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ऐसा कहा जाता है कि कुत्ते इंसानों के सबसे अच्छे दोस्त होते हैं, हालांकि उकसाए जाने पर ये इंसानों को काट भी लेते हैं। इनके काटने से इन्फेक्शन, रोग और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

कुत्ते के साइज़ और काटने की वजह के आधार पर उसका काटना कम या ज्यादा गंभीर हो सकता है। कुत्ता डर से या खुद को बचाने के लिए या पहले हुई किसी घटना की वजह से आपको काट सकता है।

कारण जो भी हो, कुत्ते के काटने के बाद आपको चिकित्सा अवश्य लेनी चाहिए। अगर कुत्ते के काटने से आपकी त्वचा छिल गई है, तो घाव को अच्छे से धोकर प्राथमिक चिकित्सा देना बहुत महत्वपूर्ण होता है।

इस लेख में कुत्ते के काटने पर फर्स्ट ऐड कैसे करें, सावधानियां और इंजेक्शन के बारे में बताया गया है।

(और पढ़ें - सांप के काटने पर प्राथमिक उपचार)

  1. कुत्ते के काटने से क्या होता है - Kutte ke katne se kya kya hota hai
  2. कुत्ते के काटने पर क्या करे - Kutte ke katne par prathmik upchar
  3. कुत्ते के काटने के बाद सावधानियां - Kutte ke katne ke baad rakhe in bato ka dhyan
  4. कुत्ते के काटने पर इंजेक्शन - Kutte ke katne par konsa injection lagta hai
कुत्ते के काटने से क्या होता है - Kutte ke katne se kya kya hota hai

कुत्ते के काटने से घाव के साथ-साथ अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। ये समस्याएं निम्नलिखित हैं -

  • तंत्रिकाओं को नुक्सान
    कुत्ते के काटने से तंकत्रिकओं को सामान्य से लेकर बहुत गंभीर नुकसान तक हो सकता है। कई स्थितियों में तंत्रिकाओं को थोड़ा नुक्सान हो जाता है, जो ठीक भी हो जाता है और कुछ अन्य स्थितियों में तंत्रिकाओं को स्थायी नुक्सान होता है, जिसके ठीक होने की सम्भावना बहुत कम होती है।
     
  • इन्फेक्शन
    कुत्ते के काटने के बाद इन्फेक्शन या संक्रमण होने का खतरा बहुत अधिक होता है। कुत्ते के काटने से संक्रमण करने वाले बैक्टीरिया त्वचा की अंदर की सतहों में चले जाते हैं और ज़्यादातर मामलों में इससे इन्फेक्शन होता ही है।
     
  • रेबीज
    रेबीज एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। पागल कुत्तों में रेबीज का वायरस होता है और आखिरी चरण में ये कुत्ते दूसरे कुत्तों या व्यक्तियों को काटकर उन में भी इसे फैला देते हैं।
     
  • मानसिक प्रभाव
    कुत्ते के काटने के बाद व्यक्ति कई समय तक इस घटना से मानसिक रूप से प्रभावित रहता है। कुत्ते काटने का पोस्ट ट्रोमैटिक तनाव विकार (Post Traumatic Stress Disorder) एक आम प्रभाव है।

(और पढ़ें - मानसिक रोग के लक्षण)

कुत्ते के काटने पर क्या करे - Kutte ke katne par prathmik upchar

कुत्ते के काटने के बाद चिकित्सा लेना महत्वपूर्ण होता है, अगर बहुत अधिक खून बह रहा है, तो आपातकालीन स्थिति में अस्पताल जाएं और खून को रोकने का प्रयास करें। हालांकि, इससे पहले आप घायल व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा दे सकते हैं। कुत्ते के काटने पर फर्स्ट ऐड देने का तरीका निम्नलिखित है -

