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मजबूत और मस्कुलर जांघ (थाई) पाना सबसे मुश्किल होता है, क्योंकि यहां की मांसपेशियां काफी बड़ी होती हैं। बड़ी मांसपेशियों को बनाने और शेप में लाने में काफी समय लग सकता है। इसके बावजूद कुछ ऐसी एक्सरसाइज होती हैं जो सीधा इन्हीं मांसपेशियों पर असर दिखाती हैं।

वॉकिंग लंजेस, स्टैंडिंग लंजेस का ही एक प्रकार है, जो पैरों और जांघों में स्ट्रेंथ, वजन कम करने और पूरे शरीर के संतुलन को नियंत्रित करने कि क्षमता को बढ़ाता है।

यह व्यायाम वजन के साथ थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन अगर आप इसे पहली बार करने वाले हैं तो इसे किसी पार्क या किसी भी खाली जगह पर अपना सकते हैं।

वॉकिंग लंजेस का फायदा
जिस तरह स्टैंडिंग लंजेस जांघों की सामने की मांसपेशियों (quadraceps) पर प्रभाव डालते हैं, उसी तरह वॉकिंग लंजेस से कूल्हों और हेम्स्ट्रिंग (जांघों के पीछे की मांसपेशियां) को बढ़ाने और मजबूत बनाने में मदद मिलती है। यह व्यायाम खासतौर से शरीर के सबसे बड़े मसल यानि नितंब को ट्रेन करता है।

वॉकिंग लंजेस से न केवल मांसपेशियां तैयार होती हैं, बल्कि इससे शरीर का संतुलन बनाने में भी मदद मिलती है, ताकि शरीर एक तरफ न झुके। इससे दोनों तरफ के मसल्स एक बराबर प्रभावित होते हैं। यही कारण है कि वॉकिंग लंजेस को बेहतर शारीरिक संतुलन पाने के लिए किया जाता है।

वॉकिंग लंजेस करने का सही तरीका
आवश्यक उपकरण :
आप चाहें तो इस व्यायाम को बिना किसी उपकरण के भी कर सकते हैं। हालांकि, डंबल्स या कैटलबेल्स के साथ करने से व्यायाम करने के प्रभाव को बढ़ाया जा सकता है। शुरुआत में वेट कम ही लें, लेकिन धीरे-धीरे क्षमता अनुसार वजन बढ़ाते रहें।

सेट्स (कितने जोड़े करें) और रेप्स (दोहराव) : 10 रेप्स के 3 सेट

शुरू करने से पहले 5 मिनट वॉर्म-अप करने के लिए कुछ हल्के व्यायाम कर लें, जैसे जॉगिंग, स्ट्रेचिंग, स्क्वाट और हेम्स्ट्रिंग कर्ल्स। इससे आप जो भी व्यायाम करते हैं उससे चोट पहुंचने का जोखिम कम हो जाता है।

कैसे करें :

  1. कमरे के कोने में सीधे खड़े हो जाएं। पैरों के बीच थोड़ा गैप रखें। अगर डंबल या कैटलबेल्स का इस्तेमाल कर रहें हैं तो उन्हें अपने दोनों हाथों में उठा लें।
  2. अब अपने दाएं पैर से एक लंबा कदम उठाएं। घुटनों को मोड़ते हुए नीचे की ओर झुकें, दाएं पैर का घुटना 90 डिग्री एंगल पर होना चाहिए और बाएं पैर का फर्श से कुछ इंच ऊपर। बायां पैर पीछे और उसकी एड़ी ऊपर की ओर उठी होनी चाहिए।
  3. अपनी पोजीशन चेक करें : कमर को सीधा रखते हुए कूल्हों को आगे कि ओर हल्का पुश करें। 10 सेकंड तक इसी पोजीशन में रहें।
  4. अब घुटनों को सीधा करते हुए खड़े हो जाएं। इसके बाद बाएं पैर को दाएं पैर से आगे लेकर जाएं। अब बाएं पैर से ऊपर दी गई प्रक्रिया दोहराएं।
  5. यह एक रैप है। ऐसे 10 रैप के 3 सेट करें।

ध्यान में रखें यह बातें
वॉकिंग लंजेस पैरों और कूल्हों के लिए एक बेहतरीन व्यायाम है, लेकिन यह एक मुश्किल कसरत है। इसीलिए इसे करते समय निम्न बातों का खास ध्यान रखें :

  • अगर आप पहली बार यह व्यायाम कर रहे हैं, तो वजन उठाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
  • अगर कसरत के दौरान घुटने में दर्द महसूस हो तो नी-ब्रैस पहनने की सलाह दी जाती है।
  • अगर आपको पहले कभी घुटनों में दर्द या कोई चोट की समस्या रही हो तो इस व्यायाम को अपनाने से पहले किसी डॉक्टर से सलाह ले लें।
  •  सावधान रहें और कसरत को अपनी क्षमता से अधिक न दोहराएं। इस बात को समझें कि रोजाना कुछ समय का व्यायाम एक ही बार में अधिक व्यायाम करके पूरे हफ्ते आराम करने से बेहतर होता है।

वॉकिंग लंजेस के दर्द को कम करने के लिए टिप्स
पहली बार पैरों की कसरत के कारण जांघों और कूल्हों की मांसपेशियों में दर्द होने की आशंका होती है। हालांकि, धीरे-धीरे हमारे शरीर को इन कसरतों की आदत पड़ जाती है और आगे चलकर इन व्यायामों को करने पर दर्द कम महसूस होता है।

हमारी मांसपेशियों को व्यायाम की आदत न होने के कारण दर्द कसरत के दौरान होने की बजाए कुछ घंटों बाद महसूस होता है। अगर आपकी मांसपेशियों में दर्द है तो इस बात का ध्यान रखें कि आप अगले दिन जिम मिस न करें।

वॉकिंग लंजेस के दौरान होने वाली गलतियों का समाधान
किसी भी प्रकार के लंजेस करते समय बॉडी को सही पोजीशन में रखना काफी मुश्किल होता है। इस कसरत का संपूर्ण लाभ उठाने और चोट से बचने के लिए नीचे दी गई टिप्स को अपनाएं :

  • सुनिश्चित कर लें कि आपने पर्याप्त रूप से पैर आगे बढ़ाया है या नहीं :
    अगर आप पर्याप्त कदम आगे नहीं बढ़ाएंगे तो आपके घुटने पर अनावश्यक प्रेशर पड़ सकता है। इसीलिए पैर को 2 फुट से लेकर 3 फुट तक आगे बढ़ाएं।
  • सुनिश्चित कर लें कि आपकी एड़ियां सही दिशा में हों :
    कुछ लोग लंजेस के दौरान अपनी एड़ियों को अंदर या बाहर की ओर घूमा देते हैं। इसके कारण भी घुटने पर अनावश्यक प्रेशर पड़ता है। इस बात का ध्यान रखें कि आपके पैर का पंजा सीधी दिशा में रहे।
  • लंज के दौरान आगे की ओर न झुकें :
    जब कभी आपको लगे कि आप आगे की ओर झुक रहें हैं तो वहीं रुक जाएं और शोल्डर (कंधों) को पीछे की तरफ धकेलें।
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