जीवन को बीमारियों से मुक्त और सेहत से भरपूर कैसे बनाया जाए इसके लिए वैज्ञानिक हर संभव कोशिश में जुटे हैं। इसके लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स रोजाना व्यायाम की सलाह देते हैं। साथ ही कुछ महत्वपूर्व सप्लीमेंट का सेवन भी जरूरी है, जो इसमें अहम भूमिका निभाता सकते हैं। इसी के तहत अमेरिकी शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर रोजाना ग्लूकोसामिन सप्लीमेंट का सेवन किया जाए तो इसकी मदद से समग्र मृत्यु दर (ओवरऑल मोर्टेलिटी रेट) को कम किया जा सकता है। रिसर्च के मुताबिक ग्लूकोसामिन सप्लीमेंट, नियमित रूप से किए गए व्यायाम की तरह ही प्रभावी है।

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सिर्फ दवा नहीं, व्यायाम भी जरूरी- रिसर्च
ये रिसर्च अमेरिका की वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा की गई है, जिसे 'अमेरिकन बोर्ड ऑफ फैमिली मेडिसिन' के जर्नल में छापा गया है। परिवार चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष और रिसर्च के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर दाना किंग का कहना है, 'इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अगर आपका काम पांच बजे तक खत्म होता है तो आपको जिम जाने के बजाय सिर्फ ग्लूकोसामिन की दवा लेनी चाहिए। ऐसा नहीं, हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि आपको व्यायाम करते रहना चाहिए। लेकिन इसके साथ ग्लूकोसामिन की खुराक लेना भी फायदेमंद हो सकता है, जो कि दिलचस्प है।'

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ओवरऑल मोर्टेलिटी रेट में 39 प्रतिशत की कमी
शोधकर्ता दाना किंग और उनके रिसर्च पार्टनर जुन ज़ियांग जो कि एक डब्ल्यूवीयू स्वास्थ्य डेटा विश्लेषक हैं। इन वैज्ञानिकों ने 16,686 वयस्कों के डेटा का आकलन किया। ये सभी वो लोग थे जिन्होंने साल 1999 से 2010 तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण परीक्षा सर्वे में हिस्सा लिया था। सर्वे में शामिल सभी प्रतिभागियों की उम्र कम से कम 40 वर्ष थी। शोधकर्ता दाना किंग और ज़ियांग ने इन आंकड़ों को साल 2015 की मृत्यु दर के आंकड़ों के साथ मिलाकर इनका अध्ययन किया। इसके साथ ही अलग-अलग कई नियंत्रित कारकों को भी देखा गया, जैसे कि प्रतिभागियों की उम्र, लिंग, धूम्रपान की स्थिति और सक्रियता का स्तर (मतलब सर्वे में शामिल लोगों की क्या गतिविधियां थी और वो कितने एक्टिव थे)। शोधकर्ताओं ने पाया कि एक साल तक या उससे अधिक समय तक नियमित रूप से (हर दिन) ग्लूकोसामिन/कोंड्रोइटिन सप्लीमेंट लेने से ओवरऑल मृत्यु दर में 39 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

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हृदय संबंधी मौतों में सबसे अधिक कमी
रिपोर्ट के अनुसार इस प्रक्रिया का पालन करने से हृदय से संबंधित मौतों में 65 प्रतिशत तक की कमी का पता चला। यह एक ऐसी कैटेगरी है जिसमें स्ट्रोक, कोरोनरी धमनी रोग और हृदय रोग के कारण अमेरिका में सबसे अधिक मौतें होती हैं। शोधकर्ता किंग का कहना है कि जब हमने सब कुछ ध्यान में रखा, तो एक महत्वपूर्ण प्रभाव का पता चला। वो आगे कहते हैं, 'मैं एक साइकिल क्लब से जुड़ा हूं और हफ्ते के आखिर में हम साइकिल चलाने जाते हैं। एक बार मैंने बाकी साइकिल चालक साथियों से पूछा कि क्या वो ग्लूकोसामिन सप्लीमेंट्स लेते हैं और सभी ने हां में जवाब दिया। मुझे आश्चर्य है कि क्या यह वास्तव में सहायक है।'

शोधकर्ताओं का कहना है कि चूंकि यह एक एपिडेमियोलॉजी स्टडी है जिसमें क्लीनिकल ट्रायल को महत्व नहीं दिया गया है। इसलिए यहां पुख्ता सबूत नहीं है कि ग्लूकोसामिन/कोंड्रोइटिन सप्लीमेंट लेने से मृत्यु की आशंका कम होती है। लेकिन रिसर्च के निष्कर्ष उत्साहजनक जरूर हैं। शोधकर्ता दाना किंग का कहना है, 'मेरे हिसाब से यह महत्वपूर्ण है कि लोग इस बारे (ग्लूकोसामिन सप्लीमेंट) में जानते हैं, इसलिए वे अपने डॉक्टर के साथ निष्कर्षों पर चर्चा कर सकते हैं। इस तरह यह एक बेहतर विकल्प हो सकता है। ग्लूकोसामिन बहुत फायदेमंद है, इसलिए यह आसानी से उपलब्ध भी है।'

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