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क्या आप खरीदारी करने या दोस्तों के साथ कहीं जा रहे हैं? तो अपनी त्वचा पर सनस्क्रीन लगाना ना भूलें। गर्मी हो या सर्दी, हर मौसम में आपकी त्वचा को क्षति से बचाने के लिए आपको सनस्क्रीन लगाने की ज़रूरत होती है। सूरज की हानिकारक यूवी किरणें न केवल सनटैन का कारण बनती हैं, बल्कि आपकी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा कर देती हैं।

सनस्क्रीन लगाना त्वचा की देखभाल के नियमित कार्यों के सबसे महत्वपूर्ण भागों में से एक है। सबसे अच्छी सनस्क्रीन चुनते समय इन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें।

  1. मैन्युफैक्चर और एक्सपायर तारीख ज़रूर करें चेक
  2. अच्छे ब्रांड की सनस्क्रीन करें इस्तेमाल
  3. सनस्क्रीन क्रीम में खतरनाक सामग्री की जांच करें
  4. क्रीम आधारित सनस्क्रीन ही करें उपयोग
  5. एसपीएफ 30 बेस्ड सनस्क्रीन का करें चयन
  6. पैक पर जिंक ऑक्साइड की जाँच करें
  7. पानी और पसीना रोकने वाली सनस्क्रीन का उपयोग करें
  8. बच्चों के लिए बनी सनस्क्रीन क्रीम खरीदें
  9. सनस्क्रीन स्प्रे के उपयोग से बचें
  10. नहीं होनी चाहिए सनस्क्रीन लगाने से पीड़ा
  11. वॉटर-बेस्ड सनस्क्रीन
  12. महँगी या सस्ती देखकर ना खरीदें सनस्क्रीन

सनस्क्रीन जितनी नई होगी, उसका प्रभाव भी उतना ही अच्छा होगा। सनस्क्रीन में मौजूद सामग्री बहुत आसानी से खराब हो जाती है इसलिए फ्रेश स्टॉक खरीदना महत्वपूर्ण होता है। सनस्क्रीन खरीदते समय यह जरूर जांच कर लें कि कब तक इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके इस्तेमाल की तारीख जरूर देख लें क्योंकि एक्सपायर हो चुकी सनस्क्रीन से आपकी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। किसी भी उत्पाद को खरीदने के दौरान हम सभी को एक्सपायरी वाली तारीख जांच करने की आदत बनानी चाहिए।

एक अच्छा ब्रांड हमेशा महत्वपूर्ण होता है। इसलिए एक अच्छे ब्रांड की सनस्क्रीन जिसका थोड़ा नाम हो, वो खरीदें।

पैकेज पर सामग्री सूची की जांच करें। इससे आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि सनस्क्रीन में ऑक्सीबेंजोन (के साथ हस्तक्षेप करने वाला तत्व) तो नहीं है जो एलर्जी प्रतिक्रियाओं का कारण बन सकता है।

स्प्रे और पाउडर सनस्क्रीन खनिज आधारित होते हैं और इनमें नैनोपेक्टिक्स होते हैं जो खून में प्रवेश कर सकते हैं और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे उत्पादों से बचें और क्रीम आधारित सनस्क्रीन ही खरीदें।

हमेशा सनस्क्रीन पैकेज पर लिखी एसपीएफ (SPF) श्रेणी की जांच करें। एसपीएफ 15 से ऊपर सनस्क्रीन सुरक्षित मानी जाती है। अगर आप पूर्ण रूप से सुरक्षा चाहते हैं तो एसपीएफ 30 या उससे ज़्यादा एसपीएफ की क्रीम लें।

पैक पर सामग्री की सूची की जाँच करते समय देखें की उसमें टाइटेनियम डाइऑक्साइड या जिंक ऑक्साइड है या नहीं। ये सामग्री यूवी संरक्षण के लिए उत्पाद में मिलाएँ जाते हैं, हालाँकि इनके कुछ नुकसान भी हैं।

यदि आप टहलने या समुद्र किनारे जा रहे हैं, तो पानी और पसीना-प्रतिरोधी सनस्क्रीन का उपयोग करें।

बच्चों को भी सनस्क्रीन की आवश्यकता उतनी होती है जितनी कि हम बड़ों को होती है। लेकिन उनके लिए सनस्क्रीन चुनते समय बहुत सावधान रहें। बच्चों की त्वचा संवेदनशील त्वचा होती है और सनस्क्रीन में मौजूद कुछ तत्व एलर्जी संबंधी प्रतिक्रियाओं का कारण हो सकते हैं। थोड़ी सी खोज करें और विशेष रूप से बच्चों के लिए बनी क्रीम खरीदें। इन सनस्क्रीन में पैरा-अमीनो बेन्जोइक एसिड और बेंजोफेनॉन्स शामिल नहीं होना चाहिए।

जैसा कि पहले बताया गया है, सनस्क्रीन स्प्रे के उपयोग से बचना ही सबसे अच्छा होता है। स्प्रे का उपयोग करने से बहुत अधिक उत्पाद वेस्ट होता है। लेकिन यदि आप अभी भी स्प्रे का ही उपयोग करना चाहते है तो छिड़काव के बाद धुंध (mist) में सांस लेने से बचें। स्प्रे फॉर्म में सनस्क्रीन उनके लिए ज़्यादा अच्छी है जिनकी बॉडी पर बाल हैं।

सनस्क्रीन लगाने पर आपके चेहरे या शरीर को पीड़ा नहीं होनी चाहिए। यदि सनस्क्रीन के उपयोग से आपको जलन या कोई और समस्या उत्पन्न होती है तो तुरंत उस सनस्क्रीन को फेक दें और दूसरी सनस्क्रीन खरीदें जो आपकी त्वचा और आपके लिए आरामदायक हो।

आजकल वॉटर-बेस्ड सनस्क्रीन बाजार में उपलब्ध हैं। यदि आपकी त्वचा तैलीय या मुँहासे वाली है तो वॉटर-बेस्ड सनस्क्रीन का उपयोग करें।

सिर्फ इसलिए कि एक सनस्क्रीन बहुत महंगी है, ज़रूरी नहीं कि वह सबसे अच्छी ही होगी। महंगे ब्रांड आपको सुरक्षा के झूठी वादों के साथ लूट सकते हैं, लेकिन अन्य सस्ते ब्रांड भी प्रभावी हो सकते हैं।

सनस्क्रीन उपयोग करते समय ध्यान दें

  • धूप में निकलने से 30 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाएं।
  • आप अपने मेकअप करने से पहले भी सनस्क्रीन का उपयोग कर सकते हैं।
  • हर दो घंटे बाद दोबारा लगाएं।
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