भागती-दौड़ती इस जिंदगी में समस्याओं का अंबार और फिटनेट का अभाव है। यही वजह है कि लोग तरह-तरह की बीमारियों की जकड़ में फंसे हैं। इसी के चलते आज हाई बीपी की समस्या आम हो गई है।

साल 2018 में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की 70वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक भारत में पांच वयस्कों में से एक हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित है यानि लगभग 8 करोड़ लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं, जो कि पूरे ब्रिटेन की जनसंख्या (66.8 मिलियन- करीब साढ़े 6 करोड़) से भी अधिक है।

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इन आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि हमारे देश में हाई बीपी की समस्या कितनी व्यापक है। हालांकि, समस्या है तो कुछ समाधान भी हैं। इसलिए हाई बीपी के रोगियों के लिए कई बेहतर विकल्प मौजूद हैं, जिससे उन्हें इस परेशानी से निजात मिल सकती है और बेरी का जूस उन अचूक उपायों में से एक है, जो हाईपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की समस्या को कम करता है।

क्या कहती है रिसर्च?
एशियन न्यूज इंटरनेशनल में प्रकाशित एक ताजा रिसर्च में यह बात सामने आई है कि नियमित रूप से (लंबे समय तक) बेरी का जूस पीने से हाईपरटेंशन की रोगियों को फायदा होता है। इतना ही नहीं, बेरी का जूस पीने से रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सकता है।

वहीं, अन्य कई शोध से यह पता चला है कि जिन खाद्य पदार्थों में उच्च मात्रा में पॉलीफेनॉल होता है उनका सेवन करने से हृदय रोग (कार्डियोवस्कुलर डिजीज) का जोखिम कम होता है और बेरी (जैसे- लिंगा बेरी, ब्लूबेरी, क्रेनबेरी और जामुन) हाई ब्लड प्रेशर कम करने में काफी सहायक हैं।

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क्या है हाई बीपी की समस्या?
दरअसल, आज बढ़ती जिम्मेदारियों और काम के बोझ ने लोगों के अंदर तनाव पैदा किया है और यही तनाव हाई बीपी का कारण बनता है। यही वजह भी है कि उच्च रक्तचाप अब एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या बन गई है। उच्च रक्तचाप के समय आपके शरीर में रक्त का प्रवाह बहुत तेज़ हो जाता है। इस स्थिति में आपके हृदय को अधिक काम करना पड़ता है। हमारी धमनियों में बहने वाले रक्त के लिए एक निश्चित दबाव जरूरी है। जब किसी वजह से यह दबाव अधिक बढ़ जाता है, तब धमनियों पर प्रेशर पड़ता है और इस स्थिति को उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) कहा जाता है।

हृदय रोग के जोखिम को कम करती है बेरी
एक रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, उनके लिए ब्लूबेरी का सेवन करना काफी लाभदायक है, क्योंकि हाई बीपी, हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाने में एक प्रमुख कारक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि एक अध्ययन (8 हफ्ते या 2 महीने तक किया गया शोध) के दौरान ऐसे लोगों को नोटिस किया गया, जिनमें हृदय रोग का जोखिम था, लेकिन प्रतिदिन करीब 50 ग्राम ब्लूबेरी खाने के बाद ऐसे लोगों में 4 से 6 प्रतिशत हाई बीपी का स्तर कम हुआ। वहीं, एक दूसरे शोध में कुछ इसी प्रकार का प्रभाव विशेषकर रजोनिवृत्त महिलाओं (जिन महिलाओं में पीरियड्स आना बंद हो जाता है) में देखने को मिला है।

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विशेषज्ञों की राय
फिनलैंड की हैलसिंकी यूनिवर्सिटी में शोधकर्ता ऐनी किविमाकी का कहना है कि लिंगोबेरी का जूस दवा के विकल्प के तौर पर नहीं है, लेकिन इसमें कई तरह के अच्छे डायटरी सप्लीमेंट होते हैं, जो हाइपटेंशन को कम कर सकते हैं। इसके अलावा ब्लूबेरी और हक्लबेरी की तरह लिंगोबेरी और क्रेनबेरी दोनों ही वैकसिनियम परिवार के पौधे हैं।

खैर रिपोर्ट के आधार पर देखा जाए तो अध्ययनकर्ताओं ने यह जानने के लिए शोध किया कि कैसे लिंगोबेरी का जूस हाई ब्लड प्रेशर को कम करने का काम करता है और शोध के दौरान ऐसे कई अहम संकेत मिले हैं, जिससे यह साबित होता है कि बेरी में काफी मात्रा में पॉलीफेनॉल होता है, जिससे रक्त वाहिकाएं बेहतर काम करती हैं और इस तरह हाई बीपी के साथ हृदय का जोखिम भी कम होता है।

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