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शरीर में चोट लगने से सूजन की समस्या होती है। इसके अलावा शरीर का फूलना भी सूजन कहलाता है। ये आमतौर पर ऊतको में पानी की अधिक मात्रा बढ़ जाने के कारण होती है। ये शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है। सूजन, दवाओं के दुष्प्रभाव की वजह से और गर्भावस्था में हो सकती है। साथ ही एक ही जगह पर अधिक समय तक बैठे रहने से भी ये समस्या हो सकती है।

(और पढ़ें - पैरों में सूजन के घेरलू उपाय)

  1. सूजन कम करने का घरेलू उपाय है ग्रीन टी - Sujan ke gharelu upay ke liye kare green tea ka upyog
  2. सूजन कम करें पाइनेपल जूस से - Sujan kam karne ke nuskhe hai pineapple juice
  3. सूजन कम करने का तरीका है मसाज थेरेपी - Sujan kam karne ke tarike ke liye kare massage therapy
  4. सूजन कम करने का घरेलू उपाय है हल्दी - Sujan kam karne ka upay hai turmeric
  5. सूजन से राहत दिलाने में सेब का सिरका है लाभकारी - Sujan kam kare apple vinegar se
  6. सूजन को दूर करने में फ़ायदेमंद हैं विटामिन्स - Sujan ko kam kare vitamins se
  7. सूजन को कम करने का उपाय है हॉट और कोल्ड कंप्रेस - Sujan kam karne ka tarika hai hot and cold compress
  8. सूजन से राहत पाने के लिए करें गर्म सरसों के तेल से मालिश - Sujan thik karne ka upay hai mustard oil
  9. सूजन दूर करे धनिये के बीज से - Sujan thik karne ka upay hai coriander seeds
  10. सूजन कम करने का तरीका है ट्री टी ऑयल - Sujan ka upay hai tree tea oil
  11. सूजन ठीक करे अजमोद की चाय से - Sujan ke liye upay hai parsley tea
  12. सूजन ठीक करने का उपाय है अरंडी का तेल - Sujan se chutkara dilata hai castor oil
  13. सूजन से राहत पाएं सेंधा नमक के स्नान से - Sujan thik kare epsom salt se
  14. सूजन को कम करें अलसी के बीज से - Sujan kam karne ka tips hai flax seed

आवश्यक सामग्री -

  • 1 चम्मच ग्रीन टी रस
  • 1 कप पानी
  • शहद (स्वेच्छा अनुसार)

ग्रीन टी को इस्तेमाल करने के तरीक़े -

  • पानी में ग्रीन टी के रस को मिलाएं और एक बर्तन में डालकर उबालें।
  • अब इसमें शहद स्वाद के लिए शहद मिलाएं और जल्द पी लें।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

बेहतर परिणाम के लिए इस चाय को कम से कम 2 से 3 बार रोजाना पिएं।

ये कैसे काम करता है -

ग्रीन टी में उत्तेजक और मूत्रवर्धक गुण होते हैं, जो शरीर से अतरिक्त पानी को पचाने में मदद करता है। साथ ही ये शरीर के फूलने के इलाज में भी उपयोगी है।

आवश्यक सामग्री -

  • 1/4 पाइनेपल
  • 1 कप पानी

पाइनेपल को इस्तेमाल करने का तरीक़ा -

  • पाइनेपल (अनानास) को छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • अब एक मिक्सर में पानी और कटे हुए पाइनेपल को डाल कर जूस बना लें और जल्द पी लें।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

रोज़ाना दिन में एक बार इसका सेवन करें।

ये कैसे काम करता है -

पाइनेपल में बहुत अधिक मात्रा में ब्रोमलेन यौगिक पाया जाता है, जिसमें सूजन को कम करने के गुण होते हैं। साथ ही ये शरीर फूलने की समस्या में भी बेहद उपयोगी है। इसके अलावा पाइनेपल एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक के रूप में भी जाना जाता है।

आवश्यक सामग्री -

मसाज़ थरेपी करने का तरीक़ा -

  • सबसे पहले दोनों तेलों को मिला लें।
  • अब आहिस्ता-आहिस्ता 5 से 10 मिनट तक अपने पैरों पर इस तेल से मालिश करें।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

बेहतर परिणाम के लिए रोज़ाना कम से कम दो बार मालिश करें।

ये कैसे काम करता है -

मालिश करने से रक्त प्रवाह में सुधार होता है, जिससे सूजन को कम करने में में मदद मिलती है।

