myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

कुटकी एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जो कि मुख्य रूप से बार बार होने वाले बुखार, त्वचा विकार और मधुमेह के इलाज में उपयोग होती है। यह हिमालय में 3000-5000 मीटर की ऊँचाई में पाई जाती है। यह आकार में छोटी होती है। इस के फूल ज्यादातर सफेद या नीले रंग में होते हैं। इस जड़ी बूटी की पत्तियां 5 से 15 सेंटीमीटर लंबी होती है। इस जड़ी बूटी की जड़ 15 से 25 सेंटीमीटर लंबी होती है। इस जड़ी बूटी के फल लगभग 1.3 सेंटीमीटर लंबे होते हैं। कुटकी स्वाद में कड़वी होती है। यह कफ और पित्त को संतुलित करती है।

 

  1. कुटकी के फायदे - Kutki ke Fayde in Hindi
  2. कुटकी के नुकसान - Kutki ke Nuksan in Hindi
  1. कुटकी के फायदे हैं लिवर के लिए उपयोगी - Kutki for Liver in Hindi
  2. कुटकी के लाभ करें पीलिया का इलाज - Kutki for Jaundice in Hindi
  3. कुटकी के गुण हैं कब्ज में सहायक - Kutki ke Fayde for Constipation in Hindi
  4. कुटकी का उपयोग है जलोदर में लाभकारी - Picrorhiza Kurroa Benefits for Ascites in Hindi
  5. कुटकी का लाभ उठाए बुखार के लिए - Kutki Capsules for Fever in Hindi
  6. कुटकी और चिरायता एक्जिमा के लिए - Kutki and Chirata for Eczema in Hindi
  7. कुटकी का प्रयोग करे सफेद दागो को ठीक - Picrorhiza Kurroa for Vitiligo in Hindi
  8. कुटकी चूर्ण है गठिया में सहायक - Kutki Powder for Arthritis in Hindi
  9. कुटकी जड़ी बूटी दिलाए रक्त विकार से मुक्ति - Kutki Herb Uses For Bleeding Disorder in Hindi
  10. कुटकी का सेवन है हिचकी और उल्टी का इलाज- - Kutki Root Powder for Vomiting And Hiccups in Hindi
  11. कुटकी के औषधीय गुण करें मधुमेह में मदद - Kutki Herb for Diabetes in Hindi
  12. कुटकी पाउडर है वजन कम करने में उपयोगी - Kutki for Weight Loss in Hindi
  13. कुटकी के अन्य फायदे - Other Benefits of Kutki in Hindi

कुटकी के फायदे हैं लिवर के लिए उपयोगी - Kutki for Liver in Hindi

यह जड़ीबूटी लिवर सिरोसिस से राहत के लिए उपयोगी होती है। इसकी रूट के पाउडर को लिवर सिरोसिस के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। 1 चम्मच कुटकी को शहद के साथ मिलाकर दिन में 3 बार इस्तेमाल करना चाहिए।

(और पढ़े – मूली है लिवर के लिए उपयोगी)

कुटकी के लाभ करें पीलिया का इलाज - Kutki for Jaundice in Hindi

कुटकी सभी आयुर्वेदिक दवाओं में उपयोग की जाने वाली प्रमुख और आवश्यक घटक है जो पीलिया के इलाज के लिए भी उपयोग की जाती है। आमतौर पर, कुटकी के एक या दो चम्मच पाउडर को पानी के साथ पीलिया के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। साथ ही धनिया पाउडर और गुड़ को मिक्स करके लड्डू बनाएँ और दिन में 2 बार खाएं। इससे पीलिया 3-4 दिनों में ही ठीक हो जाता है।

