फास्टिंग-मिमिकिंग डाइट (एफएमडी) और हार्मोन थेरेपी के कॉम्बिनेशन में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज करने की क्षमता है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैलिफोर्निया (यूएससी) और इटली स्थित आइफोन कैंसर इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों की एक टीम ने चूहों और दो छोटे ब्रेस्ट कैंसर क्लिनिकल ट्रायलों के परिणामों के अध्ययन के बाद यह दावा किया है। इन वैज्ञानिकों का कहना है कि फास्टिंग-मिमिकिंग डाइट से ब्लड इंसुलिन, आईजीएफ1 (इंसुलिन लाइक ग्रोथ फैक्टर 1) और लैप्टिन में कमी आती है। शोध के मुताबिक, चूहों के ट्रायलों में सामने आए इन प्रभावों के चलते कैंसर हार्मोन ड्रग्स टैमोक्सीफैन और फुलवेस्ट्रेंट की क्षमता में बढ़ोतरी देखने को मिली है। साथ ही, शरीर में इन ड्रग्स के असर में होने वाली किसी भी तरह की रुकावट में देरी दर्ज की गई है। शोधकर्ताओं ने बकायदा 36 ब्रेस्ट कैंसर पीड़िताओं पर इस कॉम्बिनेशन को आजमाने के बाद इसकी क्षमता को भरोसेमंद बताया है। हालांकि उन्होंने साफ किया है कि बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल करने से पहले कॉम्बिनेशन की क्षमता की पुष्टि करना अभी भी जल्दबाजी होगी। फिलहाल उनका शोध 'नेचर' पत्रिका में पढ़ा जा सकता है।

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अध्ययन के वरिष्ठ लेखकों में से एक और यूएससी लियोनार्ड डेविस स्कूल ऑफ जेरन्टॉलजी के प्रोफेसर वॉल्टर लोंगो का चूहों पर किए गए ट्रायल के परिणामों के आधार पर कहना है, 'हमारी नई स्टडी कहती है कि एफएमडी के साथ एन्डोक्राइन हार्मोन थेरेपी देने से ब्रेस्ट कैंसर के ट्यूमर कम हो सकते हैं। हमारे पास पहली बार ऐसा डेटा उपलब्ध है जो बताता है कि फास्टिंग-मिमिकिंग डाइट से ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े कम से कम तीन फैक्टर्स में बदलाव होते हैं: आईजीएफ1, लेप्टिन और इंसुलिन।' शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि दो छोटे क्लिनिकल ट्रायलों में भी भरोसेमंद परिणाम मिले हैं, हालांकि उनसे किसी तरह का निष्कर्ष फिलहाल नहीं निकाला जाना चाहिए। इन विशेषज्ञों का मानना है कि ये परिणाम ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए फास्टिंग-मिमिकिंग डाइट और एन्डोक्राइन हार्मोन थेरेपी के कॉम्बिनेशन के साथ आगे और अध्ययन करने का समर्थन करते हैं।

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क्या है फास्टिंग-मिमिकिंग डाइट?
इस प्रकार की डाइट का मतलब कम कैलोरी, कम प्रोटीन, सामान्य कार्बोहाइड्रेट और सामान्य वसा युक्त आहार से है। एफएमडी को नए प्रकार का फास्टिंग ट्रेंड माना जाता है। इसे तैयार करने वाले लोगों के हवाले से दावा किया जाता है कि पांच दिन की फास्टिंग-मिमिकिंग डाइट से समय-समय पर की जाने वाली (पीरियॉडिक) फास्टिंग या वाटर फास्टिंग जैसे प्रभाव देखने को मिलते हैं। एफएमडी को जानकार पीरियॉडिक फास्टिंग यानी समय-समय पर किए जाने वाले उपवास की तरह देखते हैं। हालांकि इस तरह की फास्टिंग का मकसद शरीर को जरूरी पोषक तत्वों से वंचित करना नहीं है।

नेचर पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के वरिष्ठ लेखक वॉल्टर लोंगो को इस डाइट का निर्माता कहा जाता है। उन्होंने यूएससी में इस डाइट को विकसित किया था। उनका विश्वास है कि इस प्रकार के विशेष मील प्रोग्राम से फास्टिंग से जुड़े प्रभाव प्राप्त किए जा सकते हैं। यानी ऐसा आहार जिससे शरीर को जरूरी न्यूट्रीशंस भी मिलते रहें, लेकिन वे शरीर के विकास से जुड़ी प्रतिक्रियाओं को सक्रिय न करे।

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