myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

मुंहासे (पिंपल्स) - Pimples (Acne) in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS

March 10, 2017

March 06, 2020

मुंहासे

मुहांसे या पिंपल्स के बारे में तो आप सभी जानते हैं। हालांकि तैलीय त्वचा वाले लोग मुहांसे से अधिक ग्रस्त होते हैं, यह किसी को भी हो सकते हैं। मुहांसे मूल रूप से तेल ग्रंथियों (oil glands) से संबंधित एक विकार है। ये तेल ग्रंथियां त्वचा के नीचे मौजूद हैं। हार्मोनल परिवर्तनों के कारण तेल के ग्रंथि की गतिविधि एक व्यक्ति के जीवन के किशोर वर्षों में बढ़ जाती है (जैसे लड़कियों के मामले में पीरियड्स के दौरान) जिसके कारण पिंपल्स होते हैं। 

स्किन के रोम छिद्र या पोर्स अंदर से तेल ग्रंथी वाली कोशिकाओं (सेल्स) से जुड़े हुए होते हैं जिनके कारण सीबम ऑयल स्किन के रोम छिद्र में उत्पन्न होता है। सीबम खराब सेल्स को रोम छिद्र से बाहर लाने मे मदद करता है और नये सेल्स बनाता रहता है। परंतु हार्मोन असंतुलन के कारण जब ज़्यादा सीबम तेल बनने लगता है, तब यह तेल इन रोम छिद्रों को बंद कर देता है जिसके कारण मुहांसे या दाने होते हैं। सीबम में बैक्टीरिया का विकास भी रोम छिद्रों को बंद कर मुहांसे को जन्म देता है।

(और पढ़ें - मुहांसों के घरेलु उपाय)

मुंहासे (पिंपल्स) के प्रकार - Types of Pimples (Acne) in Hindi

मुंहासे के प्रकार

कई अलग-अलग प्रकार के मुंहासे होते हैं, और उनके विभिन्न लक्षण होते हैं -

  1. व्हाइटहेड्स (whiteheads) - इन्हे एक बंद कॉमेडो के रूप में भी जाना जाता है, ये त्वचा के नीचे रहते हैं। यह एक छोटे, मांस रंग वाले पिपुल के रूप में दिखाई देते हैं। (और पढ़ें - व्हाइटहेड्स हटाने के लिए होममेड फेस पैक्स)
  2. ब्लैकहेड्स (blackheads) - इन्हे एक खुले कॉमेडो के रूप में भी जाना जाता है, ये स्पष्ट रूप से त्वचा की सतह पर दिखाई देते हैं। मेलेनिन (त्वचा का रंगद्रव्य) के ऑक्सीकरण के कारण, यह काले या गहरे भूरे रंग के होते हैं। उनके रंग की वजह से, कुछ लोगों को लगता है कि यह गंदगी के कारण होते हैं। जिसकी वजह से लोग इसे जोर से रगड़ते हैं। इन्हे ठीक करने में, स्क्रबिंग मदद नहीं करता। यह त्वचा को परेशान कर सकता है और अन्य समस्याएं पैदा कर सकता है। (और पढ़ें - 7 दिनों में दूर करें व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स)
  3. पेपुल्स (papules) - ये छोटे, ठोस, गोल दाने होते हैं, जो त्वचा से उगते हैं। यह अक्सर गुलाबी रंग के होते हैं।
  4. दाना (pustules) - ये मवाद से भरे दाने होते हैं। वे स्पष्ट रूप से त्वचा की सतह पर दिखाई देतें हैं। इनका तल लाल होता है और मवाद   ऊपर होती है।
  5. नोड्यूल (nodules) - इनका आकार पिपुल्स जैसा होता हैं, लेकिन ये बड़े होते हैं। यह दर्दनाक हो सकते हैं और त्वचा की गहराई में हो सकते हैं।
  6. पुटी (cyst) - ये त्वचा की सतह पर स्पष्ट रूप से दिखाई देतें हैं। यह मवाद से भरे, और आमतौर पर दर्दनाक होते हैं। यह आमतौर पर त्वचा पर निशान छोड़ देते हैं।

