घबराहट क्या है ?

घबराहट का अर्थ है किसी बात के होने या होने की सम्भावना को लेकर डरा हुआ और परेशान महसूस करना। एक घबराया हुआ व्यक्ति तनाव में रहता है और आसानी से चिंतित हो जाता है।

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कुछ लोगों को घबराहट इतनी हो जाती है कि वह ठीक तरह से सोचने, समझने और काम करने की हालत में नहीं रहते, जबकि उस परिस्थिति में समझदारी और सूझ-बूझ से काम लेने की आवश्यकता होती है।

हम सभी लोगों को कभी न कभी घबराहट होती है लेकिन कुछ लोग हमेशा ही घबराए हुए रहते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति आराम नहीं कर पाता है और उसका दिल समान्य से तेज़ गति से धड़कता है। इससे आपके काम, रिश्तों और नींद पर प्रभाव पड़ता है।

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घबराहट बिना किसी वजह के भी हो सकती है या किसी स्पष्ट कारण से भी हो सकती है। घबराहट के साथ कई अन्य शारीरिक लक्षण भी हो सकते हैं। अधिकतर यह लक्षण ह्रदय, फेफड़ों, तंत्रिका तंत्र (Nervouss system) और पेट व आंतों से सम्बंधित होते हैं।
घबराहट में व्यक्ति को पेट खराब, दस्त, साँस लेने में दिक्कत, बेहोश होना या दिल का दौरा पड़ने की भावना होना जैसे लक्षण हो सकते हैं।

घबराहट के इलाज लिए श्वास अभ्यास (Breathing exercise) और ध्यान लगाने का प्रयोग किया जाता है।

  1. घबराहट के लक्षण - Nervousness Symptoms in Hindi
  2. घबराहट के कारण - Nervousness Causes in Hindi
  3. घबराहट से बचाव - Prevention of Nervousness in Hindi
  4. घबराहट का परीक्षण - Diagnosis of Nervousness in Hindi
  5. घबराहट का इलाज - Nervousness Treatment in Hindi

घबराहट होने के लक्षण क्या होते हैं?

घबराहट में हर व्यक्ति अलग प्रकार की शारीरिक प्रतिक्रिया करता है। इसके निम्नलिखित शारीरिक लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं -

  1. पेट खराब और जी मिचलाना (मतली)
  2. दिल की धड़कन तेज होना
  3. मुंह की बदबू
  4. झटके लगना, ऐंठन या कांपना (और पढ़ें - हाथ कांपना)
  5. मुंह सूखना
  6. हाथों में पसीना आना (और पढ़ें - ज्यादा पसीना आना रोकने के घरेलु उपाय)
  7. सांस फूलना
  8. अचानक ठण्ड या गर्मी लगना (और पढ़ें - हॉट फ्लैश)
  9. ध्यान केंद्रित करने में परेशानी  
  10. मांसपेशियों में तनाव महसूस होना
  11. बेचैन या परेशान महसूस करना
  12. चक्कर आना

डॉक्टर को कब दिखाएं?

अपने डॉक्टर के पास जाएं अगर -

  • आपको लग रहा है कि आप बहुत अधिक चिंता कर रहे हैं जो आपके काम, रिश्तों और जीवन के अन्य हिस्सों में प्रभाव डाल रहा है। 
  • आपके डर और चिंता से आप उदास हो रहे हैं और इन्हें नियंत्रित नहीं कर पा रहे।
  • आप डिप्रेशन महसूस करते हैं, आपको शराब व ड्रग्स लेने की समस्या है या आपको घबराहट के साथ-साथ अन्य मानसिक समस्याएं भी हैं। (और पढ़ें - मानसिक रोग के लक्षण)
  • आपको यह लगता है कि आपकी घबराहट किसी शारीरिक स्वास्थ्य समस्या से सम्बंधित हो सकती है।
  • आपको ख़ुदकुशी-संबंधी विचार आते हैं। इस मामले में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

(और पढ़ें - मानसिक रोग के उपाय)

घबराहट क्यों होती है?

