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बॉडी बनाने के लिए ज़रूरी नहीं है कि घंटों जिम में कसरत की जाए या स्टेरॉइड्स का सहारा लिया जाए। दरअसल बॉडी और मसल्स बनाना मुख्य रूप से सही तकनीक पर निर्भर करता है। इसके साथ ही बहुत ज़रूरी होता है कि आप सही आहार लें, और कुछ अन्य आवश्यक बातों का ध्यान रखें।  

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यहां आपको कुछ आसान तकनीक और तरीके बताये जा रहे हैं जो आपको ऐसी ज़बरदस्त बॉडी बनाने में मदद करेंगे - 

  1. बॉडीबिल्डिंग शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें - Consult a doctor before starting bodybuilding in hindi
  2. बॉडिबिल्डिंग के लिए अच्छे उपकरण वाले जिम का चयन करें - Choose a gym with good equipment for bodybuilding in hindi
  3. बॉडी बनाने के लिएं किसी को अपना रोल मॉडल बनाएं - Make someone your role model for bodybuilding in hindi
  4. शरीर बनाने के लिए टिप्स है भारी वेट्स उठाना - Strengthen muscles before lifting heavy weights in hindi
  5. बॉडी बनाने के घरेलू उपाय के लिए पहले ढूंढ लें ट्रेनिंग पार्टनर - Have a training partner for bodybuilding in hindi
  6. बॉडी बनाने के लिए ज़रूरी है अपने शरीर की सुनें - To build a body, listen to your body in hindi
  7. स्ट्रेचिंग से बॉडी में लचीलापन आता है - Stretches to increase flexibility in hindi
  8. बॉडी बनाने के लिए व्यायाम के दौरान भरपूर सांस लेना है लाभदायक - Breathing well during exercise helps in building muscles in hindi
  9. मसल्स बनाने के नुस्खे के लिए लें पर्याप्त मात्रा में नींद - Sleeping is good for muscle growth in hindi
  10. बॉडी बनाने का घरेलू उपचार है संतुलित आहार - Balanced diet is important for bodybuilding in hindi
  11. एक्सरसाइज़ से पहले वार्म-अप है बॉडी बनाने के घरेलू टिप्स
  12. मसल्स बनाने के घरेलू उपाय में बनाएं एक लक्ष्य - Set goals for bodybuilding in hindi
  13. शरीर बनाने के लिए करे अलग अलग व्यायाम
  14. वर्कआउट के बाद आराम करने से बनती है मसल्स - Give muscles time to recover after workout in hindi
  15. शरीर बनाने के घरेलू नुस्खे में न करें सिर्फ मशीनों का इस्तेमाल - Don't rely only on machine workouts for bodybuilding in hindi
  16. मसल्स बनाने का व्यायाम हैं कंपाउंड एक्सरसाइज - Compound exercises help build muscles in hindi
  17. शरीर बनाने के तरीका है अलग अलग भार उठाकर अपनी प्रगति को जांचना
  18. बॉडी बनाने के लिए चोट लगने से बचें - Use proper workout technique to avoid injury in hindi
  19. शरीर बनाने के घरेलू तरीके के लिए पियें भरपूर मात्रा में पानी - Drinking sufficient water is essential for building muscles in hindi
  20. शरीर बनाने के लिए चोट लगे तो पहले उसे ठीक होने दें - Let injuries heel before straining further in hindi

बॉडी बनाने के लिए, किसी भी तरह की एक्सरसाइज़ करने या ट्रेनिंग लेने से पहले हमें हमेशा फैमली डॉक्टर से शारिरिक परीक्षण कराना चाहिए। ऐसा करने से हम किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं की जटिलताओं से बच जाएंगे।

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बॉडी बनाने के लिए हमें ऐसे जिम का चयन करना चाहए, जिसमे अच्छे किस्म के उपकरण हों और अलग-अलग तरह के उपकरण हों। यह बॉडी बनाने के लिए बहुत ही आवश्यक पहलू है। जिम के चयन के दौरान जिम का माहौल, स्थान, और पैसे का विशेष रूप से ध्यान रखें।

