कुत्तों में दस्त क्या है?
कुत्तों को दस्त लगना (डायरिया) उनके स्वास्थ्य संबंधी सबसे आम समस्याओं में से एक है। इस बीमारी में कुत्तों का बार-बार ढीला व पानी की तरह पतला मल निकलने लगता है। यह समस्या अक्सर आंत में कोई क्षति होने के कारण होती है। इस बीमारी में आमतौर पर मल के रंग में बदलाव हो जाता है और साथ ही साथ कई बार मल में बलगम या खून भी आने लगता है।
- कुत्तों में क्रोनिक दस्त का कारण - Kutton me chronic dast ke karan
- कुत्तों में क्रोनिक दस्त का इलाज - Kutton me chronic dast ka ilaj
- कुत्तों में दस्त के प्रकार - Kutton me dast ke prakar
- कुत्तों में तेज दस्त के लक्षण - Kutton me tez dast ke lakshan
- कुत्तों में तेज दस्त क्या है - Kutte me tez dast
- कुत्तों में तेज दस्त के कारण - Kutton me tez dast ke karan
- कुत्तों में तीव्र दस्त का इलाज - Kutton me tez dast ka ilaj
- कुत्तों में क्रोनिक दस्त क्या है? - Kutton me Chronic dast kya hai
- कुत्तों में क्रोनिक दस्त के लक्षण - Kutton me chronic dast ke lakshan
कुत्तों में क्रोनिक दस्त का कारण - Kutton me chronic dast ke karan
कुत्तों में लंबे समय तक दस्त रहने के क्या कारण हो सकते हैं?
यह आंतों में होने वाला रोग है जो निम्न मामलों में क्रोनिक डायरिया का रूप ले सकते हैं:
- आंतों में सूजन
- लिम्फैंजिएक्टेसिया (प्रोटीन की कमी से संबंधित रोग)
- कोई वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण
- परजीवी संक्रमण
- कैंसर
- आंत का कोई हिस्सा ब्लॉक होना
- पेट या आंत में छाले होना
इसके अलावा कुछ सामान्य स्थितियां भी हैं, जो क्रोनिक डायरिया का कारण बन सकती हैं, जैसे -
- आहार में अचानक बदलाव करने या कम फाइबर वाला आहार लेने से भी कुत्ते में क्रोनिक डायरिया की समस्या हो सकती है।
- इसके अतिरिक्त कुत्ते को अग्नाशय की बीमारी या लिवर की बीमारी की वजह से पाचन संबंधित समस्या हो सकती है, जो क्रोनिक डायरिया की वजह बन सकती है।
कुत्तों में क्रोनिक दस्त का इलाज - Kutton me chronic dast ka ilaj
कुत्तों में लंबे समय तक दस्त का उपचार कैसे करें?
इस बीमारी का इलाज घर पर नहीं किया जा सकता है। ऐसे में उपचार के लिए अपने कुत्ते को पशु चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। पशु चिकित्सक दस्त के कारण के अनुसार ही उसका इलाज शुरु करते हैं, जैसे:
- यदि कुत्ते के शरीर में पानी की कमी है, तो पशु चिकित्सक उन्हें इंट्रावेनस फ्लूइड दे सकते हैं। यह एक ऐसी चिकित्सा है, जिसमें सुई की मदद से नसों में दवा दी जाती है।
- यदि दस्त किसी परजीवी के कारण हुऐ हैं, तो पशु चिकित्सक इन परजीवियों से छुटकारा दिलाने के लिए डीवोर्म ड्रग्स (कुत्तों को परजीवी से बचाने वाली दवाइयां) दे सकते हैं।
- यदि आपके कुत्ते को यह बीमारी खराब आहार या एलर्जी के कारण होती है, तो पशु चिकित्सक तीन से चार सप्ताह के लिए कम वसा वाला और आसानी से पचने वाला आहार लेने की सलाह दे सकते हैं।
- जब बड़ी आंत प्रभावित होती है, तो ऐसे में 5-10 दिनों के लिए एक चिकित्सीय कोर्स किया जा सकता है।
- बाहरी पदार्थों (नुकसान पहुंचाने वाले कारक) को हटाने और आंत को स्वस्थ करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
कुत्तों में दस्त के प्रकार - Kutton me dast ke prakar
कुत्तों में दस्त के प्रकार
बीमारी की अवधि, गंभीरता और कारण के आधार पर, कुत्तों में दस्त की समस्या को दो भागों में बांटा जा सकता है। एक्यूट डायरिया जो काफी गंभीर व एकदम से विकसित होता है और क्रोनिक डायरिया जो ज्यादा गंभीर नहीं होता व धीरे-धीरे विकसित होता है।
कुत्तों में तेज दस्त के लक्षण - Kutton me tez dast ke lakshan
कुत्तों में तेज दस्त के संकेत क्या हो सकते हैं?
कुत्तों में तेज दस्त के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
- मल में सामान्य से ज्यादा पानी आना (ढीला मल)
- बार-बार मल निकालने की जरूरत पड़ना
- अचानक से मल आना (जब शरीर आंतों को नियंत्रित नहीं कर पाता है, तो इच्छा के बिना मल का रिसाव हो जाता है)
- शौच करते समय अधिक तनाव होना
यदि कुत्ते में लक्षण गंभीर हैं तो ऐसी स्थिति में उसे तुरंत पशु चिकत्सक के पास ले जाने की जरूरत है। इन लक्षणों में शामिल हैं:
- उल्टी
- मल में खून या बलगम आना
- एनोरेक्सिया (भूख की कमी)
- अवसाद
- पेट में दर्द
- तेज बुखार
- कमजोरी
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कुत्तों में तेज दस्त क्या है - Kutte me tez dast
कुत्तों में तीव्र दस्त क्या है?
