बिल्ली के साथ खेलना सबको अच्छा लगता है, लेकिन बिल्लियां काट भी सकती हैं। उनके दांत बहुत तीखे होते हैं, जो व्यक्ति की त्वचा में अंदर तक घुस जाते हैं। बिल्ली के काटने पर आमतौर पर कोई गंभीर समस्या नहीं होती है, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में इससे गंभीर जटिलताएं और मृत्यु तक हो सकती है।

बिल्ली के काटने के बाद जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी डॉक्टर के पास जाना चाहिए, नहीं तो इन्फेक्शन और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को शुगर है या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उनके लिए बिल्ली का काटना खतरनाक साबित हो सकता है।

बिल्ली के काटने के बाद डॉक्टर के पास जाने से पहले आप कुछ प्राथमिक उपचार कर सकते हैं।

इस लेख में बिल्ली के काटने से क्या होता है, क्या करना चाहिए और बिल्ली के काटने पर कौन से इंजेक्शन लगवाने चाहिए के बारे में बताया गया है।

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  1. बिल्ली के काटने से क्या होता है - Billi ke katne par kya hota hai
  2. बिल्ली के काटने पर क्या करें - Billi ke katne par kya karna chahiye
  3. बिल्ली के काटने पर इंजेक्शन - Billi ke katne par konsa injection lagta hai

बिल्ली के काटने पर उसके नुकीले दांत त्वचा के अंदर घुस जाते हैं, जिससे त्वचा में छोटे लेकिन गहरे घाव हो जाते हैं। बिल्ली के काटने से संक्रमण होने का खतरा बहुत अधिक होता है। अन्य जानवरों के काटने से त्वचा कट जाती है और यहां तक की हड्डियों में फ्रैक्चर भी हो सकता है, लेकिन बिल्लियों के काटने से छोटा घाव होता है जिसे साफ़ कर पाना मुश्किल होता है। बिल्ली के मुंह में बहुत तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। इनके काटने पर घाव जल्दी बंद होने लगता है और उसमें मौजूद बैक्टीरिया त्वचा के अंदर ही रह जाते हैं।

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जगह और गहराई के आधार पर, बैक्टीरिया आस-पास के ऊतकों में फ़ैल सकते हैं जिससे सेलुलाइटिस नामक एक समस्या हो सकती है।

इन्फेक्शन के लक्षण बिल्ली के काटने के कुछ देर बाद ही दिखने लगते हैं। बिल्ली के नाखून मारने और यहां तक की उसकी थूक से भी बैक्टीरिया फैल सकते हैं।

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अगर आपको या किसी और व्यक्ति को बिल्ली ने काटा है, तो निम्नलिखित प्राथमिक उपचार करें -

  • सबसे पहले घाव की जांच करें और देखें कि घाव कितना गहरा है। कभी-कभी बिल्ली केवल खरोंच मारती है, जिससे कोई घेहरा घाव नहीं होता।
  • घाव को पानी और साबुन से धोएं और थोड़ा दबाएं ताकि घाव से खून के साथ बैक्टीरिया निकल जाए। (और पढ़ें - चोट लगने पर क्या करें)
  • बैक्टीरिया और अन्य रोगजनकों को बढ़ने से रोकने के लिए निसंक्रामक दवा, जैसे डेटोल या सेवलॉन को रुई में डालकर घाव साफ़ करें। हो सकता है ये थोड़ी देर तक चुभे लेकिन ये चुभन जल्द ठीक भी हो जाती है।
  • इन्फेक्शन से बचने के लिए मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली कोई एंटीबायोटिक दवा लें और घाव पर लगा लें।
  • एंटीबायोटिक दवा लगाने के बाद घाव पर बैंडेज या पट्टी लगाएं। (और पढ़ें - मकड़ी के काटने पर क्या करना चाहिए)
  • बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर कोई भी एंटीबायोटिक दवा को इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
  • बिल्ली के काटने पर आपको डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता होती है ताकि वे आपके घाव की जांच कर सकें और अगर ज़रूरत हो तो इंजेक्शन लगा सकें।
  • डॉक्टर से जांच कराने के बाद बैंडेज को दिन में 2-3 बार पाने आप बदलें।
  • घाव पर इन्फेक्शन के लक्षणों, जैसे लाली, सूजन, बुखार और दर्द बढ़ना का ध्यान रखें। (और पढ़ें - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)

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बिल्ली के काटने से कुछ बीमारियां होने का जोखिम होता है, इसीलिए आपके डॉक्टर आपको रेबीज और टेटनस के इंजेक्शन लगा सकते हैं।

  • टिटनेस
    टिटनेस एक ऐसे बैक्टीरिया के कारण होता है जो धूल और जानवरों के मल में पाया जाता है। ये बैक्टीरिया बिल्ली के काटने से भी फ़ैल सकता है इसीलिए अगर आपका घाव गंदा व गहरा है और आपको पिछले 5 सालों में टिटनेस का इंजेक्शन नहीं लगा है, तो आपको बिल्ली के काटने पर टिटनेस का इंजेक्शन लगेगा। (और पढ़ें - घाव भरने के उपाय)
     
  • रेबीज
    अगर किसी बिल्ली को रेबीज है, तो उसके काटने से आपको भी रेबीज हो सकता है। जानवरों में रेबीज होने का सबसे मुख्य लक्षण होता है मुंह के पास झाग बनना। हालांकि, लक्षणों के दिखने से पहले भी जानवरों के काटने से ये बीमारी फ़ैल सकती है इसीलिए आपके डॉक्टर आपको रेबीज का इंजेक्शन लगाएंगे।

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नोट: प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड देने से पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपको या आपके आस-पास किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या अस्पताल​ से तुरंत संपर्क करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है। 

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