  • घाव को अच्छे से पानी व साबुन से धोएं। पानी का तापमान सामान्य होना चाहिए। ऐसा करने से घाव या उसके आस-पास की जगह पर मौजूद कीटाणू निकल जाएंगे।
  • घाव पर एंटीबायोटिक (Antibiotic) दवा लगाएं। इन दवाओं से घाव के ठीक होते समय संक्रमण नहीं होगा। क्रीम के पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार क्रीम को घाव पर लगाएं।
  • घाव पर पट्टी लगाएं। अगर बहुत अधिक रक्तस्त्राव हो रहा है, तो पट्टी के ऊपर दबाव बनाएं और रक्तस्त्राव रोकने की कोशिश करें। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाएं।
  • पट्टी को बदलें। पट्टी खराब होने पर या दिन में बार-बार पट्टी बदलें ताकि घाव में संक्रमण न हो सके। घाव को फिर से धोएं और पहले की तरह एंटीबायोटिक दवा लगाकर इसपर नई पट्टी लगा दें।
  • इन्फेक्शन के लक्षणों का ध्यान रखें, जैसे लाली, सूजन, दर्द बढ़ना और बुखार

(और पढ़ें - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)

कुत्ते के काटने के बाद सावधानियां - Kutte ke katne ke baad rakhe in bato ka dhyan

कुत्ते के काटने के बाद निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें -

  • घाव को दिन में चार से पांच बार अच्छे से साफ़ करें और नल के पानी के साथ साबुन या डेटॉल का इस्तेमाल करें।
  • घाव को उठा कर रखें और पट्टी करने से पहले अपने हाथ अच्छे से धो लें।
  • अगर आपको लगता है कि जिस कुत्ते ने आपको काटा उसे रेबीज था, तो तुरंत जाकर डॉक्टर से रेबीज के लिए टीकाकरण कराएं।
  • पालतू कुत्ते के काटने पर इसे अनदेखा न करें और डॉक्टर के पास जाएं।

(और पढ़ें - कीड़े के काटने का इलाज)

कुत्ते के काटने पर इंजेक्शन - Kutte ke katne par konsa injection lagta hai

कुत्ते के काटने पर टेटनस और रेबीज के इंजेक्शन लगाएं जाते हैं।

  • टेटनस
    टेटनस तंत्रिका तंत्र की एक बीमारी है, जो बैक्टीरिया के कारण होती है। इस बैक्टीरिया के बीजाणु मिट्टी, जानवरों के मल और हमारी आंत में पाए जाते हैं। अगर कुत्ते के काटने के घाव से ये बीजाणु त्वचा में घुस जाते हैं, तो ये बीजाणु पनपने लगते हैं और विषाक्त पदार्थ बनाते हैं जो खून में पहुंचकर नुक्सान पहुंचाता है। इसीलिए कुत्ते के काटने के बाद टेटनस का इंजेक्शन लेना महत्वपूर्ण है। (और पढ़ें - बैक्टीरियल इन्फेक्शन क्या होता है)
     
  • रेबीज
    अगर किसी व्यक्ति को ऐसे कुत्ते ने काटा है जिसे रेबीज है, तो व्यक्ति को भी रेबीज हो जाएगा, इसीलिए इसका टीकाकरण कराना आवश्यक है।
  1. अगर व्यक्ति को पहले कभी रेबीज का टीका नहीं लगा है, तो उसे रेबीज के चार इंजेक्शन लगेंगे। एक इंजेक्शन कुत्ते के काटने के तुरंत बाद और बाकि इंजेक्शन तीसरे, सातवे और चौदहवे दिन। व्यक्ति को पहले इंजेक्शन के साथ "रेबीज इम्यून ग्लोब्युलिन" (Rabies Immune Globulin) नामक एक टीका भी लगाया जाता है।
  2. अगर व्यक्ति को पहले रेबीज का इंजेक्शन लग चुका है, तो उसे केवल दो इंजेक्शन लगेंगे - एक कुत्ते के काटने पर और एक तीसरे दिन। इस स्थिति में रेबीज इम्यून ग्लोब्युलिन की आवश्यकता नहीं होती है।

(और पढ़ें - टीकाकरण चार्ट)

नोट: प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड देने से पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपको या आपके आस-पास किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या अस्पताल​ से तुरंत संपर्क करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है।

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