डिप्रेशन (अवसाद) - Depression in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS

March 28, 2017

February 15, 2021

डिप्रेशन

दुःख, बुरा महसूस करना, दैनिक गतिविधियों में रुचि या खुशी ना रखना हम इन सभी बातों से परिचित हैं। लेकिन जब यही सारे लक्षण हमारे जीवन में अधिक समय तक रहते हैं और हमें बहुत अधिक प्रभावित करते हैं, तो इसे अवसाद यानि डिप्रेशन कहते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया भर में अवसाद सबसे सामान्य बीमारी है। और दुनिया भर में लगभग 350 मिलियन लोग अवसाद से प्रभावित होते हैं।

अवसाद एक मानसिक स्वास्थ्य विकार है। विशेष रूप से यह एक मूड विकार है जो लगातार उदासी और किसी भी चीज़ से कोई लगाव न होने के कारण होता है। अवसाद कुछ दिनों की ही समस्या नहीं है यह एक लम्बी बीमारी है। अवसाद प्रकरण की औसत समय 6-8 महीने होती है।

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मूड का उतार-चढ़ाव अवसाद से अलग है। मूड का उतार-चढ़ाव तो हम अपने सामान्य और स्वस्थ जीवन में भी अनुभव करते हैं। हमारे दैनिक जीवन की चुनौतियों के प्रति हमारी अस्थायी भावुक प्रतिक्रियाएं अवसाद को जन्म नहीं देती हैं। इसी तरह जब हमारे किसी करीबी की मौत होती है और हम दुखी होते हैं तो वो भावना भी अवसाद नहीं है। हाँ अगर हम लम्बे समय तक उनकी मौत से दुखी रहते हैं तो अवसाद की समस्या हो सकती है।

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डिप्रेशन (अवसाद) के प्रकार - Types of Depression in Hindi

डिप्रेशन के प्रकार

अवसाद के कई अलग-अलग प्रकार हैं, जिनमें शामिल हैं - 

मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर

मेजर डिप्रेशन में व्यक्ति गहरी निराशा और आशाहीन में चला जाता है। प्रमुख अवसाद लक्षणों के संयोजन (combination) से चिह्नित है जो काम करने, अध्ययन करने, सोने, खाने और

प्रमुख अवसाद (major depression) में व्यक्ति गहरे निराशा और आशाहीन्ता में चला जाता है। इस अवसाद के लक्षण व्यक्ति के काम करने, अध्ययन करने, सोने, खाने और आनन्ददायक गतिविधियों का आनंद लेने की क्षमता में हस्तक्षेप करते हैं। मेजर अवसाद केवल एक बार हो सकता है लेकिन अकसर यह जीवन भर में कई बार होता है।

डिस्थीमिया और क्रोनिक अवसाद

लोग जो मानसिक अवसाद के लिए अस्पताल में भर्ती होते हैं इनमें लगभग 25% लोग सायकोटिक डिप्रेशन से पीड़ित होते हैं। अवसाद के लक्षणों के अतिरिक्त सायकोटिक डिप्रेशन वाले लोगों में मतिभ्रम - उन चीजों को देखना या सुनना जो वास्तव में नहीं हैं या भ्रम - तर्कहीन विचार और भय के लक्षण भी दीखते हैं।

सीजनल इफेक्टिव डिसऑर्डर

डायस्टिमिया को लम्बे समय से चल रहें अवसाद के रूप में संदर्भित किया जाता है। यह अवसाद का गंभीर रूप नहीं है, लेकिन इस अवसाद के लक्षण लंबे समय तक कई वर्षों तक रह सकते हैं। जो लोग डायस्टियमिया से पीड़ित होते हैं, वे आमतौर पर सामान्य रूप से कार्य करने में सक्षम होते हैं पर हमेशा नाखुश लगते हैं। डायस्टियमिया की स्तिथि मेजर डिप्रेशन से भिन्न है। डायस्टियमिया के लक्षण प्रमुख अवसाद से कम होते हैं। डायस्टियमिया की पहचान करने के लिए वयस्कों में यह कम से कम दो साल और बच्चों या किशोरों में एक वर्ष तक यह रहना चाहिए।