(और पढ़ें - चर्म रोग का इलाज)

मुंहासे(पिंपल्स) के लक्षण - Pimples (Acne) Symptoms in Hindi

​हालांकि मुंहासे एक गंभीर बीमारी नहीं है और आपको मुंहासे की वजह से अपना जीवन खोने के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन इसके कुछ स्वास्थ्य प्रभाव होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि मुंहासे वाले बहुत सारे लोग पाचन समस्याओं से ग्रस्त होते हैं। यह व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं। मुंहासे वाले लोग कभी-कभी अपने स्वरूप की वजह से आत्मसम्मान में कमी महसूस करते हैं। मुंहासे आपकी खूबसूरत त्वचा पाने के सपने को बाधित कर सकते हैं। हर कोई स्वस्थ दिखने वाले त्वचा को पाना चाहता है। इसलिए मुंहासे से छुटकारा पाने के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। मुंहासे के उपचार के लिए घरेलू और आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग करके इन्हें ठीक किया जा सकता है।

(और पढ़ें - 15 मिनट में पाएं मुहांसों से छुट्टी )

मुंहासे (पिंपल्स) के कारण - Pimples (Acne) Causes in Hindi

  1. मुहासे होने का कारण हैं हार्मोन में बदलाव - Hormonal Imbalance Leads to Acne in Hindi
  2. मुँहासे का कारण बनता है पाचन तंत्र में परेशानी - Digestive System Causes Acne in Hindi
  3. नींद की कमी है पिंपल्स के कारण - Sleep Deprivation Causes Pimples in Hindi
  4. मुहांसे के कारण हैं क्रीम लोशन का अधिक उपयोग - Cosmetic Causes Acne in Hindi

मुंहासे होने का कारण है हार्मोन में बदलाव - Hormonal Imbalance Leads to Acne in Hindi

टीनेज और गर्भावस्था के दौरान हार्मोन बदलते रहते हैं। इन जीवन की घटनाओं के दौरान, तेल ग्रंथियों की गतिविधि बढ़ जाती है और कभी-कभी अत्यधिक सेबम का उत्पादन होने लगता है जो कि त्वचा के फॉलिकल को रोकता है और पिंपल्स का कारण बनता है।

मुंहासे का कारण बनता है पाचन तंत्र में परेशानी - Digestive System Causes Acne in Hindi

जब पाचन प्रक्रिया उतनी अच्छी नहीं होती है जितनी की होनी चाहिए, तब अन्य स्वास्थ्य संबंधित विकारों की समस्याएं होने लगती हैं। शरीर में जमे विषाक्त पदार्थ मुंहासे के निर्माण में योगदान कर सकते हैं। परेशान पाचन तंत्र आमतौर पर वात असंतुलन की वजह से होता है। यह सूखा, मसालेदार और तेलयुक्त खाद्य पदार्थों के सेवन के कारण हो सकता है। कच्चे और अधपके भोजन तथा ठंडे पेय और आइसक्रीम जैसे ठंडे व्यंजनों से भी पिंपल्स होते हैं। बेहतर पाचन के लिए स्वस्थ और गर्म भोजन खाएं। (और पढ़ें – पाचन क्रिया सुधारने के आयुर्वेदिक उपाय)

नींद की कमी है पिंपल्स का कारण - Sleep Deprivation Causes Pimples in Hindi

किसी भी वजह से पर्याप्त नींद ना मिलना, आपकी प्राकृतिक चयापचय दर में दखल कर सकता है। अनुचित नींद का कारण तनाव होता है जिसका शरीर में चयापचय प्रक्रियाओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है। यदि ये प्रक्रियाएं अपनी क्षमता खो देती हैं तो शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं जो अंत में मुंहासे का निर्माण करते हैं। 

(और पढ़ें – नींद ना आने के आयुर्वेदिक उपाय)

मुंहासे के कारण हैं क्रीम लोशन का अधिक उपयोग - Cosmetic Causes Acne in Hindi

अपने चेहरे और गर्दन पर विभिन्न प्रकार के क्रीम और लोशन का प्रयोग करना भी कभी-कभी पिंपल्स का कारण होता है। ये त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं और कभी-कभी त्वचा अवांछित विषाक्त पदार्थों से भर जाती है जिससे मुंहासे होते हैं।