नोट - मसाज़ करने के 15 मिनट पहले अपने पैरों को ऊपर रखें। ऐसा करने से आपके शरीर की सूजन वाले क्षेत्र में जमा पानी वापस प्रवाह में आ जाएगा, जिससे सूजन से प्रभावित क्षेत्र में पानी की मात्रा कम हो जाएगी।

आवश्यक सामग्री -

हल्दी को इस्तेमाल करने के दो तरीक़े -

  1. पहला तरीक़ा -
    गर्म पानी या गर्म दूध के गिलास में हल्दी मिलाएं और पी लें।

  2. दूसरा तरीक़ा -
    • एक बर्तन में 1 चम्मच हल्दी और कुछ बूंदें पानी मिलाकर पेस्ट बना लें।
    • अब इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

इस उपाय को रोज़ाना सुबह और रात में इस्तेमाल करें, जब सूजन कम न हो जाए।

ये कैसे काम करता है –

हल्दी में कर्क्यूमिन नामक एक यौगिक होता है। इसमें सूजन को कम करने के और डिटॉंक्सिंग के गुण होते हैं। ये दोनों गुण सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

आवश्यक सामग्री -

  • 2 कप सेब का सिरका
  • 2 कप गर्म पानी
  • एक साफ तौलिया

सेब के सिरके को इस्तेमाल करने का तरीक़ा -

  • एक बड़ी कटोरी में सेब के सिरके और गर्म पानी को मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण में तौलिये को भिगो लें और सूजन से प्रभावित क्षेत्र पर लपेटें।
  • इसके बाद इसे 5 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • अब दोबारा तौलिये को मिश्रण में भिगोकर पुनः सूजन से प्रभावित क्षेत्र पर लपेटें।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

जब तक सूजन कम न हो जाए, तब तक रोज़ाना दो बार करें।

ये कैसे काम करता है -

सेब के सिरके के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। इसमें पोटेशियम की बहुत अधिक मात्रा पाई जाती है और सूजन को कम करने वाले गुण भी होते हैं। पोटेशियम पानी की प्रतिधारण को कम करता है और सूजन को कम करने वाले गुण सूजी हुई त्वचा के इलाज में मदद करते हैं।

आवश्यक सामग्री -

  • विटामिन सप्लिमेंट, जिसमें विटामिन ए, सी, ई हो।
  • विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स
  • कुछ खनिज जैसे मैग्नीशियम, कैल्शियम, सेलेनियम, और जस्ता।

विटामिन को इस्तेमाल करने का तरीक़ा -

अपने आहार में ऊपर बताए गए विटामिन सप्लिमेंट और खनिजों को शामिल करें।

इसे दिन में कितनी बार लें -

दिन में एक बार लें।

ये कैसे काम करता है -

ये सभी विटामिन पानी के प्रतिधारण और सूजन को कम में लाभदायक होते हैं। इसके अलावा ये शरीर के फूलने पर इसके इलाज में भी सहायक हैं।

आवश्यक सामग्री -

  • ठंडा पानी
  • गरम पानी
  • एक साफ तौलिया

हॉट या कोल्ड कंप्रेस को इस्तेमाल करने के दो तरीक़े -

  1. पहला तरीक़ा -
    • एक साफ तौलिया लें और इसे गर्म पानी में सोंखा लें।
    • अब इस तौलिये को, शरीर के सूजन वाले क्षेत्र के आसपास लपेटें।
    • इसके बाद इसे 5 मिनट के लिए छोड़ दें और शरीर से अलग कर लें।
  2. दूसरा तरीक़ा -
    • अब दोबारा तैलिया को ठंडे पानी में सोंखाकर शरीर के सूजन वाले क्षेत्र के आसपास लपेटें।
    • इसके बाद इसे 5 मिनट के लिए छोड़ दें और शरीर से अलग कर लें।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

जब तक सूजन कम न हो जाए, तब तक रोज़ाना दो बार ऐसा करें।

ये कैसे काम करता है -

जब आप हॉट कंप्रेस का इस्तेमाल सूजन प्रभावित क्षेत्र पर करते हैं, तो उस क्षेत्र में पहले की अपेक्षा रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। इससे सूजन और दर्द कम होती है। इसी प्रकार जब आप कोल्ड कंप्रेस का इस्तेमाल सूजन से प्रभावित क्षेत्र पर करते हैं, तो शरीर के फुलाव और सूजन से राहत मिलती है।

आवश्यक सामग्री -

1/2 कप सरसों का तेल

सरसों के तेले से मालिश करने का तरीक़ा -

  • सबसे पहले सरसों के तेल को गर्म करें।
  • अब प्रभावित क्षेत्रों पर इस तेल से धीरे-धीरे मालिश करें।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

