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माँ को अपने बच्चों को सूजन की वजह से रोते देखना बहुत दुखी करता है, जो कि डाइपर के रैशेज के कारण होती है। अगर लंबे समय के लिए बच्चो को गंदे डाइपर में छोड़ दिया जाए या बच्चे को डाइपर कस कर बाँध दिया जाए, जिससे हवा का आना जाना रुक जाए तो भी यह डाइपर रैशेज का कारण बन जाता है।

यह आपके बच्चे को अस्वस्थ बना देता है। आइए जानते हैं इसको प्राकृतिक तरीके से हटाने के लिए बेहतरीन होम रेमेडीेज़ फॉर डाइपर रैश।

बच्चो की त्वचा पर फफोले होना और बच्चे के जननांग क्षेत्र पर दिखने वाला लाल निशान डाइपर के चक्त्तो के कुछ लक्षण हैं। आप घरेलू उपायो की मदद से इनका उपचार कर अपने नन्हें मुन्नों की मुस्कान वापस पा सकते हैं।

  1. डायपर रैश के उपचार एलोवेरा से - Aloe Vera for Diaper Rash in Hindi
  2. बच्चों की डायपर रैश दूर करे वैसलीन पेट्रोलियम जैली - Vaseline Petroleum Jelly for Diaper Rash in Hindi
  3. डायपर के चकत्तों से बचने के लिए बेकिंग सोडा - Baking Soda for Diaper Rash in Hindi
  4. डायपर के साइड इफेक्ट दूर करें दही से - Yogurt for Diaper Rash in Hindi
  5. डायपर रैशेज से बचाव के लिए दूध लाभदायक - Milk for Diaper Rash in Hindi
  6. डायपर के चकत्तों से बचने के लिए उपयोग करें आटा - Flour for Diaper Rash in Hindi
  7. डायपर रैशेज का इलाज करें मकई के आटे से - Corn Flour for Diaper Rash in Hindi
  8. डायपर के साइड इफेक्ट से नारियल तेल बचाए - Coconut Oil for Diaper Rash in Hindi
  9. डायपर रैशेज से बचाए कैमोमाइल चाय - Chamomile Tea for Diaper Rash in Hindi
  10. डायपर से चकत्ते का इलाज है टी ट्री ऑयल - Tea Tree Oil for Diaper Rash in Hindi

एलोवेरा की एक पत्ती लें। उसे 2 भाग में काटें और चाकू की मदद से उससें जैल बाहर निकालें। डायपर क्षेत्र को साफ तथा सूखा करें। अब बच्चे की त्वचा पर एलोवेरा जैल को लगाएं। यह जल्द ही पीड़ा से राहत दिलाता है और त्वचा का तेज़ी से उपचार करता है। 

(और पढ़ें – एलोवेरा के फायदे और नुकसान)

धीरे से बच्चे के चक्कतों पर वैसलीन पेट्रोलियम जैली को मसलें। यह आपके बच्चे को दर्द से राहत प्रदान करेगा, साथ ही रैशेज़ से छुटकारा दिलाएगा।

2 चम्मच बेकिंग सोडा को गुनगुने पानी में मिलाएं। अब इस पानी का इस्तेमाल अपने बच्चे के दर्दनाक डाइपर रैशेज़ को शांत करने के लिए करें।

(और पढ़ें – सिर में खुजली का इलाज है बेकिंग सोडा)

अगर रैशेज़ का कारण खमीर है तो अपने बच्चे को दही खिलाएं (यदि उसे दही से एलर्जी नही है)। आप दही का इस्तेमाल एक क्रीम के रूप में भी कर सकते हैं और अपने बच्चे के निशान पर भी लगा सकते हैं।

(और पढ़ें – फूड प्वाइजनिंग का उपचार दही के साथ)

दूध में एक साफ कपड़ा डुबोएं। उसे बच्चे के चक्कतों पर थपथपाएं। यह डाइपर के निशान से हुई सूजन में राहत दिलाएगा।

(और पढ़ें – दूध पीने का सही समय क्या है)

एक पैन में थोड़ा सा आटा लें। अब उसे धीमी आँच पर भूरा होने तक भूनें। इसे ठंडा होने दें। फिर इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।

बच्चे के तल पर मकई का आटा छिड़कें। उसके बाद, अपने शिशु को डायपर पहनाएं। यह डायपर चकत्तों के उपचार के लिए एक कारगर उपाय है।

बच्चों की निशान वाली त्वचा की नारियल तेल से मालिश करें। अपने बच्चे के निचले भाग की मालिश के लिए आप नारियल तेल की जगह जैतून के तेल का उपयोग भी कर सकते हैं।

(और पढ़ें – नारियल तेल के फायदे और नुकसान)

अपने बच्चे के नहाने के पानी में कुछ कैमोमाइल चाय की बूँद डालें। इस पानी से अपने शिशु को नहलाएं। फिर अपने बच्चे को अच्छे से पोंछ कर उसके चक्त्तो पर बेकिंग सोडा लगाएं। यह घरेलू उपचार डाइपर रैश के इलाज के लिए बहुत उपयोगी है।

टी ट्री ऑयल में थोड़ा सा पानी डालकर उसे मिलाएं। अब इसे बच्चे की निशान वाली त्वचा पर लगाएं। इससे आपके शिशु को बहुत फायदा होगा। 

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