Sadhana Fal ghrita

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  • उत्पादक: Sadhana Ayurvedics
  • रखने का तरीका: सामान्य तापमान में रखें
  • विक्रेता: SADHANA AYURVEDICS PVT LTD
    • मूल का देश: India

    Sadhana Fal ghrita की जानकारी

    Sadhana Fal ghrita बिना डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली आयुर्वेदिक दवा है, जो मुख्यतः कमजोर पाचन शक्ति, कमजोर इम्यूनिटी, थकान, पोषण की कमी के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। Sadhana Fal ghrita के मुख्य घटक हैं आंवला, हल्दी, हरीतकी (हरड़), जायफल, नगरामुस्ताका, मुलेठी, कुटकी जिनकी प्रकृति और गुणों के बारे में नीचे बताया गया है। Sadhana Fal ghrita की उचित खुराक मरीज की उम्र, लिंग और उसके स्वास्थ्य संबंधी पिछली समस्याओं पर निर्भर करती है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है।

    Sadhana Fal ghrita की सामग्री - Sadhana Fal ghrita Active Ingredients in Hindi

    आंवला
    • पौधे पर आधारित घटक जो कि विषाक्त नहीं होते हैं और शरीर के कार्य में मदद करते हैं
    • ये दवाएं रोगी की जागृत अवस्था को प्रभावित किए बिना दर्द को कम कर सकती हैं।
    • खून में ग्लूकोज़ के स्तर को कम करने वाली दवाएं जो डायबिटीज के इलाज में भी उपयोग होती हैं।
    • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।
    • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।
    • ऐसा पदार्थ जो पाचन तंत्र को उत्तेजित करता है और भूख बढ़ाने में फायदेमंद होता है।
    • दिल की मांसपेशियों को मजबूत व कार्यों में सुधार करने वाली दवाएं।
    • वो दवा जो पेट और आंत के काम को आसान कर पाचन तंत्र को बेहतर करती है।
    • पदार्थ या दवा जो लिवर के सामान्य कार्य की रक्षा करने में फायदेमंद है।
    • वो दवा जो प्रतिरक्षा प्रणाली पर कार्य कर इम्यून को बेहतर करती है।
    • ये दवाएं मल त्याग करने की प्रक्रिया में सुधार करती हैं और कब्ज से राहत प्रदान करने में उपयोगी हैं।
    • ये एजेंट गैस्ट्रिक जूस (जठर रस/पाचन रस) के स्राव को उत्तेजित करते हैं।
    • वे दवा या तत्व जो रक्त में लिपिड की मात्रा को कम करता है जिससे कोलेस्ट्रोल स्तर को कम करने और हृदय रोगों को रोकने में मदद मिलती है।
    • संपूर्ण शरीर की गतिविधि में सुधार लाने वाले मिनरल से समृद्ध तत्व।
    • शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करने वाले विटामिन से समृद्ध सप्लीमेंट्स।
    • त्वचा की फाइन लाइंस को कम करने वाले तत्व।
    • त्वचा को फिर से नमी युक्त बनाने वाले और पीएच स्तर को संतुलित करने वाले एजेंट्स।
    • स्कैल्प को पोषित करने वाले और बालों के झड़ने की प्रक्रिया को पलटने वाले तत्व।
    • बालों को पुनर्जीवित कर उन्हें मुलायम, रेशमी व चमकदार बनाने वाले एजेंट्स।
    • ऐसे तत्व, जो स्कैल्प को पोषण प्रदान करते हैं और साथ ही डैंड्रफ, खुजली व बालों से जुड़ी अन्य समस्याओं से बचाते हैं।
    हल्दी
    • चोट या संक्रमण के कारण होने वाली सूजन को कम करने वाली दवाएं।
    • गठिया के लक्षणों को ठीक करने वाली दवाएं।
    • शरीर में मौजूद ऑक्सीजन के मुक्त कणों को निकालने के लिए उपयोग होने वाले पदार्थ।
    • वो एजेंट जो हृदय से रक्तवाहिकाओं में रक्त प्रवाह को बेहतर करता है।
    • वे दवाएं जो लिवर को संक्रमण से बचाने और उसे बेहतर तरीके से कार्य करने में मदद करती हैं।
    • प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक करने वाले पदार्थ।
    • बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने या खत्म करने वाले पदार्थ।
    • वो दवा या एजेंट जो सूक्ष्म जीवों को नष्ट और उन्हें बढ़ने से रोकता है।
    • शरीर में फैट का स्तर कम करने वाली दवाएं, जिनका प्रयोग हाई कोलेस्ट्रॉल के लिए भी किया जाता है।
    • एलर्जी होने पर हिस्टामाइन (प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा बनाया जाने वाला तत्त्व जो शरीर की रक्षा करता है) के स्त्राव को रोकने वाली दवाएं।