रोज़ाना दो बार इस तेल से मालिश करें

ये कैसे काम करता है -

सरसों के तेल में कई औषधीय और स्वास्थ्य लाभ शामिल हैं। यह रक्त प्रवाह में सुधार लाता है और सूजन से होने वाले दर्द को भी कम करने में मदद करता है।

आवश्यक सामग्री -

  • 3 चम्मच धनिये का बीज
  • 1 कप पानी

धनिये के बीज को इस्तेमाल करने का तरीक़ा -

  • एक पैन में धनिये के बीज और पानी को डालकर मिलाएं।
  • अब इसे तब तक उबालें, जब तक पानी पहले की अपेक्षा आधा न हो जाए।
  • अब इसे ठंडा कर लें और पिएं।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

बेहतर परिणाम के लिए रोज़ाना दो बार लें।

ये कैसे काम करता है -

धनिये के बीज में पोटेशियम बहुत अधिक मात्रा में होता है। पोटेशियम, मूत्रवर्धक के रूप में सूजन को कम करने के गुण भी समाहित करता है, जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

आवश्यक सामग्री -

ट्री टी ऑयल को इस्तेमाल करने का तरीक़ा -

  • कॉटन पैड में 4 से 5 बूंद ट्री टी ऑयल को डालें।
  • अब इसे सूजन से प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

बेहतर परिणाम के लिए रोज़ाना दो बार इस्तेमाल करें।

ये कैसे काम करता है -

ट्री टी ऑयल में सूजन और दर्द को कम करने के गुण पाये जाते हैं, जो सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं।

आवश्यक सामग्री -

  • 1/2 से 1 कप अजमोद की पत्तियां
  • 1 लीटर उबला हुआ पानी

अजमोद की बनाने का तरीक़ा -

  • अजमोद की पत्तियों को बारीक काट लें और पानी में भिगो दें।
  • अब इस पानी को छान लें।
  • इसके बाद स्वाद के लिए शहद मिलाएं और इस पानी को पूरे दिन पिएं।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

अजमोद की चाय का दैनिक रूप से सेवन करें।

ये कैसे काम करता है -

अजमोद एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक है। ये शरीर से विषाक्त पदार्थों और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करता है। ये सूजन के इलाज के लिए, सबसे अच्छी जड़ी-बूटियों में से एक है।

आवश्यक सामग्री -

अरंडी का तेल

अरंडी के तेल को इस्तेमाल करने का तरीक़ा -

अरंडी के तेल को सूजन से प्रभावित क्षेत्रों पर लगाकर मालिश करें।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

दिन में दो बार इस तेल से मालिश करें।

ये कैसे काम करता है -

अरंडी का तेल रक्त प्रवाह को बढ़ाता है और त्वचा के इलाज में भी मदद करता है। अरंडी तेल में रिसिनोलीइक एसिड होता है, जिसमें सूजन को कम करने के गुण होते हैं। ये गुण शरीर के फूलने पर सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

आवश्यक सामग्री -

एप्सम सॉल्ट को इस्तेमाल करने के दो तरीके -

  1. पहला तरीक़ा -
    • अपने नहाने के पानी में एप्सम सॉल्ट मिलाएं।
    • इस पानी से 15 से 20 मिनट तक नहाएं।
  2. दूसरा तरीक़ा -
    • एक टब में गर्म पानी लें और उसमें आधा कप एप्सम सॉल्ट मिलाएं।
    • अब 10 से 15 मिनट के लिए अपने सूजे हुए पैरों को इस टब में डाल कर रखें।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

कम से कम इस उपाय को दिन में एक बार ज़ूरूर करें।

ये कैसे काम करता है -

एप्सम सॉल्ट को मैग्नीशियम सल्फेट भी कहा जाता है। इसमें सूजन को कम करने के गुण होते हैं, जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं।  

आवश्यक सामग्री -

एक चम्मच पिसे हुए अलसी के बीज

इसे इस्तेमाल करने का तरीक़ा -

एक गिलास गर्म पानी में पिसे हुए अलसी के बीज को मिलाएं और तुरंत पी जाएं।

इसे कितनी बार इस्तेमाल करें -

बेहतर परिणाम के लिए इसे रोज़ाना दो बार पिएं।

ये कैसे काम करता है -

अलसी के बीज में बहुत अधिक मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। ये फैट शरीर से विषाक्त पदार्थों को नष्ट करने में मदद करता है। साथ ही ये सुनिश्चित करता है कि सभी अंग ठीक तरीक़े से काम कर रहें हैं। इस प्रकार अलसी के बीज सजून के इलाज में मदद करते हैं।

(और पढ़ें - चोट की सूजन का इलाज करें ये घरेलू उपाय)

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