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आजकल पीठ दर्द की समस्या बहुत ही आम और बढ़ती जा रही है। यह समस्या किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकती है। वास्तव में इसके पीछे का मुख्य कारण मांसपेशियों में तनाव और जोड़ों में खिंचाव होना है। इसके अतिरिक्त अधिक वजन बढ़ना, रॉंग सीटिंग पोस्चर और शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है। कुछ लोगों को कमर दर्द केवल अस्थायी रूप से होता है जबकि कुछ लोगों को बहुत परेशान कर देता है। (और पढ़ें – कमर दर्द का इलाज)

कुछ गंभीर मामलों में, मेडिकल अटेंशन आवश्यक हो सकता है, लेकिन यदि आपका दर्द कम गंभीर है तो आप कुछ योगासन अपनाकर अपनी पीठ को मजबूत, स्ट्रेचिंग और रीढ़ और नसों के संचलन में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। (और पढ़ें - कमर दर्द के घरेलू उपाय)

तो आइये जानते है कुछ ऐसे ही योग पोस्चर्स के बारे में -

  1. पीठ दर्द के लिए योगासन है मार्जरी आसन - Cat Cow Position for Back Pain in Hindi
  2. कमर दर्द के लिए योग है अर्धमत्स्येन्द्रासन - Spinal Twist Yoga for Back Pain in Hindi
  3. पीठ के दर्द का इलाज करें अधो मुख श्वानासन से - Downward Dog Pose Benefits for Back Pain in Hindi
  4. पीठ दर्द के लिए हलासन है उपयोगी - Plow Pose for Back Pain in Hindi
  5. पाश्चिमोतानासन करे पीठ दर्द का इलाज - Seated Forward Fold for Back Ache in Hindi
  6. बालासन के फायदे पीठ के निचले हिस्से में दर्द के लिए - Child’s Pose for Lower Back Pain in Hindi
  7. पीठ में दर्द का इलाज करे गरुड़ासन - Eagle Pose for Back Pain in Hindi
  8. शलभासन के लाभ कमर दर्द के लिए - Locust Pose for Lower Back Pain in Hindi
  9. कमर दर्द का उपचार है धनुरासन - Bow Pose for Back Pain in Hindi
  10. त्रिकोणासन है कमर दर्द में लाभकारी - Triangle Pose for Back Pain in Hindi
  11. पीठ दर्द के लिए बाबा रामदेव योग वीडियो - Baba Ramdev Yoga for Back Pain Video in Hindi

मार्जरी आसन करने के लिए, अपने हाथों और घुटनों पर टेबलटॉप की स्थिति में आएं, अपनी पीठ को आर्च करते हुए और इसे गोलाकार करें, जैसे कि आप अपने हाथों और अपने पैरों के ऊपर से फर्श को नीचे धकेलते हैं। ये आसन रीढ़ की हड्डी को मालिश करने में मदद करता है, जबकि पीठ और धड़ को स्ट्रेच करता है।

कमर दर्द के लिए मार्जरी आसन के फायदे - 

मार्जरी आसन कमर के लिए सबसे आसान और आरामदायक स्ट्रेच है।

जब अर्धमत्स्येन्द्रासन की बात आती है तो आपके पास कई विकल्प होते हैं। यह एक बुनियादी और प्रभावशाली मरिचिआसन में से एक है। अपने बाएं पैर को सीधे रखें और अपना दाहिना पैर को मोड़ो ताकि आपका पैर सपाट रहें। सहायता के लिए अपने पीछे जमीन पर अपना दाहिना हाथ रखें और बाएँ हाथ की कोहनी को दाहिने घुटने पर रखें।

कमर दर्द के लिए अर्धमत्स्येन्द्रासन आसन के फायदे - 

अर्धमत्स्येन्द्रासन से हमारी रीढ़ की हड्डी मुड़ती है। आमतौर पर इस प्रकार का खिचाव हमें नहीं मिलता है। ये खिचाव रीड़ की हड्डी के लिए बेहद लाभदायक होता है।

