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स्ट्रोक, जिसे कभी-कभी मस्तिष्क का दौरा भी कहा जाता है, तब होता है जब मस्तिष्क के हिस्से में रक्त की आपूर्ति ब्लॉक हो जाती है या जब मस्तिष्क में एक रक्त वाहिका फट जाती है। इससे मस्तिष्क के ऊतकों में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और फिर कुछ मिनटों के भीतर, मस्तिष्क की कोशिकाएं मरना शुरू हो जाती हैं। इन दोनों मामलों में मस्तिष्क के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं या मर जाते हैं। स्ट्रोक से स्थायी मस्तिष्क क्षति, दीर्घकालिक विकलांगता, या यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है।

स्ट्रोक एक चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति है, जिसमे तत्काल उपचार महत्वपूर्ण है। तत्काल उपचार व प्रारंभिक कार्रवाई मस्तिष्क क्षति और संभावित जटिलताओं को कम कर सकती है।

स्ट्रोक का इलाज किया जा सकता है और इसे होने से रोका जा सकता है। चिकित्सा उन्नति की वजह से आज स्ट्रोक से पहले के मुकाबले बहुत कम मृत्यु होती हैं। 

भारत में स्ट्रोक:

स्ट्रोक भारत में मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। जनसंख्या आधारित अध्ययनों के आधार पर शहरी इलाकों में स्ट्रोक का अनुमानित समायोजित प्रसार दर 84-262 / 100,000 है व ग्रामीण इलाकों में 334-424 / 100,000 है। अक्टूबर 29 को विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया जाता है। 

  1. स्ट्रोक के प्रकार - Types of Stroke in Hindi
  2. स्ट्रोक के लक्षण - Stroke Symptoms in Hindi
  3. स्ट्रोक के कारण - Stroke Causes in Hindi
  4. स्ट्रोक से बचाव - Prevention of Stroke in Hindi
  5. स्ट्रोक का परीक्षण - Diagnosis of Stroke in Hindi
  6. स्ट्रोक का इलाज - Stroke Treatment in Hindi
  7. स्ट्रोक के जोखिम और जटिलताएं - Stroke Risks & Complications in Hindi
  8. स्ट्रोक में परहेज़ - What to avoid during Stroke in Hindi?
  9. स्ट्रोक में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Stroke in Hindi?
  10. जानें सर्दियों में क्यों बढ़ता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
  11. हो जाएं सावधान: एनर्जी ड्रिंक दे रहा है स्ट्रोक
  12. ब्रेन स्ट्रोक होने पर क्या करें
  13. स्ट्रोक की दवा - Medicines for Stroke in Hindi

स्ट्रोक के प्रकार - Types of Stroke in Hindi

स्ट्रोक के तीन मुख्य प्रकार हैं - क्षणिक इस्केमिक अटैक, इस्केमिक, रक्तस्रावी।

1. क्षणिक इस्कीमिक अटैक (Transient ischemic attack):

डॉक्टर एक क्षणिक इस्कीमिक अटैक (टीआईए) को एक चेतावनी या मिनिस्टस्ट्रोक भी कहते हैं। खून का एक थक्का आपके मस्तिष्क में अस्थायी रूप से रक्त प्रवाह को ब्लॉक कर देता है जिससे TIA होता है। खून के थक्के और टीआईए के लक्षण थोड़े समय के लिए रहते हैं।

2. इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic stroke):

ऐसा अनुमान है कि 87 प्रतिशत स्ट्रोक इस्केमिक होते हैं। इस्केमिक स्ट्रोक तब होता है जब एक रक्त का थक्का आपके मष्तिष्क में खून के प्रवाह व आपूर्ति को रोकता है। खून का थक्का अक्सर एथेरोस्क्लेरोसिस के कारण होता है, जो कि रक्त वाहिका के अंदरूनी परत पर फैटी व वसायुक्त जमावों की वजह से होता है। इन फैटी व वसायुक्त जमावों का एक हिस्सा आपके मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को रोक सकता है। यह स्थिति दिल के दौरे के समान है, जहां रक्त के थक्के आपके हृदय के हिस्सों में रक्त के प्रवाह को रोकते हैं।

इस्केमिक स्ट्रोक के दो प्रकार होते हैं: 

