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रक्त शुगर (मधुमेह) लगभग किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। भारत में तो ख़ास तौर से यह एक बहुत ही आम बीमारी बनती जा रही है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के मुताबिक, 7 करोड़ भारतीय शुगर की बीमारी से प्रभावित हैं, जो कि भारत को दुनिया का तीसरे सबसे ज्यादा शुगर की बीमारी से पीड़ित देश बनाता है। शुगर कमज़ोरी या घातक जटिलताएं पैदा कर सकती है, जैसे अंधापन, किडनी रोग, और हृदय रोग। लेकिन अगर आप शुगर की बीमारी के शिकार हों तो घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि आज इस पर काफ़ी शोध हो चुका है। रिसर्च ने दिखाया है कि इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है और ईमानदारी से जीवन शैली में बदलावों से काफी सुधार लाया जा सकता है - बदलाव जैसे कि वज़न घटाना, सही आहार लेना, व्यायाम करना - और निश्चित ही योग कई तरह से मदद कर सकता है।

  1. शुगर (डायबिटीज) के लिए योग के फायदे - How Does Yoga Help with Diabetes
  2. कपालभाती प्राणायाम करेगा शुगर (मधुमेह) में मदद - Kapalbhati Pranayama for Diabetes in Hindi
  3. सुप्त मत्स्येन्द्रासन है शुगर की बीमारी में लाभदायक - Supta Matsyendrasana (Lying Half Lord of the Fishes Pose) for Diabetes in Hindi
  4. पश्चिमोत्तानासन है मधुमेह में लाभदायक - Paschimottanasana (Seated Forward Bend) for Diabetes in Hindi
  5. अर्ध मत्स्येन्द्रासन है डायबिटीज के लिए फायदेमंद - Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) for Diabetes in Hindi
  6. डायबिटीज के लिए योगासन है धनुरासन - Dhanurasana (Corpse Pose) for Diabetes in Hindi
  7. शुगर के लिए योग है शवासन - Shavasana (Corpse Pose) for Diabetes in Hindi
  8. इन बातों का खास ध्यान रखें

शोनियमित योग अभ्यास सहित ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद करता है। योग रक्त के दबाव को कम करने, वजन को नियंत्रित करने, लक्षणों को कम करने, और मधुमेह की प्रगति को धीमा करने के साथ-साथ आगे शुगर की जटिलताओं की गंभीरता को कम करने में मदद कर सकता है। देखते हैं कि कैसे

कपालभाती प्राणायाम तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को सक्रिय करने में मदद करता है और मस्तिष्क कोशिकाओं को फिर से जीवंत करता है। यह मधुमेह से पीड़ित रोगियों के लिए बहुत उपयोगी है, क्योंकि यह पेट के अंगों को उत्तेजित करता है। यह प्राणायाम रक्त परिसंचरण में भी सुधार लाता है और मन को शांत भी करता है। कपालभाती प्राणायाम 1-2 मिनिट के लिए करें और जैसे अभ्यास बढ़ने लगे, इसे ज़्यादा देर कर सकते हैं। (और पढ़ें: कपालभाती करने का तरीका और फायदे)  

 

सुप्त मत्स्येन्द्रासन आंतरिक अंगों की मालिश करता है और पाचन में सुधार लाता है। यह आसन पेट के अंगों पर दबाव डालता है और इसलिए शुगर से पीड़ित लोगों के लिए बहुत उपयोगी आसन है। सुप्त मत्स्येन्द्रासन को 1-2 मिनिट के लिए करें। (और पढ़ें - सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे)

पश्चिमोत्तानासन पेट और पैल्विक अंगों की मालिश करता है और उन्हे टोन करता है। इस लिए या मधुमेह से पीड़ित लोगों की मदद करता है। यह योग मुद्रा शरीर में प्राण को संतुलित करने और मन को शांत करने में भी मदद करती है। इस आसन को 1 मिनिट के लिए करें। (और पढ़ें: पश्चिमोत्तानासन करने का तरीका और फायदे

अर्ध मत्स्येन्द्रासन पेट के अंगों की मालिश करता है, फेफड़ों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है और स्पाइन में लचीलापन लाता है। यह मन को शांत करने में भी मदद करता है और रीढ़ की हड्डी में रक्त के प्रवाह में सुधार करता है। इस आसन को 1 मिनिट के लिए करें। (और पढ़ें: अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे

धनुरासन अग्न्याशय (Pancreas) को मज़बूत बनाता है और उसे नियंत्रित करता है। इस लिए अगर आपको मधुमेह हो तो आपके के लिए अत्यधिक अनुशंसित है धनुरासन। इसके अलावा यह पेट की मांसपेशियों को भी मज़बूत करता है और तनावथकान मिटाने में कारगर है।  (और पढ़ें: धनुरासन करने का तरीका और फायदे

शवासन में आप आराम की स्तिथि में होते हैं। इस लिए यह आपका तनाव कम करता है जिस से शुगर (मधुमेह) के स्तर को कम करने में भी लाभ होता है। इस आसन को भी 5-10 मिनिट के लिए करें। (और पढ़ें: शवासन करने का तरीका और फायदे

  1. याद रहे की योगाभ्यास से आराम निरंतर अभ्यास करने के बाद ही मिलता है और धीरे धीरे मिलता है।
  2. योगासन से जोड़ों का दर्द बढे नहीं, इसके लिए अभ्यास के दौरान शरीर को सहारा देने वाली वस्तुओं, तकियों व अन्य उपकरणों की सहायता जैसे ज़रूरी समझें वैसे लें।
  3. अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर न दें। अगर दर्द बढ़ जाता है तो तुरंत योगाभ्यास बंद कर दें व चिकित्सक से परामर्श करें।
  4. यह ज़रूर पढ़ें: योग के नियम

शुगर (मधुमेह) के लिए योगासन सम्बंधित चित्र

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