वीरभद्रासन — जिसको वॉरईयर पोज़ (Warrior Pose) के नाम से भी जाना जाता है — के तीन प्रकार हैं। उनमें से जिस आसन की हम आज बात करेंगे उसे वीरभद्रासन 1 कहा जाता है। वीरभद्र, एक वीर योद्धा, भगवान शिव का अवतार था। इस आसन का नाम उस योद्धा के नाम पर रखा गया है। तो यह सुन कर आश्चर्य होता है कि एक योद्धा के नाम पर इस आसन का नाम रखा गया क्योंकि आख़िर योग में युध और हिंसा का कोई स्थान नहीं है! वास्तव में “वीरभद्रासन” नाम रखने का उदेश्य है कि हर योगी को “आध्यात्मिक योद्धा” बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
- वीरभद्रासन 1 के फायदे - Virabhadrasana 1 ke fayde
- वीरभद्रासन 1 करने से पहले यह आसन करें - Virabhadrasana 1 karne se pehle yeh aasan kare
- वीरभद्रासन 1 करने का तरीका - Virabhadrasana 1 karne ka tarika
- वीरभद्रासन 1 का आसान तरीका - Virabhadrasana 1 ka aasaan tarika
- वीरभद्रासन 1 करने में क्या सावधानी बरती जाए - Virabhadrasana 1 karne me kya savdhani barte
- वीरभद्रासन 1 करने के बाद आसन - Virabhadrasana 1 karne ke baad aasan
- वीरभद्रासन 1 का वीडियो - Virabhadrasana 1 ka video
वीरभद्रासन 1 के फायदे - Virabhadrasana 1 ke fayde
हर आसन की तरह वीरभद्रासन 1 के भी कई लाभ होते हैं। उनमें से कुछ हैं यह:
- छाती और फेफड़ों, कंधे और गर्दन, पेट, ग्राय्न में खिचाव लाता है।
- कंधों, बाज़ुओं और पीठ की मांसपेशियों को मज़बूत करता है।
- जांघों, पिंदलियो और टखनों को मज़बूत करता है और उनमें खिचाव लाता है।
- वीरभाद्रासन साइटिका से राहत दिलाता है।
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वीरभद्रासन 1 करने से पहले यह आसन करें - Virabhadrasana 1 karne se pehle yeh aasan kare
वीरभद्रासन 1 करने से पहले आप यह आसन कर सकते हैं इनसे आपकी हॅम्स्ट्रिंग, कूल्हे, जांघे और कंधे पर्याप्त मात्रा में खुल जाएँगे।
- प्रसारित पादोत्तासन (Prasarita Padottanasana or Wide-Legged Forward Bend)
- पर्श्वोत्तनासन (Parsvottanasana or Intense Side Stretch Pose)
- उत्थित हस्त पादंगुष्ठासन (Utthita Hasta Padangusthasana or Extended Hand-To-Big-Toe Pose)
- अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन (Ardha Baddha Padmottanasana or Half Bound Lotus Standing Forward Bend)
- उत्कटासन (Utkatasana or Chair Pose)
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वीरभद्रासन 1 करने का तरीका - Virabhadrasana 1 karne ka tarika
वीरभद्रासन 1 करने की विधि हम यहाँ विस्तार से दे रहे हैं, इसे ध्यानपूर्वक पढ़ें।
- ताड़ासन में खड़े हो जायें। श्वास अंदर लें और 3.5 से 4 फीट पैर खोल लें।
- अपने बायें पैर को 45 से 60 दर्जे अंदर को मोड़ें, और दाहिने पैर को 90 दर्जे बहार को मोड़ें। बाईं एड़ी के साथ दाहिनी एड़ी संरेखित करें। साँस छोड़ते हुए अपने धड़ को दाहिनी ओर 90 दर्जे तक घुमाने की कोशिश करें। आप शायद पूरी तरह धड़ ना घुमा पायें। अगर ऐसा हो तो जितना बन सके, उतना करें।
- धीरे से अपने हाथ उठाएँ जब तक हाथ सीधा आपके धड़ की सीध में ना आ जायें। हथेलियों को जोड़ लें और छत की ओर उंगलियों को पॉइंट करें।
- ध्यान रखें की आपकी पीठ सीधी रहे। अगर पीठ मुडी होगी तो पीठ के निचले हिस्से में समय के साथ दर्द बैठ सकता है। अपने बाईं एड़ी को मज़बूती से ज़मीन पर टिकाए रखें और दाहिने घुटने को मोड़ें जब तक की घुटना सीधा टखने की ऊपर ना आ जाए। अगर आप में इतना लचीलापन हो तो अपनी जाँघ को ज़मीन से समांतर कर लें।
- अपने सिर को उठायें और दृष्टि को उंगलियों पर रखें। कुल मिला कर पाँच बार साँस अंदर लें और बाहर छोड़ें ताकि आप आसन में 30 से 60 सेकेंड तक रह सकें। धीरे धीरे जैसे आपके शरीर में ताक़त और लचीलापन बढ़ने लगे, आप समय बढ़ा सकते हैं — 90 सेकेंड से ज़्यादा ना करें।
- जब 5 बार साँस लेने के बाद आप आसान से बाहर आ सकते हैं। आसन से बाहर निकलने के लिए सिर नीचे कर लें, फिर दाहिनी जाँघ को उठायें, हाथ नीचे कर लें, धड़ को वापिस सीधा कर लें और पैरों को वापिस अंदर ले आयें ख़तम ताड़ासन में करें।
- दाहिनी ओर करने के बाद यह सारे स्टेप बाईं ओर भी करें ।
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वीरभद्रासन 1 का आसान तरीका - Virabhadrasana 1 ka aasaan tarika
शुरुआत में कई लोगों को अपनी पिछली एडी नीचे टीकाने में दिक्कत आती है। अगर आपके साथ ऐसा हो तो ज़बरदस्ती ना करें इसके बजाए एडी के नीचे तौलिया या कोई और चीज़ लगा लें जिस पे एडी टिकाई जा सके।
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वीरभद्रासन 1 करने में क्या सावधानी बरती जाए - Virabhadrasana 1 karne me kya savdhani barte
- जिन्हे हाई बीपी या हृदय की समस्या हो, वह वीरभाद्रासन 1 ना करें।
- अगर आपको कंधे की समस्या हो तो हथेलियों को ना जोड़ें, बल्कि हाथों को समान्तर रखें। अगर हाथ कंधे से ऊपर उठाने में सिककत हो तो हाथ उतने ही उठायें जितना बिना दर्द हुए मुमकिन हो।
- अगर आपके गर्दन में समस्या हो तो सिर को सीधा ही रखें — उंगलियों की तरफ देखने के लिए सिर को ना उठायें।
- अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर न लगायें।
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वीरभद्रासन 1 करने के बाद आसन - Virabhadrasana 1 karne ke baad aasan
- वीरभद्रासन 2 (Virabhadrasana 2 or Warrior Pose 2)
- दंडासन (Dandasana or Staff Pose)
- पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana or Seated Forward Bend)
- पूर्वोतानासन (Purvottanasana or Upward Plank Pose)
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