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देश में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं और दुख की बात तो यह है कि सड़क हादसे में शिकार होने वाले घायल व्यक्ति की मदद के लिए बहुत ही कम लोग आगे आते हैं जबकि ऐसा करना बिलकुल गलत है। अगर आपके सामने भी कभी ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो जाए तो आपको भी बिना किसी बात की परवाह किए घायल व्यक्ति की मदद करनी चाहिए।

आज इस लेख के जरिए हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों की मदद किस प्रकार की जा सकती है। इस संबंध में जरूरी और बुनियादी बातें जानकर आप किसी पीड़ित व्यक्ति की जिंदगी बचा सकते हैं। अपने मोबाइल नंबर में आपाताकालीन नंबरों को रखने से भी ऐसी स्थिति में एंबुलेंस को बुलाने के लिए किसी अन्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ता जिससे आपका काफी समय बचता है।

(और पढ़ें - प्राथमिक चिकित्सा क्या है)

सड़क दुर्घटना होने पर क्या करें?

सड़क दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को संभालने के लिए सबसे पहले यह देखें कि कहीं उसके शरीर पर कोई चोट तो नहीं लगी है। संभवतः आप उसकी अंदरूनी चोटों का पता न लगा पाएं, लेकिन आप शरीर पर लगी बाहरी चोट को देखकर मामले की गंभीरता का पता लगा सकते हैं।

आमतौर पर रोड़ एक्सीडेंट में सिर और स्पाइनल कोर्ड में ज्यादा चोट आती है। अतः जब किसी पीड़ित की मदद करें तो उसे पहले सड़क या रास्ते की किसी सुरक्षित जगह पर ले जाएं। घायल को सावधानीपूर्वक संभालें। उसे जोर से कतई न पकड़ें। आपकी असावधानी से उसकी चोट गहरी हो सकती है। बेहतर होगा कि वहां मौजूद लोगों से मदद लें ताकि घायल व्यक्ति को बिना चोट या दिक्कत दिए सुरक्षित जगह तक पहुंचा सकें।

(और पढ़ें - चोट लगने पर क्या करें)

रोड़ एक्सीडेंट में घायल की मदद करने के लिए प्राथमिक उपचार

रोड एक्सीडेंट में घायल की कई तरह से मदद की जा सकती है। यहां हम आपको कुछ तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप घायल व्यक्ति की मदद कर सकते हैं। सड़क दुर्घटना के प्राथमिक उपचार के सुझाव-

  • सबसे पहले हादसे वाली जगह पर आने-जाने वाले लोगों को सड़क दुर्घटना के बारे में सूचित कर दें। ऐसा करके आप न सिर्फ घायल बल्कि अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं। इससे आगे होने वाली किसी अनहोनी से भी बचा जा सकता है।
  • हादसे का शिकार हुई गाड़ी के इंजन को सबसे पहले बंद करें। जांचें कि गाड़ी से पेट्रोल या कोई अन्य फ्लूइड रिस तो नहीं रहा है। ऐसा है तो फ्लूइड को बहने से रोकने की व्यवस्था करें। इस तरह आप संभावित बड़ी दुर्घटना को होने से रोक सकते हैं। यदि ऐसी स्थिति नहीं है तो गाड़ियों में लगी इमर्जेंसी लाइट (होने पर) ऑन कर लें ताकि आस-पास के लोगों को दुर्घटना की जानकारी मिल सके।
  • अब घायल को सड़क की सुरक्षित जगह यानी ऐसी जगह ले जाएं जहां ट्रैफिक न हो, कांच के टुकड़े नहीं गिरे हों, गाड़ी से कोई तरल पदार्थ नहीं रिस रहा हो और किसी भी तरह के अन्य हानिकारक तत्व वहां मौजूद नहीं हों।
  • पास के अस्पताल या पुलिस स्टेशन में काॅल करें। अगर मरीज बेहोश है, उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो आपको तुरंत उसकी मदद करनी चाहिए। जितना जल्दी संभव हो मरीज को अस्पताल ले जाएं। (और पढ़ें - बेहोश होने पर प्राथमिक उपचार)
  • पीड़ित का सिर, गर्दन और पीठ को सावधानी पूर्वक पकड़ें। जरा सी लापरवाही की वजह से उसे बड़ा खामियाजा उठाना पड़ सकता है।
  • घायल की गर्दन के इर्द-गिर्द लकड़ी का टुकड़ा रखें। अगर संभव न हो तो यह सुनिश्चित करें कि कोई भी घायल को जगाने के लिए उसे जोर-जोर से हिलाए नहीं।
  • अगर एक्सीडेंट बाइक से हुआ है तो अस्पताल पहुंचने से पहले घायल व्यक्ति के सिर से हेलमेट न उतारें। अगर उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही है तो हेलमेट खोल सकते हैं। सांस लेने में दिक्कत होने पर रिससिटैशन (मुंह से मुंह में सांस देना) तकनीक अपनाएं। पीड़ित को मदद मिलेगी।

(और पढ़ें - हड्डी टूटने पर  क्या करना चाहिए)

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