(और पढ़ें - मुहांसों के लिए प्राकृतिक फेस मास्क)

मुंहासे (पिंपल्स) से बचाव - Prevention of Pimples (Acne) in Hindi

मुंहासे लोगों में त्वचा सम्बंधित एक प्रचलित विकार हैं। यह कहीं भी हो सकते हैं लेकिन आमतौर पर चेहरे और गर्दन पर देखे जाते हैं। इन्हें रोकने के लिए बहुत जरूरी है कि आप अपनी त्वचा को साफ़ रखें। केवल बाहरी ही नहीं, कभी-कभी आंतरिक कारणों कि वजह से भी मुंहासे होते हैं। इसलिए अपने आहार और जीवन शैली में परिवर्तन करने से आप मुहांसों से निजात पा सकते हैं।

  1. मुंहासे से बचाव के लिए क्या खाएं - Diet to prevent acne and pimples in hindi
  2. पिम्पल्स को रोकने का उपाय है त्वचा की देखभाल - Skincare for acne in hindi
  3. मुँहासे के उपचार के लिए अच्छी नींद लें - Enough sleep for acne in hindi
  4. व्यायाम है मुंहासे दूर करने का उपाय - Exercise helps prevent acne in hindi

मुंहासे से बचाव के लिए क्या खाएं - Diet to prevent acne and pimples in hindi

आपको स्वस्थ, गर्म और पका हुआ खाना खाना चाहिए जो सूखा ना हो। गर्म और मसालेदार भोजन से बचने की कोशिश करें। ये पित्त दोष को बढ़ाकर त्वचा में सूजन पैदा कर सकता है। शराब, चीज़ और कॉफी का सेवन कम करें। सामान्य तापमान का पानी पिएं और ठंडे पानी का सेवन नहीं करें। आइसक्रीम और ठंडे पेय का सेवन कम करना चाहिए। कच्चे भोजन के सेवन से बचना चाहिए। 

(और पढ़ें – मुंहासों को हटाने के लिए जूस रेसिपी)

पिम्पल्स को रोकने का उपाय है त्वचा की देखभाल - Skincare for acne in hindi

अपनी त्वचा की अच्छी देखभाल करें। त्वचा को धोने के लिए हर्बल साबुन का उपयोग करें जो आपकी त्वचा को मुलायम रखे। केमिकल्स वाले विभिन्न प्रकार के सौंदर्य कास्मेटिक का उपयोग नहीं करें। यह लंबे समय में आपके चेहरे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा धूल और गंदगी से अपने चेहरे की रक्षा करें। अपने चेहरे पर अपने हाथों को ना रखें क्योंकि हाथ के संपर्क से हाथों के बैक्टीरिया आपके चेहरे पर जा सकते हैं। सूरज की रोशनी में जाना अच्छा है लेकिन सुनिश्चित करें कि आप सूरज की रोशनी में बहुत समय तक नहीं रहें। अत्यधिक देर सूरज की रोशनी में रहने से मुंहासे हो सकते हैं। सूरज की रोशनी में निकलते समय आप को अपना चेहरा ठीक से ढकना चाहिए। (और पढ़ें – गेंदे के लाभ मुंहासों के लिए)

मुंहासे के उपचार के लिए अच्छी नींद लें - Enough sleep for acne in hindi

मुंहासे के उपचार के लिए एक बहुत ही सरल उपाय है आप अच्छी नींद लें। एक स्वस्थ और कुशल चयापचय प्रणाली को बनाए रखने के लिए प्रतिदिन कम से कम 7-8 घंटे के लिए सोना बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आप ठीक से सोते नहीं हैं, तो आपका मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है जिसके परिणामस्वरूप आपका मेटाबोलिज्म प्रभावित हो सकता है। इसलिए आप अच्छे से आराम करें जिससे आप सुबह उठने पर ताज़ा और खुश महसूस करें।

