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आज के दौर में प्रदूषित वातावरण, अनियमित दिनचर्या और खान पान की खराब आदतों के चलते लोगों को कई तरह के रोग होने लगे हैं। इन रोगों में शुगर या डायबिटीज सबसे आम रोग बनता जा रहा है। शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने की वजह से यह रोग हो जाता है। ब्लड शुगर या ब्लड ग्लूकोज आपकी ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है। शरीर में मौजूद पैनक्रिया (अग्नाशय) इंसुलिन को बनाने का काम करता है, इंसुलिन भोजन से प्राप्त ग्लूकोज को आपकी कोशिकाओं तक पहुंचाकर ऊर्जा का काम करता है।

कई बार आपका शरीर इंसुलिन को सही मात्रा में नहीं बना पाता है, जिससे इसके कार्य में बाधा आने लगती है। इस स्थिति में ग्लूकोज आपके शरीर में जमा होने लगता है और यह कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता है। कुछ समय के बाद जब आपके रक्त में ग्लूकोज अधिक हो जाता है तो इससे आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। आपको बता दें कि डायबिटीज का इलाज उपलब्ध नहीं है, इसके स्तर को सामान्य रखने की आदतों को अपनाने के बाद ही आप डायबिटीज के प्रभावों को कम करते हुए स्वस्थ्य जीवन जी सकते हैं। डायबिटीज के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए आपको यह जरूर मालूम होना चाहिए कि शरीर में शुगर लेवल कितना होना चाहिए और इसके नॉर्मल रेंज क्या होती है।

(और पढ़ें - शुगर में क्या खाना चाहिए)

इस लेख में आपको शुगर लेवल कितना होना चाहिए, नॉर्मल रेंज और चार्ट के बारे में बताया गया है। साथ ही आपको शुगर के किस स्तर पर घबराने की आवश्यकता नहीं होती है तथा किस स्तर पर आपको तुरंत डॉक्टर से इलाज की जरूरत होती है, आदि कुछ विषयों को भी बताने का प्रयास किया गया है।

(और पढ़ें - डायबिटीज में परहेज)

  1. शुगर लेवल कितना होना चाहिए, नॉर्मल रेंज और चार्ट - Sugar level kitna hona chahiye, normal range aur chart
  2. शुगर के किस लेवल पर आपको घबराने की आवश्यकता नहीं होती है - Sugar ke kis level pr apko ghabrane ki aavshyakta nahi hoti hai

डायबिटीज या शुगर लेवल व चार्ट को आगे बिना डायबिटीज और डायबिटीज वाले रोगियों के आधार पर विभाजित करके बताया गया है।

किस समय चेक करें   बिना डायबिटीज व शुगर वाले लोगों के शरीर में शुगर का स्तर (मिलीग्राम प्रतिडेसीलीटर: mg/dl) डायबिटीज व शुगर की समस्या वाले लोगों के शरीर में शुगर का स्तर (मिलीग्राम प्रतिडेसीलीटर: mg/dl)
खाली पेट (सुबह के समय) 100 एमजी/डीएल से कम 70 से 130 एमजी/डीएल
खाने से पहले (दिन या रात में) 110 एमजी/डीएल से कम 70 से 130 एमजी/डीएल
खाने के दो घंटे बाद  140 एमजी/डीएल से कम 180 एमजी/डीएल से कम
रात को सोते समय 120 एमजी/डीएल से कम 90 से 150 एमजी/डीएल

(और पढ़ें - डायबिटीज डाइट चार्ट)

कुछ लोगों को कुछ समय के लिए डायबिटीज (जैसे गर्भावस्था में डायबिटीज होना) की स्थिति का सामना करना पड़ता है, इस दौरान महिलाओं के शरीर में शुगर लेवल निम्नलिखित रहता है।  

किस समय चेक करें ब्लड शुगर लेवल (मिलीग्राम प्रतिडेसीलीटर: mg/dl)
फास्टिंग या नाश्ता करने से पहले 60 से 90 एमजी/डीएल
खाना खाने से पहले (दिन और रात में) 60 से 90 एमजी/डीएल 
खाना खाने के एक घंटा बाद 100 से 120 एमजी/डीएल

(और पढ़ें - डायबिटीज में परहेज)

खाना खाने से पहले ब्लड शुगर का स्तर कम या ज्यादा होना, किस स्तर पर परेशानी का कारण होता है, इसको निम्नलिखित चार्ट के माध्यम से जानें।

खाना खाने से पहले ब्लड शुगर का स्तर जोखिम स्तर और सुझाव
50 एमजी/डीएल और कम बेहद कम स्तर, ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं
70 से 90 एमजी/डीएल सामान्यतः व्यक्ति में इतना स्तर हो सकता है, ऐसे में शुगर लेवल कम महसूस होने पर आप थोड़ी चीनी खाएं और डॉक्टर से मिलें
90 से 120 एमजी/डीएल सामान्य स्तर 
120 से 160 एमजी/डीएल मध्यम स्तर, डॉक्टर से मिलें
160 से 240 एमजी/डीएल स्तर अधिक होना, ब्लड शुगर को कम करने वाले उपाय अपनाएं
240 से 300 एमजी/डीएल अधिक स्तर होना, यह डायबिटीज के अनियंत्रित होने की ओर संकेत करता है, ऐसे में डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए
300 एमजी/डीएल या अधिक शुगर का स्तर बेहद अधिक होना, ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए

विशेष: शुगर का स्तर विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है, साथ ही हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न स्वास्थ्य एजेंसियां इसके सामान्य लेवल पर अलग-अलग मत प्रदान करती है। ऊपर बताए गए शुगर के सभी स्तर अनुमानित हैं, जो थोड़े कम या ज्यादा हो सकते हैं।  

(और पढ़ें - शुगर कम करने के घरेलू उपाय)

डायबिटीज होने पर इसके लेवल के आधार पर आपको इससे संबंधित हल्के व गंभीर लक्षण महसूस हो सकते हैं। यदि वयस्कों में शुगर का स्तर 200 से 350 एमजी/डीएल व बच्चों के शरीर में ब्लड शुगर का स्तर 200 से 240 एमजी/डीएल तक हल्के लक्षण महसूस होते हैं। शुगर के इस स्तर तक आपको घबराने की अधिक आवश्यकता नहीं होती है।

(और पढ़ें - शुगर का आयुर्वेदिक इलाज)

लेकिन वयस्कों में शुगर का स्तर 350 एमजी/डीएल व बच्चों में 240 एमजी/डीएल से अधिक होने पर मध्यम व गंभीर लक्षण महसूस हो सकते हैं। शुगर के इस स्तर पर आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 

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