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प्लेटलेट्स के बारे में सरल रूप में समझा जाए तो कह सकते हैं कि यह ऐसी कोशिकाएं होती हैं जो रक्त को बहने से रोकती है। शरीर में किसी चोट या अन्य कारण से रक्तवाहिका से रक्तस्त्राव होने पर प्लेटलेट्स के द्वारा ही खून को रोकने का कार्य किया जाता है। इनकी संख्या नियमित बनी रहना हमारे शरीर के लिए बेहद ही जरूरी होती है। किसी कारणवश इनके कम या ज्यादा होने पर आपको कई तरह के रोग होना शुरू हो जाते हैं। मुख्यतः प्लेटलेट्स की कमी समस्या का कारण बनती है। आगे हम जानेंगे कि प्लेटलेट्स क्या है, प्लेटलेट्स के कार्य, यह क्यों घटते है, प्लेटलेट्स की कमी के लक्षण व कारण और इनको बढ़ाने के उपाय आदि।

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  1. प्लेटलेट्स क्या है - What are platelets in Hindi
  2. प्लेटलेट्स की कमी के लक्षण - Symptoms of low platelet count in Hindi
  3. प्लेटलेट्स की कमी के कारण - Causes of a low platelet count in Hindi
  4. प्लेटलेट्स बढ़ाने के उपाय - How to increase low blood platelets count in Hindi

प्लेटलेट्स क्षतिग्रस्त ऊतकों को सही करते हैं। इसके साथ ही यह रक्तस्राव को रोकने का काम करते हैं। इस प्रक्रिया का वैज्ञानिक नाम होमियोस्टेसिस (Hemostasis) है। प्लेटलेट्स रक्त में मौजूद तत्व होते हैं, जो पानी रूपी द्रव और कोशिकाओं से बने होते हैं। इन कोशिकाओं में ऑक्सीजन को ले जाने वाली लाल रक्त कोशिकाएं भी शामिल होती हैं। प्लेटलेट्स रक्त में मौजूद बेहद ही सुक्ष्म कण होते हैं जिनको चिकित्सीय जांच के दौरान देखा जा सकता है। शरीर पर चोट लगने के बाद रक्त में मौजूद प्लेटलेट्स को संकेत मिलना शुरू हो जाता हैं, जिससे वह चोट व रक्तस्त्राव वाले स्थान पर पहुंचकर रक्त को रोकने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं।

(और पढ़ें - प्लेटलेट्स गिनती)

प्लेटलेट्स की संख्या में कमीं होने पर आप कई तरह के लक्षण महसूस कर सकते हैं। गर्भावस्था के कारण प्लेटलेट्स की संख्या में मामूली गिरावट आ सकती है। जबकि प्लेटलेट्स की संख्या में भारी गिरावट होने पर लगातार रक्तस्त्राव होने के लक्षण देखें जाते हैं। इस दौरान रक्तस्त्राव इतना अधिक होता है कि आपको चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता होती है।

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अगर आपके प्लेटलेट्स की संख्या में कमी हो गई है, तो आपको निम्न लक्षण महसूस होंगे।

  1. शरीर पर लाल, भूरे व जामुनी रंग के निशान होना। इस स्थिति को पुरपुरा (Purpura) भी कहा जाता है।
  2. लाल व जामुनी रंग के छोटे-छोटे दाने होना।
  3. नाक से खून आना
  4. मसूड़ों से खून आना
  5. लंबे समय से घावों से खून बहना व इसका न रूकना।
  6. मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव
  7. मलाशय से खून आना।
  8. मल में खून आना
  9. पेशाब में खून आना। (और पढ़ें - यूरिन टेस्ट)

आंतरिक रक्तस्त्राव को इसके गंभीर मामलों में शामिल किया जाता है। आंतरिक रक्तस्त्राव के निम्न लक्षण होते हैं।

  1. मूत्र में खून आना।
  2. मल में खून आना।
  3. गहरे लाल रंग की खूनी उल्टी होना।

अगर आपको आंतरिक रक्तस्त्राव के कोई भी लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाकर इलाज कराएं। प्लेटलेट्स की कमी होने पर, इसके कुछ दुर्लभ मामलों में आप सिरदर्द व तंत्रिका संबंधी समस्या महसूस कर सकते हैं। इस तरह की स्थिति में मस्तिष्क के अंदर भी रक्तस्त्राव हो सकता है। ऐसा होने पर आपको तुरंत चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए।

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प्लेटलेट्स की कमी के कारण दो भागों में विभाजित किए गए हैं। इसके कारणों को आप निम्न प्रकार से समझ सकते हैं।

