ओमिक्रॉन कोरोना वायरस का नया वेरिएंट है जिसे सबसे पहले नवंबर 2021 में पहचाना गया. कोविड-19 के लिए ज़िम्मेदार इस वायरस का ये नया वेरिएंट ओमिक्रॉन देश के साथ ही दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है. ऐसे में इसके लक्षणों की समय पर पहचान कर इलाज जरूरी है ताकि इसे समय से पहले गंभीर होने से रोका जा सके.
साउथ अफ्रीका में ओमिक्रॉन के कुछ कॉमन लक्षण देखे गए हैं, जैसे गले में खराश और इर्रिटेशन, नेजल कंजेशन, सूखी खांसी और मांसपेशियों में दर्द खासतौर पर लोअर बैक पेन.
आज इस लेख में जानेंगे ओमिक्रॉन के लक्षण क्या हैं, क्या ये कोरोना के अन्य वेरिएंट से अलग हैं. साथ ही जानेंगे ओमिक्रॉन के लक्षणों को दिखने में कितना समय लगता है.
(और पढ़ें - कोविड 19 के लक्षण)
- ओमिक्रॉन के लक्षण क्या हैं
- क्या ओमिक्रॉन के लक्षण कोरोना के आम लक्षणों से अलग हैं?
- वैक्सीिनेशन का लक्षणों पर प्रभाव
- ओमीक्रॉन के लक्षण दिखने में कितना समय लगता है?
- ओमीक्रॉन के हल्के लक्षणों का नकारात्मक पहलू
- सारांश
ओमिक्रॉन के लक्षण क्या हैं
अमेरिका के शोधकर्ता ओमिक्रॉन वेरिएंट के लक्षणों को डेल्टा सहित अन्य कोरोना वायरस वेरिएंट से अलग करने के लिए खूब रिसर्च कर रहे हैं. बेशक, ओमिक्रॉन के टेस्ट के लिए पी.सी.आर. और एंटीजन टेस्ट ओमिक्रॉन का पता लगा सकते हैं.
लेकिन लंदन के सबसे हालिया डेटा का उपयोग करते हुए जोई वैज्ञानिकों ने ओमिक्रॉन के लक्षणों की डेल्टा के लक्षणों से तुलना की तो कुछ लक्षण सामने आए जैसे सिरदर्द, थकान और बहती नाक. आइए विस्तार से जानें, ओमिक्रॉन के लक्षणों के बारे में.
शोधकर्ताओं ने जब ओमिक्रॉन और डेल्टा कोविड के लक्षणों में तुलना की तो कुछ खास फर्क नहीं पाया. दोनों ही वायरस से पीड़ित मरीजों में 50% लोगों को बुखार, खांसी, गंध या स्वाद महसूस ना होना शामिल था. इसके अलावा ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट में कुछ लक्षण एकसमान थे, जैसे –
- बहती नाक
- सिरदर्द
- हल्की और गंभीर थकान
- छींक आना
- गले में खराश
अन्य रिपोर्ट में भी कुछ सामान्य लक्षण सामने आए जैसे भूख न लगना, मस्तिष्क से जुड़े कुछ लक्षण जैसे फोकस करने में कमी होना, कन्फ्यूज होना, भूलने की समस्या, अचानक निर्णय लेने में समस्या इत्यादि.
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क्या ओमिक्रॉन के लक्षण कोरोना के आम लक्षणों से अलग हैं?
शुरुआती आंकड़ों में ओमिक्रॉन के कुछ लक्षणों में फर्क भी सामने आया है हालांकि विशेषज्ञ निश्चित नहीं हैं कि वे कितने सटीक हैं. जैसे- दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े निजी स्वास्थ्य बीमाकर्ता द्वारा पिछले सप्ताह जारी किए गए डेटा से पता चलता है कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वाले शुरूआती मरीजों में नाक में कंजेशन, सूखी खांसी और मांसपेशियों में दर्द, विशेष रूप से कमर के निचले हिस्सेे में दर्द, गले में दर्द और गले में खराश जैसे लक्षण विकसित हुए हैं. हालांकि इनमें से कई लक्षण डेल्टा वेरिएंट और मूल कोरोना वायरस के भी हैं. पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी में एक असिस्टेंट प्रोफेसर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेड. रिटर का कहना है कि ओमिक्रॉन को आए हुए केवल तीन सप्ताह ही हुए हैं. ऐसे में यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के लक्षणों और पिछले कोरोना वायरस वेरिएंट के बीच लक्षणों में कोई अंतर है.