यही एक कारण है कि अधो मुख श्वानासन योग की सबसे प्रतिष्ठित मुद्राओं में से एक है। यह आपके पूरे शरीर को फिर से जीवंत कर सकता है। अपने हाथों और पैरों के बल आएं और शरीर को एक मेज़ की स्थिति में लाएं। साँस छोड़ते हुए कमर को ऊपर उठाएं। अपने घुटने और कोहनी को मजबूती देते हुए अपने शरीर से उल्टा वी (V) बनाएं। हाथ कंधो के जितनी दूरी पर होने चाहिए। पैर पीठ की दूरी के बराबर और एक दुसरे के समानांतर होने चाहिए। अपनी हथेलियों को जमीन पर दबाएँ और कंधो से मजबूती प्रदान करें। लंबी गहरी साँस लें अधोमुख श्वान की अवस्था में बने रहें। अपनी नज़र नाभि पर बनाये रखें। साँस छोड़ते हुए घुटनो को मोड़े और वापस मेज़ वाली स्थिति में आएँ।

कमर दर्द के लिए अधो मुख श्वानासन आसन के फायदे - 

अधो मुख श्वानासन से पिड़लियों से लेकर गर्दन तक शरीर के पूरे पिछले हिस्से में खिचाव आता है। ये आसन कमर दर्दे के लिए बहुत फ़ायदेमंद है।

हलासन करने के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएँ। बाजुओं को सीधा पीठ की बगल में जमीन पर टिकाएं। दोनों पैसरो को एक दूसरे से मिलाकर रखें। आँखें बंद करके शरीर को ढीला छोड़ दें। अब कोहनियों को जमीन पर टिकाएं हुए दोनों हाथों से पीठ को सहारा दें। इस मुद्रा में १-२ सांस अंदर और बाहर लें और सुनिश्चित करें कि आपका संतुलन सही बना हुआ है। अब दोनों टांगों को बिलकुल पीछे ले जाएँ। जितना संभव हो सकें उतनी देर इस मुद्रा में रहें। और फिर पैरो को धीरे धीरे वापिस ले आएं।

कमर दर्द के लिए हलासन आसन के फायदे - 

हलासन से पीठ की ऊपरी भाग और गर्दन में खिचाव आता है।

पाश्चिमोतानासन करना आसान होता है जिससे आपको फायदा ही नहीं होगा बल्कि यह सही तरीके से लोअर बैक को खोल सकता है और कठोरता और दर्द से राहत प्रदान करता है। अपने पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएँ, धीरे धीरे कूल्हों पर से झुकते हुए अपने पैरों, टखनों को पकड़ें। अपनी पीठ को गोल करने के बजाय, अपने उरोस्थि (sternum) को आगे बढ़ाना जारी रखें और धड़ को लंबा करें। यदि इससे आपकी पीठ को दर्द होता है, तो अपने घुटनों को ज़रूरत के मुताबिक मोड़ो।

कमर दर्द के लिए पाश्चिमोतानासन आसन के फायदे - 

पाश्चिमोतानासन पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को खोलता है और दर्द व एठन को भी कम करता है। इस आसन को वो लोग न करें जिनके कमर के निचले हिस्से में चोट या स्लिप डिस्क है।

बालासन न केवल बच्चे के आराम करने का एक अद्धभुत तरीका है। यह आपकी पीठ और आपके कूल्हों को भी स्ट्रेच कर सकता है। आप इस आसान को कभी भी कर सकते हैं। बालासन करने के लिए जमीन पर वज्रासन में बैठ जाएँ। अब सांस लेते हुए दोनों हाथो को सैर के ऊपर उठा लें। आप सांस छोड़ते हुए नीचे की ओर आएं कूल्हों से झुकते हुएं। और तब तक झुके जब तक कि आपकी हथेलियां जमीन पर न लग जाएँ। अब एक गहरी लम्बी सांस अंदर ले और बाहर छोड़ें। इस मुद्रा में आप जितनी देर रह सकते हैं उतनी देर रहें।