1. अस्थि मज्जा (Bone Marrow) की समस्याएं

अस्थि मज्जा आपकी हड्डी के अंदर के नरम ऊतक होते हैं। इस जगह से प्लेटलेट्स सहित रक्त के सभी घटकों का उत्पादन होता है। यदि आपकी अस्थि मज्जा पर्याप्त प्लेटलेट्स का उत्पादन नहीं करती है, तो आपके प्लेटलेट्स की संख्या में कमी आ जाती है। प्लेटलेट्स के निर्माण में आई कमी के लिए निम्न कारण होते हैं। 

(और पढ़ें - हड्डी टूटने का इलाज और अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण)

2. प्लेटलेट्स का नष्ट होना (Platelet Destruction)

आपको बता दें कि स्वस्थ शरीर में मौजूद प्रत्येक प्लेटलेट्स करीब दस दिनों तक सही रह सकता है। प्लेटलेट्स के नष्ट व निर्माण होने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। यदि प्लेटलेट्स के नष्ट होने की संख्या में बढ़ोतरी हो जाए, तो यह स्थिति भी प्लेटलेट्स की कमी का कारण बन जाती है। कई तरह की दवाओं के विपरीत प्रभाव के कारण ऐसा होता है, जैसे – मूत्रल संबंधी रोग की दवाओं को लेना। प्लेटलेट्स की कमी के लिए निम्न रोग व अवस्थाएं भी कारण होती हैं।

कम प्लेटलेट्स काउंट एक स्वास्थ्य विकार है जिसमें आपके रक्त में प्लेटलेट्स काउंट सामान्य से कम हो जाती है जिसे थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया (Thrombocytopenia) के रूप में जाना जाता है।

प्लेटलेट्स रक्त कोशिकाओं में से सबसे छोटी होती हैं ये ब्लड क्लॉट बनाने वाली कोशिकाएं होती है जो लगातार बनती और टूटती रहती है। प्लेटलेट्स की सामान्य उम्र 5 से 9 दिन होती है। एक स्वस्थ व्यक्ति के प्रति माइक्रोलिटर रक्त में 150,000 से लेकर 450,000 प्लेटलेट्स होती है। जब प्लेटलेट्स की संख्या 150,000 प्रति माइक्रोलिटर  के नीचे होती है, तो इसे कम प्लेटलेट्स संख्या माना जाता है।

कैंसर या गंभीर यकृत रोगों के कारण प्लीहा में प्लेटलेट्स की उपस्थिति, ल्यूकेमिया, कुछ प्रकार के एनीमिया, वायरल संक्रमण, विषाक्त रसायनों के संपर्क में आने से, कीमोथेरेपी दवाओं, भारी शराब का सेवन, आवश्यक विटामिन की कमी, ऑटोमैम्यून बीमारियों, दवाइयों की प्रतिक्रिया, रक्त में बैक्टीरिया संक्रमण, गर्भावस्था के कारण ब्लड प्लेटलेट्स कम हो जाती है।

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प्लेटलेट्स की संख्या कम होने पर कट्स से लंबे समय तक रक्तस्राव होना, मसूड़ों या नाक से रक्तस्राव, मूत्र या मल में खून, महिलाओं को असामान्य रूप से भारी मासिक धर्मथकान और सामान्य कमजोरी की शिकायत कर सकते हैं।

(और पढ़ें - अनियमित मासिक धर्म का इलाज)

जीवनशैली में कुछ परिवर्तन और कुछ आसान घरेलू उपचार के साथ आप अपने प्लेटलेट्स की गिनती में तेजी से सुधार कर सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। आइये जानते हैं प्लेटलेट्स की एक छोटी संख्या को स्वाभाविक रूप से बढ़ाने के लिए कुछ घरेलु उपचार -

(और पढ़ें - कमजोरी दूर करने के उपाय)

  1. प्लेटलेट्स बढ़ाने का उपाय है पपीता - Papaya to increase platelets in Hindi
  2. प्लेटलेट्स बढ़ाने के तरीके में शामिल है वीट ग्रास - Wheatgrass to increase platelets in Hindi
  3. प्लेटलेट्स बढ़ाने का तरीका है कददू - Eating pumpkin helps increase platelets in Hindi
  4. प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए करें पालक का सेवन - Spinach increases platelets in Hindi
  5. प्लेटलेट्स बढ़ाने के नुस्खों में शामिल है विटामिन सी - Vitamin C helps increase platelet count in Hindi
  6. प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए खाये आंवला - Amla for higher platelet count in Hindi
  7. प्लेटलेट्स बढ़ाने का घरेलू उपाय है तिल के तेल का इस्तेमाल - Sesame Oil for increase platelets in Hindi
  8. प्लेटलेट्स बढ़ाने का उपाय है चुकंदर - Beetroot juice for low platelets in Hindi
  9. प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए पीएं भरपूर पानी - Water is good for increase platelets in Hindi
  10. प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए करें नियमित एक्सरसाइज - Exercise regularly to increase platelets in Hindi