इसके लक्षण किसी स्वस्थ कुत्ते में अचानक से दिखाई देते हैं और यह कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक प्रभावित कर सकतें है। जब डायरिया एक या दो दिन तक बना रहता है तो बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन गंभीर लक्षण दिखाई देने पर कुत्ते के स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
कुत्तों में तेज दस्त के कारण - Kutton me tez dast ke karan
कुत्तों में तेज दस्त की वजह क्या हो सकती है?
जब कुत्तों की आंतों में होने वाली किसी प्रकार की क्षति के कारण उन्हें दस्त लगते हैं। आंतों को नुकसान पहुंचने के अलावा निम्न चीजें भी समस्या का कारण बन सकती हैं:
- आंतों में मौजूद कोई भी विषैला संक्रमण, जिसकी वजह से उन्हें बार-बार मल निकालने की जरूरत पड़ती है।
- आंतों में कोई अल्सर होना, जिसकी वजह से आंतों से खून या पानी का रिसाव हो सकता है।
- जब पाचन मार्ग में भोजन धीरे-धीरे की बजाए तेजी से आगे बढ़ता है, तो ऐसे में दस्त की समस्या हो सकती है।
आंतों को नुकसान होने के निम्न कारण भी हो सकते हैं:
- गंदा या बेकार खाना
- आहार में अचानक बदलाव करना
- दवा या किसी विषाक्त पदार्थ का सेवन
- गैर-खाद्य चीजे खा लेना, जिससे आंतें ब्लॉक हो सकती हैं।
- परजीवी, वायरल, फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण
- अग्न्याशय में सूजन
- तनाव
- रिकेट्सियल (टिक-संचरित रोग)
- एडिसन रोग (एड्रिनल हार्मोन की कमी)
- लिवर की बीमारी
- किडनी की बीमारी
कुत्तों में तीव्र दस्त का इलाज - Kutton me tez dast ka ilaj
कुत्तों में तेज दस्त का उपचार कैसे किया जाता है?
सबसे पहले आप घर पर कुत्ते के स्वास्थ पर नजर रखें। इस दौरान मॉनिटर करें कि कुत्ते को दस्त कितने गंभीर है और दिन में कितनी बार आ रहे हैं। इसलिए जब स्थिति खराब होने लगे, तो तुरंत अपने पशु चिकित्सक को इस बारे में बताएं। कुत्ते को दस्त लगने पर उनके इलाज में निम्न को शामिल किया जाता है:
आपको यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि दस्त के कारण कुत्ते के शरीर में पानी की कमी न हो पाए।
आप चाहें तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद अपने कुत्ते को अगले 12 घंटे तक भोजन या ठोस खाना देना बंद कर सकते हैं, ऐसा करने पर उसकी आंतों को जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है।
ऐसी स्थिति में कुत्ते को कुछ दिनों के लिए डायरिया के प्रभाव खत्म होने तक ब्लैंड डाइट देनी चाहिए। जिसमें आमतौर पर नरम, कम फाइबर वाला आहार, कच्चे की बजाय पका हुआ और बिना मसालेदार वाला खाना आदि शामिल है। धीरे-धीरे आप चावल में थोड़ी मात्रा में उबला हुआ चिकन (यदि आप चाहें तो) देना शुरू कर सकते हैं और इसके बाद आप अपने पशु चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद उसके आहार में प्रोबायोटिक (अच्छे बैक्टीरिया व यीस्ट, जो पाचन में मददगार हैं) की खुराक भी मिला सकते हैं।
इस स्थिति में पशु चिकित्सक की सलाह लिए बगैर अपने कुत्ते को किसी भी दवा या अन्य कोई प्रोडक्ट न दें, क्योंकि ऐसा करने पर समस्या और अधिक बिगड़ सकती है।
यदि दस्त अचानक शुरु हुए हैं और एक या दो दिन तक ठीक नहीं हो रहे हैं, तो अपने कुत्ते को पशु चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए।
कुत्तों में क्रोनिक दस्त क्या है? - Kutton me Chronic dast kya hai
कुत्तों में दस्त की गंभीर समस्या क्या है?
जब कुत्ते में दस्त धीरे-धीरे विकसित होते हैं, तो उस स्थिति को क्रोनिक डायरिया कहा जाता है। यह स्थिति अक्सर एक हफ्ते से अधिक समय तक भी बनी रह सकती है।
कुत्तों में क्रोनिक दस्त के लक्षण - Kutton me chronic dast ke lakshan
कुत्तों में लंबे समय तक दस्त के क्या संकेत हो सकते हैं?
जिन कुत्तों में दस्त की समस्या लंबे समय से होती है उनमें लक्षण विभिन्न हो सकते हैं। जब छोटी आंत में संक्रमण होता है तो इसके लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
- प्रतिदिन दो से चार बार मल त्याग करना
- ज्यादा मात्रा में मल त्याग करना
- मल का रंग काला होना व मल त्याग करते समय जलन होना
- गैस पास करने की आवाज आना
- वजन कम होना
- उल्टी
- खराब पाचन के कारण भूख कम लगना
जब बड़ी आंत में संक्रमण होता है तो इसके लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
- प्रतिदिन चार से अधिक बार मल त्याग करना
- कम मात्रा में मल त्याग करना
- मल में खून आना
- मल में बलगम आना
- मल त्याग करने में अधिक तनाव या जोर लगना
- मलत्याग करते समय कुत्ते को दर्द होना
- गैस पास करने की आवाज आना





