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आज के समय में अधिकतर लोग तनाव से ग्रस्त रहते हैं और अत्यधिक व्यस्तता के कारण वो मन की शांति और ख़ुशी पाने का कोई रास्ता नहीं खोज पाते हैं। वास्तव में आपको खुश रहने के लिए कही जाने की ज़रूरत नहीं है सिर्फ अपनी कुछ आदतों और विचारों में बदलाव लाकर आप हर दिन प्रसन्न रह सकते हैं।

तो आइये मनोवैज्ञानिकों के अनुसार इस लेख के माध्यम से जानते हैं कब और क्यों आप दिमागी तौर पर संतुष्टि का अनुभव करते हैं जो प्रसन्न रहने का बहुत बढ़ा कारण है।

  1. खुश रहने के लिए कहें थैंक यू - Saying thank you makes you happier in Hindi
  2. खुश रहने के लिए एक बार में एक समस्या सुलझाएं – Solve your problems one at a time keeps you happy in Hindi
  3. खुश रहने के लिए मन में कुछ भी दबाकर न रखें - Don’t keep all your feelings pent up for happiness in Hindi
  4. स्पर्श रखे हमेशा खुश - Touch makes you happy in Hindi
  5. नयी जानकरी आपको रखती है खुश - New knowledge makes you happier in Hindi
  6. खुश रहने का तरीका है खेल कूद - Sports make you happy in Hindi
  7. अच्छी नींद आपको रखेगी हमेशा खुश - Sleep makes you happy in hindi
  8. उम्मीद की भावना आपको रखती है खुश - Expectations make you happier in Hindi

क्या होता है - हम जब भी व्यक्ति, भाग्य, किसी चीज़ से या अपने जीवन के सकारात्मक पहलुओं से संबंधित खुश होते हैं तो धन्यवाद अदा करते हैं। सुखद यादें हमारे दिमाग में सेरोटोनिन का उत्पादन करती हैं जिससे हम तनाव से बचते हैं और खुश रहते हैं। तो जब भी आप तनावपूर्ण हो या दुखद महसूस करें तो ये तकनीक का इस्तेमाल आपके डिप्रेशन (अवसाद) से छुटकारा दिला सकता है। सुखद यादों का अनुभव कर उन चीज़ों, व्यक्तियों को धन्यवाद कर खुश रहना सीखें।   

क्या होता है - हमारा मस्तिष्क हर समस्या का समाधान ढूंढने के लिए चिंतित रहता है और उनका हल निकालने की कोशिश करता है। जिसकी वजह से आपके शरीर की अधिक ऊर्जा लगने लगती है। जब भी हमारा दिमाग थका होता है और समस्याएं अनसुलझी रहती हैं तो हम चिंतित और असहज महसूस करने लगते हैं। दूसरी ओर हर सफल निर्णय के लिए, हमारा मस्तिष्क न्यूरोट्रांसमीटर की मदद से खुद को प्रोत्साहित करता है जिससे हमारी लिंबिक प्रणाली (limbic system) बिल्कुल शांत रहती है और हमारे अंदर एक बार फिर से एक नयी उम्मीद जागती है। इसलिए ज़रूर है कि आप एक बार में एक ही समस्या का समाधान करें।

क्या होता है - मन में कई बातों को दबाकर रखकर सोचने से हमारा मस्तिष्क कई भागों से काम करना शुरू कर देता है जिस वजह से आप कुछ समझ नहीं पाते हैं। इसकी वजह से इसका प्रभाव आपके शरीर पर भी पड़ने लगता है इसलिए अपनी समस्याओं को कभी दबाकर न रखें। जब भी आप उनके बारे में बात करते हैं, तो आपका मस्तिष्क सेरोटोनिन का उत्पादन करता है और कुछ सकारात्मक चीज़े सोचने में भी मदद करता है। तो आज से बातों को दबाकर रखने की बजाए बताने की आदत डालें।

क्या होता है - इंसान के लिए सामाजिक संपर्क वास्तव में बेहद महत्वपूर्ण होता है। विभिन्न प्रकार के शारीरिक आश्रय जैसे स्पर्श और आलिंगन बिमारी के बाद या दौरान तेज़ी से ठीक करने के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं। अगर आप अपने जीवन से स्पर्शपूर्ण बातचीत हटा देते हैं तो आपका दिमाग पूर्ण तरीके से काम नहीं कर पाएगा जिसकी वजह से आपके शरीर से संबंधित परेशानी हो सकती है। इससे आपके मूड पर प्रभाव पड़ेगा और तनाव की स्थिति और भी ज़्यादा बड़ सकती है।

क्या होता है - मस्तिष्क के लिए नया ज्ञान प्राप्त करना मतलब नए माहौल में बदलाव आना। इस प्रक्रिया के माध्यम से, हमारा मस्तिष्क डोपामाइन (dopamine) के ज़रिये नयी चीज़ों की जानकारी लेने में मदद करता है। अगर आप खुश रहना चाहते हैं तो कभी नयी चीज़ों की जानकारी लेने से पीछे न हटें।

क्या होता है - शारीरिक गतिविधि शरीर के लिए तनावपूर्ण है। जैसे ही आपका तनाव खत्म होता है तो आपके शरीर को श्लेष्मा ग्रंथि (pituitary gland) द्वारा एंडोर्फिन (फील गुड भावना) प्राप्त होता है। यह प्रभाव ओपिएट्स के समान है, जो दर्द को कम करता है और मूड को बढ़ाता है। इस प्रभाव को पाने के लिए आपको मैराथन पर निकलने की ज़रूरत नहीं है। सिर्फ साधारण चलने से भी आप इसे हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आपको खेलना कूदना भी पसंद है तो तनाव को दूर करने के लिए और खुश रहने के लिए ये भी कर सकते हैं।

क्या होता है - जब हम अंधेरे में सोते हैं, तो हमारा शरीर मेलाटोनिन हार्मोन को स्रावित करता है जिसकी वजह से हम गहरी नींद में सोने लगते हैं। यह हार्मोन शरीर में सभी प्रक्रियाओं को धीमा कर देता है साथ ही यह तनाव को कम करने और हाइपोथेलेमस में मौजूद सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ने में मदद करता है। जब मस्तिष्क को रौशनी में कोई बदलाव नज़र आता है तो यह निकलने वाले स्ट्रेस हॉर्मोन को सक्रीय कर देता है जिसकी वजह से आप एकदम से उठ जाते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि आप 6-8 घंटे की नींद लें और एक अँधेरे वाली जगह पर सुकून से सोएं।

क्या होता है - खुश करने वाली चीज़ों का आप कई बार या रोज़ इंतज़ार करते होंगे जैसे खाना, घूमना, दोस्त आदि। हमारा मस्तिष्क वास्तव में सुखद घटना की आशंका से खुशी का अनुभव करता है। यही कारण है कि हम कुछ मिनट या घंटों तक किसी विशेष चीज़ के लिए बेहद उत्साहित रहते हैं जैसे दोस्त की शादी, अपने स्पेशल के साथ बाहर घूमना या पूरे दिन के काम बाद छुट्टी मिलना आदि शामिल हैं।

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