सायकोटिक डिप्रेशन

मौसम प्रभावित डिप्रेशनहर हर साल एक ही समय में आता है। आम तौर पर यह स्प्रिंग या सर्दियों में शुरू होता है और वसंत या गर्मियों की शुरुआत में समाप्त होता है। मौसम प्रभावित डिप्रेशन का एक दुर्लभ रूप समर डिप्रेशन (गर्मी के अवसाद) के रूप में जाना जाता है। यह वसंत या गर्मियों की शुरुआत में शुरू होता है और स्प्रिंग में समाप्त होता है।

जो लोग सीजनल इफेक्टिव डिप्रेशन से पीड़ित हैं, उनमें प्रमुख अवसाद के लक्षण होते हैं जैसे उदासी, चिड़चिड़ापन सामान्य गतिविधियों में रूचि ना होता, सामाजिक गतिविधियों से भागना और ध्यान केंद्रित करने में कमी आदि।

बाइपोलर डिप्रेशन

इस डिप्रेशन में मन लगातार कई हफ़्तो तक या महिनों तक बहुत उदास या फिर बहुत अत्यधिक खुश रहता है। उदासी में नकारात्मक विचार तथा मैनिक डिप्रेशन में ऊँचे ऊँचे विचार आते हैं। इसमें पीड़ित व्यक्ति का मन बारी-बारी से दो अलग और विपरीत अवस्थाओं में जाता रहता है। इस बीमारी में इंसान के व्यवहार में अचानक बदलाव देखने को मिलता है। कभी मरीज बहुत खुश तो कभी बहुत उदास रहता है।

डिप्रेशन (अवसाद) के लक्षण - Depression Symptoms in Hindi

अवसाद किस प्रकार का है, उसके अनुसार अवसाद के लक्षण भिन्न हो सकते है। अवसाद न केवल आपके विचारों और भावनाओं को प्रभावित करता है, यह आपके कार्य और दूसरों के साथ आपके संबंधों पर भी प्रभाव डाल सकता है। तो चलिए जानते हैं अवसाद के लक्षणों के बारे में -

  1. उदासी
  2. थकान
  3. ध्यान केंद्रित करने में परेशानी
  4. दुख
  5. गुस्सा
  6. चिड़चिड़ापन
  7. हताशा
  8. आनंददायक या मजेदार गतिविधियों में भाग ना लेना
  9. बहुत अधिक नींद या बहुत कम नींद आना
  10. एनर्जी में कमी, अस्वस्थ भोजन की लालसा करना
  11. चिंता
  12. दुसरो से अलग रहना
  13. बेचैनी
  14. चिंतित रहना
  15. स्पष्ट रूप से सोचने या निर्णय लेने में परेशानी
  16. काम या स्कूल में खराब प्रदर्शन
  17. गतिविधियों में भाग ना लेना
  18. अपराधबोध होना
  19. मन में आत्मघाती विचार लाना
  20. सिर या मांसपेशियों में दर्द रहना
  21. दवा या शराब का दुरुपयोग करना

डिप्रेशन (अवसाद) के कारण - Depression Causes in Hindi

अवसाद साधारण स्थिति नहीं है जिसका कोई ज्ञात कारण हो। कुछ लोगों की अवसादग्रस्त होने की सम्भावना ज़्यादा होती है और कुछ की क़म। इसलिए अपने डॉक्टर से अपने लक्षणों पर चर्चा करना ज़रूरी है। तो चलिए जानते हैं, अवसाद के कई संभावित लक्षणों के बारे में -

