myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

टांगों में ऐंठन क्या है?

टांगों में ऐंठन की स्थिति को "चार्ली होर्सेस" (charley horses) भी कहा जाता है। यह एक आम समस्या है, जो जांघ, पिंडली और पैरों को प्रभावित करती है। इस स्थिति में टांग की मांसपेशियां अचानक से संकुचित हो जाती हैं और दर्द होने लगता है। 

टांग में ऐंठन अक्सर व्यक्ति के सोने के दौरान होती है। ऐंठन कुछ ही सैकण्ड तक रहती है और यह औसतन 10 मिनट तक भी रह सकती है। ऐंठन ठीक होने के  24 घंटों बाद तक भी प्रभावित जगह में टेंडरनेस (छूने पर दर्द होना) रहती है।\

(और पढ़ें - मांसपेशियों में ऐंठन का इलाज)

टांग में ऐंठन के लक्षण क्या हैं?

जब टांग की कोई मांसपेशी अचानक से कठोर हो जाती है, तो उस स्थिति को टांग में  ऐंठन पड़ना कहा जाता है।

टांग में ऐंठन पड़ने से काफी दर्द होता है और इसमें मरीज अपनी टांग को हिला भी नहीं पाता है। टांग ऐंठन कुछ सैकण्ड से 10 मिनट तक भी रह सकती है। 

(और पढ़ें - टांगों में दर्द का इलाज)

टांग की ऐंठन शरीर के निम्न अंगों को प्रभावित करती है:

  • पिंडली की मांसपेशियां (टांग के पिछले हिस्से में घुटने के नीचे की मांसपेशियां)
  • पैर की मांसपेशियां या जांघों की मांसपेशियां

ऐंठन के ठीक होने के बाद भी मांसपेशियों में 24 घंटे तक टेंडरनेस रहती है। टेंडरनेस का मतलब है, छूने पर दर्द होना।

(और पढ़ें - मांसपेशियों की दर्द का इलाज​)

टांग में ऐंठन क्यों होती है?

ज्यादातर मामलों में टांग की ऐंठन किसी अंदरुनी शारीरिक समस्या के कारण नहीं होती है और ऐसे मामलों में इसकी वजह का पता नहीं चल पाता। 

कुछ मामलों में टांग में ऐंठन आने का कारण मांसपेशियां में थकान या नसों संबंधी किसी रोग को माना जाता है, लेकिन इसके सटीक कारण का पता नहीं होता।

(और पढ़ें - टांगों की कमजोरी दूर करने के उपाय)

ऐसा माना जाता है कि सोने के दौरान हम अपनी टांगों को पूरी तरह से फैला पाते हैं, जिस कारण से पिंडली की मांसपेशियां छोटी पड़ जाती हैं और उनमें ऐंठन आ जाती है। 

एक सिद्धांत के अनुसार आजकल लोग स्कॉट (squat) जैसी गतिविधियां नहीं करते जिससे कारण से उनकी पिंडली में ऐंठन आ जाती है। स्कॉट (उकड़ू बैठना आदि जैसी गतिविधि) की मदद से पिंडली की मांसपेशियां स्ट्रेच हो जाती हैं।

(और पढ़ें - स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के तरीके)

टांग में ऐंठन का इलाज कैसे किया जाता है?

यदि टांग में ऐंठन के कारण का पता चल जाता है, तो उसका कारण बनने वाली समस्या का इलाज करके इस स्थिति को ठीक किया जा सकता है। 

उदाहरण के लिए टांगों में ऐंठन के कुछ प्रकार जो लीवर रोग से जुड़े होते हैं, ये मुख्य रूप से खून में अधिक मात्रा में विषाक्त पदार्थ होने के कारण होते हैं। इसलिए मांसपेशियों को रिलेक्स करने वाली दवाओ की मदद से टांगों में ऐंठन आने से रोका जा सकता है। 

यदि टांग में ऐंठन के कारण का पता नहीं चल पाया है, तो कुछ प्रकार की दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं और टांग से संबंधित कुछ एक्सरसाइज करने का सुझाव दिया जाता है। 

(और पढ़ें - मांसपेशियों में दर्द के घरेलू उपाय)

  1. टांगों में ऐंठन की दवा - Medicines for Leg Cramps in Hindi
  2. टांगों में ऐंठन की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Leg Cramps in Hindi

टांगों में ऐंठन की दवा - Medicines for Leg Cramps in Hindi

टांगों में ऐंठन के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
Etaze Sa खरीदें
Halozar S खरीदें
Tripletop खरीदें
Halobik S खरीदें
B Citam खरीदें
Halosys S खरीदें
Halosys S खरीदें
Cletus खरीदें
Salivate MF खरीदें
Mama Natura Anekind खरीदें
Eczinil S खरीदें
Clostar S खरीदें
Derobin खरीदें
Kvate S खरीदें
Halonext S खरीदें
Eczmate S खरीदें
Elosalic खरीदें

टांगों में ऐंठन की ओटीसी दवा - OTC medicines for Leg Cramps in Hindi

टांगों में ऐंठन के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine Name
Zandu Rhumasyl Gel खरीदें
Zandu Rhumasyl खरीदें

क्या आप या आपके परिवार में किसी को यह बीमारी है? सर्वेक्षण करें और दूसरों की सहायता करें

References

  1. Brown TM. Sleep-Related Leg Cramps: A Review and Suggestions for Future Research.. Sleep Med Clin. 2015 Sep;10(3):385-92, xvi. PMID: 26329449
  2. Young G. Leg cramps.. BMJ Clin Evid. 2015 May 13;2015. pii: 1113. PMID: 25970567
  3. Albert Fields. LEG CRAMPS. Calif Med. 1960 Mar; 92(3): 204–206. PMID: 13822692
  4. Dr Gavin Young. Leg cramps. BMJ Clin Evid. 2015; 2015: 1113. PMID: 25970567
  5. Joannes Hallegraeff et al. Criteria in diagnosing nocturnal leg cramps: a systematic review. BMC Fam Pract. 2017; 18: 29. PMID: 28241802
और पढ़ें ...
ऐप पर पढ़ें