Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health

 8852 लोगों ने इसको हाल ही में खरीदा
एक डिब्बे में 250 gm च्यवनप्राश
₹ 468
250 GM च्यवनप्राश 1 डिब्बे ₹ 468

  • विक्रेता: DEEP AYURVEDA HEALTHCARE PRIVATE LIMITED
    • मूल का देश: India

    Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health की जानकारी

    Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health बिना डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली आयुर्वेदिक दवा है, जो मुख्यतः कमजोर पाचन शक्ति, खांसी, कमजोर इम्यूनिटी, फेफड़ों के रोग के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health के मुख्य घटक हैं अनंतमूल, काली मिर्च, मुलेठी, पिप्पली, अदरक, तुलसी, इलायची, तालीसपत्र, तेज़पात जिनकी प्रकृति और गुणों के बारे में नीचे बताया गया है। Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health की उचित खुराक मरीज की उम्र, लिंग और उसके स्वास्थ्य संबंधी पिछली समस्याओं पर निर्भर करती है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है।

    Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health की सामग्री - Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health Active Ingredients in Hindi

    अनंतमूल
    • ये दवाएं शरीर का तापमान कम करती हैं और बुखार के दौरान इनका उपयोग किया जाता है।
    • भूख बढ़ाने में मददगार तत्‍व।
    • पाचन क्रिया को सुधारने व खाने को ठीक से अवशोषित करने के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं।
    • फेफड़ों और श्वसन मार्ग से बलगम निकालने वाले पदार्थ।
    • वे दवाएं जो लिवर को संक्रमण से बचाने और उसे बेहतर तरीके से कार्य करने में मदद करती हैं।
    • वे तत्‍व जो खून बनाने में मदद करते हैं। इस तरह ये तत्‍व एनीमिया की स्थिति को नियंत्रित करते हैं।
    • वो दवा या एजेंट जो बैक्टीरिया को नष्‍ट या उसे बढ़ने से रोकती है।
    काली मिर्च
    • एजेंट या तत्‍व जो सूजन को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
    • वो तत्व जो जीवित कोशिकाओं में मुक्त कणों के ऑक्सीकरण के प्रभाव को रोकता है।
    • ये दवाएं मांसपेशियों के दर्द और ऐंठन को कम करने में मदद करती हैं।
    • डिप्रेशन (अवसाद) के लक्षणों में राहत दिलाने वाली दवाएं।
    • ये दवाएं लिवर के कार्य में सुधार करते हैं और इसे संक्रमण से बचाते हैं।
    • प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक करने वाले पदार्थ।
    • बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने या खत्म करने वाले पदार्थ।
    मुलेठी
    • चोट लगने के बाद सूजन को कम करने वाली दवाएं।
    • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्री रेडिकल्स के बीच असंतुलन पैदा होना) को कम करने वाली दवाएं।
    • मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन को रोकने वाली दवाएं।
    • वे दवाएं जो वायरल संक्रमण के लक्षणों को रोकने में मददगार होती हैं।
    • वो दवा या एजेंट जो श्‍लेष्‍मा झिल्‍ली (म्यूकस मेंमब्रेन) में जलन या सूजन का निवारण करता है।
    • खांसी को नियंत्रित करने में मदद करने वाली दवाएं।
    • दवाएं जो कफ और बलगम को श्वसन मार्ग से निकालती हैं।
    • वो दवा जो प्रतिरक्षा प्रणाली पर कार्य कर इम्यून को बेहतर करती है।
    • सूक्ष्म जीवों को बढ़ने से रोकने वाले या खत्म करने वाले एजेंट।
    पिप्पली
    • एजेंट या तत्‍व जो सूजन को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
    • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।
    • नस पर नस चढ़ने के लक्षणों से राहत देने वाली दवाएं।
    • ये दवाएं अवसाद के लक्षणों को नियंत्रित रखने में उपयोगी होती हैं।
