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टुलारेमिया - Tularemia in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS

October 29, 2018

कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!
टुलारेमिया
सुनिए कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!

टुलारेमिया क्या होता है?

टुलारेमिया एक दुर्लभ संक्रमण है, जो आमतौर पर त्वचा, आंख, लिम्फ नोड्स और फेफड़ों को प्रभावित करता है। टुलारेमिया को रेबिट फीवर और डीअर फ्लाई फिवर भी कहा जाता है। यह फ्रांसिसेला टुलारेंसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। 

टुलारेमिया के लक्षण क्या होते हैं?

टुलारेमिया के बैक्टीरिया के संपर्क में आने वाले लोग तीन से पांच दिन के भीतर बीमार पड़ जाते हैं, कुछ लोगों को बीमार पड़ने में 14 दिन तक का समय भी लग जाता है। टुलारेमिया कई प्रकार का होता है। आपको किस प्रकार का टुलारेमिया हुआ है, यह इस पर निर्भर करता है कि आप किस तरह से इसके बैक्टीरिया के संपर्क में आए हैं और बैक्टीरिया आपके शरीर में किस प्रकार गया है। हर प्रकार के टुलारेमिया संक्रमण के अलग-अलग प्रकार हो सकते हैं। 

(और पढ़ें - फेफड़ों के संक्रमण का इलाज)

टुलारेमिया क्यों होता है?

टुलारेमिया शरीर में अपने आप विकसित नहीं होता और ना ही यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। हालांकि टुलारेमिया दुनियाभर के किसी भी क्षेत्र में हो जाता है, लेकिन खासतौर पर यह ग्रामीण क्षेत्रों अधिक होता है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में पक्षी व अन्य कई स्तनधारी जानवर फ्रांसिसेला टुलारेंसिस नामक बैक्टीरिया से संक्रमित होते हैं। यह बैक्टीरिया मिट्टी, पानी और मरे हुऐ जानवर में एक हफ्ते तक जीवित रह सकता है। कुछ ऐसे जानवर हैं, जिनके शरीर में यह बैक्टीरिया हो सकता है:

  • खरगोश व हिरण आदि के बालों में पाए जाने वाले कीड़े
  • भूरा भालू
  • खरगोश
  • चूहे
  • घरों से बाहर जाने वाली बिल्लियां

(और पढ़ें - चूहे के काटने का इलाज)

टुलारेमिया का परीक्षण कैसे किया जाता है?

टुलारेसिस का पता लगाना थोड़ा कठिन हो सकता है, क्योंकि इसके लक्षण कईं अन्य प्रकार के रोगों से मिलते-झुलते होते हैं। डॉक्टर आपके शरीर के अंदर बैक्टीरिया की उपस्थिति का पता लगाने के लिए कुछ प्रकार के टेस्ट कर सकते हैं। डॉक्टर निमोनिया आदि की जांच करने के लिए छाती का एक्स रे करवाने के लिए भी कह सकते हैं। 

(और पढ़ें - निमोनिया के घरेलू उपाय)

टुलारेमिया का इलाज कैसे किया जाता है?

टुलारेमिया का इलाज कुछ प्रकार की एंटीबायोटिक्स दवाओं के साथ किया जाता है, जैसे स्ट्रेप्टोमाइसिन और जेंटामाइसिन। ये दवाएं मरीज को इंजेक्शन के द्वारा या सीधे नस में दी जाती हैं। कुछ प्रकार के टुलारेमिया का इलाज करते समय डॉक्टर कुछ ओरल (मुंह द्वारा खाई जाने वाली) एंटीबायोटिक दवाएं भी लिख सकते हैं। 

कुछ गंभीर मामलों में लिम्फ नोड्स के द्रव को निकालने के लिए या त्वचा से संक्रमित ऊतकों को शरीर से अलग करने के लिए ऑपरेशन करवाने की आवश्यकता भी पड़ सकती है। 

(और पढ़ें - बैक्टीरियल इन्फेक्शन का इलाज)



संदर्भ

  1. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Tularemia.
  2. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Tularemia.
  3. Commonwealth of Massachusetts [Internet]; Tularemia.
  4. Vermont Department of Health [Internet] Burlington; Tularemia.
  5. Jill Ellis,Petra C. F. Oyston,Michael Green,Richard W. Titball. Tularemia. Clin Microbiol Rev. 2002 Oct; 15(4): 631–646. PMID: 12364373
  6. North Dakota Department of Health. Tularemia. [Internet]

टुलारेमिया की दवा - Medicines for Tularemia in Hindi

टुलारेमिया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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