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कुत्तों में डायबिटीज क्या है?

इंसानों की तरह कुत्तों में भी डायबिटीज की समस्या हो सकती है। आमतौर पर कुत्तों को डायबिटीज तब होती है जब उनके शरीर में इंसुलिन की कमी होती है क्योंकि इसके कारण उनका ब्लड शुगर बढ़ जाता है।

कुत्तों में डायबिटीज के लक्षणों में अधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना और अधिक भूख लगने के साथ-साथ अचानक वजन कम होना आदि शामिल है। यदि कुत्तों में इस बीमारी को नियंत्रित न किया जाए तो इसकी वजह से मोतियाबिंद, डायबिटिक केटोएसिडोसिस और किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। डायबिटिक केटोएसिडोसिस कुत्तों में होने वाली एक घातक बीमारी है, जिसमें शरीर में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं होता है।

यहां तक कि डायबिटीज से ग्रस्त कुत्ते को मोतियाबिंद होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिसमें कुछ महीनों के अंदर उसे दिखाई देना बंद हो सकता है।

कुत्तों में डायबिटीज के लिए कोई इलाज नहीं है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रख कर उसके लक्षणों को नियंत्रित रखा जा सकता है जैसे समय-समय पर इंसुलिन दवा देते रहना, उचित आहार देना और नियमित रूप से व्यायाम करवाना आदि।

  1. कुत्तों में डायबिटीज के लक्षण - Kutton me diabetes ke lakshan
  2. कुत्तों में डायबिटीज के कारण - Kutton me diabetes ke karan
  3. कुत्तों में डायबिटीज के जोखिम - Kutton me diabetes ke khatre
  4. कुत्तों में डायबिटीज का परीक्षण - Kutton me diabetes ka parikshan
  5. कुत्तों में डायबिटीज का इलाज - Kutton me diabetes ka ilaj
  6. डायबिटीज के साथ कुत्तों में मोतियाबिंद - Kutton me diabetes ke sath motiyabind

कुत्तों में डायबिटीज के संकेत क्या हो सकते हैं?

कुत्तों में डायबिटीज के लक्षण मनुष्यों में होने वाले डायबिटीज के लक्षणों के समान हैं। इसके सामान्य लक्षणों में शामिल है:

  • पॉलीयूरियाइसमें कुत्ता सामान्य से अधिक पेशाब करने लगता है।
  • पॉलीफेजिया: कुत्ते को पहले की तुलना में अधिक भूख लगना।
  • पॉलीडिप्सिया: कुत्ते को हर समय प्यास लगना (जैसे बार-बार पानी के कटोरे के पास जाना)
  • वजन कम होना: कुत्ते का वजन अचानक से कम हो जाना।

यदि कुत्ते में शुगर का स्तर अधिक बढ़ जाता है या फिर इसकी जांच समय पर नहीं हो पाती तो इसके लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं। जिनमें निम्न शामिल हैं: 

  • बाल झड़ना: इसमें कुत्तों के बाल सामान्य से ज्यादा झड़ने लगते हैं।
  • मोतियाबिंद: कुत्ते के देखने की क्षमता कम होने लगती है।
  • हेपेटोमैगली: डायबिटीज अनियंत्रित होने से कुत्ते के लिवर का आकार बढ़ सकता है या उसमें सूजन आ सकती है।
  • पेशाब नली में संक्रमण: जो कुत्ते यूटीआई (पेशाब नली में संक्रमण) से ग्रस्त हैं, उनको पेशाब के दौरान तेज दर्द हो सकता है, इस दौरान कभी-कभी पेशाब में खून भी आ सकता है।
  • किडनी फेलियर: गंभीर मामलों में, डायबिटीज से ग्रस्त कुत्तों के गुर्दे खराब हो सकते हैं।
  • डायबिटिक कीटोएसिडोसिस: यह अनियंत्रित डायबिटीज से जुड़ी एक जानलेवा स्थिति है, जहां खून में कीटोन का स्तर बढ़ जाता है और तेजी से सांस लेने, पानी की कमी और सुस्ती जैसे लक्षणों को ट्रिगर करता है।

कुत्तों में डायबिटीज किस वजह से होती है?