डेविड गेफेन स्कूल ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में एक संक्रामक रोग चिकित्सक डॉ. ओटो ओ यांग का कहना है कि ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट के लक्षणों में बहुत अंतर नहीं है, अगर कुछ फर्क हुआ भी तो वो बहुत कम ही होगा.
हालांकि इन दोनों वेरिएंट के बीच एक संभावित अंतर यह है कि स्वाद और गंध के नुकसान वाला लक्षण ओमिक्रॉन वेरिएंट में कम हो सकता है. ऐसा इसीलिए क्योंकि शोध से पता चलता है कि मूल SARS-CoV-2 स्ट्रेन वाले 48 प्रतिशत रोगियों ने गंध के नुकसान की सूचना दी और 41 प्रतिशत ने स्वाद के नुकसान की सूचना दी, लेकिन नॉर्वे में वैक्सीनेशन वाले लोग जिनमें ओमिक्रॉन के लक्षण देखे गए, में से केवल 23 प्रतिशत रोगियों ने स्वाद और गंध के नुकसान की सूचना दी. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये अंतर ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण आया है या टीकाकरण की स्थिति जैसे किसी अन्य कारक की वजह से संभव हो पाया है.
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वैक्सीिनेशन का लक्षणों पर प्रभाव
शोधकर्ताओं ने पाया कि किसी व्यक्ति के वैक्सीन की स्थिति के आधार पर कोविड-19 के कई लक्षण भिन्न हो सकते हैं. न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी मेयर्स कॉलेज ऑफ नर्सिंग में असिस्टेंट प्रोफेसर माया एन क्लार्क का कहना है कि डेल्टा या मूल कोरोना वायरस वाले वैक्सीन ले चुके रोगियों को सिरदर्द, नाक में कंजेशन, साइनस का प्रेशर और साइनस का दर्द जैसे लक्षण देखने को मिल रहे है, जबकि बिना वैक्सीनेशन वाले रोगियों में फ्लू जैसे लक्षणों के साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ और खांसी होने की संभावना अधिक दिख रही है.
डॉ. क्लार्क मुताबिक, ओमिक्रॉन के मरीजों में डेल्टा के समान लक्षण दिखाई दे रहे हैं. जिन लोगों को वैक्सीनेशन लगी है उनमें ओमिक्रॉन कोरोना वायरस के कुछ लक्षण देखने को मिले जैसे सिरदर्द, शरीर में दर्द और बुखार. वहीं ओमिक्रॉन से पीड़ित जिन मरीजों को वैक्सीनेशन नहीं लगी उनमें ओमिक्रॉन के लक्षण थोड़े अलग देखने को मिले जैसे - सांस की तकलीफ, खांसी और फ्लू जैसे लक्षण. ये लक्षण ठीक वैसे ही हैं जो डेल्टा वेरिएंट और मूल कोरोना वायरस वाले बिना वैक्सीनेशन वाले लोगों में दिखाई दिए थे.
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ओमीक्रॉन के लक्षण दिखने में कितना समय लगता है?
ओमिक्रॉन और अन्य प्रकारों के बीच एक अन्य अंतर ये है कि ओमिक्रॉन के लक्षण दिखने में कम लगता है. एक व्यक्ति को ओमिक्रॉन कोरोना वायरस होने के बाद लक्षणों को विकसित करने में तीन दिन या उससे भी कम समय लगता है. डेल्टा और मूल कोरोना वायरस के लक्षण जहां चार ये छह दिनों में दिखने और विकसित होने में लग रहा था वहीं इसके उलट ओमिक्रॉन वायरस तीन दिनों के अंदर टेस्ट में डायग्नोेज हो रहा है.
कम समय में ओमिक्रॉन के तेजी से फैलने की संभावना को देखते हुए, नैशविल, टेनेसी में वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. विलियम शेफनर ने सलाह दी कि जो कोई भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहा है, वह एक्सपोजर के लगभग 72 घंटे बाद कोविड टेस्ट जरूर करवाएं.
न्यूयॉर्क शहर के माउंट सिनाई डाउनटाउन में संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के निदेशक डॉ. वलीद जावेद ने कहा कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि ओमिक्रॉन वेरिएंट के म्यूटेशन इसे तेजी से कोशिकाओं से जुड़ने और अंदर जाने में मदद करते हैं.
बेशक, ओमिक्रॉन के लक्षण तेजी से विकसित होते हैं लेकिन ये डेल्टा वेरिएंट की तुलना में कम गंभीर हैं. दक्षिण अफ्रीका के पिछले सप्ताह के आंकड़ों के अनुसार, वैक्सीनेशन के बाद, ओमिक्रॉन के निदान वाले वयस्क मरीजों के लिए अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम महामारी की पहली लहर की तुलना में 29 प्रतिशत कम था.
