लाभ - Patanjali Pachak Hing Goli Benefits in Hindi

Patanjali Pachak Hing Goli इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -

  1. बदहजमी मुख्य (और पढ़ें - बदहजमी के घरेलू उपाय)

Patanjali Pachak Hing Goli की खुराक - Patanjali Pachak Hing Goli Dosage in Hindi

एक दिन में दो या तीन बार 2-4 गोलियाँ।

दवाई की मात्र देखने के लिए लॉग इन करें

Patanjali Pachak Hing Goli के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स - Patanjali Pachak Hing Goli Side Effects in Hindi

चिकित्सा साहित्य में Patanjali Pachak Hing Goli के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Patanjali Pachak Hing Goli का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।

Patanjali Pachak Hing Goli से सम्बंधित चेतावनी

  • क्या Patanjali Pachak Hing Goli का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? अज्ञात शोध कार्य न हो पाने की वजह से Patanjali Pachak Hing Goli के हानिकारक प्रभावों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हैं।

  • क्या Patanjali Pachak Hing Goli का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? अज्ञात कुछ समय से स्तनपान कराने वाली महिला को Patanjali Pachak Hing Goli से किस तरह के प्रभाव होंगे, इस विषय पर किसी भी विशेषज्ञ का कोई मत नहीं हैं। इसलिए डॉक्टर से परार्मश के बाद ही इसका सेवन करें।

  • Patanjali Pachak Hing Goli का पेट पर क्या असर होता है? सुरक्षित Patanjali Pachak Hing Goli के इस्तेमाल से पेट को किसी तरह का नुकसान नहीं होता।

  • क्या Patanjali Pachak Hing Goli का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है? सुरक्षित बच्चों के लिए Patanjali Pachak Hing Goli लेना सुरक्षित माना जा सकता है।

  • क्या Patanjali Pachak Hing Goli का उपयोग शराब का सेवन करने वालों के लिए सही है अज्ञात Patanjali Pachak Hing Goli का शरीर पर क्या असर होता है इस बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है। इस पर कोई रिसर्च नहीं हो पाई है।

  • क्या Patanjali Pachak Hing Goli शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है? नहीं आप वाहन चला सकते हैं या कोई भारी मशीन से जुड़ा काम कर सकते हैं। क्योंकि Patanjali Pachak Hing Goli लेने के बाद क्योंकि आपको नींद नहीं आएगी।

  • क्या Patanjali Pachak Hing Goli का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है? नहीं नहीं, Patanjali Pachak Hing Goli लेने से कोई लत नहीं पड़ती। फिर भी, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह पर ही Patanjali Pachak Hing Goli का इस्तेमाल करें।

Patanjali Pachak Hing Goli कैसे खाएं - Patanjali Pachak Hing Goli How to take in Hindi

आप Patanjali Pachak Hing Goli को निम्नलिखित के साथ ले सकते है:

  • क्या Patanjali Pachak Hing Goli को गुनगुना पानी के साथ ले सकते है?गुनगुने पानी के साथ Patanjali Pachak Hing Goli लेने से कोई नुकसान नहीं है।

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Patanjali Pachak Hing Goli का पैक साइज, कीमत - Patanjali Pachak Hing Goli Price and Pack Size in Hindi

Patanjali Pachak Hing Goli

दवा उपलब्ध नहीं है

References

  1. Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 5-8
  2. Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 142-143
  3. Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 3. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2001: Page No - 115 - 117
  4. Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 4. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2004: Page No - 105 - 106
  5. Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No - 138 -139
  6. Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 7. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2008: Page No 29-30
  7. Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 64-66
  8. C.K. Kokate ,A.P. Purohit, S.B. Gokhale. [link]. Forty Seventh Edition. Pune, India: Nirali Prakashan; 2012: Page No 1.116-1.117