आनुवंशिकता

अवसाद वंशानुगत से हो सकता। यदि आपके परिवार में पहले किसी सदस्य को कभी अवसाद हुआ हो तो आप भी अवसाद का अनुभव कर सकते हैं। अभी तक यह पता नहीं चला है की अवसाद में कौन सा जीन शामिल है।

दिमाग में केमिकल परिवर्तन

कुछ लोगों के दिमाग में परिवर्तन के कारण अवसाद हो सकता है। हालांकि अभी तक इसके कारण का पता नहीं चला है, यह माना जाता है कि अवसाद मस्तिष्क के कामकाज के प्रवाभित होने से शुरू होता है। इसलिए कुछ मनोचिकित्सक अवसाद के मामलों में मस्तिष्क रसायन विज्ञान (brain chemistry) की मदद लेते हैं।

मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmitters), विशेष रूप से सेरोटोनिन ( serotonin), डोपामाइन (dopamine) या नोरेपेनेफ्रिन (norepinephrine) खुशी और आनंद की भावनाओं को प्रभावित करते हैं और अवसाद की स्तिथि में ये असंतुलित हो सकते हैं। अभी तक इसके कारण का सही पता नहीं चला है। एन्टीडिप्रेंटेंट्स न्यूरोट्रांसमीटर को संतुलित करने का काम करता है। यह मुख्यतः सेरोटोनिन को संतुलित करता है। न्यूरोट्रांसमीटर संतुलन से बाहर क्यों निकल जाते हैं और यह अवसादग्रस्त में क्या भूमिका है इसका अभी तक पता नहीं चला है।

हार्मोन असंतुलन

हार्मोन उत्पादन या हार्मोन के कामकाज में परिवर्तन से भी अवसाद की शुरुआत हो सकती है। हार्मोन में भी बदलाव जैसे रजोनिवृत्ति, प्रसव, थायरॉयड समस्या या अन्य विकार के दौरान बदलाव भी अवसाद का कारण बन सकते हैं।

पोस्टपार्टम डिप्रेशन (postpartum depression) में बच्चे के जन्म के बाद माताओं में डिप्रेशन की समस्या हो जाती है। हालांकि हार्मोन्स में बदलाव के कारण संवेदनशील होना काफी सामान्य है, लेकिन पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक गंभीर समस्या है।

मौसम में परिवर्तन

जैसे-जैसे सर्दियों के दिन आते हैं और दिन छोटे हो जाते हैं, बहुत से लोग सुस्ती, थकान और रोज़मर्रा के कार्यों में रूचि ना रख पाना अनुभव करते हैं। इस समस्या को मौसम प्रभावित विकार (SAD) कहा जाता है। यह स्थिति आमतौर पर सर्दियां ख़त्म होने पर समाप्त हो जाती है जब दिन लम्बे हो जाते हैं। इसके इलाज के लिए आप डॉक्टर से दवा या मशवरा ले सकते हैं।

जीवन में बड़ा परिवर्तन

कोई ट्रॉमा, जीवन में बड़ा परिवर्तन या संघर्ष अवसाद जैसी समस्या को बढ़ा सकता है। किसी प्रियजन को खो देना, नौकरी से निकाल दिया जाना, धन से सम्बंधित परेशानियों का सामना करना या कोई और गंभीर बदलाव लोगों में अवसाद की समस्या को जन्म देते हैं।

पोस्ट-ट्रोमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) अवसाद का एक रूप है जो जीवन में किस गंभीर परिस्थिति से गुजरने के बाद होता है। अक्सर युद्ध से लौटने वाले सैनिकों में PTSD की समस्या होती है। यह कई घटनाओं के कारण भी हो सकता है जैसे बचपन में ट्रामा के कारण, किसी डरावनी घटना के कारन, दुर्व्यवहार या हमले के कारण, गंभीर कार दुर्घटना या अन्य दुर्घटना के कारण, किसी ने धमकी दी हो उसके कारण आदि।