डायबिटीज को मेडिकल शब्दों में "डायबिटीज मेलिटस" के नाम से जाना जाता है। यह एंडोक्राइन ग्रंथि से संबंधी एक जटिल स्थिति है, जो खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने से होता है। शरीर में ग्लूकोज की  मात्रा या तो शरीर में इंसुलिन की कमी होने या फिर शरीर में इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल न हो पाने के कारण बढ़ सकती है।

चूंकि इंसुलिन खून से सभी अतिरिक्त ग्लूकोज को अवशोषित करने में मदद करता है, इसलिए इंसुलिन की अनुपस्थिति में खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, जिसे हाइपरग्लाइसेमिया के रूप में जाना जाता है।

कुत्तों में डायबिटीज क्यों होता है?

कुत्तों को शुगर कई कारणों से हो सकता है, जिनमें निम्न शामिल हैं:

  • उम्र:
    वैसे तो कुत्तों को किसी भी उम्र में डायबिटीज हो सकता है, लेकिन बड़े कुत्तों (सात वर्ष की आयु से ऊपर) को डायबिटीज होने का खतरा अधिक रहता है।
     
  • लिंग:
    कुत्ते के मुकाबले कुतिया को डायबिटीज होने का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा जिन कुत्तों को नसंदी का ऑपरेशन (Neutering) हुआ होता है, उनको भी यह रोग होने का खतरा अधिक रहता है।
     
  • जेनेटिक्स:
    कुछ नस्लों जैसे पूडल्स, पग्स, गोल्डन रिट्रीवर्स, प्यूलिस, टेरियर्स, डचशंड्स और बीगल्स को अन्य नस्लों की तुलना में डायबिटीज विकसित होने का खतरा अधिक होता है।
     
  • अग्नाशय की बीमारी:
    लंबे समय से अग्नाशय में सूजन अग्न्याशय को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है, जो अंततः डायबिटीज का कारण बनती है।
     
  • मोटापा:
    मोटापा आपके कुत्ते के शरीर को इंसुलिन के लिए प्रतिरोधी बनाता है, जिससे डायबिटीज हो जाती है।
     
  • दवाएं:
    यदि आपका कुत्ता लंबे समय स्टेरॉयड दवाएं ले रहा है, तो इससे उसके शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध हो सकता है, जो अंततः डायबिटीज का कारण बन सकता है।

कुत्तों में डायबिटीज का निदान कैसे किया जा सकता है? 

कुत्तों में डायबिटीज का निदान एक पशुचिकित्सक द्वारा किया जाता है। परीक्षण के दौरान सबसे पहले कुत्ते के नैदानिक लक्षणों की जांच की जाती है। उसके बाद उसका ब्लड टेस्ट, पेशाब टेस्ट और लिवर फंक्शन टेस्ट (लिवर टेस्ट) आदि भी किए जाते हैं।

ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने के अलावा डायबिटीज से ग्रस्त कुत्तों के पेशाब में प्रोटीन, हाइपरलिपिडिमिया (खून में वसा सामान्य से अधिक होना), लिवर का बढ़ना, किसी अन्य तरह के संक्रमण के कारण सफेद रक्त कोशिकाओं का बढ़ना और लो ब्लड फास्फोरस का कम होना भी कुत्तों में डायबिटीज का संकेत दे सकता है।

कुत्तों में डायबिटीज कैसे ठीक की जा सकती है?

