इंट्रावीनस पाइलोग्राम (आईवीपी) एक प्रकार का एक्स-रे है, जिसके जरिए आपकी किडनी, मूत्रवाहिनी (पेशाब को किडनी से मूत्राशय तक ले जाने वाली नलिकाएं) और मूत्राशय (वह अंग जो शरीर में पेशाब को संग्रहित करता है) को देखता है। यह पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि (मूत्राशय के नीचे स्थित एक प्रजनन ग्रंथि) की तस्वीरें भी ले सकता है।

इस टेस्ट में, व्यक्ति की बांह में मौजूद नस में एक कंट्रास्ट डाई को इंजेक्ट किया जाता है। जब यह डाई मूत्र पथ से होकर गुजरती है तो एक्स-रे में किडनी, मूत्रवाहिनी और मूत्राशय चमकदार सफेद रंग में दिखाई देते हैं। एक्स-रे फिल्म डॉक्टर को इन अंगों की संरचना और कार्य को देखने के साथ ही, मूत्र पथ की अन्य समस्याओं की पहचान करने में मदद करती है।

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  1. कौन आईवीपी नहीं करवा सकता - Who cannot have an IVP in Hindi?
  2. आईवीपी क्यों किया जाता है - Why is an IVP done in Hindi?
  3. आईवीपी की तैयारी कैसे करें - How should one prepare for an IVP in Hindi?
  4. आईवीपी कैसे किया जाता है - What is the procedure for an IVP in Hindi?
  5. आईवीपी के दौरान कैसा महसूस होता है - How does an IVP feel in Hindi?
  6. आईवीपी के नतीजों का क्या मतलब है - What do the results of the IVP mean in Hindi?
  7. आईवीपी के जोखिम और लाभ - What are the risks and benefits of an IVP in Hindi?
  8. आईवीपी के बाद - What happens after an IVP in Hindi?
  9. आईवीपी के साथ और कौन से टेस्ट किए जा सकते हैं - What other tests can be done with an IVP in Hindi?
इंट्रावीनस पाइलोग्राम के डॉक्टर

आमतौर पर गर्भवती महिलाओं का एक्स-रे आईवीपी नहीं किया जाता है।

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यदि आपको मूत्र पथ से संबंधित निम्नलिखित समस्याएं दिखती हैं, तो डॉक्टर एक्स-रे आईवीपी करवाने को कह सकते हैं :

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डॉक्टर आपको एक सहमति फॉर्म पर हस्ताक्षर करने को कह सकते हैं, जिसमें दस्तखत करके आप उन्हें आईवीपी करने की अनुमति दे देते हैं। आपको इस टेस्ट से पहले वाली आधी रात के बाद से उपवास रखने को कहा जा सकता है। डॉक्टर आपको टेस्ट से एक दिन पहले लैक्सेटिव लेने को कह सकते हैं।

यदि आपको किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या है या एलर्जी है (विशेष तौर पर कंट्रास्ट डाई से) तो अपने डॉक्टर को इस संबंध में सूचित करें। आपकी किडनी के कार्यों के मूल्यांकन के लिए ब्लड टेस्ट भी किया जा सकता है। (और पढ़ें - किडनी फंक्शन टेस्ट क्यों किया जाता है)

यदि आप किसी दवा का सेवन कर रहे हैं तो इसके बारे में अपने डॉक्टर को पहले ही बता दें। यदि आप महिला हैं और गर्भवती हैं या आपको ऐसी उम्मीद है तो अपने डॉक्टर को इस बारे में सूचित करें।

टेस्ट के लिए आपको अपने कुछ कपड़े उतारने को कहा जा सकता है या आपको एक विशेष ड्रेस भी दी जा सकती है, जिसे हॉस्पिटल गाउन कहा जाता है। अपने सभी आभूषणों और धातु की अन्य चीजों को भी उतार दें, ताकि यह टेस्ट के परिणामों को प्रभावित न कर सकें।

