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सूरज विटामिन डी का एक बहुत बड़ा स्रोत है, लेकिन सूरज की तेज और हानिकारक किरणें आपकी त्वचा को टैन करने के अलावा अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं को भी उतपन्न करती हैं। त्वचा को सूरज की पराबैंगनी किरणों से बचाने के लिए आप में से कई लोग सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते होंगे। सनस्क्रीन की मदद से सनबर्न, बढ़ती उम्र से होने वाली समस्याएं और स्किन कैंसर से बचाव होता है। लेकिन क्या आप सनस्क्रीन के फायदे और नुकसान के बारें में जानते हैं? अगर नहीं तो इस लेख में हम आपको सनस्क्रीन के फायदे और नुकसान के बारें में बता रहे हैं, साथ ही हम आपको घर पर सनस्क्रीन कैसे बनाये और लगाने का तरीका भी बताएंगे।

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तो चलिए आपको इस लेख में सनस्क्रीन के बारें में जानकारी देते हैं -

  1. सनस्क्रीन क्या है - Sunscreen kya hai
  2. घर पर सनस्क्रीन कैसे बनाये और लगाने का तरीका - Ghar par sunscreen kaise banaye aur lagane ka tarika
  3. सनस्क्रीन के फायदे - Sunscreen ke fayde
  4. सनस्क्रीन के नुकसान - Sunscreen ke nuksan
  5. कहीं आप भी सनस्क्रीन के इस्तेमाल में यह गलती तो नहीं कर रहे
  6. सनस्क्रीन से हो सकते हैं ये नुकसान: ऐसे रहें सावधान

सनस्क्रीन एक प्रकार से दवाई की तरह कार्य करती है। इसका इस्तेमाल त्वचा को सूरज की पराबैंगनी किरणों से बचाने के लिए किया जाता है। सनस्क्रीन प्रोडक्ट में त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए कुछ घटक होते हैं (जैसे ज़िंक ऑक्साइड या टाइटेनियम डिऑक्साइड) जो स्किन को सनबर्न या एजिंग की समस्या से बचाते हैं, लेकिन सनस्क्रीन का प्रभाव उसमें मौजूद एसपीएफ (sun protection factor) पर भी निर्भर करता है। सनस्क्रीन में जितना ज्यादा एसपीएफ होगा उतना ज्यादा आपकी त्वचा सूरज की किरणों से बचेगी। सनस्क्रीन आपको क्रीम, लोशन और मॉइस्चराइजर के रूप में उपलब्ध होती हैं। 

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1. पेपरमिंट सनस्क्रीन लोशन -

सामग्री –

  1. 5-7 बूँद शुद्ध स्पेरमिन्ट आयल (एक प्रकार का पुदीना)।
  2. 100 मिलीलीटर डिस्टिल्ड वाटर (distilled water - शुद्ध पानी)
  3. 5-7 बूँद शुद्ध पेपरमिंट आयल।
  4. 10 बूँद शुद्ध लैवेंडर तेल

बनाने की विधि व लगाने का तरीका –

  1. सबसे पहले सभी सामग्रियों को मिक्सर में डालकर मिला लें।
  2. तब तक मिलाएं जब तक मिश्रण झागदार न हो जाए।
  3. अब मिश्रण को किसी बंद डब्बे में बंद करके रख दें।
  4. फिर डब्बे को फ्रिज में रख दें।
  5. आप जब भी बाहर जाएं इस सनस्क्रीन को जरूर लगाएं।
  6. घर पर बनाई गयी यह सनस्क्रीन दो से चार महीने तक सुरक्षित रहेगी।

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2. बीसवैक्स सनस्क्रीन –

सामग्री –

  1. एक तिहाई कप​ शिया बटर
  2. आठ से दस बूंद ​लोबान तेल
  3. एक तिहाई कप एवोकाडो तेल
  4. एक तिहाई कप​ नारियल तेल
  5. एक तिहाई कप बीसवैक्स।
  6. दस से पंद्रह बूँद गाजर के बीज के तेल
  7. एक से दो बड़ी चम्मच ज़िंक ऑक्साइड (वैकल्पिक), अगर आपके पास ज़िंक ऑक्साइड नहीं है तो की जगह आप और अधिक मात्रा में लोहबान तेल मिला सकते हैं।