डिप्रेशन (अवसाद) से बचाव - Prevention of Depression in Hindi

डिप्रेशन की समस्या शुरू होने या बार-बार डिप्रेशन होने से रोकने के लिए कई असरदार तरीके मौजूद हैं। इन उपायों में शामिल हैं -

  • अपना ध्यान रखें - अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को अनदेखा न करें
  • नियमित दिनचर्या का पालन करें
  • अपने खान-पान पर ध्यान दें और सुनिश्चित करें कि यह स्वस्थ और संतुलित आहार है
  • अपने आत्मसम्मान और आत्मविश्वास पर काम करें। यह आपको कठिनाइयों से निपटने में अधिक सक्षम बना देगा
  • दोस्तों और परिवार की सहायता लें - उनसे दूरी न बनायें
  • तनाव से निपटने के तरीके अपनाएं। उदाहरण के तौर पर एक हॉबी शुरू कर सकते हैं, प्रेरणादायक किताबें पढ़ सकते हैं, प्रेरक फिल्म या वीडियो देख सकते हैं, संगीत सुन सकते हैं, ध्यान कर सकते हैं, नृत्य कर सकते हैं या व्यायाम कर सकते हैं
  • मदद मांगने में शर्माएं नहीं। सही समय पर मदद मिलने से डिप्रेशन होने से रोका जा सकता है
  • उदासी महसूस होने पर खुद दवा लेना शुरू न करें
  • जीवन पर सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास करें

डिप्रेशन (अवसाद) का परीक्षण - Diagnosis of Depression in Hindi

अवसाद का निदान कैसे लिया जाता है?

डॉक्टर अवसाद का निदान निम्नलिखित परीक्षणों द्वारा कर सकते हैं -

  1. शारीरिक परिक्षण - डॉक्टर आपका शारीरिक परिक्षण कर सकते हैं, और आपसे आपके स्वास्थय से सम्बंधित सवाल भी पूछ सकतें हैं। कुछ मामलों में, अवसाद शारीरिक समस्याओं के कारण होता है।
  2. प्रयोगशाला परीक्षण - डॉक्टर रक्त परीक्षण कर सकतें हैं। जिसे पूर्ण रक्त गणना कहा जाता है, या थायरॉयड का परीक्षण कर सकतें हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह ठीक से काम कर रहा है।
  3. मनो-चिकित्‍सा संबंधी परिक्षण - डॉक्टर आपके लक्षण, विचार, भावनाओं और व्यवहार के पैटर्नों के बारे में पूछतें है, इन सवालों के जवाब देने के लिए आपको एक प्रश्नावली भरने के लिए कहा जा सकता है।
 

डिप्रेशन (अवसाद) का इलाज - Depression Treatment in Hindi

अवसाद का इलाज कैसे किया जाता है?

विषाद एक चिकित्सा योग्य मानसिक रोग है। अवसाद को निम्नलिखित तरीकों से ठीक किया जा सकता हैं -

  1. समर्थन 
  2. साइकोथेरपी - इसे टॉकिंग थेरेपी भी कहा जाता है, जैसे कि - कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT)।
  3. दवाइयों द्वारा इलाज - एंटी-डेप्रेसेंट्स का उपयोग होता होता है। 

साइकोथेरपी  

  1. अवसाद के लिए की जाने वाली साइकोलॉजिकल या टॉकिंग थेरेपी में कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT), इंटरपर्सनल साइकोथेरपी और समस्या निवारण उपचार शामिल है।
  2. CBT और इंटरपर्सनल थेरेपी दो मुख्य प्रकार की साइकोथेरपी हैं, जिनका इस्तेमाल अवसाद को ठीक करने के लिए किया जाता है। CBT को आमने-सामने, समूह में या टेलीफोन द्वारा व्यक्तिगत सत्रों में वितरित किया जा सकता है।

