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त्वचा का कटना एक बहुत आम प्रकार की चोट है और हर व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी छोटे या बड़े कट लगने का अनुभव करता ही है। रोजमर्रा के काम करते समय आपको कभी भी या किसी भी चीज से कट लग सकता है।

इस लेख में कट क्या है, कट लगने पर क्या करें, कट लगने पर इन्फेक्शन के लक्षण, काटने पर क्या नहीं करने चाहिए और काटने पर डॉक्टर के पास कब जाएं के बारे में बताया गया है।

(और पढ़ें - प्राथमिक उपचार)

  1. कटना क्या होता है - Katna kya hai
  2. कटने पर प्राथमिक उपचार - Katne par kya kare
  3. कटने पर इन्फेक्शन का रखें ध्यान - Katne par infection ka rakhe dhyan
  4. कटने पर डॉक्टर के पास कब जाएं - Katne par doctor ke pas kab jana chahiye
  5. कटने पर क्या न करें - Katne par kya nahi karna chahiye

त्वचा की सतह को नुक्सान होने को कट लगना कहा जाता है। कटना और छिलना दोनों ही त्वचा की सतह के नुक्सान को कहते हैं, लेकिन कटने में त्वचा की अंदर तक की सतहों व मांसपेशियों को नुक्सान हो सकता है जबकि छिलने में अंदर की सतहों को नुक्सान नहीं होता।

रोजमर्रा के काम करते हुए आपको कभी भी व किसी भी चीज़ से छोटे-ंमोटे कट लग सकते हैं, जैसे जरा सी लापरवाही से किचन में काम करते समय आपकी ऊँगली पर कट लग सकता है या गिरने से आपके घुटनों व कोहनियों पर कट लग सकता है।

आपके शरीर को किसी भी प्रकार के नुकसान होने को चोट कहा जाता है। घर, ऑफिस या खेल के दौरान एक्सीडेंट और किसी भी तरह के उत्पात, मार-पीट या लड़ाई-झगडे से आपको चोट लग सकती है। नोकीली या शरीर में घुसने वाली वस्तुएं आपको चोट पहुंचा सकती हैं।

(और पढ़ें - मोच लगने पर क्या करना चाहिए)

अगर आपकी या किसी और की त्वचा पर कट लग गया है, तो निम्नलिखित तरीके से फर्स्ट ऐड दिया जा सकता है -

  • सबसे पहले अपने हाथ धोएं। इससे संक्रमण होने का खतरा कम हो जाता है।
  • कट के घाव को पानी से धोएं। साबुन से घाव में जलन हो सकती है, इसीलिए उसे सीधे घाव पर न लगाएं।
  • अगर धोने के बाद भी घाव में धूल या मिट्टी रह गई है, तो उसे छोटी चिमटी की मदद से निकालने की कोशिश करें और ऐसा न कर पाने पर अपने डॉक्टर के पास जाएं। घाव को अच्छे से धोने से टेटनस होने का जोखिम कम हो जाता है।
  • हाइड्रोजन पेरोक्साइड (Hydrogen peroxide) से घाव को साफ़ न करें। अगर आप फिर भी इसका प्रयोग कर रहे हैं, तो इसे सीधा घाव पर न डालें।
  • छोटे कट और खंरोच लगने पर रक्तस्त्राव अपने आप बंद हो जाता है, लेकिन अगर खून बहना बंद नहीं हो रहा है, तो घाव पर कपडा रख कर दबाव बनाएं।
  • अगर घाव हाथ या पैर पर है, तो इसे अपने हृदय के स्तर से ऊपर उठा कर रखें ताकि रक्तस्त्राव कम हो सके।
  • घाव को साफ़ करने के बाद इसपर एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं ताकि यह नम रहे। इसके लिए आप पेट्रोलियम जेली का उपयोग भी कर सकते हैं। कई बार किसी क्रीम से घाव पर दाने या चकत्ते हो सकते हैं, ऐसा होने पर तुरंत उस क्रीम का उपयोग करना बंद कर दें।
  • कटी हुई त्वचा को बैंडेज या पट्टी से ढ़क दें।
  • अगर कट का घाव गहरा है, तो डॉक्टर से इसपर टांके लगवाएं।
  • पट्टी को रोज़ाना बदलें। अगर पट्टी गंदी हो गई है तब भी इसे उसी समय बदल दें। घाव पर लगाने वाली पट्टियां या बैंडेज आसानी से मेडिकल स्टोर पर मिल जाती हैं।
  • प्राथमिक उपचार करने के बाद फिर से अपने हाथ धोएं और हर बार पट्टी बदलने से पहले भी अपने हाथों को अच्छे से साफ करें।
  • अगर आपको पिछले 5 सालों में टेटनस का इंजेक्शन नहीं लगा है, डॉक्टर के पास जाकर इसका टीकाकरण कराएं।
  • अगर आपको ऊपर दिए गए इन्फेक्शन के लक्षण अनुभव हो रहे हैं, तो अपने डॉक्टर के पास जाएं।

(और पढ़ें - जल जाने पर क्या करें)

चोट लगने पर संक्रमण होने का खतरा काफी अधिक होता है। इन्फेक्शन के लिए निम्नलिखित लक्षणों का ध्यान रखें -

(और पढ़ें - बैक्टीरियल संक्रमण के लक्षण)

निम्नलिखित स्थितियों में डॉक्टर के पास जाएं -

  • अगर कट गहरा है।
  • अगर आपको कटने से बुखार हुआ है।
  • अगर कट व्यक्ति के चेहरे पर है।
  • अगर कट आंख के पास है।
  • अगर आपको घाव के आस-पास बदलाव दिख रहे हैं, जैसे लाली बढ़ना, सूजन आदि।
  • अगर घाव में मिट्टी या अन्य कण हैं जो निकल नहीं रहे हैं।
  • अगर कट के आस-पास लाल धारियां हैं।
  • अगर कट किसी जानवर या व्यक्ति के काटने से लगा है। (और पढ़ें - कुत्ते के काटने पर क्या करे)
  • अगर कट के आस-पास की त्वचा सुन्न है।
  • अगर आपको शुगर है।
  • अगर आपको पिछले 10 सालों में टेटनस का इंजेक्शन नहीं लगा है।
  • अगर कट गहरा है और आपको पिछले 5 सालों में टेटनस का इंजेक्शन नहीं लगा है।

अगर आपकी त्वचा कट गई है, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें -

  • घाव को खुला न छोड़ें, इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  • हाइड्रोजन पेरोक्साइड (Hydrogen peroxide) से घाव को साफ़ न करें, इससे त्वचा के ऊतकों को नुक्सान होता है और घाव जल्दी नहीं भरता।
  • घाव सूखा न रखें, इस पर मॉइस्चराइज़र लगाएं जिससे घाव जल्दी भरेगा।
  • बैंडेज या पट्टी को घाव के ऊपर से एकदम से न खीचें, ऐसा करने से घाव की पपड़ी निकल सकती है और घाव फिर से खुल सकता है।
  • घाव पर अल्कोहल न लगाएं।

नोट: प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड देने से पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपको या आपके आस-पास किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या अस्पताल​ से तुरंत संपर्क करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है।

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