भारत के लोगों को कोरोना वायरस के साथ जीना सीखना होगा। कोविड-19 संकट के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को यह बात कही। उसके इस बयान से यह संकेत गया है कि देश को इस संकट से जल्दी निजात नहीं मिलने वाली, जिसके चलते सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटेशन अब आम जिंदगी का हिस्सा बनने वाले हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शुक्रवार को कोविड-19 पर मीडिया को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, 'हमें वायरस के साथ जीना सीखना होगा। उसके लिए हमें हमारे व्यवहार में बदलाव लाने होंगे ताकि सोशल डिस्टेंसिंग को लागू किया जा सके। यह एक मुश्किल लड़ाई है और हमें हर किसी के सहयोग की जरूरत है।'
(और पढ़ें - कोविड-19: डब्ल्यूएचओ ने कहा- कोरोना वायरस संकट के पीछे चीन के बाजार की भूमिका, लेकिन उस पर अध्ययन की जरूरत)
इसके अलावा, सरकार के इस रुख को लॉकडाउन में राहत के जरिये हालात सामान्य होने की संभावना से जोड़ कर देखा जा रहा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि देश के कई हिस्सों में कोविड-19 के चलते बिगड़े हालात में सुधार देखने को मिला है। मसलन, देश के 216 जिले ऐसे हैं, जहां अभी तक कोरोना वायरस का एक भी केस सामने नहीं आया है। वहीं, 42 जिलों में पिछले 28 दिनों से कोई केस रिपोर्ट नहीं हुआ। इसके अलावा 29 जिले ऐसे हैं जहां 21 दिनों से कोविड-19 का कोई मरीज सामने नहीं आया। 14 दिनों में शून्य मरीज वाले राज्यों की संख्या 36 है और जिन जिलों में पिछले सात दिनों से एक भी केस रिपोर्ट नहीं हुआ है, उनकी संख्या 46 है।
(और पढ़ें - कोविड-19 से जोड़ कर देखे जा रहे दुर्लभ सिंड्रोम से अमेरिका और यूरोप में बच्चों की मौत)
हालांकि, कोविड-19 के मामलों के दोगुना होने की दर यानी डबलिंग रेट में नकारात्मक बदलाव हुआ है। पिछले एक हफ्ते से देश में कोविड-19 के मरीजों का डबलिंग रेट 12 दिन था, जो अब दस दिन हो गया है। इसकी बड़ी वजह महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और तमिलनाडु जैसे राज्यों में पॉजिटिव मामलों की संख्या में आई तेजी है। लेकिन, रिकवरी रेट में बढ़ोतरी हुई है। सरकार के मुताबिक, देश में कोविड-19 के मरीजों के बचने की दर अब 29.36 हो गई है, जो अप्रैल के मध्य में केवल 13 प्रतिशत थी। सरकार का कहना है कि अगर सभी राज्य और लोग इस संकट से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करें तो यह बीमारी भारत में अपने सबसे घातक चरण में नहीं पहुंचेगी।
(और पढ़ें - कोविड-19: ब्लड थिनर मेडिकेशन से कोविड-19 के मरीजों को ज्यादा दिनों तक जिंदा रखा जा सकता है- शोध)
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोविड-19: सरकार ने कहा, हमें कोरोना वायरस के साथ जीना सीखना होगा है
- Proctosedyl BD Cream - ₹118
- Anovate Ointment - ₹117
- Covifor Injection - ₹3780
- Fabiflu 400 Tablet - ₹856
- Fabiflu 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 400 Mg Tablet - ₹1224
- Pilo GO Cream - ₹75
- Anovate Cream - ₹111
- Remdesivir Injection - ₹10500
- Molusafe Capsule - ₹457
- Movfor 200 Mg Capsule - ₹2490
- Molflu 200 Mg Capsule - ₹1400
- Molulife 200 Capsule - ₹1399
- Cipmolnu 200 Mg Capsule - ₹2000
- Molxvir 200 Mg Capsule - ₹1520
- Alzumab Injection - ₹8229
- Immunocin Alpha Plus 1.6mg Injection - ₹5998
- Imualfa 1.6mg Injection 1ml - ₹2628
- Molnutor 200 Mg Capsule - ₹2000