कुटकी के गुण हैं कब्ज में सहायक - Kutki ke Fayde for Constipation in Hindi

यह कब्ज की समस्या का इलाज करने में भी बहुत सहायक है। कब्ज के लिए यह शहद के साथ मिलाकर दिन में लगभग 6 बार ली जाती है। इसके अलावा यह अपच के इलाज के लिए कुटकी बहुत मददगार होती है। यह गैस्ट्रिक रस का स्राव बढ़ाती है। यह भूख में सुधार करती है। यह पेट को मजबूत करके अपच के विभिन्न कार्यों को बढ़ावा देने में मदद करती है। 

और पढ़ें - अपच का घरेलू इलाज)

कुटकी का उपयोग है जलोदर में लाभकारी - Picrorhiza Kurroa Benefits for Ascites in Hindi

जलोदर या पेट में पानी भरने के इलाज के लिए इसका उपयोग किया जाता है। 50 ग्राम कुटकी को 200 मिलीलीटर पानी में उबाल लें और सुबह-शाम इसका सेवन करें।

कुटकी का लाभ उठाए बुखार के लिए - Kutki Capsules for Fever in Hindi

पित्त कफ असंतुलन की वजह से बुखार में भारीपन, आंतरिक जलन, सिरदर्द आदि महसूस होता है। कुटकी में जीवाणुरोधी और एंटीवायरल गुण होते हैं, जिसके कारण इसे बहुत अधिक प्रयोजनों के लिए उपयोग किया जाता है। (और पढ़ें – बुखार का घरेलू इलाज)

1 ग्राम कुटकी पाउडर और 3 ग्राम चीनी को मिक्स कर लें। भोजन करने से 10 मिनट पहले इस मिश्रण को दिन में 1 या 2 बार लें। इसके अलावा आप कुटकी कैप्सूल भी उपयोग कर सकते हैं। प्रत्येक दिन एक शुगर कैंडी के साथ एक कैप्सूल ले सकते हैं।

यदि आप कुटकी कैप्सूल का उपयोग कर रहे हैं तो इन्हे 1 वर्ष तक रखा जा सकता है, लेकिन अगर यह पाउडर के रूप में है तो इसे केवल 3 से 5 महीनों के लिए स्टोर किया जा सकता है। इसके अलावा 3 से 4 ग्राम कुटकी पाउडर को सुबह-शाम शहद के साथ खाने से पुराना बुखार, सर्दियों में होने वाला बुखार और कब्ज के साथ होने वाले बुखार ठीक हो जाते हैं। 

(और पढ़े - बुखार में क्या खाना चाहिए)

कुटकी और चिरायता एक्जिमा के लिए - Kutki and Chirata for Eczema in Hindi

एक्जिमा को साफ करने के लिए कुटकी और चिरायता को हल्का गर्म करें। इससे एक्जिमा के रोग ठीक हो जाते हैं। रात में 5-5 ग्राम कुटकी और चिरायता को किसी कांच के बर्तन में रखें और उसमें 100 मिलीलीटर पानी डालें और सुबह उठने पर उस पानी को छानकर पी जाएं इससे एक्जिमा ठीक और खून साफ हो जाता है। 1 से 3 ग्राम कुटकी जड़ पाउडर को पानी के साथ दिन में 2 बार लेने से त्वचा के सभी रोग दूर हो जाते हैं। इसके अलावा छालरोग में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

कुटकी का प्रयोग करे सफेद दागो को ठीक - Picrorhiza Kurroa for Vitiligo in Hindi

कुटकी, मंजिष्ठा, त्रिफला, बच, दारू हल्दी, नीम की छाल और गिलोय को बराबर मात्रा में लेकर काढ़ा बना लें और 40 दिनों तक इसका सेवन करें। इससे सफेद दाग ठीक हो जाते हैं।

कुटकी चूर्ण है गठिया में सहायक - Kutki Powder for Arthritis in Hindi

गठिया के रोग में कुटकी बहुत ही अधिक लाभकारी होती है। कुटकी के साथ 480 से 960 मिलीग्राम शहद सुबह-शाम लेने से गठिया रोग ठीक हो जाता है। इससे रोगी का बुखार भी खत्म हो जाता है।

