भारत में कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित हुए लोगों की संख्या 23,000 और मृतकों की संख्या 700 के पार चली गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट ने शुक्रवार सुबह यह जानकारी दी। इसके मुताबिक, नए कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी कोविड-19 से अब तक 718 लोग मारे गए हैं और 23,077 के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। गुरुवार रात तक ये दोनों आंकड़े 21,700 और 686 थे। यानी बीते 12-15 घंटों में 1,377 नए मरीज सामने आए हैं और 30 से ज्यादा नई मौतें दर्ज की गई हैं।
वहीं, बीते 24 घंटों की बात करें तो इस दौरान पूरे देश में 1,680 नए मामलों की पुष्टि की गई। यह एक दिन में सामने आए कोविड-19 के मरीजों की सबसे बड़ी संख्या है। इससे पहले एक दिन में सबसे ज्यादा मामले 19 अप्रैल को सामने आए थे। तब 1,577 मरीजों की पुष्टि हुई थी। बता दें कि मरीजों और मृतकों के अलावा डिस्चार्ज किए गए लोगों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। गुरुवार को यह संख्या 4,258 थी, जो अब 4,749 हो गई है।
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महाराष्ट्र में एक दिन में 700 से ज्यादा मामले
ताजा आंकड़े बताते हैं कि महाराष्ट्र में कोविड-19 के मरीजों की संख्या 6,430 हो गई है। इनमें से 283 मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गुरुवार को पूरे महाराष्ट्र में 778 नए मरीजों की पुष्टि हुई। बीती 16 अप्रैल को महाराष्ट्र में कुल मरीजों की संख्या 3,202 थी। एक हफ्ते बाद इसमें दोगुना बढ़ोतरी हो चुकी है। हालांकि, बचाए गए मरीजों की संख्या भी 840 हो गई है। महाराष्ट्र के अलावा गुजरात में भी मरीजों का बढ़ना जारी है। गुरुवार शाम तक यहां 217 नए मामलों की पुष्टि की गई। इससे कुल मरीजों की संख्या 2,624 हो गई है। इनमें से 112 की मौत हो चुकी है, जबकि 258 को बचा लिया गया है।
रिकवरी के मामले में सबसे पीछे गुजरात
मरीजों और मौतों के मामले में गुजरात जहां केवल महाराष्ट्र से पीछे है, वहीं मरीजों को बचाने के मामले में उसका रिकॉर्ड सबसे खराब राज्यों में से एक बताया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से आई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, देशभर में कोविड-19 के मरीजों को बचाने की दर यानी रिकवरी रेट करीब 20 प्रतिशत हो गई है, लेकिन गुजरात में यह केवल 7.4 प्रतिशत है। इससे कम रिकवरी रेट मेघालय और मिजोरम के हैं, जहां अभी तक एक भी मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया गया है। लेकिन इन दोनों राज्यों में मरीजों की संख्या मात्र 12 और एक हैं।
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पांच लाख 40 हजार से ज्यादा टेस्ट
उधर, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने शुक्रवार सुबह जानकारी दी कि अब तक देशभर में कोविड-19 के पांच लाख 41,789 सैंपल टेस्ट किए गए हैं। इनमें से 23,502 पॉजिटिव पाए गए हैं। यह संख्या स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बताए गए आंकड़े से ज्यादा (425) है। इससे पहले गुरुवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईसीएमआर ने बताया कि अभी यह बता पाना मुश्किल है कि देश में कोविड-19 बीमारी अपने चरम पर कब पहुंचेगी, लेकिन अभी तक इसके बढ़ने की दर स्थिर रही है।
दरअसल, मीडिया द्वारा पूछे जाने पर कि क्या तीन मई तक देश में कोरोना वायरस का प्रभाव अपने चरम होगा, आईसीएमार के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा, 'अभी यह बताना मुश्किल है कि कोविड-19 के मामले सबसे तेजी से तीन मई से बढ़ेंगे या किसी और समय से। फिलहाल यह काफी स्थिर है। (टेस्ट की) पॉजिटिविटी रेट 4.5 प्रतिशत रही है। यह कह सकते हैं कि हम इसे स्थिर रख पाए हैं।'
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उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोरोना वायरस: भारत में कोविड-19 से मारे गए लोगों की संख्या 700 के पार, मरीजों की संख्या भी 23,000 से ज्यादा हुई, गुरुवार को करीब 1,700 नए मामले आए है
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