    • एलर्जी के लक्षणों से राहत दिलाने के लिए उपयोगी तत्व।
    • त्वचा को रूखेपन से बचाने और उसे नरम व मुलायम बनाने वाले एजेंट्स।
    हरीतकी (हरड़)
    • एजेंट या तत्‍व जो सूजन को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
    • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।
    • ये दवाएं जठरांत्र में अल्सर को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जाती हैं।
    • ये दवाएं वायरल इन्फेक्शन के मामले में लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जाती हैं।
    • वो दवा जो पेट और आंत के काम को आसान कर पाचन तंत्र को बेहतर करती है।
    • प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक करने वाले पदार्थ।
    • वे एजेंट्स जो मल त्‍याग की क्रिया को बेहतर करते हैं और मल को मुलायम कर शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं।
    • वे दवाएं या एजेंट जो उत्तेजित नसों को शांत कर तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करती है।
    • बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने या खत्म करने वाले पदार्थ।
    जायफल
    • सूजन को कम करने वाली दवाएं।
    • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।
    • ऐसा पदार्थ जो पेट और आंतों से अतिरिक्त गैस को खत्म करता है।
    • ये दवाएं लिवर के कार्य में सुधार करते हैं और इसे संक्रमण से बचाते हैं।
    • शुक्राणु का उत्पादन बढ़ाने वाले एजेंट।
    • फंगल को नष्ट करने या उसके विकास को रोकने वाली दवा।
    • बैक्‍टीरिया को बढ़ने से रोकने वाली दवाएं।
    नगरामुस्ताका
    • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।
    • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्री रेडिकल्स के बीच असंतुलन पैदा होना) को कम करने वाली दवाएं।
    • मूत्र के रूप में शरीर से ज्यादा पानी बाहर निकालने के लिए उपयोगी दवाएं।
    • वे दवाएं जो लिवर को संक्रमण से बचाने और उसे बेहतर तरीके से कार्य करने में मदद करती हैं।
    • बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने और उन्हें मारने वाली दवाएं।
    मुलेठी
    • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।
    • ये एजेंट मुक्त कणों को साफ करके ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करते हैं।
    • मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन को रोकने वाली दवाएं।
    • वो दवाएं जो वायरल संक्रमण के उपचार के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
    • पाचन क्रिया को बेहतर करने वाले तत्‍व।
    • लीवर के कार्यों और उसे खराब होने से रोकने वाले एजेंट।
    • वो दवा जो प्रतिरक्षा प्रणाली पर कार्य कर इम्यून को बेहतर करती है।
    • बैक्‍टीरिया को बढ़ने से रोकने वाली दवाएं।
    • सूक्ष्म जीवों को खत्म करने और उन्हें बढ़ने से रोकने वाले तत्व।
    • वे दवा या तत्व जो रक्त में लिपिड की मात्रा को कम करता है जिससे कोलेस्ट्रोल स्तर को कम करने और हृदय रोगों को रोकने में मदद मिलती है।
    कुटकी
    • दवाएं जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करके डायबिटीज का इलाज करती हैं।
    • वे दवाएं या एजेंट जो जी मिचलाने और उल्टी को रोकने में उपयोगी हैं।
    • पाचन क्रिया को बेहतर करने वाले तत्‍व।
    • बुखार के इलाज में मदद करने वाली दवाएं।
    • वे दवाएं जो लिवर को संक्रमण से बचाने और उसे बेहतर तरीके से कार्य करने में मदद करती हैं।
    • ये दवाएं मल त्याग करने की प्रक्रिया में सुधार करती हैं और कब्ज से राहत प्रदान करने में उपयोगी हैं।
    • वो दवा जो खून बनाने के लिए उत्तेजित करती है और इसका उपयोग एनीमिया के उपचार में किया जाता है।
    • वे एजेंट्स जो सूक्ष्‍म जीवों को नष्‍ट या उनके कार्य को रोक कर माइक्रोबियल रेप्लिका (सूक्ष्‍म जीवों की प्रतिकृति) और इसको बढ़ने से बचाते हैं।