कमर दर्द के लिए बालासन आसन के फायदे - 

बालासन हमारे लिए एक आरामदायक आसन है। इस आसन से कमर के साथ-साथ पूरे शरीर को आराम मिलता है। 

गरुड़ासन आपकी संपूर्ण पीठ को फैलाने और खोलने में मदद कर सकता है। ताड़ासन मुद्रा में खड़े हो जाएँ। अब घुटनों को थोड़ा सा मोड़ते हुए अपना दाहिना पैर उठाएं और अपनी बाईं ओर अपने दाएं जांघ पर रखें। अब फर्श पर अपने पैर की उंगलियों के साथ संतुलन करें,या अपने बाएं पिंडली के पीछे अपने दाहिने पैर को हुक दें। बाहों के लिए, बायीं तरफ दाहिनी बांह को ले जाएँ और कोहनी को झुकाने के साथ, अपने हथेलियों को एक साथ लाएं। आप अपने कोहनी को ऊपर खींचकर एक शक्तिशाली खिंचाव लें और अपने चेहरे से ऊपर हाथ निकाल लें।

कमर दर्द के लिए गरुड़ासन आसन के फायदे - 

गरुड़ासन से पीठ के मध्य भाग में खिचाव आता है, जो कि पीठ की मांसपेशियों को खोलता है और उनमें एठन ख़त्म करता है। 

अपनी पीठ और नितंबों को मजबूत करने के लिए शलभासन एक शानदार तरीका है। अपने पेट के बल लेट जाएँ और बगल में अपने हाथ टिकाएं। ठोड़ी को थोड़ा आगे लाएं और जमीन पर रख लें। आँखें बंद करके शरीर को ढीला छोड़ दें। अब धीरे धीरे जितना हो सके अपने टांगों को उतना ऊपर उठायें। टांगों को उठाते समय दोनों एक साथ रहनी चाहिए और अपने हाथो से जमीन पर दबाव बनायें। उसके बाद 30 सेकंड से एक मिनट तक ऐसे ही रहे और धीरे धीरे टांगों को निचे ले आएं।

कमर दर्द के लिए शलभासन आसन के फायदे - 

शलभासन से पीठ का निचला हिस्सा मज़बूत होता है। इस आसन को अपने शारीरिक क्षमता के अनुसार करें, जितना हो सके उतना ही टांगों को ऊपर उठाएं।

धनुरासन करने के लिए पेट के बल लेट जाएँ। दोनों पैरो के घुटनो को मोड़ कर एड़ियों को कूल्हों पर टिकाएं। अब हाथो से अपने टखनों को पकड़ें। जितना हो सके उतना अपनी जांघों और छाती को ऊपर उठायें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहे और वापिस पहले वाली पोजीशन में आ जाएँ।

कमर दर्द के लिए धनुरासन आसन के फायदे - 

धनुरासन एक कठिन आसन है, जो हमारी हड्डियों में लचीलापन लाता है और उन्हें मज़बूत भी बनाता है।

त्रिकोणासन करने के लिए सीधे खड़े हो जाएँ। अपने पैरों के बीच उचित दूरी बना लें। अपने दाहिने पंजे को 10 डिग्री और बाएँ पंजे को 15 डिग्री तक घुमाएँ। सुनिश्चित करें की आपके पंजे जमीन को दबा रहे हैं और शरीर का भार दोनों पैरों पर समान रूप से हैं। एक गहरी लम्बी साँस अन्दर की ओर लें और साँस बाहर की ओर छोड़ते हुए अपने शरीर को दाहिने तरफ मोड़ें। अब कूल्हों से नीचे की तरफ जाएँ और अपनी कमर को सीधा रखते हुए अपने बाएँ हाथ को ऊपर हवा में उठाएँ और दाहिने हाथ को नीचे जमीन की तरफ ले जाएँ।

कमर दर्द के लिए त्रिकोणासन आसन के फायदे - 

त्रिकोणासन कमर के साइड की मांसपेशियों में खिचाव लाता है और साथ ही दर्द, कमज़ोरी और एठन को भी ख़त्म करता है।

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