यदि आपको रक्तस्राव से संबंधित विकार है या आप रक्त को पतला करने वाली कोई दवा ले रहे हैं तो अपने डॉक्टर को इस बारे में सूचित कर दें।

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यह टेस्ट निम्नलिखित तरीके से किया जाता है :

  • आपको एक्स-रे टेबल पर लेटने को कहा जाएगा। तकनीशियन एक दीवार की पीछे या बगल के कमरे से मशीन को संचालित करेगा।
  • डॉक्टर कंट्रास्ट डाई के बिना ही आपके मूत्र पथ का एक्स-रे लेंगे।
  • इसके बाद वे आपकी बांह की नस में कंट्रास्ट डाई इंजेक्ट करेंगे।
  • आपके पेट पर एक बैंड लपेटा जा सकता है, ताकि डाई मूत्र पथ में बनी रहे।
  • जैसे-जैसे कंट्रास्ट डाई आपके मूत्र पथ से गुजरती है, आपके मूत्र पथ को देखने के लिए कई एक्स-रे लिए जाते हैं।
  • जब एक्स-रे लिए जा रहे हों, उस समय आपको बिल्कुल स्थिर रहना होगा और सांस रोककर रखनी होगी।
  • हर तरफ से तस्वीरें लेने के लिए आपको स्थिति बदलने के लिए कहा जाएगा।
  • इसके बाद तकनीशियन या आपके डॉक्टर आपसे रेस्टरूम, बेडपैन या मूत्रालय में जाकर पेशाब करके मूत्राशय को खाली करने को कहेंगे।
  • ब्लैडर खानी होने के बाद आपके पेट के अंदरूनी हिस्से की तस्वीर ली जाएगी, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि अब शरीर में डाई नहीं बची है।

आईवीपी आमतौर पर एक आरामदायक प्रक्रिया है। जैसे-जैसे डाई आपके रक्तप्रवाह में प्रवेश करती है, आप क्षणिक फ्लशिंग सनसनी और मुंह में धातु या नमकीन का स्वाद अनुभव कर सकते हैं। इसके अलावा आपको सिरदर्द, मतली या उल्टी भी हो सकती है।

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मूत्रपथ में निम्नलिखित स्थितियों का निदान एक्स-रे आईवीपी की मदद से किया जा सकता है :

आईवीपी से निम्नलिखित लाभ जुड़े हुए हैं :

  • यह एक गैर आक्रामक प्रक्रिया है।
  • टेस्ट के बाद शरीर में किसी तरह का कोई रेडिएशन नहीं बचा रहता।
  • एक्स-रे का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।

एक आईवीपी के जुड़े जोखिम निम्न हैं :

  • कंट्रास्ट डाई से एलर्जी हो सकती है।
  • गर्भावस्था के दौरान एक्स-रे के संपर्क में आने से भ्रूण को नुकसान पहुंच सकता है।

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आईवीपी के बाद आपको विशेष देखभाल की आवश्यकता नहीं है। आप अपने आहार और गतिविधियों को हमेशा की तरह जारी रख सकते हैं। अपने शरीर से डाई को बाहर निकलने में मदद करने के लिए आपको अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीना चाहिए। डॉक्टर आपको अगले 24 घंटों में होने वाली पेशाब की मात्रा पर नजर रखने के लिए कहेंगे। निम्नलिखित लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को सूचित किया जाना चाहिए :

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मूत्र पथ का मूल्यांकन करने के लिए डॉक्टर कुछ अन्य टेस्ट भी करवा सकते हैं, जैसे :

ध्यान रहे : टेस्ट के परिणाम रोगी के नैदानिक स्थितियों से सहसंबद्ध यानी जुड़े होने चाहिए। ऊपर मौजूद जानकारी शैक्षिक दृष्टिकोण से दी गई है और यह किसी भी डॉक्टर द्वारा सुझाए गए मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है।

Dr. Rachita Gupta

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