प्लेटलेट्स बढ़ाने का उपाय है पपीता - Papaya to increase platelets in Hindi

पपीता और इसके पत्ते दोनों ही कुछ दिनों के भीतर कम प्लेटलेट्स की संख्या में वृद्धि करने में मदद कर सकते हैं। 2009 में, मलेशिया में एशियाई संस्थान और प्रौद्योगिकी के शोधकर्ताओं ने पाया कि पपीते के पत्ते के रस से डेंगू बुखार पीड़ित लोगों की प्लेटलेट्स संख्या में वृद्धि हो सकती है।

इसके लिए पका हुआ पपीता खाएं या रोजाना एक गिलास पपीते के रस में थोड़ा नीबू का रस मिलाकर पीयें।

(और पढ़ें - डेंगू बुखार के घरेलू उपचार)

प्लेटलेट्स बढ़ाने के तरीके में शामिल है वीट ग्रास - Wheatgrass to increase platelets in Hindi

यूनिवर्सल फार्मेसी और लाइफ साइंसेज के इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित 2011 के एक अध्ययन के मुताबिक, वीट ग्रास प्लेटलेट्स गिनती बढ़ाने में फायदेमंद हो सकता है।

वास्तव में, यह हीमोग्लोबिन, लाल रक्त कोशिका, कुल सफेद रक्त कोशिका और भिन्न सफेद रक्त कोशिकाओं की मात्रा में महत्वपूर्ण वृद्धि का उत्पादन कर सकता है। यह इसलिए होता है क्योंकि वीट ग्रास मानव रक्त में हीमोग्लोबिन अणु के समान लगभग एक आणविक संरचना के साथ क्लोरोफिल में उच्च होता है।

बस थोड़े से नींबू के रस के साथ आधा कप व्हीट ग्रास जूस के साथ मिलाकर पियें।

(और पढ़ें - नींबू पानी के फायदे)

प्लेटलेट्स बढ़ाने का तरीका है कददू - Eating pumpkin helps increase platelets in Hindi

आपकी कम प्लेटलेट्स गिनती में सुधार करने के लिए कददू एक अन्य उपयोगी भोजन है। यह विटामिन ए में समृद्ध है जो उचित प्लेटलेट्स विकास के समर्थन में सहायता करता है। यह कोशिकाओं में उत्पादित प्रोटीन को भी नियंत्रित करता है, जो प्लेटलेट्स स्तर को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।

  • आधा गिलास ताजा कददू के रस में 1 चम्मच शहद मिलाएं और इसे एक दिन में 2 या 3 बार पियें।
  • इसके अलावा, अपने आहार में कददू सूप, स्टॉज, स्मूथीज आदि शामिल करें। 

प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए करें पालक का सेवन - Spinach increases platelets in Hindi

पालक विटामिन K का एक अच्छा स्रोत है, जिसे अक्सर कम प्लेटलेट्स विकार के इलाज में मदद करने के लिए उपयोग किया जाता है। उचित ब्लड क्लॉटिंग के लिए विटामिन K आवश्यक है। इस प्रकार, यह अत्यधिक रक्तस्राव के जोखिम को कम करता है।

  • ताजे पालक के 4 या 5 पत्तों को कुछ मिनट के लिए 2 कप पानी में उबालें। इसे ठंडा होने दें और आधा गिलास टमाटर के रस में मिक्स करें और इसे दिन में 3 बार पीयें।
  • इसके अलावा सलाद, हरी सैंडविच, साइड डिश या सूप में इस हरी सब्जी का आनंद लें। (और पढ़ें - सलाद खाने के फायदे)

(और पढ़ें - पालक से बने व्यंजन)

प्लेटलेट्स बढ़ाने के नुस्खों में शामिल है विटामिन सी - Vitamin C helps increase platelet count in Hindi