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हर इंसान का कोई न कोई रोल मॉडल होता है, जिससे हमें जीवन में बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है। उसी प्रकार जब हम बॉडी बनाने की शुरूआत करते हैं, तो हमें किसी को अपना रोलमॉडल बनाना चाहिए, जिससे हमें एक्सरसाइज़ के दौरान प्रेरणा और सकारात्मक उर्जा मिल सके। बॉडीबिल्डर, एथलीट, वो इंसान कोई भी हो सकता है, जिसने तुम्हें बॉडीबिल्डिंग के लिए प्रेरित किया है।

भारी वजन उठाने से पहले अपने मसल्स को मज़बूत बनाएं, जिससे शरीर को हानि न पहंचे। एक बार जब आपकी मांसपेशियां दर्द सहन करने के लिए मज़बूत हो जाती हैं, उसके बाद आप बॉडिबिल्डिंग के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं।

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ट्रेनिंग पार्टनर आपको एक्सरसाइज़ के दौरान प्रेरित करने और अच्छे तरीक़े से व्यायाम करने में मदद कर सकता है। इसलिए एक ट्रेनिंग पार्टनर बनाएं। इस बात का भी ध्यान रखें की व्यायाम और बॉडीबिल्डिंग को लेकर दोंनो में प्रतिस्पर्धा भी होना चाहिए।

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बॉडी बनाने के शुरूआती दिनों में शरीर को बड़ी चुनौती न दें। पहले अपने मन में साहस भरें और अपने शरीर को विकसित होने दें। जब आपका शरीर इस क़ाबिल हो जाए की वो किसी भी प्रकार की चुनौतियों का समाना कर सकता है। तब अपने लक्ष्य की ओर क्रमानुसार और धीरे-धीरे बढ़ें। यदि आपका शरीर आराम चाहता है, तो उस दिन आराम करें और अगले दिन वर्कआउट करें। लेकिन शरीर को ज़्यादा तनाव देने से बचें।

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वर्कआउट के आख़री में हमेशा स्ट्रेचिंग एक्ससाइज़ करना चाहिए। इससे मांसपेशियों को जल्दी ठीक होने में मदद मिलेगी और व्यायाम के बाद शरीर में होने वाले सूजन को भी कम किया जा सकता है। इसके अलावा शरीर में लचीलापन बना रहेगा और वर्कआउट के दौरान लगने वाले चोट से भी बचने में मदद मिलेगी।

एक्सरसाइज़ के दौरान भरपूर सांस लेना एक तरह का व्यायाम ही है और बहुत ही लाभदायक भी है। सही तरीक़े से सांस लेने से मांसपेशियों की कोशिकाओं में पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन बनी रहती है। ऐसा करने से मसल्स के संकुचन मे मदद मिलती है। भरपूर सांस लेने से उर्जा मिलती है और मांसपेशियां का निर्माण भी होता है। जब आप वजन उठाते हैं तो सांस छोड़े और जब आप वजन नीचे ले जाएं तो सांस लें, ये प्रक्रिया हर बॉडिबिल्डर के लिए बेहद ज़रूरी होता है।

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रोज़ना कम से कम 7 से 8 घंटे की भरपूर नींद लें। अच्छी और गहरी नींद हमारी मांसपेशियों को बढ़ने और ठीक करने नें मदद करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार गहरी नींद से मांसपेशियों का अधिक विकास होता है।

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बॉडीबिल्डिंग के दौरान संतुलित आहार लेना बहुत आवश्यक और लाभदायक है। विशेषज्ञों के अनुसार दिन भर में वर्कआउट के पहले और वर्कआउट के बाद उचित पोषण आहार लेना चाहिए। हमें अपने आहार में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स का ख़ास ध्यान रखना चाहिए।

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अधिक वजन उठाने की प्रक्रिया को हल्के वार्म-अप और कार्डियो स्ट्रेच के साथ शुरू करें। इससे हमारे शरीर में लचीलापन बना रहेगा और व्यायाम के दौरान लगने वाले चोट से भी बच जाएंगे।