(और पढ़ें – नींद ना आने के आयुर्वेदिक उपाय)

व्यायाम है मुंहासे दूर करने का उपाय - Exercise helps prevent acne in hindi

व्यायाम करने से तनाव कम होता है और शरीर से पसीना भी निकलता है। पसीना शरीर से विषाक्त पदार्थों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है, इस प्रकार यह मुंहासे को रोकने में भी फायदेमंद है। व्यायाम करने के बाद स्नान जरूर करें। 

(और पढ़ें – व्यायाम करने का सही समय – सुबह या शाम)

मुंहासे (पिंपल्स) का इलाज - Pimples (Acne) Treatment in Hindi

मुंहासों के लिए उपचार और दवाइयां क्या हैं?

अगर तुरंत लगाने वाली दवाइयों से आपके मुहांसे साफ़ नहीं हुए है, तो डॉक्टर अधिक प्रभावशाली दवाइयां या इलाज की सलाह देंगे। त्वचा विशेषज्ञ आपको निम्नलिखित उपायें करके ठीक कर सकतें है -

  1. आपके मुहासों को रोककर
  2. आपकी त्वचा को दाग या अन्य नुक्सान से बचाकर
  3. निशानों को कम ध्यान देने योग्य बनाकर

मुंहासे की दवाएं तेल उत्पादन को कम करने में, त्वचा की कोशिकाओं को बढ़ाने में, बैक्टीरिया के संक्रमण से लड़ने में या सूजन को कम करने में काम करती है। जो दाग - धब्बे को रोकने में मदद करती हैं। ज्यादातर डॉक्टर द्वारा बताई गई मुहासों की दवाओं के साथ, आपको चार से आठ सप्ताह तक परिणाम नहीं दिखाई देते हैं, बेहतर होने से पहले आपकी त्वचा खराब हो सकती है। आपके मुंहासे को पूरी तरह से साफ होने में कई महीने या साल का समय भी लग सकता है।

डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं आपके मुंहासे के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करती है। जिसे आप अपनी त्वचा (बाहर से लगानी वाली दवा) पर लगा सकतें है, या खा सकतें है (मौखिक दवा)। अक्सर, दवाओं का इस्तेमाल संयोजन में होता है। गर्भवती महिलाएं मुंहासे के लिए मौखिक दवाओं का उपयोग करने से बचें।

जिन दवाओं और अन्य उपचारों पर आप विचार कर रहे हैं, उनके जोखिमों और लाभों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

1. त्वचा पर लगाई जाने वाली दवाएं

यह दवाइयां तब सबसे अच्छे से काम करती हैं। जब इन्हे सुखी और साफ़ त्वचा पर 15 मिनट के लिए लगाया जाता है। शायद आपको इस इलाज के कुछ हफ्तों तक फायदे न दिखे। और आपको शुरुआत में   त्वचा में जलन भी हो सकती है जैसे कि शुष्कता, त्वचा का छीलना और त्वचा का लाल हो जाना।

आपके डॉक्टर इन दुष्प्रभावों को कम करने के लिए कुछ सुझाव दे सकतें हैं, जिसमें धीरे-धीरे दवाई की खुराक को बढ़ाना, कुछ समय तक दवा को लगाकर रखने के बाद उसे धो देना या दवा बदल देना शामिल है।

मुंहासे के लिए सबसे आम बाहर से लगाने वाली दवाएं हैं -

  1. रेटिनॉयड (Retinoids) - ये क्रीम, जैल और लोशन के रूप में आते हैं। रेटिनॉयड दवाओं में विटामिन ए होता है। यह आपकी त्वचा के रोम छिद्रों को बंद होने से बचाता है।  
  2. एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) - इलाज के पहले कुछ महीनों के लिए, आप एक रेटिनॉयड और एंटीबायोटिक दोनों का उपयोग कर सकते हैं। सुबह में एंटीबायोटिक लगता है और शाम को रेटिनॉयड लगता है। उदाहरण - बैन्जोइल पेरोक्साइड, क्लंडामिसिन
  3. डैपसोन (Dapsone) - रेटिनॉयड के साथ जेल लगाने से इसका प्रभाव बढ़ जाता है।