  1. अन्तः शलयीय स्ट्रोक (embolic stroke): इसमें रक्त के थक्के आपके शरीर के दूसरे भाग से आपके मस्तिष्क तक जाते हैं। आम तौर पर यह थक्के हृदय में होते हैं और रक्त वाहिकाओं के माध्यम से दिमाग़ तक पहुँच जाते हैं। अन्तः शलयीय स्ट्रोक, 15 प्रतिशत 'आलिंद संरचना' नामक एक स्थिति के कारण होता है, जिसमे आपका हृदय अनियमित रूप से धड़कता है।
  2. थ्रोम्बोटिक स्ट्रोक (thrombotic stroke): यह एक ऐसा इस्केमिक स्ट्रोक है जिसमे मस्तिष्क की रक्त वाहिका में खून के थक्के का गठन हो जाता है।

टीआईए के विपरीत, रक्त के थक्के जिनसे इस्कीमिक स्ट्रोक होता है, वे इलाज के बिना सही नहीं होते व बेहद घातक हो सकते हैं ।

3. रक्तस्रावी स्ट्रोक (Hemorrhagic stroke):

जब आपके मस्तिष्क में रक्त वाहिका टूट जाती है तो रक्त आसपास के ऊतकों में फैलने लगता है इस स्थिति को रक्तस्रावी स्ट्रोक कहते हैं।

रक्तस्रावी स्ट्रोक के दो प्रकार हैं: पहला, एन्यूरिज्म है, जिसमे कमजोर रक्त वाहिका का एक हिस्सा बाहर की ओर फूल या सूज जाता है और कभी-कभी टूट या फट भी जाता है। दूसरा, आर्टेरिओवेनोस  मैलफॉर्मेशन है, जिसमें असामान्य रूप से बनी हुई रक्त वाहिकाएं आती हैं। अगर इस तरह की रक्त वाहिकाएं टूट जाती हैं, तो इससे रक्तस्रावी स्ट्रोक हो सकता है।

स्ट्रोक के लक्षण - Stroke Symptoms in Hindi

निम्नलिखित लक्षणों व संकेतों के माध्यम से आपको पता चलता है की आपको या आपके साथ वाले व्यक्ति को स्ट्रोक है या नहीं; इन लक्षणों के द्वारा आप समय रहते सही इलाज कराने में सक्षम रहेंगे:

  1. बोलने और समझने में परेशानी होना, आप भ्रम का अनुभव कर सकते हैं, आपके बोलने की गति धीमी हो सकती है या समझने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं।
  2. पक्षाघात या लकवा; या चेहरे,बांह या पैर में सुन्नता और विशेष रूप से आपके शरीर का एक तरफी अंग अचानक सुन्न हो जाए, कमजोरी महसूस कर सकते हैं। एक ही समय में अपने सिर पर अपने दोनों हाथों को उठाने की कोशिश करें यदि एक हाथ गिरता है तो यह स्ट्रोक हो सकता है व मुस्कराने में यदि एक तरफ आपके होठ न उठें या झूल जाएँ तो यह स्ट्रोक की निशानी हो सकती है।
  3. एक या दोनों आँखों में देखने में परेशानी हो या धुंधला दिखे या सबकुछ दो-दो नज़र आए और अँधेरा छा जाए तो यह स्ट्रोक की निशानी हो सकती है।  
  4. अचानक गंभीर सिरदर्द होना, जो उल्टी, चक्कर या बदलती चेतना के रूप में बढ़ जाए।
  5. चलने में परेशानी होना, अचानक चक्कर आना, संतुलन व समन्वय की हानि का अनुभव कर सकते हैं।

यदि आप ऊपर दिए गए किसी भी स्ट्रोक लक्षण को महसूस करते हैं, तो आप तुरंत या तत्काल चिकित्सा के लिए जाएँ। स्ट्रोक जानलेवा हो सकता है इसलिए लापरवाही न बरतें।

"फास्ट" (FAST) सोचें और निम्नलिखित करें:
FACE (चेहरा)- व्यक्ति को मुस्कराने के लिए कहें और देखें की क्या चेहरे की एक तरफ झुकाव है?
ARMS (बाहें)-दोनों हाथों को उठाने के लिए बोलिये, क्या एक हाथ नीचे गिरता है? या एक हाथ उठाने में असमर्थ है?
SPEECH (भाषण)- किसी साधारण वाक्यांश को दोहराने के लिए व्यक्ति से पूछें। क्या उसके बोलने में आपको असामन्यता महसूस होती है जैसे की धीमापन या अस्पष्टता।  
TIME (समय)- अगर आप इन संकेतों में से कोई एक भी देखते या महसूस करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ।