    Sadhana Fal ghrita के लाभ - Sadhana Fal ghrita Benefits in Hindi

    Sadhana Fal ghrita इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -


    Sadhana Fal ghrita की खुराक - Sadhana Fal ghrita Dosage in Hindi

    यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Sadhana Fal ghrita की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Sadhana Fal ghrita की खुराक अलग हो सकती है।

    आयु वर्ग खुराक
    व्यस्क(महिला)
    • मात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
    • खाने के बाद या पहले: खाने के बाद
    • अधिकतम मात्रा: 2 Tablespoon
    • लेने का तरीका: दूध
    • दवा का प्रकार: घृत
    • दवा लेने का माध्यम: मुँह
    • आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में दो बार

    Sadhana Fal ghrita के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स - Sadhana Fal ghrita Side Effects in Hindi

    चिकित्सा साहित्य में Sadhana Fal ghrita के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Sadhana Fal ghrita का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।


    Sadhana Fal ghrita से सम्बंधित चेतावनी - Sadhana Fal ghrita Related Warnings in Hindi

    • क्या Sadhana Fal ghrita का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?


      प्रेग्नेंट महिला पर Sadhana Fal ghrita के अच्छे या बुरे प्रभाव के बारे में चिकित्सा जगत में कोई रिसर्च न हो पाने के चलते पूरी जानकारी मौजूद नहीं हैं। इसको जब भी लें डॉक्टर से पूछने के बाद ही लें।

      अज्ञात
    • क्या Sadhana Fal ghrita का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?


      Sadhana Fal ghrita का स्तनपान कराने वाली औरतों के शरीर पर किस तरह का प्रभाव होगा रिसर्च न हो पाने की वजह से कुछ कहा नहीं जा सकता है। इसलिए दवा लेने से पूर्व डॉक्टर से मिलें।

      अज्ञात
    • Sadhana Fal ghrita का पेट पर क्या असर होता है?


      बिना किसी डर के आप Sadhana Fal ghrita ले सकते हैं। यह पेट के लिए सुरक्षित है।

      सुरक्षित
    • क्या Sadhana Fal ghrita का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?


      इस विषय में वैज्ञानिक शोध मौजूद न होने की वजह से Sadhana Fal ghrita का बच्चों पर क्या दुष्प्रभाव होता है, इसकी जानकारी नहीं है।

      अज्ञात
    • क्या Sadhana Fal ghrita का उपयोग शराब का सेवन करने वालों के लिए सही है


      इसके बारे में फिलहाल कोई शोध कार्य नहीं किया गया है। सही जानकारी मौजूद न होने की वजह से Sadhana Fal ghrita का क्या असर होगा इस विषय पर अनुमान लगा पाना मुश्किल होगा।

      अज्ञात
    • क्या Sadhana Fal ghrita शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है?


      Sadhana Fal ghrita के सेवन के बाद चक्कर आना या झपकी आना जैसी दिक्कतें नहीं होती हैं। इसलिए आप वाहन चला सकते हैं या मशीनरी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

      नहीं
    • क्या Sadhana Fal ghrita का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है?


      नहीं, Sadhana Fal ghrita लेने से कोई लत नहीं पड़ती। फिर भी, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह पर ही Sadhana Fal ghrita का इस्तेमाल करें।

      नहीं

    Sadhana Fal ghrita से जुड़े सुझाव।


    इस जानकारी के लेखक है -

    Dr. Braj Bhushan Ojha

    BAMS, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डर्माटोलॉजी, मनोचिकित्सा, आयुर्वेद, सेक्सोलोजी, मधुमेह चिकित्सक
    10 वर्षों का अनुभव


    संदर्भ

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 5-8

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 60-61

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 62-63

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 69-70

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No - 168 - 169


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