2. मौखिक दवाएं

  1. एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) - मध्यम से गंभीर मुहासों के लिए, आपको बैक्टीरिया को कम करने और सूजन से लड़ने के लिए मौखिक एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता हो सकती है। उदाहरण - मिनोससायन और डॉक्सिस्कीलाइन।
  2. संयुक्त मौखिक गर्भ निरोधक (Combined oral contraceptives) - संयुक्त मौखिक गर्भनिरोधक महिलाओं और किशोर लड़कियों में मुहासों के इलाज में उपयोगी होते हैं।
  3. एन्टी-एण्ड्रोजन एजेंट (Anti-androgen agent) - अगर मौखिक एंटीबायोटिक दवाएं मदद नहीं कर रही हैं तो स्पिनोनोलैक्टोन (एल्डिटेनोन) दवा को महिलाओं और किशोर लड़कियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
  4. इसोतरेटिनोईन (Isotretinoin) - यह दवा सबसे गंभीर मुंहासे वाले लोगों के लिए आरक्षित है। इसोतरेटिनोईन (एम्नेस्टेम, क्लेराविस, सोट्रेट) उन लोगों के लिए एक शक्तिशाली दवा है। जिनका अन्य इलाजों से मुंहासे ठीक नहीं हो रहे हैं। ओरल इसोतरेटिनोईन बहुत प्रभावी है।

3. चिकित्सा / थेरेपी विकल्प

ये इलाज या तो अकेले या दवाओं के संयोजक में, कुछ मामलों में सुझाए जा सकते हैं।

  1. प्रकाश द्वारा इलाज - प्रकाश द्वारा इलाज मुंहासे के सूजन का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को लक्षित करते है।
  2. रासायनिक छिलका (Chemical peel) - मौखिक रेटिनोइड को छोड़कर, अन्य मुंहासे के इलाज के साथ संयुक्त करके, यह सबसे प्रभावी होता है।
  3. व्हाइटहेड्स और ब्लैकहैड्स को निकालना - आपके त्वचाविज्ञानी व्हाइटहेड्स और ब्लैकहैड्स (कॉमेडोस) को हल्के ढंग से हटाने के लिए विशेष उपकरण का उपयोग करते है। जो बाहर से लगाने वाली दवाओं के साथ साफ़ नहीं हुई हैं। इस तकनीक के कारण त्वचा पर दाग और धब्बे भी हो सकते है।
  4. स्टेरॉयड इंजेक्शन (Steroid injection) - नोड्यूलर और सिस्टिक घावों को ठीक, उन में सीधे स्टेरॉयड दवा को इंजेक्शन द्वारा डालकर किया जा सकता है। इससे उसे निकाले बिना उनकी उपस्थिति में सुधार होता है।

4. मुंहासे के निशान का इलाज

मुंहासे द्वारा छोड़े गए निशान को कम करने के लिए इस्तेमाल की गई प्रक्रियाओं में निम्नलिखित प्रक्रियाएं शामिल हैं -

  1. मुलायम ऊतक भराव - कोलेजन या वसा जैसे मुलायम ऊतक भराव को त्वचा और होने वाले निशानों के नीचे इंजेक्शन द्वारा डाला जाता है। जिससे कि त्वचा में होने वाले निशान को भरा या खिंचा जा हैं। यह निशान कम ध्यान देने योग्य बनाता है। परिणाम अस्थायी हैं, इसलिए आपको समय-समय पर इंजेक्शन दोहराने की आवश्यकता होगी।
  2. रासायनिक छिलका -  उच्च शक्ति एसिड को हमारी त्वचा के अंदर डाला जाता है। जिसमें त्वचा की ऊपरी परत हटा दी जाती है और गहरी निशान को कम किया जाता है।
  3. तार के ब्रुश आदि से खुरेचना (Dermabrasion) - यह प्रक्रिया आमतौर पर अधिक गंभीर निशानों के लिए आरक्षित है। इसमें घूर्णन ब्रश से त्वचा की सतह परत की सैंडिंग (sanding) की जाती है। इस में आसपास की त्वचा में मुहासों के निशानों का मिश्रण होता है।
  4. लेजर रिसर्फेसिंग - इस प्रक्रिया में लेजर का उपयोग त्वचा में सुधार लाने के लिए किया जाता है।
  5. त्वचा की सर्जरी - पंच एक्सिज़न  नामक एक छोटी सी प्रक्रिया का प्रयोग करके, आपके डॉक्टर हर एक मुंहासे के निशान को काट देंगे। और निशानों की जगह पर मौजूद छेदों की मरम्मत टांकों से कर देंगे।