स्ट्रोक के कारण - Stroke Causes in Hindi

स्ट्रोक तब होता है जब आपके मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति बाधित या कम हो जाती है। यह आपके मस्तिष्क को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों से वंचित करता है, जिससे आपकी मस्तिष्क की कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। 

स्ट्रोक अवरुद्ध धमनी के कारण हो सकता है (इस्केमिक स्ट्रोक); या रक्त वाहिका के फूटने या फटने के कारण हो सकता है (रक्तस्रावी स्ट्रोक); कुछ लोगों को उनके मस्तिष्क में केवल रक्त के प्रवाह के अस्थायी विघटन के कारण यह हो सकता है (क्षणिक इस्कीमिक स्ट्रोक, या टीआईए)।

अलग प्रकार के स्ट्रोक होने के कारण अलग होते हैं, जो निम्नलिखित हैं -  

1. इस्कीमिक आघात

लगभग 85 प्रतिशत स्ट्रोक इस्केमिक स्ट्रोक हैं। इस्केमिक स्ट्रोक तब होते हैं जब आपके मस्तिष्क की धमनियां संकुचित या अवरुद्ध हो जाती हैं, जिसके कारण रक्त के प्रवाह में गंभीर रूप से कमी हो जाती है (ischemia)। सबसे आम इस्कीमिक स्ट्रोक में शामिल हैं:

थ्रोम्बोटिक स्ट्रोक- थ्रोम्बोटिक स्ट्रोक तब होता है जब आपके मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों में से एक में रक्त का थक्का (थ्रोम्बस) बन जाता है जो की फैटी जमाव (पट्टिका) के कारण हो सकता है; जो की एक संयोजन हो सकता है धमनियों व कम रक्त प्रवाह (एथेरोस्लेरोसिस) जैसी स्थिति का या अन्य धमनी की स्थिति का।
ब्लैडर स्ट्रोक- यह स्ट्रोक तब होता है जब रक्त के थक्के आपके मस्तिष्क से सामान्य रूप से दूर किये जा चुके हों - आमतौर पर आपके दिल में हो - और आपके मस्तिष्क की धमनियों में प्रवेश करने के लिए ये रक्त प्रवाह के साथ प्रवेश करते हैं; इन प्रकार के थक्कों को एम्लस कहा जाता है।


2. रक्तस्रावी स्ट्रोक

रक्तस्रावी स्ट्रोक तब होता है जब आपके मस्तिष्क में रक्त वाहिका लीक करती है या टूट जाती है जिससे मस्तिष्क में रक्तस्राव होता है।  मस्तिष्क रक्तस्राव कई स्थितियों से उत्पन्न हो सकता है, जैसे अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), एंटीकोआगुलेंट्स को ज़्यादा ले लेना, और आपकी रक्त वाहिका की दीवारों (एनिवरिज़म) में कमजोर या हलके स्पॉट्स या दाग होना।

रक्तस्राव का एक कारण जन्म के समय पतली दीवारों वाले रक्त वाहिकाओं (धमनीय कुरूपता) का टूटना है। रक्तस्रावी स्ट्रोक के प्रकार हैं:

इंटरसेरीब्रल रक्तस्राव- आंतग्रस्त रक्तस्राव में, मस्तिष्क में एक रक्त वाहिका फटती है और रक्त आसपास के ऊतकों में फैल जाता है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचता है। रिसाव के साथ मस्तिष्क की कोशिकाएं खून से वंचित होजाती हैं यह और भी क्षतिग्रस्त हैं।

उच्च रक्तचाप, आघात, संवहनी विकृति, रक्त-पतला करने वाली दवाओं का सेवन और अन्य स्थितियों के कारण इंटरसेरीब्रल रक्तस्राव हो सकता है।

सबाराकनॉइड रक्तस्राव- सबराचोनोइड रक्तस्राव में एक धमनी आपके मस्तिष्क की सतह पर या उसके आसपास फट या टूट जाती है जिससे रक्तस्राव आपके मस्तिष्क व खोपड़ी के बीच होने लगता है। गंभीर सरदर्द ही ऐसे रक्तस्राव का संकेत है। 

सबाराकनॉइड रक्तस्राव में; जब मस्तिष्क में बोरी के आकर का, एनुरिस्म नामक धमनी पर होने वाला आउटपाउचिंग (थैले जैसा उभरा हुआ हिस्सा) फट जाता है, रक्तसाव होता है व रक्त वाहिकाओं के पतले या चौड़े (वास्कोपासम) होने के कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं में खून की आपूर्ति रुक जाती है।