कुटकी जड़ी बूटी दिलाए रक्त विकार से मुक्ति - Kutki Herb Uses For Bleeding Disorder in Hindi

मुलैठी के साथ इसका प्रयोग करने से यह एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लॉमरेटरी गुण देती है जिससे रक्त विकार, बुखार और हृदय रोग से मुक्ति मिलती है। 10 ग्राम मुलैठी पाउडर और 10 ग्राम कुटकी पाउडर को मिक्स करें। अब इस मिश्रण को 500 मिलीग्राम या 1 ग्राम गुनगुने पानी के साथ मिलाकर दिन में एक या दो बार लें। इसके अलावा 500 मिलीग्राम से 1 ग्राम कुटकी पाउडर को शहद के साथ सुबह-शाम खाने से हृदय की दुर्बलता दूर हो जाती है।

(और पढ़े - अडुळसा काढा है ब्लीडिंग में उपयोगी)

कुटकी का सेवन है हिचकी और उल्टी का इलाज- - Kutki Root Powder for Vomiting And Hiccups in Hindi

अनुसंधान के अनुसार यह जड़ी बूटी सभी लिवर संबंधी समस्याओं के लिए बहुत उपयोगी है। इसलिए यह पीलिया के कारण हिचकी और उल्टी का इलाज करने में सहायक होती है।

एक चम्मच शहद में 1 ग्राम कुटकी को मिलाएं। और दिन में 2 बार इसका सेवन करें।

नोट: गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर से परामर्श करने के बाद ही इसका सेवन करें।  

(और पढ़ें - प्रेगनेंट करने का तरीका)

कुटकी के औषधीय गुण करें मधुमेह में मदद - Kutki Herb for Diabetes in Hindi

इसके मुख्य गुणधर्म पाचन स्राव को उत्तेजित करते हैं जो बदले में अग्नाशयी इंसुलिन स्राव को उत्तेजित करते हैं। यह ग्लाइकोजन के रूप में रक्त शर्करा के संचय में लीवर की सहायता करती है, जो मधुमेह प्रबंधन में आवश्यक है।

कुटकी पाउडर है वजन कम करने में उपयोगी - Kutki for Weight Loss in Hindi

कुटकी का उपयोग किसी भी वजन कम करने के कार्यक्रम के लिए एक मुख्य हर्बल घटक के रूप में उपयोग किया जा सकता है क्योंकि यह कड़वा एजेंट पाचन अग्नि, स्वस्थ उन्मूलन और चयापचय को बढ़ावा देने के लिए बहुत ही अच्छा है। कुटकी, चित्रक और त्रिकटु के पाउडर को समान मात्रा में मिलाएं। मिक्स करने के बाद इस मिश्रण को लगभग आधा चम्मच गर्म पानी के साथ लें। आपको इस मिश्रण को एक बार अपने मुँह में घुमा कर फिर निगलना चाहिए। यदि आप अधिक वजन वाले हैं तो दिन में एक बार और अगर अधिक मोटापे से ग्रस्त हैं तो दिन में दो बार इसका सेवन करें। 

(और पढ़े - वजन कम करने के लिए अगर भूखे रहेंगे तो देखिए क्या होगा)

कुटकी के अन्य फायदे - Other Benefits of Kutki in Hindi

कुटकी और काले जीरे को पीसकर कान के अंदर की गांठों पर गर्म करके लगाने से कान का दर्द ठीक हो जाता है। इसके अलावा दैनिक रूप से कुटकी के काढ़े से 2-3 बार कान धोने से कान का दर्द दूर हो जाता है।

कुटकी, अतीस, हल्दी, पाढ़ल, नागरमोथा तथा जौ का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से मुंह के सभी रोग ठीक हो जाते हैं।

कुटकी को पीसकर गर्म लेप बनाकर घाव पर लगाने से आराम मिलता है। घाव को कुटकी के काढ़े से धोने से भी लाभ होता है। इससे घाव धोने पर घाव का दर्द दूर हो जाता है।