घबराहट किसी तनावपूर्ण, अज्ञात या डराने वाली स्थिति में होने वाली एक सामान्य प्रतिक्रिया है। उदहारण के लिए नौकरी के लिए इंटरव्यू देने से पहले घबराहट महसूस करना आम बात है।

आमतौर पर, चिंता के कारण घबराहट होती है और एड्रि‍नल ग्रंथियों (Adrenal glands) द्वारा चिंता के अधिक हॉर्मोन बनाए जाने पर शारीरिक प्रतिक्रियाएं होती हैं।

निम्नलिखित स्थितियों में घबराहट हो सकती है -

  • जनता के सामने बोलने या प्रदर्शन (Performance) करने में।
  • अनजान व्यक्तियों से मिलने में।
  • नौकरी के लिए इंटरव्यू देने में।
  • पहली बार कुछ नया करने में (जैसे पहली बार जिम या किसी क्लॉस जाना)। (और पढ़ें - जिम जाने के फायदे)
  • ऐसी मीटिंग में जाने में जहाँ आपको लगता है कि आप पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

कुछ लोगों को घबराहट होने का जोखिम अधिक होता है या उन्हें कुछ समस्याओं के कारण अधिक घबराहट होती है। इसके उदाहरण निम्नलिखित हैं -

  1. परीक्षा के समय घबराहट होना
  2. चिंता विकार होना
  3. एडीएचडी (ध्यानाभाव एवं अतिसक्रियता विकार)
  4. थायराइड बढ़ना
  5. कैफीन और अन्य उत्तेजक तंत्रिकाओं में तनाव बढ़ाते हैं
  6. डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली कई दवाएं और अवैध ड्रग्स भी तंत्रिकाओं में तनाव बढ़ाते हैं (और पढ़ें - नशे की लत्त)

घबराहट से बचने के उपाय क्या होते हैं?

घबराहट से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं -

  • घबराहट मेहसूस होने पर धीरे-धीरे सांस लेने का प्रयास करें क्योंकि इससे आपको शांति व घबराहट में कमी महसूस होगी।
  • अपने डॉक्टर से बात करें क्योंकि थेरेपी से सोच को नियंत्रित करने में बहुत मदद मिलती है।
  • अपना ध्यान भटकाएं क्योंकि इससे नकारात्मक भावनाओं को कम करने में मदद मिलती है। ध्यान भटकाने के लिए आप टीवी देख सकते हैं, कुछ खेल सकते हैं, खाना बना सकते हैं या सफाई कर सकते हैं।
  • आराम देने वाले काम करें, जैसे - किताब पढ़ना, नहाना या खुशबू वाली मोमबत्तियां जलाना।
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। एक नियम बनाए रखें ताकि आप शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। व्यायाम इसके लिए एक अच्छा विकल्प है। 
  • सिगरेट पीना छोड़ें और कैफीन का सेवन कम करें क्योंकि निकोटिन और कैफीन दोनों से ही घबराहट के लक्षण बढ़ सकते हैं। (और पढ़ें - धूम्रपान छोड़ने के उपाय)
  • स्ट्रेस को कम करने व आराम देने वाली तकनीकों का इस्तेमाल करें। योग करने और ध्यान लगाने से आपको आराम मिल सकता है। 
  • पर्याप्त नींद लें और अगर आप ठीक से सो नहीं पा रहे हैं, तो अपने डॉक्टटर के पास जाएं। (और पढ़ें - नींद न आने के कारण)
  • स्वस्थ भोजन का सेवन करें। साजियां, फल, साबुत अनाज और मछली खाने से चिंता कम  होती है। (और पढ़ें - संतुलित आहार के लाभ)

(और पढ़ें - घबराहट कम करने के उपाय)

घबराहट का परीक्षण कैसे होता है ?

घबराहट के परीक्षण के लिए डॉक्टर आपको पहले हुई बीमारियों व समस्याओं के बारे में पूछेंगे, आपका शरीरिक परीक्षण करेंगे और ज़रूरत के मुताबिक कुछ अन्य टेस्ट करेंगे। यह पता लगाना महत्वपूर्ण होता है कि घबराहट का कारण शारीरिक है या मानसिक है।

  • अगर आपको कोई और चिकित्सा समस्या है जिसके बारे में आप जानते हैं, तो आपके पुराने और नए लक्षण आपस में मिल सकते हैं।
  • केवल यह पता लगाने से कि आपकी घबराहट मानसिक है, इसकी वजह का पता नहीं चलता है। इसके कारण का पता लगाने के लिए एक मनोचिकित्सक या मनोवैज्ञानिक की आवश्यकता होती है।

(और पढ़ें - मानसिक मंदता के लक्षण)

घबराहट का इलाज क्या है?