एंटी-डेप्रेसेंट्स दवाइयां

इन दवाइयों  का डॉक्टर द्वारा सुझाव दिया जाता है। इन दवाइयों का मध्यम से लेकर तीव्र अवसाद को ठीक करने में इस्तेमाल होता है। यह दवाइयां छोटें बच्चों को नहीं दी जाती हैं। किशोरों को भी बहुत सावधानी से इसका इस्तेमाल करना चाहिए। उदहारण के लिए - ट्राईसाइक्लिक एंटी-डेप्रेसेंट्स (tricyclic anti-depressants)।

व्यायाम और अन्य इलाज

  1. एरोबिक व्यायाम - एरोबिक व्यायाम हल्के अवसाद को ठीक कर सकता है क्योंकि यह न्यूरोट्रांसमीटर नोरेपेनेफ्रिन को उत्तेजित करता है, जो मूड से संबंधित है।
  2. मस्तिष्क उत्तेजना उपचार - इलेक्ट्रोकन्वल्सिव चिकित्सा सहित - अवसाद में भी उपयोग किया जाता है।
  3. इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (electroconvulsive therapy) - अवसाद के गंभीर मामले जिनसे दवाओं द्वारा इलाज में फर्क नहीं पड़ा है, उन्हें इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ईसीटी) से फायदा हो सकता है; यह मनोवैज्ञानिक अवसाद के लिए विशेष रूप से प्रभावी है।

डिप्रेशन (अवसाद) के नुकसान - Depression Complications in Hindi

अवसाद के कारण होने वाली अन्य परेशानियां या बिमारी

अवसाद एक गंभीर विकार है जिसके कारण आपको और आपके परिवार को बहुत मुश्किल का सामना कर पद सकता है। यदि इसका इलाज नहीं किया जाये, तो अवसाद अक्सर अधिक खराब हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप भावनात्मक, व्यवहारिक और स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं जो आपके जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करता हैं।

अवसाद के साथ जुड़े जटिलताओं के उदाहरणों में शामिल हैं -

  1. अत्यधिक वजन या मोटापा, जिससे हृदय रोग और शुगर हो सकता है
  2. दर्द या शारीरिक बीमारी
  3. शराब या नशीली दवाओं के दुरुपयोग
  4. चिंता, आतंक विकार या सामाजिक भय
  5. पारिवारिक संघर्ष, रिश्ते संबंधी कठिनाइयों और काम या स्कूल की समस्याएं
  6. सामाजिक अलगाव
  7. आत्मघाती भावनाएं, आत्महत्या के प्रयास या आत्महत्या
  8. आत्म-विकृति, जैसे खुद को काटना
  9. चिकित्सा स्थितियों से समयपूर्व मृत्यु


संदर्भ

  1. American Psychiatric Association [Internet] Washington, DC; Depression
  2. National Institute of Mental Health [Internet] Bethesda, MD; Depression. National Institutes of Health; Bethesda, Maryland, United States
  3. National Institute of Mental Health [Internet] Bethesda, MD; Depression. National Institutes of Health; Bethesda, Maryland, United States
  4. National Health Service [Internet]. UK; Depression

डिप्रेशन (अवसाद) के डॉक्टर

Dr. Ankit Gupta Dr. Ankit Gupta मनोचिकित्सा
10 वर्षों का अनुभव
Dr. Anil Kumar Kumawat Dr. Anil Kumar Kumawat मनोचिकित्सा
5 वर्षों का अनुभव
Dr. Dharamdeep Singh Dr. Dharamdeep Singh मनोचिकित्सा
6 वर्षों का अनुभव
Dr. Ajay Kumar... Dr. Ajay Kumar... मनोचिकित्सा
14 वर्षों का अनुभव
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डिप्रेशन (अवसाद) की दवा - Medicines for Depression in Hindi

डिप्रेशन (अवसाद) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

दवा का नाम

कीमत

₹43.4

20% छूट + 5% कैशबैक


₹68.95

20% छूट + 5% कैशबैक


₹47.6

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₹93.34

20% छूट + 5% कैशबैक


₹29.4

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₹99.0

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₹98.0

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₹47.3

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डिप्रेशन (अवसाद) की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Depression in Hindi