    • ये दवाएं खांसी के इलाज के लिए उपयोग की जाती हैं।
    • दवाएं जो कफ और बलगम को श्वसन मार्ग से निकालती हैं।
    • ये दवाएं लिवर के कार्य में सुधार करते हैं और इसे संक्रमण से बचाते हैं।
    • ऐसे पदार्थ जो प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य को उत्तेजित करके या कम करके उसे ठीक करता है।
    • वे दवा या तत्व जो रक्त में लिपिड की मात्रा को कम करता है जिससे कोलेस्ट्रोल स्तर को कम करने और हृदय रोगों को रोकने में मदद मिलती है।
    अदरक
    • चोट या संक्रमण के कारण होने वाली सूजन को कम करने वाली दवाएं।
    • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।
    • वो तत्व जो वालेंटरी (जो मांसपेशियां हमारे नियंत्रण में हैं) और इनवालेंटरी (जो मांसपेशियां हमारे नियंत्रण में नहीं हैं) मांसपेशियों की ऐंठन व दर्द के इलाज में इस्तेमाल किये जाते हैं।
    • खांसी को नियंत्रित करने में मदद करने वाली दवाएं।
    • ये एजेंट श्वसन पथ से कफ निकलने को बढ़ावा देते हैं।
    • ये एजेंट प्रतिरक्षा प्रणाली पर प्रभाव डालते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्यों को बदलने में मदद करते हैं।
    • सूक्ष्म जीवों को खत्म करने और उन्हें बढ़ने से रोकने वाले तत्व।
    तुलसी
    • अस्‍थमा की बीमारी में अस्‍थमा के लक्षणों के रोकने के लिए इस्‍तेमाल होने वाली दवा।
    • सूजन को कम करने वाली दवाएं।
    • शरीर में मौजूद ऑक्सीजन के मुक्त कणों को निकालने के लिए उपयोग होने वाले पदार्थ।
    • वो दवाएं जो वायरल संक्रमण के उपचार के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
    • पाचन क्रिया को बेहतर करने वाले तत्‍व।
    • दवाएं जो कफ और बलगम को श्वसन मार्ग से निकालती हैं।
    • वो दवा जो प्रतिरक्षा प्रणाली पर कार्य कर इम्यून को बेहतर करती है।
    • वे एजेंट्स जो सूक्ष्‍म जीवों को नष्‍ट या उनके कार्य को रोक कर माइक्रोबियल रेप्लिका (सूक्ष्‍म जीवों की प्रतिकृति) और इसको बढ़ने से बचाते हैं।
    • वे दवाएं जो शरीर में हिस्‍टामाइन (जो धूल-मिटटी जैसे बाहरी तत्वों से शरीर की रक्षा करता है) के स्राव को नियंत्रित कर एलर्जी को रोकती हैं।
    • वे एजेंट्स जो एलर्जी के लक्षणों को रोकते हैं।
    इलायची
    • दर्द को कम करने के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं या एजेंट।
    • दवाएं जो शरीर के तापमान को कम करके बुखार का इलाज करती हैं।
    • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्री रेडिकल्स के बीच असंतुलन पैदा होना) को कम करने वाली दवाएं।
    • मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन को रोकने वाली दवाएं।
    • ऐसा पदार्थ जो पाचन तंत्र को उत्तेजित करता है और भूख बढ़ाने में फायदेमंद होता है।
    • कफ की गंभीरता को कम करने वाले घटक।
    • वो दवाएं जो श्वास नली से कफ, बलगम को निकाल बाहर करती है।
    • वो पदार्थ जो एसिडिटी को खत्म करने के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है।
    • वे एजेंट्स जो सूक्ष्‍म जीवों को नष्‍ट या उनके कार्य को रोक कर माइक्रोबियल रेप्लिका (सूक्ष्‍म जीवों की प्रतिकृति) और इसको बढ़ने से बचाते हैं।
    तालीसपत्र
    • दवाइयां जो बिना बेहोशी के दर्द को कम करती हैं।
    • वे दवाएं जो बुखार के दौरान शरीर के तापमान को कम करने में मदद करती हैं।
    • वो दवा या एजेंट जो सूक्ष्म जीवों को नष्ट और उन्हें बढ़ने से रोकता है।
    तेज़पात
    • ब्‍लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने के लिए इस्‍तेमाल होने वाली दवाएं।
    • बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने और उन्हें मारने वाली दवाएं।
    • शरीर में लिपिड की मात्रा को कम करने के लिए और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने वाली दवाएं।

    Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health के लाभ - Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health Benefits in Hindi

    Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -


    Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health की खुराक - Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health Dosage in Hindi

    यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health की खुराक अलग हो सकती है।

    आयु वर्ग खुराक
    व्यस्क
    • मात्रा: निर्धारित खुराक का उपयोग करें
    • खाने के बाद या पहले: खाने के बाद
    • अधिकतम मात्रा: 2 Tablespoon
    • दवा का प्रकार: च्यवनप्राश
    • दवा लेने का माध्यम: मुँह
    • आवृत्ति (दवा कितनी बार लेनी है): दिन में दो बार

    Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स - Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health Side Effects in Hindi

    चिकित्सा साहित्य में Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।


    Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health से सम्बंधित चेतावनी - Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health Related Warnings in Hindi

    • क्या Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?


      प्रेग्नेंट महिला पर Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health के अच्छे या बुरे प्रभाव के बारे में चिकित्सा जगत में कोई रिसर्च न हो पाने के चलते पूरी जानकारी मौजूद नहीं हैं। इसको जब भी लें डॉक्टर से पूछने के बाद ही लें।

      अज्ञात
    • क्या Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?


      स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health के अच्छे या बुरे प्रभावों के बारे में कोई रिसर्च नहीं की गई है, इसलिए इस बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है। अतः आप डॉक्टर की सलाह पर ही इसको लें।

      अज्ञात
    • Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health का पेट पर क्या असर होता है?


      Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health को पेट के लिए सुरक्षित माना जाता है।

      सुरक्षित
    • क्या Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?


      Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health बच्चों के लिए सुरक्षित है इस बारे में कोई शोध न होने की वजह से ये कहना मुश्किल है कि Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health बच्चों के लिए सुरक्षित है या नहीं।

      अज्ञात
    • क्या Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health का उपयोग शराब का सेवन करने वालों के लिए सही है


      रिसर्च न होने की वजह से पूरी जानकारी के आभाव में Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health से दुष्प्रभाव के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। डॉक्टरी सलाह के बाद ही इसको लेना लाभकर होगा।

      अज्ञात
    • क्या Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है?


      Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health लेने के बाद आपको नींद नहीं आएगी। इसलिए आप गाड़ी चलाने या दूसरे कामों को आसानी से कर सकते हैं।

      नहीं
    • क्या Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है?


      नहीं, Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health लेने से कोई लत नहीं पड़ती। फिर भी, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह पर ही Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health का इस्तेमाल करें।

      नहीं

    Deep Ayurveda Swasani Special Prash for Respiratory Health से जुड़े सुझाव।


    इस जानकारी के लेखक है -

    Dr. Braj Bhushan Ojha

    BAMS, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डर्माटोलॉजी, मनोचिकित्सा, आयुर्वेद, सेक्सोलोजी, मधुमेह चिकित्सक
    10 वर्षों का अनुभव


    संदर्भ

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 3. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2001: Page No - 115 - 117

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No - 168 - 169

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 4. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2004: Page No - 105 - 106

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No - 138 -139

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 2. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1999: Page No 170 - 176

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 36-37

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 3. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2001: Page No 204-205

    C.K. Kokate ,A.P. Purohit, S.B. Gokhale. [link]. Forty Seventh Edition. Pune, India: Nirali Prakashan; 2012: Page No 1.97-1.98

    Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 1. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 1986: Page No 153-154

    C.K. Kokate ,A.P. Purohit, S.B. Gokhale. [link]. Forty Seventh Edition. Pune, India: Nirali Prakashan; 2012: Page No 1.12


    यहां समान श्रेणी की दवाएं देखें