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फैट यानि वसा कार्बनिक यौगिक है जो कार्बन, हाइड्रोजन, और ऑक्सीजन से मिलकर बना होता है। फैट लिपिड नामक पदार्थों के एक समूह में से है। यह तरल या ठोस रूप में पाया जाता है।

फैट शरीर में कैलोरी की आपूर्ति करने वाले 3 पोषक तत्वों में से एक है। 1 ग्राम फैट में 9 कैलोरी होती है जो कार्बोहाइड्रेट या प्रोटीन की तुलना में दोगुनी होता है।

  1. वसा के फायदे - Benefits of fat in hindi
  2. वसा के स्रोत - Sources of fat in hindi
  3. वसा के नुकसान - Fat side effects in hindi
  4. वसा की मात्रा - How much fat in a day in hindi

शरीर के उचित कार्य के लिए वसा आवश्यक है। वसा आवश्यक फैटी एसिड प्रदान करता है जो शरीर द्वारा नहीं बनाया जाता है। यह फैटी एसिड हमें भोजन के माध्यम से प्राप्त होता है। हमारे लिए लिनोलीइक और लिनोलेनिक फैटी एसिड आवश्यक हैं। ये फैटी एसिड सूजन को नियंत्रित करने, रक्त के जमने और मस्तिष्क के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

फैट शरीर में अतिरिक्त कैलोरी को स्टोर करने के रूप में कार्य करता है। वसा ऊर्जा के स्रोत के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। जब हम व्यायाम करते हैं, उस समय हमारा शरीर कार्बोहाइड्रेट से बनी कैलोरी का इस्तेमाल करता है पर व्यायाम शुरू करने के करीब 20 मिनट के बाद हमारा शरीर फैट की कैलोरी पर निर्भर हो जाता है।

वसा हमारे बालों और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। वसा हमारे रक्त से विटामिन Aविटामिन Dविटामिन E और विटामिन K को अवशोषित करने और रक्त में उनके परिसंचरण में मदद करता है।

संतृप्त वसा - Saturated fats

संतृप्त वसा यानी सैचुरेटेड फैट उच्च एलडीएल (LDL) स्तर ("खराब कोलेस्ट्रॉल") का सबसे बड़ा कारण होता है। किसी भी खाद्य पदार्थ जिसमें संतृप्त वासा ज़्यादा हो, हमें उसके सेवन से बचना चाहिए। हम जितनी कैलोरी एक दिन में लेते हैं, संतृप्त वसा उसके 10% तक ही सीमित रहना चाहिए। संतृप्त वसा मक्खन, पनीरदूध, आइसक्रीम, क्रीम, और वसायुक्त मांस जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। ये कुछ वनस्पति तेलों जैसे नारियल तेल में भी पाया जाता है।

असंतृप्त वसा - Unsaturated fats

असंतृप्त वसा यानी अनसेचुरेटेड फैट हमारे शरीर में रक्त कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। लेकिन असंतृप्त वसा में बहुत अधिक कैलोरी होता है। इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। अधिकांश तरल वनस्पति तेलों में असंतृप्त वसा होता है। असंतृप्त वसा दो प्रकार के हैं -

  1. मोनोअनसेचुरेटेड (monounsaturated) वसा जो नट्स, जैतून और कैनोला तेल जैसे उत्पादों में पाया जाता है।
  2. पॉलीअनसेचुरेटेड (Polyunsaturated) वसा जो मछली, कुसुम, अखरोटबादामसूरजमुखीमक्का और सोयाबीन तेलों जैसे पदार्थों में पाया जाता है।

जैतून के तेल में स्वस्थ वसा पाया जाता है। शुद्ध जैतून का तेल एलडीएल (LDL – कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन) कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, जिससे धमनियों में संकुचन पैदा हो सकता है। जैतून का तेल शरीर में HDL को बढ़ाता है, जो एक सुरक्षात्मक भूमिका निभाता है और अवांछित खून के जमने, दिल के दौरे और स्ट्रोक के प्रमुख कारण को रोकने में मदद करता है।

मछली में ओमेगा -3 फैटी एसिड पाया जाता है जो हमारे मस्तिष्क समारोह के लिए बहुत ही जरुरी होता है। इसके सेवन से त्वचा और बाल खूबसूरत बने रहते हैं। मछली में लो संतुलित वसा होता है। इसके सेवन से कोलेस्ट्राल नही बढ़ता है और दिल और उसकी मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।

नट्स प्रकृति का सबसे उत्तम नाश्ता है। इसके प्रत्येक मुट्ठी में अमीनो एसिड, विटामिन ई और असंतृप्त फैटी एसिड सहित पोषक तत्वों का एक खजान है। नट्स के सेवन से मधुमेह, हृदय रोग, स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

नारियल के तेल में लोरिक एसिड होता है जो प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ने में करता है। नारियल के तेल में अच्छा वास पाया जाता है। यह मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को बूस्ट करता है और पाचन क्रिया को सुधरता है। नारियल तेल के सेवन से शरीर में चर्बी जमने की आशंका बहुत कम होती है। नारियल तेल में फैटी एसिड पाया जाता है जो वजन घटाने में भी मदद करता है।

सूरजमुखी के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड वसा होते हैं जो कि एक अच्छे फैट माने जाते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते है।

ट्रांस फैटी एसिड - Trans fatty acids

ट्रांस फैटी एसिड का निर्माण तब होता है जब वनस्पति तेल हाइड्रोजनीकरण की प्रक्रिया के दौरान सख्त हो जाता है। ये एलडीएल (LDL) के स्तर को बढ़ा सकते हैं और एचडीएल (HDL) के स्तर ("अच्छा कोलेस्ट्रॉल") को कम कर सकते हैं। इसलिए इनका उपयोग सीमित मात्रा में ही करें। ट्रांस फैटी एसिड तले हुए भोजन, बाजार की चीजें जैसे डोनट और कुकीज़, प्रोसेस्ड फूड्स (processed foods) और मार्जरीन (margarines) में पाए जाते हैं।

बहुत अधिक संतृप्त वसा के सेवन से हृदय रोग की समस्या होती है। अधिक मात्रा में संतृप्त वसा के सेवन से धमनियों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। अधिक वसा के सेवन से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है और आपको मोटापा जैसी समस्या भी हो सकती है जिसके कारण दिल की बीमारी और कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

पॉलीअनसेचुरेटेड वसा का अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप रोजाना अपने आहार में फैट की मात्रा काम करते हैं तो इसकी कोई गारंटी नहीं कि आपको कैंसर या हृदय रोग की समस्या नहीं होगी लेकिन इनके होने का खतरा जरूर कम हो सकता है।

एक महिला को प्रतिदिन 70 ग्राम वसा का सेवन करना चाहिए। एक पुरुष को प्रतिदिन 95 ग्राम वसा का सेवन करना चाहिए और 5-10 साल के बच्चों को प्रतिदिन 70 ग्राम वसा की अवसक्ता होती है।

यदि आपको प्रतिदिन 2000 कैलोरी की जरूरत है तो इन कैलोरी का 32 से 43% आपको फैट से मिलना चाहिए। क्योंकि हर एक ग्राम फैट में 9 कैलोरीज होती है, इसका अर्थ है कि आपको प्रतिदिन 70 से 95 ग्राम फैट युक्त भोजन का सेवन करना चाहिए। इससे आपको 2000 कैलोरी में से 630 से 855 कैलोरी मिल जाएंगी।

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