3. क्षणिक इस्केमिक स्ट्रोक (टीआईए)

क्षणिक इस्कीमिक स्ट्रोक (टीआईए) - यह एक मिनिस्ट्रोके के रूप में भी जाना जाता है - यह उन लक्षणों की एक संक्षिप्त अवधि है जो आपको स्ट्रोक के दौरान होते हैं। आपके मस्तिष्क के हिस्सों में रक्त की आपूर्ति में एक अस्थायी कमी जो अक्सर पाँच मिनट से कम समय तक रहती है।

इस्केमिक स्ट्रोक की तरह, टीआईए तब होता है जब खून का थक्का आपके मस्तिष्क के हिस्से में रक्त प्रवाह को रोकता है। टीआईए स्थायी प्रभाव नहीं छोड़ता है क्योंकि यह स्थिति अस्थायी है।

इस प्रकार के स्ट्रोक को हलके में न लें क्यूंकि इससे भविष्य में पूर्णतः विकसित व गंभीर स्ट्रोक होने की संभावना होती है। इसलिए तुरंत ही डॉक्टर के पास जाएँ।  

स्ट्रोक से बचाव - Prevention of Stroke in Hindi

कई स्ट्रोक की रोकथाम रणनीतियां हृदय रोग को रोकने वाली रणनीतियों के समान है। सामान्य रूप से, स्वस्थ जीवनशैली की सलाह दी जाती है जिसमे निम्नलिखित बातें शामिल हैं:

  1. उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करना- अपने स्ट्रोक जोखिम को कम करने के लिए रक्तचाप को नियंत्रित करना आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है। यदि आपको स्ट्रोक था, तो अपने रक्तचाप को कम करके क्षणिक इस्कीमिक स्ट्रोक या गंभीर स्ट्रोक को रोकने में मदद मिल सकती है। तनाव का प्रबंधन करने से, सही खान पान व स्वस्थ वजन बनाए रखने से, व्यायाम करने से, और सोडियम और अल्कोहल या शराब की मात्रा को सीमित करने से उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। जीवनशैली में बदलाव के सलाह के अलावा, आपका डॉक्टर उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए दवाएं लिख सकता है।
  2. अपने आहार में कोलेस्ट्रॉल व संतृप्त वसा की मात्रा कम करके आप स्ट्रोक से बचाव कर सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल और वसा, विशेष रूप से संतृप्त वसा और ट्रांस वसा, आपके धमनियों में फैटी जमावट (प्लाक) को बढाते हैं। यदि आप अपने कोलेस्ट्रोल को और वसा के स्तर को आहार से नहीं नियंत्रित कर सकते तो आपका डॉक्टर दवाइयां लिख सकता है।
  3. तम्बाकू के प्रयोग से व धूम्रपान करने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। उनके लिए भी जो अप्रत्यक्ष रूप से हानिकारक धुएं को ले रहे हों। धूम्रपान न करें।
  4. मधुमेह पर नियंत्रण करें। आप आहार, व्यायाम, वजन नियंत्रण और दवा के साथ मधुमेह पर नियंत्रण पा सकते हैं।
  5. स्वस्थ वजन बनाए रखना ज़रूरी है। अधिक वजन वालों को अन्य स्ट्रोक के जोखिम का खतरा होता है, जैसे उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मधुमेह।
  6. फलों और सब्जियों से समृद्ध आहार को रोज़ खाने से स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। उसके बाद भूमध्य आहार का सेवन करें जिसमे जैतून का तेल, फल, नट्स या फली, सब्जियां और साबुत अनाज होता है।
  7. नियमित रूप से व्यायाम करने से जैसे एरोबिक या "कार्डियो" व्यायाम कई तरह से स्ट्रोक का खतरा कम कर सकता है। व्यायाम आपके उच्च रक्तचाप को कम कर सकता है, उच्च-घनत्व वाले लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है, और आपके रक्त वाहिकाओं और हृदय के समग्र स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है। यह आपको अपना वजन कम करने, मधुमेह को नियंत्रित करने और तनाव कम करने में भी मदद करता है। धीरे - धीरे 30 मिनट की गतिविधि तक व्यायाम करें - जैसे चलना, जॉगिंग, तैराकी या साइकिल चलाना, यदि रोज़ नहीं तो ज़्याद से ज़्यादा दिन करें। 
  8. ज़्यादा शराब पीने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है यदि आप पीते भी हैं तो इसे सीमा में पीएं यानी कम पीएं। ज़्यादा शराब पीने से उच्च रक्तचाप, इस्केमिक स्ट्रोक और रक्तस्रावी स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, कम शराब पीने से, जैसे कि एक दिन में एक पीना, आइकेमिक स्ट्रोक को रोकने में मदद कर सकता है और आपके रक्त की थक्के की प्रवृत्ति कम कर सकता है। शराब अन्य दवाइयों जो आप ले रहे हैं उनपे दुष्प्रभाव भी डाल सकता है। 
  9. प्रतिरोधी स्लीप एपनिया obstructive sleep apnea (OSA)-आपका डॉक्टर यह आपको है या नहीं इसके लिए आपकी जांच करेगा और पाए जाने पर तुरंत इसका इलाज करेगा।
  10. अवैध नशीले पदार्थों से बचें जैसे कोकेन और मेथाम्फेटामाइन, क्यूंकि यह टीआईए या स्ट्रोक के निर्धारित जोखिम कारक हैं। कोकीन रक्त के प्रवाह को कम करता है और धमनियों को पतला कर सकता है।