बनाने की विधि व लगाने का तरीका –

  1. सबसे पहले एक कांच का कटोरा लें।
  2. अब इसमें एवोकाडो तेल, नारियल तेल और बीसवैक्स मिलाएं।
  3. अब हल्की आंच पर सभी सामग्रियों को चलाते रहें और तब तक चलाएं जब तक सभी सामग्रियां पिघल न जाएं।
  4. अब गैस से बर्तन को हटा लें और फिर इसमें शिया बटर, लोहबान व गाजर के बीज का तेल मिलाएं।
  5. तब तक सामग्री को चलाते रहें जब तक शिया बटर पिघल न जाए।
  6. अगर आपके पास ज़िंक ऑक्साइड है तो शिया बटर पिघलने के बाद उसे मिलाएं और तब तक मिलाएं जब तक वो पूरी तरह से मिल न जाए।
  7. अब इस मिश्रण को किसी बंद डब्बे में बंद करके रख दें।
  8. घर पर बनाई हुई इस सनस्क्रीन को रोजाना त्वचा पर लगाएं।

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3. एलोवेरा सनस्क्रीन लोशन –

सामग्री –

  1. 5-6 बूँद लौंग का तेल
  2. 12-13 छोटी चम्मच एलोवेरा जेल। (आप एलो वेरा जेल की बोतल बाजार से खरीद सकते हैं)।
  3. एक बड़ी चम्मच अपनी पसंद का कोई भी खुशबूदार बॉडी लोशन।
  4. 8-9 बूँद पेपरमिंट आयल।

बनाने की विधि व लगाने का तरीका –

  1. सबसे पहले एक बर्तन लें।
  2. अब सभी सामग्रियों को उस बर्तन में डाल लें।
  3. डालने के बाद सामग्रियों को पांच से छः मिनट तक गर्म कर लें।
  4. अब सामग्रियों को ठंडा होने के लिए रख दें और फिर इन्हें मिक्सर में डाल दें।
  5. मिश्रण को तब तक मिक्स करें जब तक वो झागदार न दिखने लगे।
  6. फिर मिश्रण को फ्रिज में रखें और तब इस्तेमाल करें जब आपको इसकी जरूरत पड़े।
  7. यह प्राकृतिक सनस्क्रीन एक से दो महीने तक सुरक्षित रह सकती है, अगर आप इसे फ्रिज में रखते हैं तो। 

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4. एवोकाडो सनस्क्रीन –

सामग्री –

  1. दो बड़ी चम्मच बीसवैक्स।
  2. चार बड़ी चम्मच एलोवेरा जेल।
  3. एक बड़ी चम्मच बोरेक्स पाउडर
  4. छः बड़ी चम्मच एवोकाडो तेल।
  5. दो बड़ी चम्मच जोजोबा तेल
  6. दो बड़ी चम्मच शुद्ध बादाम का तेल
  7. दो बड़ी चम्मच शिया बटर।
  8. चार बड़ी चम्मच कोको बटर।
  9. चार बड़ी चम्मच नारियल का तेल।
  10. दस बूँद विटामिन ई तेल

बनाने व लगाने का तरीका –

  1. सबसे पहले बीसवैक्स को घिस लें।
  2. फिर एक बर्तन में इसे डाल दें और अब इसमें शिया बटर भी मिला लें।
  3. मिलाने के बाद इस बर्तन को गैस पर रख दें।
  4. चम्मच से मिश्रण को साथ के साथ चलाते रहें। तब तक चलाएं जब तक मिश्रण अच्छे से पिघल न जाए।
  5. अब इसमें बची हुई सामग्रियों को भी मिला दें।
  6. अच्छे से पूरे मिश्रण को मिलाएं और अब गैस से बर्तन को हटा लें।
  7. अब इसमें एलो वेरा जेल और बोरेक्स पाउडर भी मिला दें।
  8. फिर पूरे मिश्रण को मिक्सर में मिक्स करें या फिर आप हाथ से भी मिक्स कर सकते हैं।
  9. अब मिश्रण को किसी बंद डब्बे में बंद करके रख दें।
  10. मिश्रण को फ्रिज में रख दें और तब इस्तेमाल करें जब आपको इसकी जरूरत पड़े।
  11. इस सनस्क्रीन को आप एक महीने तक सुरक्षित रख सकते हैं।