कुटकी वायरल हेपेटाइटिस के इलाज के लिए बहुत मददगार होती है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ा देती है।

10 ग्राम कुटकी पाउडर को 240 मिलग्राम शहद में मिलाकर सुबह-शाम बच्चे को सेवन कराने से बच्चों के रोग ठीक हो जाते हैं। कुटकी को पानी में पीसकर बच्चों के शरीर पर लेप लगाने से बच्चों का बुखार समाप्त हो जाता है। इसके अलावा कुटकी पाउडर में मिश्री और शहद मिलाकर चटाने से भी बच्चों का बुखार समाप्त होता है।

गर्भावस्था के दौरान इसके उपयोग को लेकर पूर्ण जानकारी नहीं है तो आपको इसे गर्भावस्था के दौरान लेने से बचना चाहिए।

यह जड़ीबूटी प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय बनाती है इसलिए यदि आपको मल्टीपल स्केलेरोसिस या ल्यूपस जैसी समस्याएं हैं तो इसका इस्तेमाल करने से बचने का प्रयास करें।

कुटकी आपके रक्त में शर्करा के स्तर को कम करती है इसलिए यदि आप मधुमेह के रोगी हैं, तो इसे लेने के दौरान शर्करा के स्तर में परिवर्तन की जांच करें और यदि आप देख रहे हैं कि यह आपके स्तर को कम कर रही है तो इससे बचने का प्रयास करें।

यदि आप कोई सर्जिकल ऑपरेशन कराने जा रहे हैं, तो शल्यक्रिया के पूरा होने के दो सप्ताह के बाद ही इसका सेवन करें।

अगर कुटकी को उचित देखभाल के साथ नहीं लिया जाता है तो यह उल्टी, मतली और चकत्ते का कारण बन सकती है।