स्ट्रोक का परीक्षण - Diagnosis of Stroke in Hindi

आपका डॉक्टर स्ट्रोक के जोखिम को निर्धारित करने के लिए कई परीक्षणों का उपयोग कर सकता हैं, जिसमें शामिल हैं:

  1. शारीरिक परीक्षाआपका डॉक्टर आपसे या आपके परिवार के किसी सदस्य से पूछेगा कि आपके क्या लक्षण रहे है, कब शुरू हुआ है या जब शुरू हुआ तो आप क्या कर रहे थे। आपका डॉक्टर तब यह मूल्यांकन करेगा कि ये लक्षण अभी भी मौजूद हैं या नहीं। आपका डॉक्टर जानना चाहेगा कि आप कौन सी दवा लेते हैं और क्या आपको कभी किसी भी सिर की चोट का सामना करना पड़ा है। आपसे हृदय रोग, क्षणिक इस्कीमिक हमले या स्ट्रोक के अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक इतिहास के बारे में पूछा जाएगा। आपका डॉक्टर आपके रक्तचाप की जांच करेगा और आपके हृदय को सुनने के लिए और आपकी गर्दन (कैरोटीड) धमनियों पर हवा सी सनसनाहट वाली ध्वनि (बीआरटी) को सुनने के लिए, जो एथेरोस्क्लेरोसिस का संकेत देता है; स्टेथोस्कोप का इस्तेमाल करेगा। आपकी आंखों के पीछे स्थित रक्त वाहिकाओं में छोटे कोलेस्ट्रॉल क्रिस्टल या थक्के के लक्षणों की जांच के लिए आपका डॉक्टर एक आंख के ढाँचे का प्रयोग कर सकता है।
  2. रक्त परीक्षण- आपके कई खून के परीक्षण हो सकते हैं, जो आपके डॉक्टर को यह बताएंगे की आपके खून के थक्के कितनी तेज़ी से बनते हैं, आपका रक्त शर्करा स्तर असामान्य रूप से कितना उच्च या कम है, खून के महत्वपूर्ण रसायन संतुलन से बाहर हों, या यदि आप संक्रमित हो सकते हैं। आपके रक्त के थक्के बनने में लगने वाले समय व चीनी के स्तर और अन्य महत्वपूर्ण रसायनों का ध्यान रखना व प्रबंधन करना आपके स्ट्रोक से बचाव में मदद करता है।
  3. कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन- सीटी स्कैन आपके मस्तिष्क की एक विस्तृत छवि बनाने के लिए एक्स-रे की श्रृंखला का उपयोग करता है। सीटी स्कैन रक्तस्राव, ट्यूमर, स्ट्रोक और अन्य स्थितियों को दिखा सकता है।
  4. चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई; Magnetic resonance imaging, MRI)- एमआरआई आपके मस्तिष्क का विस्तृत दृश्य बनाने के लिए शक्तिशाली रेडियो तरंगों और मैग्नेट का उपयोग करता है। एमआरआई इस्केमिक स्ट्रोक और मस्तिष्क रक्तस्राव द्वारा क्षतिग्रस्त मस्तिष्क के ऊतकों का पता लगा सकता है। आपके चिकित्सक धमनियों, नसों और रक्त प्रवाह को देखने के लिए एक रक्त वाहिन में डाई (चुंबकीय अनुनाद एंजियोग्राफी, या चुंबकीय अनुनादपूर्ण नक्शा) का प्रयोग कर सकते हैं।
  5. कैरोटिड अल्ट्रासाउंड (Carotid ultrasound)- इस परीक्षण में, ध्वनि तरंग के माध्यम से गले में कैरोटिड धमनियों के अंदर का विस्तृत चित्र दिखाया जाता है। इस परीक्षण के माध्यम से फैटी जमाओं (सजीले टुकड़े) और आपके कैरिटिड धमनियों में रक्त के प्रवाह को दर्शाया जाता है।
  6. सेरेब्रल एंजियोग्राम (Cerebral angiogram)इस परीक्षण में, आपका डॉक्टर एक छोटी चीरा के माध्यम से एक पतली, लचीली ट्यूब (कैथेटर) को आमतौर पर आपके जाँघों व कमर के हिस्सों में डालता है और आपकी प्रमुख धमनियों और आपके कैरोटीड या कशेरुका धमनी तक पहुँचता है। फिर आपका चिकित्सक आपके रक्त वाहिकाओं डाई को इंजेक्ट करता है या डालता है जिससे वे एक्स-रे इमेजिंग से दिखाई देने में सक्षम हो सकें। यह प्रक्रिया आपके मस्तिष्क और गर्दन की धमनियों का विस्तृत दृश्य देती है।
  7. इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram)- एकोकार्डियोग्राम आपके दिल की विस्तृत छवियां बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करता है। एकोकार्डियोग्राम आपके दिल में बने थक्के का एक स्रोत खोज सकता है,जो कि मस्तिष्क तक जातें हैं;और जिसके कारण स्ट्रोक होता है।
  8. ट्रांसीफोफेगल इकोकार्डियोग्राम (transesophageal echocardiogram)- इस परीक्षण में, आपका चिकित्सक आपके गले में एक लचीली ट्यूब सम्मलित करता है या डालता है जिसमे एक छोटी सी डिवाइस (ट्रांसड्यूसर) जुड़ी हुई होती है और यह आपके मुंह के पीछे के हिस्से और आपके पेट को जोड़ता है (अन्नप्रणाली; esophagus)। क्योंकि आपका अन्नप्रगम सीधे आपके हृदय के पीछे होता है,  ट्रांसस्कोफ़ेबल एकोकार्डियोग्राम आपके दिल की स्पष्ट, विस्तृत अल्ट्रासाउंड छवियों और किसी भी रक्त के थक्कों को दिखा सकता है।

