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हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति अक्सर व्यायाम करने से कतराते हैं। चाहे आपकी दिल की सर्जरी हुई हो या आप हृदय रोग के लिए दवाएं ले रहे हैं, आपको एक्सरसाइज करने से कतराना नहीं चाहिए क्योंकि ये आपकी स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए एक अहम भूमिका निभाती है।

इस बारे में डॉक्टर से बात करें

सबसे पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें कि आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आपके लिए कौन सी एक्सरसाइज लाभदायक है। अपने डॉक्टर से अपने एक्सरसाइज रूटीन के बारे में विस्तार से जानिए अगर:

अगर आपको कोई हृदय रोग है और आपको लग रहा है कि आपको घर का काम करने में थकान महसूस होती है, जैसे झाड़ू पोछा लगाना व साफ-सफाई करना आदि। ऐसे में आपको ये सभी काम नहीं करने चाहिए, जब तक आप शारीरिक रूप से स्वस्थ न महसूस करने लगें।

एक्सरसाइज के लिए निर्देश:

  • डॉक्टर से सलाह लें:
    अपने डॉक्टर के साथ सलाह करके अपने लिए ऐसा एक्सरसाइज रूटीन तैयार करें, जो आपके हृदय की स्थिति को बेहतर करने में मदद करें। अगर आपको कोई एक्सरसाइज आसान लग रही है और आप कोई अधिक मेहनत वाली एक्सरसाइज करना चाहते हैं, तो पहले इस बारे में डॉक्टर से बात कर लें।
     
  • धीरे-धीरे शुरुआत करें:
    हेल्थ स्पेशलिस्ट अधिकतर एरोबिक्स एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं, क्योंकि ये एक्सरसाइज हृदय को अच्छे से ऑक्सीजन का इस्तेमाल करने और खून का प्रवाह भी बेहतर बनाने में मदद करती हैं। धीरे चलना, स्विमिंग, जॉगिंग या साइकिल चलाने जैसी कोई एरोबिक एक्सरसाइज करें। इसे हफ्ते में 3 से 4 बार लगातार 15 से 20 मिनट तक करें। याद रखें कि आपको शुरुआत धीमी गति से करनी है और एक गति बनाकर रखनी है।
     
  • वार्मअप और कूलडाउन:
    मुख्य एक्सरसाइज शुरू करने से पहले हमेशा 5 मिनट का वार्मअप सेशन करें। ऐसा करने पर एक्सरसाइज करने से पहले हृदय व मांसपेशियां स्ट्रेच (संकुचन खत्म हो जाना) हो जाती हैं। एक्सरसाइज करने के बाद कूलडाउन सेशन करें ताकि आपका रक्त प्रवाह ठीक रहे।
     
  • ब्रेक लें:
    अगर आप ज्यादा थक जाते हैं, तो एक्सरसाइज सेशन के बीच में 1-2 मिनट का ब्रेक लें। अगर आराम करने के बाद भी आपके लक्षण बेहतर न हों, तो एक्सरसाइज न करें।
     
  • सही कपड़े पहनें:
    ऐसे कपड़े पहनें जिनमें से हवा पास हो और जो स्ट्रेचेबल हों। इससे एक्सरसाइज के दौरान आपको हिलने-डुलने में मदद मिलेगी।
     
  • वजन उठाएं:
    रेसिस्टेंस वेट ट्रेनिंग से मांसपेशियों का ताल-मेल और उनकी मज़बूती बढ़ती है। अपने वेट ट्रेनिंग रूटीन के बारे में पहले अपने डॉक्टर से बात कर लें। शुरुआत कम वजन उठाने से करें और फिर धीरे-धीरे वजन को बढ़ाएं। एक अच्छे ट्रेनर की मदद लें जो आपके लिए उचित एक्सरसाइज का चुनाव करने के साथ-साथ वर्कआउट में मदद करे।

किस चीज का ध्यान रखें

अगर आपकी तबियत ठीक नहीं है या बुखार है, तो अत्यधिक परिश्रम न करें। अगर आपको घबराहट या या आपके दिल की धड़कन तेज या असामान्य हो रही हैं तो किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज न करें। 15 मिनट आराम करने के बाद अपनी नब्ज़ देखें, अगर ये अभी भी एक मिनट में 100 से ज्यादा धड़क रही है, तो तुरंत अपने डॉक्टर को बुलाएं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना न भूलें और एक्सरसाइज के बीच-बीच में ब्रेक भी लेते रहें।

अगर आपको एक साथ परिणाम न दिखें, तो मायूस न हों। रोज़ाना नियमित रूप से उचित शारीरिक व्यायाम करने से आपका स्वास्थ्य बेहतर हो जाएगा, चाहे आप हृदय रोग से पीड़ित क्यों न हों।

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