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5. लैवेंडर और शिया बटर सनस्क्रीन -

सामग्री –

  1. डेढ़ बड़ी चम्मच शिया बटर।
  2. आठ से दस बूँद लैवेंडर तेल
  3. डेढ़ बड़ी चम्मच ज़िंक ऑक्साइड।
  4. दो तिहाई बड़ी चम्मच अनार का तेल।
  5. चार कप नारियल तेल।

बनाने की विधि व लगाने का तरीका –

  1. सबसे पहले एक बर्तन में ज़िंक ऑक्साइड को छोड़कर सभी सामग्रियों को मिला लें।
  2. अब एक सॉसपैन लें और फिर उसमें तीन कप पानी डालें।
  3. पानी में बर्तन को रखें।
  4. बर्तन में रखी सामग्रियों को चलाते रहें और बर्तन को तब तक पानी में रखें जब तक सभी सामग्रियां पिघल न जाएँ।
  5. जब यह मिश्रण अच्छे से तैयार हो जाए फिर इसमें ज़िंक ऑक्साइड डालें।
  6. अच्छे से पूरे मिश्रण को चला लें और अब इसे किसी बंद डब्बे में बंद करके रख दें।
  7. जब भी बाहर जाए तो इस सनस्क्रीन को जरूर लगाएं।

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सनस्क्रीन के फायदे इस प्रकार हैं -

1. सनस्क्रीन उम्र से पहले एजिंग से बचाती है -

सभी को जवान, चमकदार और स्वस्थ त्वचा की जरूरत होती है। यह आपकी त्वचा पर सुरक्षा कवच बनाता है और उम्र से पहले होने वाली परेशानी जैसे रिंकल्स और फाइन लाइन्स को भी दूर करता है। आप अपनी स्किन का ख्याल कई क्लींजर, टोनर और मॉइस्चराइजर से करते हैं, लेकिन इन सबसे से आपको कोई फर्क नहीं पड़ेगा तब तक जब तक आप अपनी त्वचा सूरज की हानिकारक किरणों से नहीं बचाएंगे।

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2. स्किन कैंसर से बचाती है -

स्किन कैंसर बहुत ही हानिकारक है और अगर आप अपनी त्वचा का ध्यान नहीं रखते हैं तो स्किन कैंसर का जोखिम बढ़ता चला जाता है। रोजाना सनस्क्रीन लगाएं और स्किन कैंसर के जोखिम को कम करें, खासकर मेलेनोमा (melanoma)। यह एक जानलेवा कैंसर है जो 20 साल की उम्र की महिलाओं को होता है।

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3. सनबर्न से बचाती है -

सनबर्न से आपकी त्वचा कमजोर पड़ जाती है। इससे त्वचा में दर्द भी महसूस होता है। त्वचा पर लालिमा, सूजन, खुजली, फोड़े आदि से बचने के लिए सनस्क्रीन लगाएं। तो गर्मियों में रोजाना बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना न भूलें। सनबर्न वाले क्षेत्र पर लगाने से आपको उस क्षेत्र पर दर्द और असहजता महसूस नहीं होगी।

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4. टैनिंग नहीं होती -

जब आप सूरज की तेज किरणों के सामने होते हैं तो उसकी पराबैंगनी किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। इससे आपकी त्वचा टैन भी हो जाती है। ऐसी सनस्क्रीन का चयन करें जिसका एसपीएफ 30 या 30 से अधिक हो। इससे आपकी त्वचा को टैनिंग नहीं होगी। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि आप अपनी त्वचा पर सनस्क्रीन हर दो या तीन घंटे बाद जरूर लगाएं, खासकर तब जब आपकी त्वचा संवेदनशील हो।

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5. त्वचा को स्वस्थ बनाती है -