स्ट्रोक का इलाज - Stroke Treatment in Hindi

क्षणिक इस्कीमिक अटैक (टीआईए) 

टीआईए के उपचार में ऐसी दवाइयां शामिल हैं जो भविष्य में स्ट्रोक को रोकने में मदद करती हैं। इन दवाओं में एंटीप्लेटलेट्स और एंटीकोआगुलंट्स शामिल हैं।

एंटीप्लेटलेट्स आपके प्लेटलेट नामक खून के घटक के आपस में चिपकने की व थक्का बनाने की संभावना को कम करता है। एस्पिरिन (बफ़रिन) और क्लॉपिडोग्रेल (प्लाविक्स) एंटीप्लेटलेट्स दवाएं हैं।

एंटीकोआगुलंट्स Anticoagulants ऐसी दवाएं हैं जो प्रोटीन को बनने से रोकती हैं जो थक्के जमाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। इन दवाओं के कई अलग-अलग प्रकार मौजूद हैं, जिनमें वारफेरिन (कौमडिन) और दाबीगट्रान (पेरडाक्सा) शामिल हैं।

आपका डॉक्टर सर्जरी की सलाह भी दे सकता है जिसे कैरोटिड एंडराटेक्टोमी कहा जाता है। यह आपके गर्दन की मन्या धमनी में पट्टिका निर्माण को हटा देता है, जो स्ट्रोक का एक प्रमुख कारण है।

इस्कीमिक आघात

आपका इस्केमिक उपचार इस पर निर्भर करता है की आप कितने जल्दी   अस्पताल जाते हैं। यह आपके व्यक्तिगत चिकित्सा इतिहास पर भी निर्भर करता है।