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बॉडीबिल्डिंग के दौरान एक लक्ष्य निर्धारण करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। बॉडीबिल्डिंग को समय सीमा में न बाधें। बॉडी बनाना हफ्ते और महीने का खेल नहीं है। बहुत कम समय में बॉडी बनाने की चाह को भी भूल जाएं और ट्रेनिंग के दौरान हमेशा अपना शत-प्रतिशत देने की कोशिश करें। परिणाम बेहतर होंगे।

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बॉडीबिल्डिंग के दौरान हमें अलग-अलग तरह के एक्सरसाइज़ को आज़माना चाहिए। ऐसा करने से हम कई तरह के व्यायाम को अभ्यास में लाते हैं और इस बात का भी पता चल पाता है की कौन सा व्यायाम हमारे लिए अच्छा है।

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कोई भी इंसान 24/7 घंटे लगातार काम नहीं कर सकता है। इसलिए हमें भारी वजन उठाने वाले व्यायाम के एक या दो सत्र के बाद कुछ दिनों के लिए आराम लेना चाहिए, जिससे शरीर को राहत मिल सके। इससे हमारा शरीर कठिन ट्रेनिंग के लिए तैयार और अनुकूल बनेगा है।

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एक्सरसाइज करते समय उपकरणों और केबल्स की तुलना में अधिक से अधिक डंबल और बार्बेल का प्रयोग करना चाहिए। इससे हमारी मांसपेशियां अच्छी तरह से काम करेंगी और व्यापक तौर पर शरीर का विकास होगा।

कंपाउंड एक्सरसाइज ऐसे व्यायाम होते हैं जो एक साथ कई मसल्स पर असर डालते हैं, जैसे स्क्वाट, डेड लिफ्ट, बेंच प्रेस, मिलटेरी प्रेस, डंबल्स रॉ को अभ्यास में लाना चाहिए। इन्हे अपने वर्कआउट में  ज़रूर शामिल करें क्योंकि इनसे आपके मसल्स फाइबर की आकार में वृद्धी होगी।

 

आप सभी व्यायामों के अभ्यस्त हो जाएं, तो एक्सरसाइज़ करते समय धीरे-धीरे अधिक वजन वाले उपकरणों से व्यायाम करें और उसे दोहराएं। इससे आपको पता लगेगा की बॉडीबिल्डिंग के सफ़र में आप कहां तक पहुंचे हैं।

ध्यान रखें जब व्यायाम करते समय हम सही और स्थिर पोजिशन में खड़े होते हैं, तो चोट लगने का ख़तरा बहुत कम हो जाता है। ज़्यादा भारी वजन उठाने से ज़रूरी है सही तकनीक पर ध्यान देना। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना तो यह है कि गलत तकनीक से उठाया दुगना वजन फायदे से ज़्यादा नुक्सान करता है। चाहे आप हलके वजन ही उठाएं, लेकिन अपनी तकनीक खराब न होने दें। सही तकनीक जानने के लिए एक अच्छे ट्रेनर से सब एक्सरसाइज सीखें, और हो सके तो उनकी निगरानी में ही व्यायाम करें। 

वर्कआउट के दौरान पर्याप्त मात्रा में, थोड़ा-थोड़ा करके पानी पिएं। इससे हमारे शरीर में पानी की मात्रा बनी रहेगी और थकान से बचने में भी मदद मिलेगी।

इसके अलावा अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए तो मांसपेशियों का वर्कआउट के बाद पुनर्निर्मित होना बहुत मुश्किल हो जाता है। आपके शरीर को मांसपेशियों को बड़ा बनाने के लिए प्रोटीन के साथ साथ पानी की भी आवश्यकता होती है।

यदि आपके शरीर में कहीं भी छोटा सा भी चोट लगे तो जोश में आकर उसे नज़रअंदाज न करें। इसका तुरंत इलाज करें। ऐसा करने से हम अपने शरीर को अधिक नुक़सान पहुंचने से बचा सकते हैं।

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