घबराहट को ठीक करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं -

  1. अपने विकार के बारे में जानें
    अपने डॉक्टर से बात करें, अपनी समस्या की वजह जानें और अपने लिए सबसे अच्छे उपचार का पता करें। अपने परिवार और दोस्तों से बात करें और उनका समर्थन लें। (और पढ़ें - परिवार नियोजन के तरीके)
     
  2. ट्रीटमेंट ठीक से करवाएं
    बताए गए तरीके से अपनी दवाएं लें, थेरेपी लें और डॉक्टर द्वारा बताए गए कार्य पूरे करें। बिना चूके यह सब करने से आपकी हालत में काफी सुधार आ सकता है, खासकर समय पर दवाएं लेने से।
     
  3. समय का सही इस्तेमाल करें
    अपने समय व ऊर्जा का सही इस्तेमाल और प्रबंधन करने से आप अपनी चिंता की समस्या को कम कर सकते हैं जिससे घबराहट कम होती है।
     
  4. लोगों से मिले-जुलें
    अपनी घबराहट की समस्या की वजह से अपने प्रिय लोगों या कार्यों से दूर न हों। ऐसा करने से चिंता के कारण होने वाली घबराहट बढ़ सकती है।
     
  5. अपने विचारों को लिखें
    आपका मस्तिष्क उन चीज़ों पर अधिक केंद्रित रहता है जो उसे लगता है महत्वपूर्ण हैं, इसीलिए मस्तिष्क आपके विचारों पर ज़रूरत से ज़्यादा ध्यान देता है। अपने विचारों को एक कागज़ या डायरी में लिखने से वह आपके दिमाग से निकलेंगे और आपका ध्यान उन पर नहीं जाएगा। (और पढ़ें - डायरी लिखने के फायदे)
     
  6. व्यायाम
    शारीरिक तनाव चिंता का एक लक्षण है जो घबराहट की समस्या से ग्रस्त लोगों को प्रभावित करता है। आप इस समस्या से बचने के लिए नियम से व्यायाम करें जो घबराहट का सामना करने की आपकी क्षमता को बढ़ाता है।
     
  7. अपना ध्यान भटकाएं
    आप अपने मस्तिष्क को कुछ सोचने से रोक नहीं सकते लेकिन आप कहीं और अपना ध्यान केंद्रित करने से नकारात्मक विचारों को सोचना कठिन बना सकते हैं। ऐसा करने से नकारात्मक विचारों के कारण होने वाली घबराहट कम हो सकती है। (और पढ़ें - किताब पढ़ने के फायदे)
     
  8. आरामदायक व्यायाम करें
    कुछ आराम देने वाले व्यायाम करने से घबराहट की समस्या कम हो सकती है। जैसे -
    • ध्यान लगाना। 
    • गहरी साँस लेना। 
    • "प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन" (Progressive Muscle Relaxation) का इस्तेमाल करें। इस तकनीक में मांसपेशियों को आराम से खींचा जाता है और फिर छोड़ दिया जाता है जिससे घबराहट कम होती है।
    • प्रत्योक्षकरण (Visualisation: ऐसी तकनीक जिससे आपकी कल्पना का प्रयोग कर के चिंता व घबराहट को कम किया जाता है)
    • योग अभ्यास करें (और पढ़ें - तनाव कम करने के लिए योग)
       
  9. किसी से बात करें
    थेरेपी चिंता व घबराहट दूर करने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है क्योंकि ये नकारात्मक विचारों को खत्म कर देता है। लेकिन जो लोग थेरेपी नहीं ले सकते, वह किसी ऐसे व्यक्ति से बात कर सकते हैं जो आपकी परवाह करते हैं। 

इनमें से कोई भी उपचार आपके नकारात्मक विचारों को हमेशा के लिए ठीक नहीं करता है, लेकिन इनसे यह सुनिश्चित होता है कि आप इनसे पहले की तरह प्रभावित न हों।

(और पढ़ें - तनाव कम करने के उपाय​)

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