लेवल 2 अल्ट्रासाउंड क्या है?
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड, को हाई रेसोल्यूशन अल्ट्रासाउंड, टार्गेटेड अल्ट्रासाउंड, फीटल एनाटॉमिकल सर्वे और कॉम्प्रिहेंसिव अल्ट्रासाउंड के नाम से भी जाना जाता है। यह एक स्टैंडर्ड अल्ट्रासाउंड तकनीक है जो विशेष प्रकार की ध्वनि तरंगें (हाई फ्रिक्वेंसी साउंड वेव) पैदा करती है। इसकी मदद से बच्चे व उसके आस-पास के आंतरिक भागों की तस्वीरें प्राप्त की जाती हैं। लेवल 2 अल्ट्रासाउंड सामान्य यानि स्टैंडर्ड अल्ट्रासाउंड स्कैन के मुकाबले अधिक स्पष्ट तस्वीरें उपलब्ध कराता है, जिसमें अधिक जानकारी मिलती है। साथ ही यह टेस्ट ऐसे डॉक्टरों की निगरानी में किया जाता है, जो स्टैंडर्ड अल्ट्रासाउंड कर रहे स्टाफ की तुलना में अधिक अनुभवी होते हैं।
यह स्टैंडर्ड अल्ट्रासाउंड से अलग होता है। क्योंकि स्टैंडर्ड अल्ट्रासाउंड को आमतौर पर गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में करवाया जाता है, जबकि लेवल 2 अल्ट्रासाउंड विशेष रूप से 18 से 20 हफ़्तों के बीच में ही करवाने के लिए कहा जाता है।
- लेवल 2 अल्ट्रासाउंड क्यों किया जाता है - Level 2 Ultrasound Kisliye Kiya Jata Hai
- लेवल 2 अल्ट्रासाउंड से पहले - Level 2 Ultrasound Se Pahle
- लेवल 2 अल्ट्रासाउंड के दौरान - Level 2 Ultrasound Ke Dauran
- लेवल 2 अल्ट्रासाउंड के परिणाम का क्या मतलब है - Level 2 Ultrasound Ke Result
- लेवल 2 अल्ट्रासाउंड का कितना खर्च है - Level 2 Ultrasound Ka Kya Kharch Hai
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड क्यों किया जाता है - Level 2 Ultrasound Kisliye Kiya Jata Hai
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड किसलिए किया जाता है?
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड टेस्ट विशेष रूप से माँ और बच्चे को होने वाले जोखिम कारकों की जांच करने के लिए ही है। यदि स्टैण्डर्ड अल्ट्रासाउंड करवाने पर भ्रूण में किसी जन्म सम्बन्धी विकार के होने का संदेह होता है तो इस टेस्ट को करवाने की सलाह दी जाती है। लेवल 2 अल्ट्रासाउंड भ्रूण से जुड़ी विषमताओं और भ्रूण के विकास से जुड़ी दूसरी जानकारियों का पता लगाने में मदद करता है जो कि स्टैंडर्ड अल्ट्रासाउंड में पता नहीं चल पाती।
इस टेस्ट की मदद से भ्रूण से जुड़ी कुछ और जानकारियां भी मिल सकती हैं, जैसे:
- अंगों का आकार जैसे कि मस्तिष्क
- बच्चे का लिंग
- नाभिरज्जु (Umbilical cord)
- एमनियोटिक द्रव का स्तर (एक पीला द्रव जो कि गर्भ में मौजूद होता है जहाँ बच्चा सुरक्षित होता है)
- भ्रूण के हृदय की गति
- बच्चे का आकार
(वीडियो देखें - क्या प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड सेफ है)
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड से पहले - Level 2 Ultrasound Se Pahle
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड की तैयारी कैसे करें?
इस टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि टेस्ट से पहले डॉक्टर आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए कह सकते हैं, जिससे ब्लैडर भर जाता है और स्पष्ट तस्वीरें प्राप्त होती हैं। इसके अलावा टेस्ट के दौरान महिला को एक विशेष प्रकार की ड्रेस पहनने के लिए दी जा सकती है। टेस्ट के बाद महिला पेशाब करके अपने ब्लैडर को खाली कर सकती हैं।
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड के दौरान - Level 2 Ultrasound Ke Dauran
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड कैसे किया जाता है?
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड दो तरह से किया जाता है:
- एब्डोमिनल लेवल 2 अल्ट्रासाउंड: इसमें ट्रांसड्यूसर को पेट पर जेल लगा कर घुमाया जाता है।
- ट्रांसवेजाइनल लेवल 2 अल्ट्रासाउंड: इसमें ट्रांसड्यूसर को योनि में डाल कर अंदर की तस्वीरें प्राप्त की जाती हैं।
दोनों में से किसी भी टेस्ट में माँ और बच्चे को खतरा नहीं होता है। लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है, कि बच्चे को लंबे समय तक व बार-बार ध्वनि तरंगों के सामने नहीं लाना चाहिए। साथ ही इस टेस्ट से लंबे समय तक रहने वाले किसी दुष्प्रभाव के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, इसलिए भ्रूण को इससे संबंधित कोई खतरा भी हो सकता है।
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड के परिणाम का क्या मतलब है - Level 2 Ultrasound Ke Result
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड के रिजल्ट क्या बताते है?
सामान्य परिणाम:
भ्रूण और उस के आस-पास की संरचनाओं में कोई भी असामान्यता न होने और भ्रूण का आकार उसके समय के हिसाब से बिलकुल सही होने को सामान्य परिणाम माना जाता है। इस टेस्ट से मल्टीप्ल प्रेगनेंसी का भी पता लगाया जा सकता है। वैसे मल्टीप्ल प्रेगनेंसी सामान्य है पर उसमे विशेष देख-रेख की जरूरत होती है क्योंकि यह सामान्य गर्भावस्था से थोड़ी जटिल स्थिति होती है। विभिन्न कारकों के अनुसार सामान्य परिणाम भी अलग-अलग हो सकते हैं, डॉक्टर रिजल्ट की जांच करके उसके बारे में अच्छे से समझा सकते हैं।
असामान्य परिणाम:
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड के असामान्य रिजल्ट में निम्न स्थितियां शामिल हो सकती हैं:
- भ्रूण में संरचनात्मक कोई विकृति होना
- जन्मजात विकृति, असामान्यताएं जो की जन्म के समय से ही होती हैं।
- विकास से सम्बंधित समस्याएं
- बच्चे की गर्भाशय में ही मृत्यु होना
- एमनियोटिक द्रव का स्तर कम या ज्यादा होना
- भ्रूण का सामान्य रूप से विकास न हो पाना
यहां समान श्रेणी की दवाएं देखें
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड का कितना खर्च है - Level 2 Ultrasound Ka Kya Kharch Hai
लेवल 2 अल्ट्रासाउंड की कीमत क्या है?
इस टेस्ट की कीमत 1000 से 3650 रूपये के बीच में हो सकती है। यह कीमत शहर और लैब के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
संदर्भ
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