(और पढ़ें - शहनाज़ हुसैन की पिम्पल रिमूवल टिप्स)

मुंहासे (पिंपल्स) के जोखिम और जटिलताएं - Pimples (Acne) Risks & Complications in Hindi

मुंहासों के जोखिम व कारक कौन-कौन से हैं?

मुंहासे के लिए जोखिम कारकों में शामिल हैं -

  1. हार्मोनल परिवर्तन - इस तरह के बदलाव किशोर, महिला और लड़कियों में आम हैं, और उन लोगों में जो कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (corticosteroids), एण्ड्रोजन (androgens) या लिथियम (lithium) युक्त दवाओं का उपयोग कर रहे हैं।
  2. पारिवारिक इतिहास  -  पारिवारिक इतिहास मुहासों में अहम भूमिका निभाते है, यदि दोनों माता-पिता के मुंहासे हैं, तो आप के भी मुंहासे हो सकते हैं।
  3. चिकना या तेल पदार्थ - अगर आपकी त्वचा तैलिये लोशन और क्रीम या किसी ग्रीज़ के साथ संपर्क में आती है, तो आपके मुंहासे विकसित हो सकते हैं।
  4. घर्षण या आपकी त्वचा पर दबाव - यह टेलीफोन, सेलफोन, हेलमेट, टाइट कॉलर और बैकपैक जैसी वस्तुओं के कारण हो सकता है।
  5. तनाव - यह मुंहासे का कारण नहीं है, लेकिन अगर आपके मुंहासे पहले से ही हैं, तनाव इसे बदतर बना सकता है।


संदर्भ

  1. Healthdirect Australia. Causes. Australian government: Department of Health
  2. Healthdirect Australia. Treatment . Australian government: Department of Health
  3. Healthdirect Australia. Acne during pregnancy. Australian government: Department of Health
  4. Office on Women's Health [Internet] U.S. Department of Health and Human Services; Acne.
  5. National Institute of Arthritirs and Musculoskeletal and Skin Disease. [Internet]. U.S. Department of Health & Human Services; Acne.

मुंहासे (पिंपल्स) के डॉक्टर

Dr. R.K . Tripathi Dr. R.K . Tripathi डर्माटोलॉजी
12 वर्षों का अनुभव
Dr. Deepak Kumar Yadav Dr. Deepak Kumar Yadav डर्माटोलॉजी
2 वर्षों का अनुभव
Dr. Alpana Mohta Dr. Alpana Mohta डर्माटोलॉजी
3 वर्षों का अनुभव
Dr. Garima Dr. Garima डर्माटोलॉजी
3 वर्षों का अनुभव
डॉक्टर से सलाह लें

मुंहासे (पिंपल्स) की दवा - Medicines for Pimples (Acne) in Hindi

मुंहासे (पिंपल्स) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

दवा का नाम

कीमत

₹85.4

20% छूट + 5% कैशबैक


₹62.3

20% छूट + 5% कैशबैक


₹129.43

20% छूट + 5% कैशबैक


₹67.38

20% छूट + 5% कैशबैक


₹93.1

20% छूट + 5% कैशबैक


₹181.48

20% छूट + 5% कैशबैक


₹9.8

20% छूट + 5% कैशबैक


₹67.13

20% छूट + 5% कैशबैक


₹52.36

20% छूट + 5% कैशबैक


₹88.06

20% छूट + 5% कैशबैक


Showing 1 to 10 of 991 entries

मुंहासे (पिंपल्स) की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Pimples (Acne) in Hindi

मुंहासे (पिंपल्स) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।