आवश्यक स्किन प्रोटीन जैसे कोलेजन, केराटीन और इलास्टिन सनस्क्रीन से सुरक्षित रहते हैं। सनस्क्रीन में मौजूद बेहतरीन सामग्रियां त्वचा को जवान, स्वस्थ और कोमल बनाये रखने में मदद करती हैं। तो त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए एक अच्छे सनस्क्रीन का उपयोग जरूर करें। 

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सनस्क्रीन के नुकसान इस प्रकार हैं -

1. सनस्क्रीन से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है -

सनस्क्रीन में कुछ केमिकल होते हैं जिनके कारण स्किन इरिटेशन जैसे लालिमा, सूजन और खुजली की समस्या होने लगती है। कुछ लोगों को गंभीर एलर्जिक रिएक्शन भी होते हैं। एलर्जिक रिएक्शन में रैशेस और अधिक खुजली की परेशानी होती है। सनस्क्रीन में मौजूद खुशबू और उस प्रोडक्ट को कुछ समय तक बचाकर रखने वाले केमिकल से एलर्जी रिएक्शन होता है। हाल ही में की गयी एक रिसर्च से पता चला है कि सनस्क्रीन में पाबा (PABA - Para-aminobenzoic Acid) केमिकल होता है जिसके कारण कई तरह की स्किन एलर्जी हो सकती है। त्वचा के अनुसार सनस्क्रीन को खरीदने से पहले अपने डॉक्टर से बात जरूर करें।

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2. ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा देता है -

सनस्क्रीन में ऐसी सामग्रियां होती हैं जो ब्रैस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। कुछ सनस्क्रीन ब्लड एस्ट्रोजन स्तर पर प्रभाव डालती हैं। तो बच्चों को सनस्क्रीन देने से पहले अपने डॉक्टर से एक बार बात जरूर कर लें, क्योंकि सनस्क्रीन में मौजूद केमिकल बच्चों की त्वचा पर तेजी से अवशोषित होते हैं।

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3. आँखों में जलन हो सकती है -

आँखों में सनस्क्रीन जाने से दर्द और जलन की समस्या पैदा हो सकती है। सनस्क्रीन लगाते वक़्त या पसीने के जरिये आपकी आँखों में सनस्क्रीन चली जाती है। सनस्क्रीन के कारण आपको देखने में भी तकलीफ हो सकती है। कुछ सनस्क्रीन ऐसी भी होती हैं, जिनमें काफी अधिक मात्रा में केमिकल मौजूद होते हैं। तो अगली बार जब भी आपकी आँखों में सनस्क्रीन जाए तो उन्हें ठंडे पानी से धोएं और अगर आँखों में तब भी जलन होती है या लालिमा नजर आती है तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

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4. सनस्क्रीन से बालों की रोम में पस निकलता है -

जब आप सनस्क्रीन लगाएं तो इस बात का ध्यान रखें कि सनस्क्रीन आपके बालों की रोम तक न पहुंचे। सिर्फ और सिर्फ सनस्क्रीन माथे तक लगाएं। आपकी सिर की त्वचा पसीने की वजह से चिपचिपी व तैलीय हो जाती है और सनस्क्रीन के सम्पर्क में आने से उस क्षेत्र पर छोटे-छोटे दाने हो सकते है और आगे जाकर इनमें पस भी भर सकता है। ऐसे ये समस्या गंभीर भी हो सकती है। इसलिए सनस्क्रीन लगाने के बाद अगर आपको सिर की त्वचा में किसी भी प्रकार की परेशानी जैसे खुजली, जलन आदि महसूस होती है तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर को दिखाएं।

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5. सनस्क्रीन से मुहांसे और बढ़ जाते हैं -

अगर आपको कील-मुहांसों की समस्या है तो सनस्क्रीन में मौजूद कुछ केमिकल मुहांसों को और बढ़ा सकते हैं। सनस्क्रीन के इस साइड इफ़ेक्ट से छुटकारा पाने के लिए आप नॉन-कॉम्डोजेनिक (non-comedogenic) और नॉन-ऑयली सनस्क्रीन लगा सकते हैं। हमारी आपको यही सलाह है कि अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार ही सनस्क्रीन लगाएं या डॉक्टर से बात करने से पहले ही सनस्क्रीन का चयन करें। बॉडी सनस्क्रीन का उपयोग चेहरे पर न करें।

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