अपने प्लेटलेट्स की संख्या में वृद्धि करने के लिए, आपको विटामिन सी का सेवन बढ़ाने की जरूरत है, जिसे एस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है। 1990 में हेमटोलोजी के जापानी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि विटामिन सी प्लेटलेट्स की गिनती में सुधार करता है।
एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट होने के कारण, विटामिन सी की उच्च खुराक भी प्लेटलेट्स के मुक्त-कणों को डैमेज होने से रोकता है। आपकी आयु और समग्र स्वास्थ्य के आधार पर आपके शरीर को प्रति दिन 400 से 2,000 मिलीग्राम विटामिन सी की आवश्यकता होती है।

  • नींबू, नारंगी, टमाटर, कीवी, पालक, मिर्च और ब्रोकोली जैसे विटामिन सी से परिपूर्ण भोजन खाएं।
  • आप अपने दैनिक पूरक आहार में विटामिन सी ले सकते हैं, लेकिन केवल अपने चिकित्सक से परामर्श करने के बाद।

(और पढ़ें - संतुलित आहार किसे कहते है)

प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए खाये आंवला - Amla for higher platelet count in Hindi

अपने प्लेटलेट्स की गिनती को बढ़ाने के लिए एक लोकप्रिय आयुर्वेदिक उपाय है आंवला। आंवला में विटामिन सी प्लेटलेट्स के उत्पादन को बढ़ाने और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

  • हर सुबह खाली पेट 3-4 आंवला खाएं। (और पढ़ें - आंवला तेल के फायदे)
  • वैकल्पिक रूप से, 2 टेबल स्पूंस आंवला रस और 2 टेबल स्पूंस शहद को मिलाएं। इसे 2 या 3 बार दैनिक रूप से पिएं।
  • आप घर पर ताजा आंवला के साथ जैम या अचार भी बना सकते हैं। (और पढ़ें - अचार खाने के फायदे)

(और पढ़ें - आंवला का मुरब्बा खाने के फायदे)

प्लेटलेट्स बढ़ाने का घरेलू उपाय है तिल के तेल का इस्तेमाल - Sesame Oil for increase platelets in Hindi

यह कोल्ड प्रेस्सेड आयल आपके प्लेटलेट्स गिनती को बढ़ाने में भी फायदेमंद है। तिल के तेल में ऐसे गुण होते हैं जो प्लेटलेट्स स्तर को स्वाभाविक रूप से बढ़ा सकते हैं। इससे शरीर में मुक्त कण क्षति, सूजन कम हो जाती है और रक्त परिसंचरण में सुधार होता है।

(और पढ़ें - सूजन कम करने के उपाय)

  •  एक दिन में दो बार तिल के तेल के 1 से 2 बड़े चम्मच का सेवन करें।
  • आप प्लेटलेट्स की संख्या में वृद्धि में मदद करने के लिए लसीका नोड के क्षेत्रों में बाहरी रूप से कुछ तिल का तेल से मालिश कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, खाना पकाने के लिए आप कोल्ड प्रेस्सेड तिल का तेल का उपयोग करें।

(और पढ़ें - तिल के फायदे)

प्लेटलेट्स बढ़ाने का उपाय है चुकंदर - Beetroot juice for low platelets in Hindi

प्लेटलेट्स गिनती बढ़ाने के एक और अन्य लोकप्रिय आहार है चुकंदर। प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और हेमोस्टेटिक गुणों में उच्च होने के नाते, चुकंदर आपके प्लेटलेट्स की संख्या को कुछ दिनों के भीतर बढ़ा सकता है।

(और पढ़ें - एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोजन)

  • दैनिक रूप से एक स्पून ताजा चुकंदर का रस दिन में 3 बार पीयें।
  • एक और विकल्प है कि गाजर के एक गिलास में 3 चम्मच बीट्रोट जूस मिलाएं और इसे दिन में 2 बार पीयें।

(और पढ़ें - गाजर के जूस के फायदे)

प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए पीएं भरपूर पानी - Water is good for increase platelets in Hindi

रक्त कोशिकाएं पानी और प्रोटीन से बानी होती है, इसलिए पूरे दिन में बहुत अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है। जब बात प्लेटलेट्स की कम संख्या की आती है तो ठंडा पानी पीने से बचें, क्योंकि यह आपके पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है और शरीर पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित नहीं करेगा।

(और पढ़ें - सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे)

इसके बजाय, फिल्टर और शुद्ध पानी पीयें जो कि कमरे के तापमान पर हो। यह आपके शरीर में अधिक रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करेगा और अंततः प्लेटलेट्स गिनती में सुधार करेगा। दैनिक रूप से कम से कम 8 से 10 गिलास पानी के पीयें। 

(और पढ़ें – शरीर में पानी की कमी के संकेत)