डॉ. वलीद जावेद के मुताबिक, ओमिक्रॉन के कभी-कभी, शुरुआती हल्के लक्षण बाद में गंभीर लक्षणों में विकसित हो सकते हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि सर्दी या फ्लू जैसे लक्षणों वाले लोगों को तुरंत ओमिक्रॉन की जांच के लिए एंटीजन, पी.सी.आर. या अन्य टेस्ट करवाने चाहिए और खुद को क्वारंटाइन करना चाहिए.
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ओमीक्रॉन के हल्के लक्षणों का नकारात्मक पहलू
डेलावेयर यूनिवर्सिटी में महामारी विज्ञान कार्यक्रम की संस्थापक, निदेशक और प्रोफेसर जेनिफर हॉर्नी के मुताबिक, यह पूरी तरह से अच्छी खबर नहीं होगी यदि ओमिक्रॉन अधिक आसानी से फैलता है, लेकिन अन्य कोरोना वायरस वेरिएंट की तुलना में हल्के लक्षण पैदा करता है.
इनके मुताबिक, यदि ओमिक्रॉन कोरेाना वायरस के हल्के लक्षण हैं, तो ऐसी स्थिति में कितने लोगों का परीक्षण किया जाएगा? आमतौर पर परीक्षण वायरस के लक्षण दिखने पर किया जाता है और ऐसी स्थिति में ओमिक्रॉन वायरस होने के बावजूद अगर लोग बीमार नहीं होते हैं तो वायरस शायद तेजी से फैल जाएगा और दूसरे लोगों को भी इससे इंफेक्टेड होने का अधिक खतरा है क्योंकि उन्हें इसके होने के बावजूद लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं या हल्के फ्लू जैसे लक्षण हैं.
एक्सपर्ट के मुताबिक, अभी इस पर भी शोध होना बाकी है कि ओमिक्रॉन को सिंगल वैक्सीनेशन डोज, पूरी तरह से वैक्सीनेटेड और बिना वैक्सीनेशन वाली आबादी के माध्यम से कैसे फैल रहा है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि वेरिएंट के म्यूटेशंस ओमिक्रॉन मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली को कितना और किस तरह प्रभावित करेगा.
सारांश
शुरूआती शोध बताते हैं कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण होने वाले लक्षण कोरोना वायरस के अन्य प्रकारों से जुड़े लक्षणों के समान हैं और प्रमुख डेल्टा वेरिएंट की तुलना में कम गंभीर हैं. हालांकि उन लोगों को ओमिक्रॉन कोविड इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है, जिनको पहले कोविड हो चुका है. सेंसेनिग के मुताबिक, ओमिक्रॉन के विषाणु और गंभीरता को निर्धारित करने में कई और सप्ताह लगेंगे. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, फिलहाल ऐसी कोई निश्चित जानकारी नहीं है कि ओमिक्रॉन से जुड़े लक्षण अन्य प्रकारों से अलग हैं. दक्षिण अफ्रीकी डॉक्टरों ने पाया है कि ओमिक्रॉन संक्रमण वाले लोगों में स्वाद या गंध की कम हानि और मांसपेशियों में अधिक दर्द के लक्षण सामने आए हैं लेकिन अन्य लक्षण जैसे बुखार, खांसी और सांस की तकलीफ अन्य कोरोना वेरिएंट जैसे ही हैं. इसके साथ ही ओमिक्रॉन वेरिएंट होने पर इसके लक्षण तीन दिन या उससे भी कम समय में विकसित हो सकते हैं. कम समय में ओमिक्रॉन के तेजी से फैलने की संभावना को देखते हुए, विशेषज्ञ संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के लगभग 72 घंटे बाद कोविड टेस्ट करवाने की सलाह दे रहे हैं.
अस्वीकरण - इस लेख में दी गई जानकारी प्रकाशन के समय सटीक है। हालांकि, जैसे-जैसे COVID-19 और ओमीक्रॉन की स्थिति विकसित हो रही है, यह संभव है कि प्रकाशन के बाद से कुछ जानकारी और डेटा बदल गए हों। इसलिए, यदि आप इस लेख को इसके प्रकाशन के लंबे समय बाद पढ़ रहे हैं, तो हम आपको लेटेस्ट समाचार और जानकारी WHO और MoHFW से पाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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