यदि आप स्ट्रोक के तीन घंटे के भीतर अपने चिकित्सक के पास पहुंच जाते हैं तो आपका डॉक्टर आपको ऊतक प्लास्मिनोज़ उत्प्रेरक (टीपीए) के रूप में जानी जाने वाली दवा दे सकता है। यह दवा, जो एक IV के माध्यम से वितरित की जाती है, वह थक्के को मिटा सकती है। हालांकि, खून बहने के जोखिम के कारण सभी लोग टीपीए नहीं प्राप्त कर सकते हैं। आपके चिकित्सक को टीपीए के द्वारा उपचार करने से पहले अपने मेडिकल इतिहास पर सावधानी से विचार करना होगा।

डॉक्टर आपके मस्तिष्क से थक्के को शारीरिक रूप से निकाल सकता है या थक्के को ख़त्म करने के लिए दवाइयां दे सकता है। ये उपचार हमेशा फायदेमंद नहीं होते हैं, क्योंकि आपके मेडिकल इतिहास के कारण आपको कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।

रक्तस्रावी स्ट्रोक

रक्तस्रावी स्ट्रोक के उपचार में मस्तिष्क में हो रहे रक्तस्राव को रोकना शामिल है और मस्तिष्क में रक्तस्राव से जुड़े दुष्प्रभावों को कम करना शामिल है। साइड इफेक्ट्स के रूप में बढ़ा हुआ आंतरकपालीय दबाव हो सकता है। सर्जिकल प्रक्रियाओं में सर्जिकल क्लिपिंग या कोयलिंग शामिल है। ये रक्त वाहिका से और अधिक खून बहने से रोकने के लिए बनाये गायें हैं।

इंट्राक्रानियल दबाव को कम करने के लिए आपको दवाएं दी जा सकती हैं। रक्तस्राव को रोकने के लिए आपके मष्तिष्क में रक्त के थक्के की मात्रा बढ़ाई जाती है जिसके लिए रक्ताधान या खून के संचरण की प्रक्रिया की आवश्यकता हो सकती है।

स्ट्रोक के जोखिम और जटिलताएं - Stroke Risks & Complications in Hindi

कई कारक आपके स्ट्रोक के खतरों को बढ़ा सकते हैं। कुछ कारक दिल का दौरा होने की संभावनाओं को भी बढ़ा सकते हैं। स्ट्रोक जोखिम कारकों में शामिल हैं:

1.लाइफस्टाइल जोखिम कारक

  1. अधिक वजन या मोटापे का होना
  2. भौतिक निष्क्रियता
  3. ज़्यादा मात्रा में शराब व अन्य हानिकारक पेय पीना
  4. कोकेन और मेथैम्फेटामाइन जैसे अवैध दवाओं का उपयोग

2.चिकित्सा जोखिम कारक

  1. उच्च रक्तचाप - स्ट्रोक का जोखिम रक्तचाप रीडिंग में 120/80 मिलीमीटर पारा (मिमी एचजी) से अधिक बढ़ना शुरू होता है। आपका चिकित्सक आपकी उम्र के आधार पर आपको सही रक्त चाप रखने में आपको सही सलाह व दिशा देगा। ।
  2. सिगरेट धूम्रपान या दुसरे स्रोत के धुएं के संपर्क में।
  3. उच्च कोलेस्ट्रॉल।
  4. मधुमेह।
  5. ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया - नींद विकार जिसमें ऑक्सीजन का स्तर रात के दौरान रुक जाता है।
  6. हृदय रोग, दिल की विफलता, हृदय संक्रमण या असामान्य हृदय ताल सम्बंधित हृदय रोग।

स्ट्रोक के उच्च जोखिम से जुड़े अन्य  कारक निम्नलिखित हैं:

  1. स्ट्रोक, दिल का दौरा या क्षणिक इस्कीमिक हमले का निजी या पारिवारिक इतिहास।
  2. 55 वर्ष की उम्र या यदि उससे अधिक हों।
  3. रेस - अन्य जातियों के लोगों की तुलना में अफ्रीकी-अमेरिकियों को स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है।
  4. लिंग - पुरुषों की महिलाओं की तुलना में स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है महिलाओं को आमतौर पर बड़े होते हैं जब उनके पास स्ट्रोक होते हैं, और पुरुषों की तुलना में स्ट्रोक से मरने की संभावना अधिक होती है। इसके अलावा, कुछ गर्भनिरोधक गोलियां या हार्मोन चिकित्सा से कुछ जोखिम हो सकता है, जिसमें एस्ट्रोजन शामिल है, और गर्भावस्था और प्रसव से भी ऐसा होने की संभावना हो सकती है।