प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए करें नियमित एक्सरसाइज - Exercise regularly to increase platelets in Hindi

​नियमित व्यायाम से रक्त परिसंचरण को बढ़ावा मिलेगा, आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार होगा और प्लेटलेट्स में बढ़ोतरी हो सकती है।

(और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय)

ब्रिटिश कोलंबिया के ल्यूकेमिया / अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण कार्यक्रम के अनुसार, कुछ विशिष्ट अभ्यास कम प्लेटलेट्स की गिनती के विभिन्न स्तरों को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। यहां कुछ दिशानिर्देश दिए गए हैं:

  • जब प्लेटलेट्स 15,000 से 20,000 के बीच हो तो आप वाकिंग, स्ट्रेचिंग, सिटींग या स्टैंडिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं। (और पढ़ें - उत्तानासन करने का तरीका)
  • जब प्लेटलेट्स 20,000 से 40,000 के बीच होते हैं, तो आप हल्के प्रतिरोध जैसे वजन या लोचदार टयूबिंग या लेटेक्स बैंड का उपयोग कर सकते हैं। आप ब्रिस्क वाकिंग भी कर सकते हैं
  • जब प्लेटलेट्स 40,000 से 60,000 के बीच होते हैं, तो आप साइकिलिंग और गोल्फिंग जैसी गतिविधियों का प्रदर्शन कर सकते हैं। (और पढ़ें - साइकिलिंग के फायदे)
  • जब प्लेटलेट्स 60,000 से ऊपर होते हैं, तो आप एरोबिक व्यायाम कर सकते हैं जैसे बाइकिंग या जॉगिंग। (और पढ़ें - जॉगिंग करना कैसे शुरू करें)
  • नोट: जब आपकी प्लेटलेट्स की गणना 15,000 से कम हो तो सभी तरह के व्यायाम करने से बचें क्योंकि इससे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।​ 

(और पढ़ें - व्यायाम करने का सही समय)

इन बातों का भी ध्यान रखें -

  • शराब का सेवन सीमित करें क्योंकि यह अस्थि मज्जा में प्लेटलेट्स के उत्पादन को कम कर सकता है। (और पढ़ें - शराब छुड़ाने के उपाय)
  • इसके अलावा, टॉनिक पानी से बचें इससे कम रक्त प्लेटलेट्स की संख्या में योगदान हो सकता है।
  • कच्ची सब्जियां खाने से बचें, जब आपके प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है तो यह आंतों की परत को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके बजाय, वेजटेबल्स को नरम होने तक स्टीम करें और फिर उन्हें खाएं। (और पढ़ें - उबली सब्जी खाने के फायदे)
  • प्लेटलेट्स की गिनती में सुधार के लिए दैनिक 1 से 2 लाल अमरूद को खाएं। (और पढ़ें - अमरूद खाने के फायदे)
  • कुछ दिनों के लिए दूधदही, पनीर और मक्खन सहित सभी डेयरी उत्पादों से बचें, क्योंकि ये उत्पाद बलगम के गठन में योगदान कर सकते हैं और कुछ स्व-प्रतिरक्षी रोगों को खराब कर सकते हैं।
  • डिब्बाबंद और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ से बचें।
  • अपने शरीर को रिचार्ज और अधिक प्लेटलेट्स बनाने में मदद करने के लिए प्रति रात कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लें। (और पढ़ें - अच्छी नींद के उपाय)
  • साबुत अनाज, ब्राउन राइस के उत्पादों को खाएं। सफेद आटा, सफेद चावल और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ से बचें।
  • ऐसी गतिविधियों से बचें जिनसे चोट लग सकती है। (और पढ़ें - चोट लगने पर उपाय)
  • ओवर-द-काउंटर दवाइयाँ लेने से पहले अपने डॉक्टर से पूछिए क्योंकि कुछ दवाइयां आपके प्लेटलेट्स फ़ंक्शन को प्रभावित कर सकती हैं।

इनमें से कोई भी उपचार जारी रखें, जब तक कि आपकी प्लेटलेट्स की गिनती अधिक ना हो जाए। यदि समस्या गंभीर है तो अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

(और पढ़ें - दवाइयों की जानकारी)

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References

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  2. University of Rochester Medical Center Rochester, NY. [Internet] What Are Platelets?
  3. Sinhalagoda Lekamlage Chandi Asoka Dharmarathna et al. Does Carica papaya leaf-extract increase the platelet count? An experimental study in a murine model . Asian Pac J Trop Biomed. 2013 Sep; 3(9): 720–724. PMID: 23998013
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