मनुष्यों की तरह कुत्तों में भी डायबिटीज का इलाज नहीं है, लेकिन विशेष देखभाल की मदद से सफलतापूर्वक इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

इंसुलिन थेरेपी:
प्रभावित कुत्ते के शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को बनाए रखने के लिए समय-समय पर इंसुलिन का इंजेक्शन देने की आवश्यकता होती है। डायबिटीज से ग्रस्त ज्यादातर कुत्तों को भोजन के बाद दिन में दो बार (लगभग 12 घंटे के अंतर पर) इंसुलिन इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि आप हर दिन एक ही समय पर इंजेक्शन देने की आदत को बनाए रखें।

आहार:
ऐसी स्थिति में मालिक को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह अपने कुत्ते को पशु चिकित्सक द्वारा बताया गया भोजन ही दें। ऐसा न हो कि कुत्ते को उसके आहार में कार्बोहाइड्रेट न मिल पाए, क्योंकि ऐसा होने से उनके ब्लड शुगर में अचानक गिरावट आ सकती है, इसलिए अपने पशु चिकित्सक के निर्देशों का पालन करें। 

स्नैक्स:
यदि डायबिटीज से ग्रस्त आपके कुत्ते में शुगर और कार्बोहाइड्रेट के स्तर कमी हो गई है तो बीच-बीच में उसे स्नैक भी दिया जा सकता है। अगर संभव हो तो अपने कुत्ते को गाजर और कद्दू खिलाने की आदत डालें, क्योंकि ये उसके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

व्यायाम:
पशु चिकित्सक ऐसे में कुत्ते को देर तक या ज्यादा कसरत करवाने की जगह थोड़ा व्यायाम करवाने की सलाह दे सकते हैं। कुत्ते को ज्यादा व्यायाम करवाने से ब्लड शुगर का स्तर गिर सकता है।

नियमित जांच:

यदि आपने भी कुत्ता पाला हुआ है, तो आपको भी अपने कुत्ते का ब्लड शुगर टेस्ट करवा लेना चाहिए। इसके लिए पशुचिकित्सक आपके कुत्ते के खून का छोटा सा सेंपल लेंगे। नियमित जांच इसलिए जरूरी है ताकि कुत्ते के ब्लड शुगर की जानकारी लगातार मिल सके।

डायबिटीज और मोतियाबिंद में संबंध

मोतियाबिंद सफेद धब्बे हैं, जो आंखों की पुतलियों पर दिखाई देते हैं। डायबिटिज से ग्रस्त  कुत्तों को विशेष रूप से इसका खतरा होता है। हालांकि, कुत्तों में जीन संबंधी गड़बड़ी के कारण भी मोतियाबिंद हो सकता है।

डायबिटीज वाले कुत्ते मोतियाबिंद के प्रति अतिसंवेदनशील (आसानी से प्रभावित होने वाला) होते हैं।

मोतियाबिंद के कुछ मामलों में सर्जरी कुत्तों के लिए एक विकल्प हो सकता है। अपने पशु चिकित्सक से पूछें कि क्या आपके कुत्ते की स्थिति सर्जरी लायक है और ध्यान रखें कि सर्जरी के बाद भी आपके पालतू जानवरों की आंखों की देखभाल के लिए जीवन भर आई ड्रॉप दवाओं का इस्तेमाल करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

आप मोतियाबिंद को रोकने के लिए कुछ कदम ले सकते हैं, अपने पालतू जानवरों को स्वस्थ आहार और हलका व्यायाम करवाएं, इसके अलावा उन्हें सूरज की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाएं।

यह याद रखना जरूरी है कि मोतियाबिंद हमारे पालतू जानवरों को शारीरिक रूप से चोट नहीं पहुंचाता है। यहां तक कि अगर वे अंधे भी हो जाएं, तो भी उनके पास सूंघने और सुनने की शक्ति रहती है। उपरोक्त उपाय के जरिए निश्चित रूप से, आप उन्हें एक पूर्ण और खुशहाल जीवन जीने में मदद कर सकेंगे।।

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