स्ट्रोक एक चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति है - यह जानलेवा हो सकती है। रक्त प्रवाह के बिना, आपका मस्तिष्क श्वास, रक्तचाप, और बहुत सारे प्रमुख कार्य नहीं कर सकता।

स्ट्रोक से होने वाली जटिलताओं निम्नलिखित हैं:

  1. व्यवहार में बदलाव: स्ट्रोक अवसाद या चिंता का कारण हो सकता है। आपको अपने व्यवहार में बदलाव का अनुभव भी हो सकता है, जैसे कि दूसरों के साथ सामाजिक होने में परेशानी आना व आवेगी होना।
  2. भाषण या बोलने में कठिनाई होना: स्ट्रोक आपके मस्तिष्क के उन क्षेत्रों पर दुष्प्रभाव डालता है जो बोलने व निगलने से सम्बंधित होते हैं। नतीजतन, आपको बोलने, पढ़ने या दूसरे लोगो को समझने में परेशानी हो सकती है।
  3. स्तब्ध होना या दर्द: स्ट्रोक आपके शरीर के कुछ हिस्सों स्तब्ध होने जैसी स्थिति पैदा कर सकता है और यह दर्दनाक हो सकता है। कभी-कभी मस्तिष्क की चोटें तापमान को समझने की आपकी क्षमता को भी प्रभावित कर सकती हैं। इस स्थिति को केंद्रीय स्ट्रोक दर्द के रूप में जाना जाता है और इसका इलाज मुश्किल हो सकता है।
  4. पक्षाघात या लकवा:आपके मस्तिष्क के दाहिने हिस्से में स्ट्रोक होने से आपका बायां अंग प्रभावित हो सकता है और ऐसे ही बाएं मस्तिष्क में स्ट्रोक होने से दायां अंग। जिन लोगों ने स्ट्रोक का सामना किया है, वे चेहरे की मांसपेशियों का उपयोग नहीं कर सकते हैं या हाथों की गतिविधि में दिक्कत हो सकती है।
  5. पुनः प्रतिष्ठा या बहाली के माध्यम से स्ट्रोक के बाद आप अपने शारीरिक गतिविधियों को दोबारा पा सकते हैं, बोलने, या निगलने की क्षमता दोबारा हासिल कर सकते हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया में समय लग सकता है।

स्ट्रोक में परहेज़ - What to avoid during Stroke in Hindi?

  1. ज़्यादा शराब का सेवन न करें।
  2. धूम्रपान का सेवन न करें। 
  3. ऐसे व्यक्ति से दूर रहे जो धूम्रपान करता हो। 
  4. वसा या चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।   
  5. नशीले पदार्थों जैसे कोकेन का सेवन न करें।   
  6. वजन अधिक न बढ़ने दें।  
  7. और खासकर की अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करें।  

स्ट्रोक में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Stroke in Hindi?

  1. सब्जियों और फलों का सेवन करें व समृद्ध आहार खाएं।
  2. संपूर्ण अनाज, उच्च फाइबर खाद्य पदार्थ चुनें।
  3. कम से कम सप्ताह में दो बार मछली खाएं।
  4. संतृप्त वसा या फैट और ट्रांस वसा को सीमित करें; आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत तेलों से बचने से ट्रांस वसा कम हो जाएगा।
  5. हल्का मांस और पोल्ट्री चुनें और संतृप्त या ट्रांस वसा का उपयोग किए बिना उन्हें बनाएं।
  6. कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का चयन करें।
  7. अतिरिक्त शक्कर वाले पेय और खाद्य पदार्थों को न लें।
  8. थोड़ा या कम नमक (सोडियम) वाले खाद्य पदार्थ चुनें और देखें की एक चम्मच से अधिक नमक एक दिन में न प्रयोग करें।
  9. यदि आप शराब पीते हैं, तो इसे सीमित करें।
  10. धूम्रपान न करें। 

स्ट्रोक की दवा - Medicines for Stroke in Hindi

स्ट्रोक के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
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Tetan खरीदें
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Arbitel खरीदें
Telsartan खरीदें
Clavix खरीदें
Clopitab खरीदें
Rosutor Gold खरीदें
Telsartan H खरीदें
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References

  1. National Health Service [Internet]. UK; Stroke.
  2. National Stroke Association. What is stroke? American Heart Association. [Internet]
  3. National Health Service [Internet]. UK; Stroke.
  4. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]: U.S. Department of Health and Human Services; Stroke
  5. National Health Portal [Internet] India; Stroke
  6. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; About Stroke
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