यह दस्त को बिगाड़ सकती है।

इसका उपयोग बच्चों में बहुत कम खुराक में किया जा सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Kerala Ayurveda Madhusnuhithikthakam KwathMadhusnuhithikthakam Kwath198.0
Kerala Ayurveda Mahathikthakam Kashayam TabletMahathikthakam Kashayam Tab135.0
Kerala Ayurveda Patolakatukurohinyadi KwathKerala Ayurveda Patolakatukurohinyadi Kwath180.0
Kerala Ayurveda Patolamooladi KwathPatolamooladi Kwath130.5
Kairali Shaddharana ChoornamShaddharana Choornam88.2
Charak Urtiplex CapsulesCharak Urtiplex Capsule142.5
Vyas Shvitrina TabletVyas Shvitrina Tablet207.0
Aimil Purodil TabletAimil Purodil Tablet147.25
Aimil Amroid OintmentAimil Amroid Fast Relief94.05
Aimil Amroid TabletAmroid Tablets162.0
Aimil Muscalt Forte TabletAimil Muscalt Forte Tablet128.25
Baidyanath Sutikabharan RasBaidyanath Sutika bharan Ras Tablet315.9
Baidyanath Mahasudarshan Ghan BatiBaidyanath Mahasudarshan Churna150.1
Baidyanath Mahasudarshan ChurnaBaidyanath Mahasudarshana Churna175.75
Baidyanath Amoebica TabletBaidyanath Amoebica Tablet359.1
Baidyanath Arogyavardhini VatiBaidyanath Arogyawardhni Bati129.6
Baidyanath Haridra Khand (Br)Baidyanath Haridra Khand (Br)81.0
Baidyanath Madhumehari GranulesBaidyanath Madhumehari Granules261.0
Baidyanath Mahayograj GugguluBaidyanath Mahayograj Guggulu207.1
Baidyanath Raktashodhak BatiBaidyanath Raktashodhak Bati166.25
Baidyanath Punarnavadi MandoorBaidyanath Punarnavadi Mandoor93.1
Baidyanath Phalkalyan GhritaBaidyanath Phalkalyan Ghrita207.0
Zandu Lalima SyrupZandu Lalima95.0
Zandu Livotrit SyrupZandu Livotrit Syrup58.5
Charak Livomyn Tablet Charak Livomyn Tablet94.5
Sri Sri Tattva Deva Vati TabletSri Sri Tattva Deva Vati135.0
Sri Sri Tattva Liv ON TabletSri Sri Tattva Liv On Tablet108.0
Zandu Livotrit Forte TabletZandu Livotrit Forte112.5
Patanjali Peedantak VatiPatanjali Peedantak Vati40.5
Kudos Vanistone TabletKudos Vanistone Tablets216.0
Divya Liv D 38 SyrupDivya Liv D 38 Syrup67.5
Divya Madhunashini VatiDivya Madhunashini189.0
Divya Mahamanjisthadi Kwath (Pravahi)Divya Mahamanjishthadi Kwath (Pravahi)67.5
Divya Mahasudarshan VatiDivya Maha Sudarshan Vati72.0
Divya Jwarnashak VatiDivya Jwarnashak Vati40.5
Divya Liv D 38 TabletDivya Liv D 38 Tablet63.0
Divya Madhu Kalp VatiDivya Madhu Kalp Vati54.0
Patanjali Divya Arogyavardhini VatiDivya Arogyavardhini Vati80.1
Baidyanath Amritarishta syrupBaidyanath Amritarishta syrup128.25
Baidyanath Chandrakala RasBaidyanath Chandrakala Ras Tablet108.0
Baidyanath LiverexBaidyanath Liverex Syrup118.75
Baidyanath LodhrasavaBaidyanath Lodhrasava160.55
Baidyanath Septric TabletBaidyanath Septric Tablet237.6
Cypon H PlusCypon H Plus Syrup84.5
Divya KayakalpPatanjali Divya Kayakalp Vati Extra Power72.0
Zandu Sudarshan TabletZandu Sudarshan Tablet79.2
Kairali yograj gulguluKairali Yograj Gulgulu Tablet270.0
Zandu Arogyavardhani GutikaZandu Arogyavardhani Gutika Tablet45.0
Zandu Sudarshan GhanvatiZandu Sudarshan Ghan Vati104.5
Zandu Maha Sudarshan Churna Zandu Maha Sudarshan Churna151.2
Zandu Snez CureZandu Snez-Cure 2700.0
Dabur Maha Yograj Guggulu Dabur Maha Yograj Guggulu163.8
Dabur Arogyavardhini GutikaDabur Arogyavardhini Gutika66.6
Kapiva Liv Shield CapsuleKapiva Liv Shield Capsule108.0
Kapiva Dia Free Capsule Kapiva Dia Free Capsule252.0
Patanjali Divya Kayakalp VatiPatanjali Divya Kayakalp Vati72.0
Patanjali Divya Kayakalp TailaPatanjali Divya Kayakalp Taila63.0
Jiva Kutki CapsuleJiva Kutki 270.0
Patanjali Divya Vrikkdoshhar VatiPatanjali Divya Vrikkdoshhar Vati54.0
Patanjali Divya Jwar Nashak KwathPatanjali Divya Jwar Nashak Kwath40.5
Patanjali Divya Kayakalp KwathPatanjali Divya Kayakalp Kwath36.0
Patanjali Divya Vrikkdoshhar KwathPatanjali Divya Vrikkdoshhar Kwath36.0
Patanjali Divya Madhukalp VatiPatanjali Divya Madhukalp Vati54.0
Patanjali Divya Vatari ChurnaPatanjali Divya Vatari Churna 100gm76.5
और पढ़ें ...