डिप्रेशन (अवसाद) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

डिप्रेशन (अवसाद) पर आम सवालों के जवाब

सवाल एक साल के ऊपर पहले

मुझे डिप्रेशन है। मैं कैसे इससे बाहर निकल सकता हूं? डिप्रेशन की वजह से मुझे कई तरह की प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है? मुझे पुरानी बातें बहुत याद आती हैं जिसकी वजह से मुझे बार-बार डिप्रेशन होने लगता है। मैं इससे बचने के लिए क्या करूं?

Dr. Kumawat Vijay Kumar MBBS , सामान्य चिकित्सा

डिप्रेशन बहुत ही मुश्किल स्थिति है। आप खुद ही कल्पना मत कीजिए कि आपको डिप्रेशन है। इसके लिए आप साइकेट्रिस्ट या साइकोलोजिस्ट से अपना चेकअप करवा लें। इसके बाद अगर डिप्रेशन की पुष्टि होती है तो आप डिप्रेशन की दवा और साइकोथेरेपी की मदद से इसे ठीक कर सकते हैं, लेकिन अगर आपके परीक्षण में डिप्रेशन नहीं पाया जाता है और आप फिर भी दुखी या मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस करते हैं तो मेन्टल हैल्थ प्रोफेशनल से मिलें, वह इस समस्या से बाहर निकलने में आपकी मदद कर सकते हैं।

सवाल एक साल के ऊपर पहले

मेरी दोस्त बहुत ज्यादा डिप्रेशन में है। डॉक्टर ने उसे Zapir 25 एमजी प्रिस्क्राइब की है लेकिन वह इसका ओवरडोज लेना चाहती है, वह इस मेडिसिन की 20 गोलियां एक साथ लेना चाहती है। मैं उसके लिए बहुत परेशान हूं, हम उससे दवा छुपाते रहते हैं। मुझे जानना है कि अगर वह इस दवा के इतने डोज लेती है तो इसका क्या प्रभाव हो सकता है? इसके दुष्प्रभाव क्या होंगे?

Dr. Haleema Yezdani MBBS , सामान्य चिकित्सा

दवा का ओवरडोज उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। इसके लिए आप उन्हें साइकोथेरेपिस्ट के पास ले जाएं। इस मामलें में साइकेट्रिस्ट आपके दोस्त की मदद कर सकते हैं। काउन्सलिंग से डिप्रेशन को दूर करने में काफी मदद मिलती है।

सवाल एक साल के ऊपर पहले

डिप्रेशन का इलाज बिना दवा के कैसे किया जा सकता है?

Dr. Kuldeep Meena MBBS, MD , श्वास रोग विज्ञान

अध्ययन बताते हैं कि कम डिप्रेशन को बिना दवा के साइकोथेरेपी की मदद से ठीक किया जा सकता है लेकिन मध्यम और गंभीर डिप्रेशन के लिए साइकोथेरेपी के साथ दवा की भी जरूरत होती है। कोई भी इलाज शुरू करने से पहले साइकेट्रिस्ट से सलाह जरूर लें।

सवाल एक साल के ऊपर पहले

मैं पिछले 2 साल से डिप्रेशन में हूं। डिप्रेशन से जल्दी कैसे बाहर आ सकते हैं और किस तरह से मैं टेंशन फ्री एक बेहतर लाइफ जी सकता हूं?

ravi udawat MBBS , सामान्य चिकित्सा

डिप्रेशन से बाहर निकलने में काउन्सलिंग की मदद ले सकते हैं। इससे आप बिना दवा के भी ठीक हो सकते हैं। इसके लिए आप साइकेट्रिस्ट से मिलें। योग और मेडिटेशन करें, इससे स्ट्रेस भी दूर होता है और डिप्रेशन को भी कम किया जा सकता है।