References

  1. Dharam Chand, Zubair A Malik, MC Nautiyal. Conservation of Picrorhiza kurrooa through cultivation in Garhwal Himalaya: A review. International Journal of Herbal Medicine 2016; 4(1): 64-69
  2. Flowers of India. Kutki . National portal of India
  3. Vaidya AB, Antarkar DS, Doshi JC, Bhatt AD, Ramesh V, Vora PV, Perissond D, Baxi AJ, Kale PM. Picrorhiza kurroa (Kutaki) Royle ex Benth as a hepatoprotective agent--experimental & clinical studies. 1996 Oct-Dec;42(4):105-8. PMID: 9715310
  4. Thorne Research. Picrorhiza kurroa. Alternative Medicine Review ; Volume 6, Number 3; 2001
  5. Shetty SN, Mengi S, Vaidya R, Vaidya AD. A study of standardized extracts of Picrorhiza kurroa Royle ex Benth in experimental nonalcoholic fatty liver disease.. 2010 Jul;1(3):203-10. PMID: 21547049
  6. Verma PC, Basu V, Gupta V, Saxena G, Rahman LU. Pharmacology and chemistry of a potent hepatoprotective compound Picroliv isolated from the roots and rhizomes of Picrorhiza kurroa royle ex benth. (kutki). 2009 Sep;10(6):641-9. Epub 2009 Sep 1. PMID: 19619118
  7. Itoh A, Isoda K, Kondoh M, Kawase M, Watari A, Kobayashi M, Tamesada M, Yagi K. Hepatoprotective effect of syringic acid and vanillic acid on CCl4-induced liver injury.. 2010;33(6):983-7. PMID: 20522963
  8. Itoh A, Isoda K, Kondoh M, Kawase M, Kobayashi M, Tamesada M, Yagi K. Hepatoprotective effect of syringic acid and vanillic acid on concanavalin a-induced liver injury. 2009 Jul;32(7):1215-9. PMID: 19571388
  9. Cho JY, Park J, Kim PS, Yoo ES, Baik KU, Park MH. Savinin, a lignan from Pterocarpus santalinus inhibits tumor necrosis factor-alpha production and T cell proliferation.. 2001 Feb;24(2):167-71. PMID: 11217086
  10. Wu SF, Hwang TL, Chen SL, Wu CC, Ohkoshi E, Lee KH, Chang FR, Wu YC. Bioactive components from the heartwood of Pterocarpus santalinus. 2011 Sep 15;21(18):5630-2.PMID: 21784631
  11. Dhande PP, Gupta AO, Jain S, Dawane JS. Anti-inflammatory and Analgesic Activities of Topical Formulations of Pterocarpus Santalinus Powder in Rat Model of Chronic Inflammation. 2017 Jul;11(7):FF01-FF04. PMID: 28892928
  12. Vivek Ratnamraju, Priti Pravin Dhande , Amit O. Gupta and Nancy Shaver Vaz. Anti-inflammatory and analgestic activity of oral decoction of pterocarpus santalinus bark wood powder in acute inflammation model. Projected Impact Factor (2017): 0.59 , CiteScore (2017): 0.27
  13. Narayan S, Devi RS, Devi CS. Role of Pterocarpus santalinus against mitochondrial dysfunction and membrane lipid changes induced by ulcerogens in rat gastric mucosa. 2007 Nov 20;170(2):67-75. PMID: 17719569
  14. Narayan S, Devi RS, Srinivasan P, Shyamala Devi CS. Pterocarpus santalinus: a traditional herbal drug as a protectant against ibuprofen induced gastric ulcers. 2005 Nov;19(11):958-62. PMID: 16317653
  15. Saradamma Bulle, Hymavathi Reddyvari, Varadacharyulu Nallanchakravarthula, and Damodara Reddy Vaddi. Therapeutic Potential of Pterocarpus santalinus L.: An Update. 2016 Jan-Jun; 10(19): 43–49. PMID: 27041873
  16. Huma Qureshi, Maria Masood, Muhammad Arshad, Rahmatullah Qureshi. Picrorhiza kurroa: An ethnopharmacologically important plant species of Himalayan region. Pure Appl. Biol., 4(3): 407-417, September- 2015
ऐप पर पढ़ें